Success Story: फैमिली बिजनेस छोड़ शुरू की ऑर्गेनिक खेती, आज 25 लाख रुपये सालाना कमाई

Success Story News

Success Story: फैमिली बिजनेस छोड़ शुरू की ऑर्गेनिक खेती, आज 25 लाख रुपये सालाना कमाई
Success Story In HindiOrganic FarmingOrganic Vegetables Farming
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 159 sec. here
  • 11 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 91%
  • Publisher: 51%

Success Story of Purva Jindal: राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वालीं पूर्वा जिंदल ऑर्गेनिक खेती से लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं। एमबीए करने के बाद उन्होंने परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाने के बारे से सोचा था। लेकिन तभी कोरोना आ गया और बिजनेस बंद हो गया। इसके बाद पूर्वा ने ऑर्गेनिक खेती में कदम बढ़ाया। पढ़ें पूर्वा की सक्सेस...

नई दिल्ली: फैमिली बिजनेस से जुड़े ज्यादातर लोग पढ़ाई-लिखाई के बाद फैमिली बिजनेस को ही संभालते हैं। क्या होगा कि कोई शख्स अपने फैमिली बिजनेस को छोड़ किसी ऐसी चीज में किस्मत आजमाए जिससे परिवार का दूर-दूर तक कोई नाता न हो? ऐसे शख्स को शायद लोग पागल कहें। लेकिन यह पागलपन ही है जो किसी भी शख्स को कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है। ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाली 29 साल की पूर्वा जिंदल के साथ।पूर्वा के पिता का भीलवाड़ा में कपड़े का बिजनेस था। पूर्वा ने अपने पुश्तैनी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए साल 2017 में मुंबई के एक इंस्टिट्यूट से एमबीए किया। पूर्वा बताती हैं कि मैं फैमिली के कपड़े के बिजनेस से जुड़ी थी और इस बिजनेस के बारे में सब कुछ सीखा था। लेकिन साल 2020 में कोविड के आने के बाद कपड़ा सहित कई बिजनेस बंद हो गए। इसका असर हमारे भी बिजनेस पर पड़ा। पूर्वा बताती हैं कि वह शुरू से ही कुछ अलग करना करना चाहती थी। कह सकते हैं कि कोरोना ने एक मौका दे दिया। Success Story : पैसों की तंगी के चलते कभी छोड़ दी थी पढ़ाई, अब सालाना 7 करोड़ रुपये की कमाई ऐसे आया खेती का आइडियापूर्वा कहती है कि आसपास के काफी लोग केमिकल युक्त फल-सब्जियां खाने से बीमार पड़ रहे थे। इसलिए मैंने कुछ ऐसा शुरू करने के बारे में सोचा जिससे उनका स्वास्थ्य ठीक रहे। ऐसे में उनके दिमाग में ऑर्गेनिक फॉर्मिंग का विचार आया। इसके लिए उन्होंने साल 2021 में राजस्थान में ऐसे किसानों से मिलना शुरू किया जो ऑर्गेनिक खेती करते थे। हालांकि ऐसे किसान कम ही मिले। इसके बाद उन्होंने सोचा कि ऑर्गेनिक फॉर्मिंग में ऐसा मॉडल शुरू किया जाए जो लोगों को सीधे घर तक सब्जियां पहुंचाए। बंजर जमीन पर किया कामआइडिया आने के बाद अब बारी जमीन तलाशने की थी। पूर्वा के परिवार ने 2014-15 में भीलवाड़ा से करीब 22 किलोमीटर दूर हमीरगढ़ में 10 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। पूर्वा कहती हैं कि यह बंजर जमीन थी। इसमें पत्थर और चट्टानें थीं। इन्होंने इसी जमीन को खेती के लायक बनाया। इन जमीन को तीन हिस्सों में बांटा। एक हिस्से में ऑफिस बनाया। साथ ही इसमें गाय के शेड और सिंचाई के लिए पंप भी लगाए। बाकी दो-तिहाई का इस्तेमाल खेती के लिए किया। शुरुआत में इसके एक हिस्से में ही खेती की। इसे पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती के लिए तैयार किया गया।बीजों से तैयार की नर्सरीपूर्वा के मुताबिक उन्होंने पौधे खरीदने के बजाय बीजों से ही मौसमी सब्जियों की अपनी नर्सरी तैयार की। वह बताती हैं कि हमने अक्टूबर 2021 में बीज रोपण शुरू किया और एक महीने में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो गए। उनमें ब्रोकली, गाजर, मूली, फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सर्दियों की सब्जियां शामिल थीं। वह बताती हैं कि पहली फसल दिसंबर के अंत तक तैयार हो गई थी। ये सब्जियां उगाती हैं खेत मेंसर्दियों में वह गोभी, ब्रोकली, चुकंदर, मूली, गाजर, टमाटर, मटर और अन्य सब्जियां उगाती हैं। वह कहती हैं कि दूसरे साल से हमने स्ट्रॉबेरी भी उगाना शुरू कर दिया। गर्मियों में खेत में तरबूज, टमाटर, भिंडी और अन्य सब्जियां पैदा होती हैं। वह कहती हैं कि पूरे साल खेत में बुवाई और कटाई जारी रहती है। हम लगभग हर दूसरे दिन फसल काटते हैं और सप्ताह में तीन बार ग्राहकों के घरों तक पहुंचाते हैं।सालाना 25 लाख की कमाईपूर्वा जमीन के कुछ हिस्सों में ऑर्गेनिक खाद भी बनाती हैं। वह बताती हैं कि उनके पास कुछ गिर गाय भी हैं। वे इनके दूध से घी बनाती हैं और इसे 1800 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचती हैं। पूर्वा बताती हैं कि उनकी रोजाना करीब 7 हजार रुपये की इनकम है। ऐसे में वह सालाना करीब 25 लाख रुपये की कमाई करती हैं। पूर्वा का प्लान अपने बिजनेस को दूसरे शहरों में भी ले जाने का है। इसके लिए वह काम कर रही हैं।.

नई दिल्ली: फैमिली बिजनेस से जुड़े ज्यादातर लोग पढ़ाई-लिखाई के बाद फैमिली बिजनेस को ही संभालते हैं। क्या होगा कि कोई शख्स अपने फैमिली बिजनेस को छोड़ किसी ऐसी चीज में किस्मत आजमाए जिससे परिवार का दूर-दूर तक कोई नाता न हो? ऐसे शख्स को शायद लोग पागल कहें। लेकिन यह पागलपन ही है जो किसी भी शख्स को कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है। ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाली 29 साल की पूर्वा जिंदल के साथ।पूर्वा के पिता का भीलवाड़ा में कपड़े का बिजनेस था। पूर्वा ने अपने पुश्तैनी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए साल 2017 में मुंबई के एक इंस्टिट्यूट से एमबीए किया। पूर्वा बताती हैं कि मैं फैमिली के कपड़े के बिजनेस से जुड़ी थी और इस बिजनेस के बारे में सब कुछ सीखा था। लेकिन साल 2020 में कोविड के आने के बाद कपड़ा सहित कई बिजनेस बंद हो गए। इसका असर हमारे भी बिजनेस पर पड़ा। पूर्वा बताती हैं कि वह शुरू से ही कुछ अलग करना करना चाहती थी। कह सकते हैं कि कोरोना ने एक मौका दे दिया। Success Story: पैसों की तंगी के चलते कभी छोड़ दी थी पढ़ाई, अब सालाना 7 करोड़ रुपये की कमाई ऐसे आया खेती का आइडियापूर्वा कहती है कि आसपास के काफी लोग केमिकल युक्त फल-सब्जियां खाने से बीमार पड़ रहे थे। इसलिए मैंने कुछ ऐसा शुरू करने के बारे में सोचा जिससे उनका स्वास्थ्य ठीक रहे। ऐसे में उनके दिमाग में ऑर्गेनिक फॉर्मिंग का विचार आया। इसके लिए उन्होंने साल 2021 में राजस्थान में ऐसे किसानों से मिलना शुरू किया जो ऑर्गेनिक खेती करते थे। हालांकि ऐसे किसान कम ही मिले। इसके बाद उन्होंने सोचा कि ऑर्गेनिक फॉर्मिंग में ऐसा मॉडल शुरू किया जाए जो लोगों को सीधे घर तक सब्जियां पहुंचाए। बंजर जमीन पर किया कामआइडिया आने के बाद अब बारी जमीन तलाशने की थी। पूर्वा के परिवार ने 2014-15 में भीलवाड़ा से करीब 22 किलोमीटर दूर हमीरगढ़ में 10 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। पूर्वा कहती हैं कि यह बंजर जमीन थी। इसमें पत्थर और चट्टानें थीं। इन्होंने इसी जमीन को खेती के लायक बनाया। इन जमीन को तीन हिस्सों में बांटा। एक हिस्से में ऑफिस बनाया। साथ ही इसमें गाय के शेड और सिंचाई के लिए पंप भी लगाए। बाकी दो-तिहाई का इस्तेमाल खेती के लिए किया। शुरुआत में इसके एक हिस्से में ही खेती की। इसे पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती के लिए तैयार किया गया।बीजों से तैयार की नर्सरीपूर्वा के मुताबिक उन्होंने पौधे खरीदने के बजाय बीजों से ही मौसमी सब्जियों की अपनी नर्सरी तैयार की। वह बताती हैं कि हमने अक्टूबर 2021 में बीज रोपण शुरू किया और एक महीने में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो गए। उनमें ब्रोकली, गाजर, मूली, फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सर्दियों की सब्जियां शामिल थीं। वह बताती हैं कि पहली फसल दिसंबर के अंत तक तैयार हो गई थी। ये सब्जियां उगाती हैं खेत मेंसर्दियों में वह गोभी, ब्रोकली, चुकंदर, मूली, गाजर, टमाटर, मटर और अन्य सब्जियां उगाती हैं। वह कहती हैं कि दूसरे साल से हमने स्ट्रॉबेरी भी उगाना शुरू कर दिया। गर्मियों में खेत में तरबूज, टमाटर, भिंडी और अन्य सब्जियां पैदा होती हैं। वह कहती हैं कि पूरे साल खेत में बुवाई और कटाई जारी रहती है। हम लगभग हर दूसरे दिन फसल काटते हैं और सप्ताह में तीन बार ग्राहकों के घरों तक पहुंचाते हैं।सालाना 25 लाख की कमाईपूर्वा जमीन के कुछ हिस्सों में ऑर्गेनिक खाद भी बनाती हैं। वह बताती हैं कि उनके पास कुछ गिर गाय भी हैं। वे इनके दूध से घी बनाती हैं और इसे 1800 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचती हैं। पूर्वा बताती हैं कि उनकी रोजाना करीब 7 हजार रुपये की इनकम है। ऐसे में वह सालाना करीब 25 लाख रुपये की कमाई करती हैं। पूर्वा का प्लान अपने बिजनेस को दूसरे शहरों में भी ले जाने का है। इसके लिए वह काम कर रही हैं।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

Success Story In Hindi Organic Farming Organic Vegetables Farming सक्सेस स्टोरी सक्सेस स्टोरी इन हिंदी ऑर्गेनिक फार्मिंग ऑर्गेनिक सब्जियां

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

अंबानी फैमिली का फिर दबदबा, अब इस मामले में टॉप पर... जानिए किस नंबर पर अडानीअंबानी फैमिली का फिर दबदबा, अब इस मामले में टॉप पर... जानिए किस नंबर पर अडानीदेश की सबसे अमीर फैमिली की लिस्‍ट में अंबानी फैमिली के बाद दूसरे स्‍थान पर बजाज फैमिली (Bajaj Family) है, जिसके बिजनेस का वैल्यू 7.13 लाख करोड़ रुपये है.
Read more »

अंबानी फैमिली की वेल्थ भारत की GDP का 10%: फैमिली की वैल्यूएशन ₹25.75 ट्रिलियन, बजाज फैमिली ₹7.13 ट्रिलियन ...अंबानी फैमिली की वेल्थ भारत की GDP का 10%: फैमिली की वैल्यूएशन ₹25.75 ट्रिलियन, बजाज फैमिली ₹7.13 ट्रिलियन ...देश में सबसे वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस की लिस्ट में अंबानी फैमिली टॉप पर है। बार्कलेज-हुरून इंडिया की मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस 2024 की लिस्ट के मुताबिक, अंबानी फैमिली की वैल्यूएशन ₹25.
Read more »

Success Story: नौकरी छोड़कर बिजनौर में शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब सालाना 10 लाख रुपये तक कमाईSuccess Story: नौकरी छोड़कर बिजनौर में शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब सालाना 10 लाख रुपये तक कमाईबिजनौर के एक कॉरपोरेट ऑफिस में काम करने वाले लड़के ने कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदल दिया. दरअसल, कोरोना से पहले 65 हजार रुपये महीने की नौकरी करने वाले बिजनौर के ऋतुराज सिंह ने कोविड के समय खेती-किसानी करने की ठान ली और आज सालाना बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं.
Read more »

पेट्रोल-डीजल के दाम में आज भी कोई बदलाव नहीं: अंबानी फैमिली की वेल्थ भारत की GDP का 10%, बजाज फाइनेंस पर टै...पेट्रोल-डीजल के दाम में आज भी कोई बदलाव नहीं: अंबानी फैमिली की वेल्थ भारत की GDP का 10%, बजाज फाइनेंस पर टै...कल की बड़ी खबर अंबानी फैमिली से जुड़ी रही। देश में सबसे वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस की लिस्ट में अंबानी फैमिली टॉप पर है। अंबानी फैमिली की वैल्यूएशन ₹25.
Read more »

Success Story: पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाकर बेचता है यह कपल, 75 लाख रुपये सालाना कमाईSuccess Story: पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाकर बेचता है यह कपल, 75 लाख रुपये सालाना कमाईSuccess Story of Sunita and Suhas Ramegowda: 15 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में जॉब करने के बाद यह कपल एक गांव में बस गया। वहां इसने गांव वालों की आर्थिक समस्या दूर करने के लिए एक स्टार्टअप शुरू किया। यह पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाते हैं और इन्हें ऑनलाइन व ऑफलाइन बेचते हैं। इनका सालाना रेवेन्यू कई लाख रुपये का...
Read more »

Success Story: कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर शुरू की खेती, सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई, क्या उगाता है ऐसा?Success Story: कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर शुरू की खेती, सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई, क्या उगाता है ऐसा?Success Story of Rituraj Singh: गुरुग्राम में कॉर्पोरेट जॉब करने वाले इंजीनियर को खेती ऐसी भाई कि उसने इसे ही अपना करियर और बिजनेस बना लिया। कोरोना में लगे लॉकडाउन का इस शख्स ने सही इस्तेमाल किया और ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। आज यह शख्स ड्रैगन फ्रूट बेचकर लाखों रुपये कमा रहा...
Read more »



Render Time: 2026-04-02 07:40:32