राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जानें क्या है ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट?– News18 हिंदी

United States News News

राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जानें क्या है ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट?– News18 हिंदी
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 222 sec. here
  • 5 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 92%
  • Publisher: 51%

राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है जरूरी

नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि राफेल फाइटर प्लेन के सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए हैं. सरकार ने कहा कि अखबारों ने लीक्ड जानकारी प्रकाशित की है जोकि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन है.

सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच ने राफेल डील की जांच से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि सरकारी दस्तावेजों के बाहर आने की वजह से 2जी और कोल गेट मामलों की सुनवाई हुई थी. ऐसे में न्यूज 18 बता रहा है कि 1923 का ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट इस मामले में कैसे काम करेगा. वहीं इस खबर में हम व्हिसल ब्लोअर एक्ट और आरटीआई एक्ट पर भी बात करेंगे.क्या है ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट? ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, 1923 भारत का जासूसी-विरोधी एक्ट है जो ब्रिटिश राज के जमाने का है. इसके तहत भारत के खिलाफ दुश्मन देश की मदद करना अपराध है. इसके तहत कोई व्यक्ति सरकार द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में न जा सकता है, न ही उसकी जांच कर सकता है और न उसके आसपास से गुजर सकता है. इस एक्ट के तहत यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है. यानी यदि यह पाया जाता है कि वह व्यक्ति भारत में या भारत के बाहर रह रहे विदेशी एजेंट के संपर्क में है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है.सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जिन लोगों ने राफेल डील से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक किया वे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और कोर्ट की अवमानना के आरोपी हैं. उन्होंने आगे कहा कि राफेल डील पर अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट से कोर्ट की सुनवाई पर भी प्रभाव पड़ सकता है जोकि कोर्ट की अवमानना के अंतर्गत आता है.वेणुगोपाल ने आगे कहा कि सरकार इस एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार ने जांच शुरू कर दी है हालांकि इस मामले में कोई एफआईआर अभी तक दर्ज नहीं हुई है.एक्ट के सेक्शन 3 के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति देश की सुरक्षा या हित के खिलाफ किसी भी कार्य के लिए सीक्रेट सरकारी जानकारी इकट्ठी करता है, रिकॉर्ड करता है या उसे प्रकाशित करता है तो उसे 14 साल तक की सजा हो सकती है और इससे संबंधित एक अन्य केस में तीन साल तक की सजा हो सकती है. सरकार का कहना है कि 'द हिंदू' की रिपोर्ट का आधार बनने वाले दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुरा लिए गए और बाद में उन्हें पब्लिश कर दिया गया. यह इस एक्ट के तहत अपराध है.हालांकि जब सीजेआई ने सवाल किया कि जब अखबार ने पहली बार खबर प्रकाशित की उसके बाद सरकार ने राफेल की कीमत को लेकर क्या किया. इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह इस पर सरकार का स्टेटस पता करेंगे. हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ये दस्तावेज उन्हें व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मिले. अब इसका क्या असर होगा? अटॉर्नी जनरल की दलील को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश हुए प्रशांत भूषण ने बताया कि ये दस्तावेज कैसे हासिल किए गए. उन्होंने कहा कि कैसे व्हिसलब्लोअर्स ने उन्हें पूर्व सीबीआई चीफ रंजीत सिन्हा की एंट्री रजिस्टर और 2जी मामले के अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए. ये वही दस्तावेज थे जिनके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च तक के लिए टाल दी है. सुनवाई की अगली तारीख मिलने से पहले याचिकाकर्ता अरुण शौरी ने कोर्ट को बताया कि कोलगेट और 2जी घोटाला मामलों में भी उन्होंने व्हिसलब्लोअर से दस्तावेज लिए थे.यदि कोई व्हिसलब्लोअर भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग या किसी लोकसेवक के किसी आपराधिक कृत्य का खुलासा जनहित में करता है तो व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सरकार उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केएस राधाकृष्णन और एके सीकरी की बेंच ने अगस्त 2013 में फैसला दिया था कि भ्रष्टाचार निरोध एक्ट, 1988 के तहत व्हिसलब्लोअर की पहचान आरोपी के सामने किसी भी कीमत पर जाहिर नहीं की जाएगी.तो फिर प्रशांत भूषण ने यह क्यों कहा कि राइट टू इंफॉर्मेशन का महत्व ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट से अधिक है? प्रशांत भूषण ने अटॉर्नी जनरल की दलील को खारिज करते हुए कहा कि राइट टू इंफॉर्मेशन एक्ट का महत्व ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट से अधिक है और इसलिए किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ. भूषण ने आरटीआई एक्ट के सेक्शन 8 के आधार पर कहा कि सब सेक्शन एक के तहत ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट को दरकिनार करते हुए यदि पब्लिक इंटरेस्ट प्रोटेक्टेड इंटरेस्ट से महत्वपूर्ण है तो पब्लिक अथॉरिटी जनता को जानकारी दे सकती है. 2005 के आरटीआई एक्ट में इस बात का साफ जिक्र है कि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के साथ क्लैश होने की स्थिति में जनहित को अधिक महत्व दिया जाएगा.ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के क्लॉज 6 के मुताबिक, किसी भी सरकारी दफ्तर से प्राप्त जानकारी आधिकारिक जानकारी मानी जाएगी. ऐसे में इसका इस्तेमाल आरटीआई रिक्वेस्ट को ओवरराइड करने के लिए किया जा सकता है. इस क्लॉज की कई मौकों पर आलोचना हुई है लेकिन यह अभी भी कानून का हिस्सा है और सरकार इसका इस्तेमाल याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉक्टर अशोक धमिजा कहते हैं, 'अवैध तरीके से हासिल किए गए दस्तावेज यदि सही दस्तावेज हैं तो उनपर भरोसा किया जा सकता है. हालांकि इस दस्तावेज को गैरकानूनी तरीके से हासिल करने वाले के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है.'

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

तस्वीरों ने खोली पाक की पोल, सामने आई F-16 के मलबे की तस्वीरें...तस्वीरों ने खोली पाक की पोल, सामने आई F-16 के मलबे की तस्वीरें...नई दिल्ली। दुनिया के सामने पाकिस्तान का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। बुधवार को भारतीय वायुसेना ने जम्मू-कश्मीर में सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी वायु सेना के हमले को नाकाम कर उसके एक लड़ाकू विमान एफ 16 को मार गिराया, पाकिस्तान यह मानने को राजी नहीं था। अब इस विमान के मलबे की तस्वीरें सामने आने के बाद पाकिस्तान का झूठ सामने आ गया है।
Read more »

Abhinandan। F16 विमान गिराने वाले अभिनंदन के साहस की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानीAbhinandan। F16 विमान गिराने वाले अभिनंदन के साहस की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानीविंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान की सेना ने बंदी बना लिया है। भारत सरकार इस वीर जांबाज की स्वदेश वापसी के लिए पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना रही है। खबरों के अनुसार अभिनंदन को मुज्जफ्फराबाद के आर्मी सेंटर में रखा गया है। पाकिस्तान के मेजर ने उनसे पूछताछ की, लेकिन अभिनंदन ने साहस और संयम के साथ सवालों के जवाब दिए। खबरों के अनुसार पाकिस्तानी सेना भी भारतीय जांबाज की दिलेरी के कसीदे पढ़ने लगी है। पाकिस्तान में भी अभिनंदन की साहस की चर्चाएं हो रही हैं।
Read more »

भारत ने पाकिस्तान को भेजा डिमार्श और डोजियर, जानिए इनके बारे में सबकुछभारत ने पाकिस्तान को भेजा डिमार्श और डोजियर, जानिए इनके बारे में सबकुछभारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा आतंकी कैंपों पर कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने हवाई सीमा का उल्लंघन किया और भारतीय वायुसेना के मिग-21 ने पाक के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया. पाकिस्तानी वायुसेना की नापाक कोशिशों को असफल करने में लगे भारतीय वायुसेना के एक पायलट को हिरासत में ले लिया. भारत ने पाकिस्तान को पायलट को सुरक्षित लौटाने के लिए कहा है. भारतीय उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को आपत्तिपत्र डिमार्श दिया है, जिसमें भारतीय वायुसेना के पायलट को सुरक्षित भारत भेजने की मांग की गई है.
Read more »

प्रोफेसर ने की इमरान खान की तारीफ, ABVP कार्यकर्ताओं ने घुटनों के बल पर मंगवाई माफीप्रोफेसर ने की इमरान खान की तारीफ, ABVP कार्यकर्ताओं ने घुटनों के बल पर मंगवाई माफीअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कर्नाटक के एक कॉलेज के प्रोफेसर को सोशल मीडिया पर कथित भारत विरोधी संदेश लिखने पर घुटनों के बल माफी मांगने के लिए मजबूर किया.
Read more »

राफेल की सीक्रेट फाइलें चोरी हो गईं: मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, जानें 15 अहम बातेंराफेल की सीक्रेट फाइलें चोरी हो गईं: मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, जानें 15 अहम बातेंसुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में केंद्र सरकार ने कहा कि राफेल डील (Rafale Deal) से जुड़े कागजात चोरी हो गए हैं और याचिकाकर्ता उनका इस्तेमाल करके आधिकारिक गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर रहे हैं. यह बात केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एक न्यूज पेपर की रिपोर्ट का जिक्र करने के दौरान कही. केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एजी वेणुगोपाल ने कहा, ये कागजात रक्षा मंत्रालय से पूर्व या वर्तमान कर्मचारी द्वारा चोरी किए गए हैं. ये गोपनीय दस्तावेज हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उनसे पूछा कि सरकार ने इस मामले में अभी तक क्या कार्रवाई की है. इसके बाद केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि हम लोग जांच कर रहे हैं कि कागजातों की चोरी कैसे हुई? साथ ही राफेल विमान सौदे से जुड़े केस में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, यदि अब CBI जांच के निर्देश दिए जाते हैं, तो देश को भारी नुकसान होगा... पुनर्विचार याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत में जब राफेल सौदे के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया तो केन्द्र ने महत्वपूर्ण तथ्यों को उससे छुपाया था. प्रशांत भूषण ने जब वरिष्ठ पत्रकार एन राम के एक लेख का हवाला दिया तो अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया और कहा कि यह लेख चोरी किये गये दस्तावेजों पर आधारित हैं और इस मामले की जांच जारी है.
Read more »

राफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है जरूरी– News18 हिंदीराफेल विवादः 'दस्तावेजों की चोरी' के बाद उठ रहे हैं ये सवाल, जिनके जवाब जानना आपके लिए है जरूरी– News18 हिंदीनरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि राफेल फाइटर प्लेन के सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षामंत्रालय से चोरी हो गए हैं. सरकार ने कहा कि अखबारों ने लीक्ड जानकारी प्रकाशित की है जोकि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच ने राफेल डील की जांच से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि सरकारी दस्तावेजों के बाहर आने की वजह से 2जी और कोल गेट मामलों की सुनवाई हुई थी.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 03:04:03