जीभ पर ऐसे निशान हो सकते हैं कैंसर के लक्षण, जाने के लक्षण, कारण और उपचार

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जीभ पर ऐसे निशान हो सकते हैं कैंसर के लक्षण, जाने के लक्षण, कारण और उपचार
कैंसर के कारणकैंसर का इलाजकैंसर की कोशिकाएं क्यों बनती हैं
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जीभ के कैंसर को मैनेज करने का सबसे अच्छा तरीका समय पर इलाज शुरू करवाना ही है। अगर आप लक्षणों को पकड़ लेते हैं तो आपको ज्यादा दिक्कतें नहीं आती हैं।

जब जीभ पर सेल्स की ग्रोथ होनी शुरू हो जाए तो इसका अर्थ है की आपको जीभ की कैंसर है। जीभ की कैंसर मुंह के अलग अलग हिस्सों में फैल सकती है। यह कैंसर आपके गले में भी हो सकती है। जीभ आपके मुंह का शुरुआती हिस्सा होती है और इसी की मदद से आप बोल पाते हैं, खा या पी पाते हैं। अगर इसमें कैंसर के लक्षण दिखें तो आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास टेस्ट आदि करवाने चाहिए ताकि आप को मुश्किलों का सामना न करना पड़े और अगर ऐसा हो भी तो समय से ही आपका इलाज शुरू किया जा सके।जीभ में भी अलग अलग तरह की कैंसर हो सकती है जैसे जो कैंसर जीभ से ही शुरू हो या फिर जो कैंसर गले से शुरू हो। दोनों के बारे में ही जानना जरूरी है। तो आइए जान लेते हैं जीभ कैंसर के अलग अलग प्रकारों के बारे में और इसके कारण, लक्षण और इलाज के बारे में।जीभ की कैंसर के अलग अलग प्रकार मुंह की कैंसर : इस प्रकार की कैंसर को ओरल टंग कैंसर कहते हैं। यह काफी आसानी से पकड़ में आ जाती है क्योंकि इसके लक्षण जीभ पर काफी आसानी से दिख जाते हैं। आपसे पहले इसे आपके डॉक्टर या डेंटिस्ट नोटिस कर सकते है। अगर गले में कैंसर हो तो : इस प्रकार की कैंसर को आरोफ्रिंगियल टंग कैंसर कहते हैं। यह लक्षण थोड़े देर से दिखाती है। इसके लक्षण दिखने से पहले यह कुछ हद तक लिंफ नोड में फैल चुकी होती है। अगर जीभ के पीछे के भाग पर इसकी ग्रोथ हो तो इसको शुरुआत में ही पहचानना काफी मुश्किल हो सकता है। लक्षण आपके मुंह या गले में लाल या सफेद रंग का पैच दिखना। आपके गले में दर्द होना जो अपने आप ही ठीक नहीं होता है।ऐसा महसूस होना मानो कुछ गले में फंस गया हो। आवाज में बदलाव आना। जबड़े का सूज जाना। मुंह या जीभ का सुन्न पड़ जाना। कारण जब आपकी जीभ की हेल्दी सेल्स का DNA बदलने लगता है तो इस वजह से यह कैंसर शुरू होती है। सेल के DNA में यह जानकारी होती है की सेल्स को क्या करना है। लेकिन इसमें आने वाले बदलाव के कारण सेल्स काफी तेजी से बढ़ती ही रहती हैं और जब उनकी नेचुरल प्रक्रिया में खत्म हो जाना होता है तब भी खत्म नहीं होती हैं जिस कारण एक्स्ट्रा सेल्स हो जाती हैं और यह एक ट्यूमर बना लेती है। इस समय के दौरान यह सेल्स ब्रेक हो कर अन्य हिस्सों में भी फैल सकती हैं। कई बार HPV वायरस के कारण भी यह कैंसर हो सकती है।रिस्क फैक्टर तंबाखू का प्रयोग करना : तंबाखू का प्रयोग करना इसका सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। अगर आप किसी भी फॉर्म में धूम्रपान कर रहे हैं तो जीभ की कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। शराब का सेवन करना : शराब का सेवन करने से भी इस कैंसर का रिस्क काफी हद तक बढ़ जाता है। HPV से एक्सपोज होना : जिन लोगों को HPV नाम के वायरस का संक्रमण होता है उनका टंग कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। इलाज आपके डॉक्टर आपकी जीभ की स्थिति देख कर कोई इलाज शुरू करेंगें। इसके इलाज में अलग अलग तरीके शामिल होते हैं जैसे रेडिएशन थेरेपी, कीमो थेरेपी, इम्युनो थेरेपी और कई बार तो जीभ की सर्जरी भी करनी पड़ जाती है। गर्दन में अगर यह फैल चुकी हो तो गर्दन के लिंफ नोड की सर्जरी भी करनी पड़ सकती है।डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।.

जब जीभ पर सेल्स की ग्रोथ होनी शुरू हो जाए तो इसका अर्थ है की आपको जीभ की कैंसर है। जीभ की कैंसर मुंह के अलग अलग हिस्सों में फैल सकती है। यह कैंसर आपके गले में भी हो सकती है। जीभ आपके मुंह का शुरुआती हिस्सा होती है और इसी की मदद से आप बोल पाते हैं, खा या पी पाते हैं। अगर इसमें कैंसर के लक्षण दिखें तो आपको बिना देरी किए डॉक्टर के पास टेस्ट आदि करवाने चाहिए ताकि आप को मुश्किलों का सामना न करना पड़े और अगर ऐसा हो भी तो समय से ही आपका इलाज शुरू किया जा सके।जीभ में भी अलग अलग तरह की कैंसर हो सकती है जैसे जो कैंसर जीभ से ही शुरू हो या फिर जो कैंसर गले से शुरू हो। दोनों के बारे में ही जानना जरूरी है। तो आइए जान लेते हैं जीभ कैंसर के अलग अलग प्रकारों के बारे में और इसके कारण, लक्षण और इलाज के बारे में।जीभ की कैंसर के अलग अलग प्रकार मुंह की कैंसर : इस प्रकार की कैंसर को ओरल टंग कैंसर कहते हैं। यह काफी आसानी से पकड़ में आ जाती है क्योंकि इसके लक्षण जीभ पर काफी आसानी से दिख जाते हैं। आपसे पहले इसे आपके डॉक्टर या डेंटिस्ट नोटिस कर सकते है। अगर गले में कैंसर हो तो : इस प्रकार की कैंसर को आरोफ्रिंगियल टंग कैंसर कहते हैं। यह लक्षण थोड़े देर से दिखाती है। इसके लक्षण दिखने से पहले यह कुछ हद तक लिंफ नोड में फैल चुकी होती है। अगर जीभ के पीछे के भाग पर इसकी ग्रोथ हो तो इसको शुरुआत में ही पहचानना काफी मुश्किल हो सकता है। लक्षण आपके मुंह या गले में लाल या सफेद रंग का पैच दिखना। आपके गले में दर्द होना जो अपने आप ही ठीक नहीं होता है।ऐसा महसूस होना मानो कुछ गले में फंस गया हो। आवाज में बदलाव आना। जबड़े का सूज जाना। मुंह या जीभ का सुन्न पड़ जाना। कारण जब आपकी जीभ की हेल्दी सेल्स का DNA बदलने लगता है तो इस वजह से यह कैंसर शुरू होती है। सेल के DNA में यह जानकारी होती है की सेल्स को क्या करना है। लेकिन इसमें आने वाले बदलाव के कारण सेल्स काफी तेजी से बढ़ती ही रहती हैं और जब उनकी नेचुरल प्रक्रिया में खत्म हो जाना होता है तब भी खत्म नहीं होती हैं जिस कारण एक्स्ट्रा सेल्स हो जाती हैं और यह एक ट्यूमर बना लेती है। इस समय के दौरान यह सेल्स ब्रेक हो कर अन्य हिस्सों में भी फैल सकती हैं। कई बार HPV वायरस के कारण भी यह कैंसर हो सकती है।रिस्क फैक्टर तंबाखू का प्रयोग करना : तंबाखू का प्रयोग करना इसका सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। अगर आप किसी भी फॉर्म में धूम्रपान कर रहे हैं तो जीभ की कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। शराब का सेवन करना : शराब का सेवन करने से भी इस कैंसर का रिस्क काफी हद तक बढ़ जाता है। HPV से एक्सपोज होना : जिन लोगों को HPV नाम के वायरस का संक्रमण होता है उनका टंग कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। इलाज आपके डॉक्टर आपकी जीभ की स्थिति देख कर कोई इलाज शुरू करेंगें। इसके इलाज में अलग अलग तरीके शामिल होते हैं जैसे रेडिएशन थेरेपी, कीमो थेरेपी, इम्युनो थेरेपी और कई बार तो जीभ की सर्जरी भी करनी पड़ जाती है। गर्दन में अगर यह फैल चुकी हो तो गर्दन के लिंफ नोड की सर्जरी भी करनी पड़ सकती है।डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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कैंसर के कारण कैंसर का इलाज कैंसर की कोशिकाएं क्यों बनती हैं कैंसर कोशिकाओं को कैसे रोकें

 

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