Success Story: पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाकर बेचता है यह कपल, 75 लाख रुपये सालाना कमाई

Success Story News

Success Story: पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाकर बेचता है यह कपल, 75 लाख रुपये सालाना कमाई
Success Story In HindiSuccess Story Of Sunita And SuhasSuccess Story Of The Good Gift
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 71 sec. here
  • 9 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 53%
  • Publisher: 51%

Success Story of Sunita and Suhas Ramegowda: 15 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में जॉब करने के बाद यह कपल एक गांव में बस गया। वहां इसने गांव वालों की आर्थिक समस्या दूर करने के लिए एक स्टार्टअप शुरू किया। यह पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाते हैं और इन्हें ऑनलाइन व ऑफलाइन बेचते हैं। इनका सालाना रेवेन्यू कई लाख रुपये का...

नई दिल्ली: जिन पुराने कपड़ों को हम बेकार समझकर फेंक देते हैं, ऐसे ही पुराने कपड़ों से एक कपल कमाई कर रहा है। इस कपल का नाम सुनीता रामेगौड़ा और सुहास रामेगौड़ा है। यह कपल पुराने कपड़ों से गुड़िया तैयार करता है और उन्हें बेचता है। इस कपल के स्टार्टअप का नाम 'The Good Gift' है। अपने स्टार्टअप के बारे में सुनीता और सुहास का कहना है कि उन्होंने बचपन में अपने घर में दादी से देखा कि वह पुरानों कपड़ों से गुड़िया बनाती थीं। इस, इसी से उन्हें इसका स्टार्टअप शुरू करने का आइडिया आया। सुहास के मुताबिक इस गुड़िया को इस तरह से बनाया गया है कि इनके कपड़े तक बदल सकते हैं। इन गुड़ियाओं के चेहरे के भाव इस तरह बनाए जाते हैं कि ये बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी अच्छे लगें। Success Story : हलवाई का बेटा, पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए ट्यूशन पढ़ाया, खड़ा कर दिया 35 हजार करोड़ का बैंकआदिवासी महिलाओं को दिया रोजगारसुनीता और सुहास का कहना है कि उन्होंने पुराने कपड़ों से गुड़िया बनाने के कारण काफी कपड़े को लैंडफिल में जाने से रोका है। वह बताते हैं कि एक अनुमान के मुताबिक करीब 8000 किलोग्राम कपड़ा लैंडफिल साइट में जाने से बच गया और उन्होंने उसे अपने स्टार्टअप में इस्तेमाल कर लिया। इन्होंने अपने स्टार्टअप में आदिवासी महिलाओं को रोजगार दिया है और उन्हें सशक्त बनाया है। वह बताते हैं कि उनके स्टार्टअप से तमिलनाडु के नीलगिरी की आदिवासी समुदायों की 200 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं। 15 साल नौकरी के बाद लिया फैसलाशादी के बाद सुनीता और सुहास बेंगलुरु में बस गए। यहां उन्होंने कम से कम 15 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में जॉब की। वे बताते हैं कि वह जॉब से संतुष्ट नहीं थे। वे ऐसा काम करना चाहते थे, जिसमें उन्हें खुशी मिले। सुहास बताते हैं कि वह शहरी भागदौड़ से थक गए थे। वे पता लगाना चाहते थे कि उन्हें किस चीज में खुशी मिल सकती है। ऐसे में उन्होंने एक गांव जाने का फैसला लिया। 2017 में इन्होंने नीलगिरी पहाड़ों में रहने का फैसला लिया। इन्होंने खुद ही मिट्टी का घर बनाया। सब्जियां उगाना शुरूकिया। पहाड़ी नदियों से पानी इकट्ठा किया और बिजली के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया। https://www.

instagram.com/reel/C9gj-vaSyJP/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA==ऐसे आया बिजनेस का आइडियासुहास बताते हैं कि यहां रहने के बाद इन्होंने देखा कि यहां रहने वाले आदिवासी लोगों के लिए आजीविका एक रोजमर्रा की चुनौती थी। चाय की कटाई के अलावा, ग्रामीण महिलाओं के लिए कोई अन्य नियमित काम नहीं था। हर सुबह वे अपने बच्चों को छोड़कर दूसरे गांवों में काम करने जाया करती थीं। ऐसे में इस कपल ने साल 2019 में इंडियन यार्ड्स फाउंडेशन की स्थापना की। यह शिल्प निर्माण से जुड़ा सामाजिक उद्यम था। इसे शुरू करने का उद्देश्य नीलगिरी में आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारना था। शुरू में इन्होंने गांव की महिलाओं को कढ़ाई आदि की चीजें सिखाईं। कुछ समय ऐसा ही गुजरा। सब कुछ सही था, लेकिन समय आगे बढ़ने का था। इस जरूरत के चलते 2023 की शुरुआत में 'द गुड गिफ्ट' का गठन हुआ। सुनीता कहती है कि हमने प्रोडक्ट को मार्केट तक पहुंचाने के लिए एक वेबसाइट बनाई। वेबसाइट पर कई तरह के प्रोडक्ट डाले। कई प्रोडक्ट के साथ एक्सपेरिमेंट किए। अंत में फैब्रिक डॉल और खिलौनों पर ध्यान केंद्रित किया।आज लाखों रुपये का सालाना कारोबारस्टार्टअप शुरू करने के एक साल के भीतर कपल ने B2B में अपने बिजनेस का विस्तार किया। उन्होंने चेन्नई, बेंगलुरु, गोवा, ऊटी आदि में 60 ऑफलाइन स्टोर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वे अब हर महीने कपड़े की 3000 से ज्यादा गुड़िया बेचते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में उनका रेवेन्यू 75 लाख रुपये रहा। सुनीता बताती हैं कि उनके साथ काम करने वाली आदिवासी महिलाएं आज महीने के 8 से 10 हजार रुपये कमा रही हैं।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

Success Story In Hindi Success Story Of Sunita And Suhas Success Story Of The Good Gift सक्सेस स्टोरी सक्सेस स्टोरी इन हिंदी सुनीता और सुहास की सक्सेस स्टोरी

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Success Story: सिर्फ ₹50,000 से शुरू किया काम, आज ₹7.50 लाख महीने की कमाई, स्‍टॉल पर ऐसा क्‍या बेचता है यह पोस्‍टग्रेजुएट?Success Story: सिर्फ ₹50,000 से शुरू किया काम, आज ₹7.50 लाख महीने की कमाई, स्‍टॉल पर ऐसा क्‍या बेचता है यह पोस्‍टग्रेजुएट?Success Story of Chittem Sudheer: चित्तम सुधीर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से हैं। वह इकनॉमिक्‍स से पोस्‍टग्रेजुएट हैं। उन्‍होंने मिलेट इडली बेचकर कामयाबी हासिल की है। वह हर महीने इससे लाखों कमाते हैं। उनके छोटे से स्‍टॉल पर म‍िलेट इडली खाने वालोंं की लाइन लगती...
Read more »

बजट में युवाओं की होगी बल्‍ले-बल्‍ले? नौकरी को लेकर आया बड़ा अपडेटबजट में युवाओं की होगी बल्‍ले-बल्‍ले? नौकरी को लेकर आया बड़ा अपडेटइकोनॉमिक सर्वे में वर्कफोर्स को देखते हुए साल 2030 तक नॉन-एग्रीकल्चर सेक्टर में सालाना 78 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसरों की जरूरत की जानकारी दी गई है.
Read more »

पीएम मुद्रा योजना के तहत मिलेगा 20 लाख का लोन, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनपीएम मुद्रा योजना के तहत मिलेगा 20 लाख का लोन, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनमोदी सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिलने वाले लोन की लिमिट 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है.
Read more »

Union Budget 2024: नई इनकम टैक्‍स रिजीम या पुरानी, किसे चुनना अब ज्‍यादा फायदेमंद?Union Budget 2024: नई इनकम टैक्‍स रिजीम या पुरानी, किसे चुनना अब ज्‍यादा फायदेमंद?नई इनकम टैक्स रिजीम में मिडिल क्‍लास को राहत दी गई है। इसमें 5% स्लैब को 7 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है, जबकि मौजूदा ढांचे में यह 6 लाख रुपये है। 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 3 लाख से 7 लाख रुपये तक 5% टैक्‍स लागू होगा। 1 अप्रैल, 2024 से यह प्रस्‍तावित स्‍ट्रक्‍चर लागू...
Read more »

Success Story: सिर्फ 80 रुपये से शुरू किया काम, आज 1 लाख महीने की कमाई, यह इंजीनियर ऐसा क्‍या करती है?Success Story: सिर्फ 80 रुपये से शुरू किया काम, आज 1 लाख महीने की कमाई, यह इंजीनियर ऐसा क्‍या करती है?टेक्सटाइल इंजीनियर से क्लाउड किचन मालकिन बनीं नाज अंजुम की कहानी प्रेरणादायक है। 2016 में सिर्फ 80 रुपये से शुरू हुए 'अंजुम किचन' में आज बिरयानी और घर के खाने का स्वाद मिलता है। मुश्किल दौर में भी नाज ने अपने ग्राहकों को स्वस्थ और स्‍वादिष्‍ट खाना उपलब्ध कराया। आज वह 1 लाख रुपये महीने की कमाई करती...
Read more »

Success Story: नौकरी छोड़कर बिजनौर में शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब सालाना 10 लाख रुपये तक कमाईSuccess Story: नौकरी छोड़कर बिजनौर में शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब सालाना 10 लाख रुपये तक कमाईबिजनौर के एक कॉरपोरेट ऑफिस में काम करने वाले लड़के ने कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदल दिया. दरअसल, कोरोना से पहले 65 हजार रुपये महीने की नौकरी करने वाले बिजनौर के ऋतुराज सिंह ने कोविड के समय खेती-किसानी करने की ठान ली और आज सालाना बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 11:30:22