जानें क्यों चुनाव प्रचार में केवल प्रधानमंत्री ही कर सकता है प्लेन का इस्तेमाल– News18 हिंदी

United States News News

जानें क्यों चुनाव प्रचार में केवल प्रधानमंत्री ही कर सकता है प्लेन का इस्तेमाल– News18 हिंदी
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 143 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 61%
  • Publisher: 51%

जानें क्यों केवल प्रधानमंत्री ही अकेला ऐसा नेता होता है, जो सरकारी विमान का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में कर सकता है. ElectionsWithNews18 BattleOf2019

तो अकेला प्रधानमंत्री ही होता है, जो चुनाव प्रचार के लिए सरकारी विमान का इस्तेमाल कर सकता है. ये सुविधा भारतीय प्रधानमंत्रियों को कैसे मिली इसकी भी एक रोचक कहानी है. 1952 के पहले चुनाव से लेकर अब तक 16 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं.

ये देश का 17वां आम चुनाव है. इन सभी में केवल प्रधानमंत्री ही अकेला ऐसा नेता होता है, जो सरकारी विमान का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में कर सकता है.1952 में जब पहला आम चुनाव होने वाला था तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू चुनाव अभियान के लिए सरकारी विमान से यात्रा नहीं करना चाहते थे. ये बात उन्हें ठीक नहीं लग रही थी कि प्रधानमंत्री होने के नाते वो चुनाव प्रचार के लिए उस विमान का इस्तेमाल करें. कांग्रेस के पास इतना पैसा भी नहीं था कि वो नेहरू को चार माह तक चले चुनावों के लिए अपने खर्च पर विमान उपलब्ध कराए.नेहरू अड़े हुए थे कि वो चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री को मिले विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे. तब एक चतुर ऑडिटर जनरल ने एक सुविधाजनक फार्मूला निकालकर नेहरू की नैतिक आपत्ति को खत्म कर दिया. पहले आम चुनावों के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू सरकारी विमान का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, तब निकाला गया एक खास फॉर्मूलादुर्गादास की किताब 'कर्जन टू नेहरू' में इस बात का वर्णन किया गया है. किताब में कहा गया है कि ऑडिटर जनरल का कहना था कि प्रधानमंत्री के जीवन को सभी तरह के संकटों से बचाना जरूरी है. ये तभी हो सकता है जबकि प्रधानमंत्री विमान से यात्रा करें.विमान द्वारा यात्रा करने के कारण उन्हें विशाल सुरक्षा स्टाफ की जरूरत नहीं थी जो रेल यात्रा के कारण पड़ती. चूंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा राष्ट्रीय दायित्व है, लिहाजा राष्ट्र को उसके लिए व्यय भी करना चाहिए.इसलिए नियम बनाया गया नेहरूअपनी यात्रा के लिए सरकार को उतना किराया दें, जो किसी एयरलाइन में यात्री को देना होता है. इसके साथ जाने वाले सुरक्षा स्टाफ और पीएम के अपने स्टॉफ का किराया सरकार दे. अगर कोई कांग्रेसी इस विमान में प्रधानमंत्री के साथ यात्रा करता है तो वो भी अपना किराया दे. इस तरह पूरे खर्च का एक छोटा सा हिस्सा देकर नेहरू को हवाई यातायात की एक ऐसी सुविधा हासिल हो गई, जिससे उनकी क्षमता कई गुना बढ़ गई. प्रधानमंत्री होने के कारण उन्हें संचार के हर साधन, विशेष तौर पर अखबारों और रेडियो पर प्राथमिकता मिलती थी. हर दिन नेहरू के जनसभा की तस्वीरें और भाषण विस्तार रूप में जनता के बीच पहुंचते थे. इसका उन्हें फायदा मिलता था. नेहरू के बाद देश के सभी प्रधानमत्रियों को चुनावों के दौरान सरकारी विमान के इस्तेमाल का अधिकार हासिल हो गयाबाद में ये व्यवस्था नेहरू के बाद हुए प्रधानमंत्रियों को मिलने लगी. प्रधानमंत्री सरकार का अकेला शख्स होता है, जो सरकार से मिले विमान का इस्तेमाल कर सकता है. उस पर चुनाव आयोग से कोई मनाही नहीं होती है. विमान का कोई खर्चा प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत तौर पर नहीं देना होता सिवाय खुद के यात्रा खर्च के. ये खर्च भी उनकी सियासी पार्टियां अपने फंड से वहन करती हैं.जहां विमान नहीं जाता वहां किस साधन का इस्तेमाल करते हैं पीएम वैसे तो भारतीय प्रधानमंत्री का अधिकृत विमान एयर इंडिया वन है लेकिन अगर उन्हें ऐसी जगहों पर जाना होता है, जहां एयरपोर्ट नहीं है तो फिर एयरफोर्स उन्हें छोटा विमान या हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराता है. जिसका खर्च पीएमओ वहन करता है. एक आरटीआई में पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया था कि फरवरी 2014 से मई 2017 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 128 गैर आधिकारिक यात्राएं की थीं. इसके लिए पीएमओ ने एयरफोर्स को 89 लाख रुपए बतौर खर्च अदा किए थे.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है जरूरी– News18 हिंदीराफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है जरूरी– News18 हिंदीनरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि राफेल फाइटर प्लेन के सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षामंत्रालय से चोरी हो गए हैं. सरकार ने कहा कि अखबारों ने लीक्ड जानकारी प्रकाशित की है जोकि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच ने राफेल डील की जांच से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि सरकारी दस्तावेजों के बाहर आने की वजह से 2जी और कोल गेट मामलों की सुनवाई हुई थी.
Read more »

राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जानें क्या है ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट?– News18 हिंदीराफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जानें क्या है ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट?– News18 हिंदीनरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि राफेल फाइटर प्लेन के सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षामंत्रालय से चोरी हो गए हैं. सरकार ने कहा कि अखबारों ने लीक्ड जानकारी प्रकाशित की है जोकि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच ने राफेल डील की जांच से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि सरकारी दस्तावेजों के बाहर आने की वजह से 2जी और कोल गेट मामलों की सुनवाई हुई थी.
Read more »

रफाल की फाइल पर सीक्रेट का तर्क बोगस है, जैसे चौकीदार का जागते रहो कहना बोगस हैरफाल की फाइल पर सीक्रेट का तर्क बोगस है, जैसे चौकीदार का जागते रहो कहना बोगस हैसीक्रेट आउट होने पर ही घोटाला आउट होता है. घोटाला आउट होने पर फाइल को सीक्रेट बताने का फार्मूला पहली बार आउट हुआ है. प्रधानमंत्री को हर बात में ख़ुद को चौकीदार नहीं कहना चाहिए. ख़ुद को चौकीदार और प्रधान सेवक कहते-कहते भूल गए हैं कि वे भारत के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए जागते रहो, जागते रहो बोलकर कुछ भी बोल जाते हैं.
Read more »

सर्जिकल स्ट्राइक से साथ आए थे यूपी के लड़के, एयर स्ट्राइक के बाद बन गया महागठबंधन!सर्जिकल स्ट्राइक से साथ आए थे यूपी के लड़के, एयर स्ट्राइक के बाद बन गया महागठबंधन!इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 में शिरकत करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ कहा था कि उनके गठबंधन में कांग्रेस पार्टी भी है. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि यूपी को हाथ और हाथी दोनों पसंद है.
Read more »

चुनाव प्रचार में सैनिकों की फोटो के इस्तेमाल पर EC सख्त, सभी दलों को दी हिदायतचुनाव प्रचार में सैनिकों की फोटो के इस्तेमाल पर EC सख्त, सभी दलों को दी हिदायतरक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से सेना के जवानों की फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसपर आयोग दलों को दिशा-निर्देश दे. इसके बाद ही चुनाव आयोग की ओर के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को जवानों की फोटो इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं.
Read more »

चुनाव से पहले महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मांगी सऊदी अरब से मददचुनाव से पहले महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मांगी सऊदी अरब से मददनई दिल्ली। आम चुनाव की घोषणा से ठीक पहले पेट्रोल - डीजल के दामों में फिर से तेजी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब से कच्चे तेल की दरों को उचित स्तर पर बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
Read more »

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश क्यों है इतना अहम– News18 हिंदीलोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश क्यों है इतना अहम– News18 हिंदी2019 की लड़ाई में उत्तर प्रदेश सबसे अहम होता जा रहा है, बीजेपी और कांग्रेस दोनों किसी कीमत पर उत्तर प्रदेश जीतना चाहते हैं. कांग्रेस ने तो उत्तर प्रदेश जीतने के लिए अपने सबसे बड़े मोहरे प्रियंका गांधी वाड्रा को मैदान में उतार दिया है.
Read more »

1 अप्रैल से घट सकता है आपका इंश्योरेंस प्रीमियम, जानें वजह– News18 हिंदी1 अप्रैल से घट सकता है आपका इंश्योरेंस प्रीमियम, जानें वजह– News18 हिंदीअब लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम 2012-14 की मोर्टेलिटी टेबल से तय किया जाएगा.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 10:03:27