राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले एक साल के कार्यकाल में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए जिलों में से आधे से अधिक को रद्द कर दिया है। राजनीतिक समीकरण में बदलाव लाने की संभावना है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने पिछले एक साल के कार्यकाल में पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ के अलावा कोई बड़ी उपलब्धि नहीं हासिल कर सके हैं. पिछले साल दिसंबर में सत्ता संभालने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा फैसला है कि उन्होंंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए जिलों में आधे से अधिक को रद्द कर दिया है. ये जिले पिछले साल विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले बनाए गए थे. इनमें 17 जिलों में से 9 और तीन संभागों को रद्द कर दिया है.
सरकार का दावा है कि ये न तो व्यावहारिक थे और न ही जनहित में. जाहिर है कि तमाम सवाल उठेंगे. सबसे बड़ा सवाल तो ये ही है कि अगर रद्द करना ही थे मुख्यमंत्री बनते ही पहला काम यही करते. करीब एक साल बाद फैसला लेना कि पूर्व कांग्रेस सरकार का फैसला ही गलत था,लोगों के गले नहीं उतर रहा है. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि नए जिले बनने से तमाम लोगों के रोजी रोजगार के साधन तो बढ़ते ही, रोजमर्रा के तमाम काम के अलावा विकास कार्यों को भी बल मिलता. कांग्रेस एक्शन मेंभजनलाल सरकार ने पिछले 13 महीनों के कार्यकाल में अभी तक कोई एक फैसला ऐसा नहीं ले सके हैं जिसे यादगार माना जा सके. 2021 की सब-इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करने या मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे पर फैसला लेने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सीएम फैसला जल्दी नहीं ले सके. भजनलाल सरकार पहले ही टालमटोल करने वाली सरकार का आरोप लगता रहा है. अब सरकार के 9 नये बने जिलों को रद्द करने के फैसले ने कांग्रेस को सीएम भजनलाल को घेरने का एक और मौका दे दिया है. इस फैसले के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. बड़ी संख्या में लोगों ने राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया है. बड़ी बड़ी रैलियां हो रही है. इन रैलियों में जुटने वाली भीड़ बता रही है कि राज्य सरकार ये फैसला उसके लिए राजनीतिक भूल साबित होने वाला है. कांग्रेस पार्टी भी तुरंत एक्शन मोड में आ गई है. प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम शुरू कर दिया है.Advertisementरद्द हुए जिलों का राजनीतिक समीकरण भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे खास बात यह है कि अभी तुरंत कोई उपचुनाव, विधानसभा चुनाव, स्थानीय निकाय चुनाव या नगर निकाय चुनाव नहीं होने वाले है
राजस्थान भजनलाल शर्मा जिलों का रद्द कांग्रेस विरोध प्रदर्शन
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