Safed Musli Farming: अगर आप भी पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं, तो सफेद मुसली की खेती आपके लिए एक शानदार विकल्प है-कम मेहनत, अधिक मुनाफा और भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश. चलिए जानते हैं कि सफेद मुसली की खेती कैसे होती है, इसकी बाजार में मांग कितनी है और किसान इससे कितना मुनाफा कमा सकते हैं.
पुराने समय में दादी-नानी के नुस्खों में, जो जड़ी-बूटियां इस्तेमाल की जाती थीं. उनमें कई आज भी बेहद मूल्यवान हैं. इन्हीं में से एक है सफेद मुसली, जो आज औषधीय फसलों की दुनिया में “सफेद सोना” कही जाती है.
इसकी मांग न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. यह पौधा अपने औषधीय गुणों की वजह से किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन गया है. सफेद मुसली एक दुर्लभ औषधीय पौधा है, जिसकी जड़ें दवा बनाने में उपयोग होती हैं. यह जड़ें सफेद रंग की और गूदेदार होती हैं. भारत के आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग ताकत बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने, मधुमेह, गठिया, कमजोरी और यौन रोगों के इलाज में किया जाता है. यही वजह है कि देश-विदेश की फार्मा कंपनियां इस जड़ी-बूटी को भारी मात्रा में खरीदती हैं. जय कृषि किसान क्लीनिक के नवनीत रेवपाटी बताते हैं कि सफेद मुसली की खेती औषधीय पौधों में सबसे ज्यादा लाभदायक मानी जाती है. इसकी बुवाई जून से जुलाई के बीच मानसून के शुरुआती दिनों में की जाती है. हल्की रेतीली और दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त होती है. खेत में पानी का जमाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि यह पौधा जलभराव सहन नहीं कर पाता. खेती से पहले खेत को अच्छी तरह जोतकर उसमें गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाया जाता है. एक एकड़ खेत में लगभग 250 से 300 किलोग्राम बीज सामग्री की जरूरत होती है. बीज के रूप में मुसली की जड़ें लगाई जाती हैं. एक्सपर्ट नवनीत रेवापाटी कहते है कि सफेद मुसली की फसल को बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. बस समय-समय पर निराई-गुड़ाई और हल्की सिंचाई करनी होती है. हर 10–15 दिन में हल्का पानी देना जरूरी है ताकि मिट्टी नम बनी रहे. फसल में कीट लगने की संभावना बहुत कम होती है, इसलिए कीटनाशक का खर्च भी नहीं आता. लगभग 8 से 10 महीने में सफेद मुसली की फसल तैयार हो जाती है. कटाई के समय पौधे को उखाड़कर उसकी जड़ों को निकाला जाता है. जड़ों को अच्छी तरह धोकर सुखाया जाता है. सुखाने के बाद इसका वजन लगभग 40% तक कम हो जाता है, लेकिन यही सूखी जड़ बाजार में सबसे ज्यादा दाम पर बिकती है. एक एकड़ से औसतन 8 से 12 क्विंटल सूखी मुसली की पैदावार हो सकती है. सफेद मुसली की खेती शुरू करने में लागत थोड़ी ज्यादा आती है क्योंकि इसका बीज महंगा होता है. प्रति एकड़ खेती की कुल लागत लगभग 80 हजार से 1 लाख रुपये तक आती है. लेकिन बाजार में सूखी मुसली की कीमत 40 हजार से 50 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक होती है. यानी एक एकड़ में किसान आसानी से 4 से 6 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. सफेद मुसली की खेती आज किसानों के लिए सुनहरा मौका है. यह एक बार की मेहनत से लंबे समय तक आमदनी का जरिया बन सकती है. औषधीय गुणों से भरपूर यह पौधा न सिर्फ लोगों की सेहत सुधारता है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत करता है.
Agriculture And Farmer सफेद मूसली की खेती सफेद मूसली White Musli औषधीय पौधा Cultivation Of White Musli Medicinal Plant
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
जानिए मचान विधि से लौकी, ककड़ी, करेला की खेती में कैसे बढ़ाएं मुनाफाAgriculture News: बेल वाली फसलों के लिए मचान विधि किसानों के लिए फायदे का सौदा, इसमें बिना जमीन के होती है लाखों की कमाई
Read more »
Agri Tips: किसानों के लिए जरूरी खबर! ऐसे करें असली और नकली खाद की पहचान, जानिए आसान तरीकाAgriculture Tips: रबी सीजन की बुवाई जारी है. इस सीजन में किसान भाइयों को खाद की जरूरत होती है. इसके चलते किसान नकली खाद के जाल में भी फंस जाते हैं.
Read more »
Agriculture News : आधुनिक खेती का वरदान... हवा में उगते पौधे, 90% कम पानी में डबल मुनाफा!Agriculture News : खेती की दुनिया में एयरोपोनिक्स तकनीक ने मचा दी है क्रांति! इस तकनीक में न मिट्टी की जरूरत है, न ज्यादा पानी की. पौधों की जड़ें हवा में रहकर पोषक फुहारों से पोषण लेती हैं, जिससे उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है. यह तकनीक किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का नया जरिया बन गई है.
Read more »
सुल्तानपुर के किसान का कमाल... लगाया ऐसा पौधा, जो देता है 14 तरह के मसालों का स्वादAgriculture News: अगर आपको एक ही पौधे में 14 तरीके के मसले का स्वाद मिल जाए तो कैसा लगेगा. जी हां चौकिए नहीं सुल्तानपुर में एक किसान ने मिक्स मसाले का एक ऐसा पेड़ लगाया है जो एक दो नहीं बल्कि 14 तरह के मसले का स्वाद लोगों को उपलब्ध कराता है. तो आईए जानते हैं क्या है इस मिक्स मसाले पेड़ की खासियत.
Read more »
गेहूं की इन किस्मों से खेत देगा ‘सोना’! अनाज की क्वालिटी भी टॉप, दाम भी अच्छेAgriculture News: किसानों की चांदी! रबी सीजन में आईं गेहूं की 3 धमाकेदार नई किस्में, उपज होगी दोगुनी
Read more »
Agriculture News: किसानों की चांदी! रबी सीजन में आईं गेहूं की 3 धमाकेदार नई किस्में, उपज होगी दोगुनीRabi Season Farming: रबी सीजन में किसानों के लिए अच्छी खबर है. कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं की तीन नई किस्में जारी की हैं, जो कम पानी में भी अधिक उपज और बेहतर दाना गुणवत्ता प्रदान करती हैं. इन किस्मों का उद्देश्य किसानों की लागत कम करते हुए उत्पादन बढ़ाना और मंडी में बेहतर दाम दिलाना है.
Read more »
