मोबाइल सिम की तरह पोर्ट होगा बैंक अकाउंट, एक ही जगह मिलेंगी सभी पेमेंट डिटेल्स, जानें RBI की तैयारी

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मोबाइल सिम की तरह पोर्ट होगा बैंक अकाउंट, एक ही जगह मिलेंगी सभी पेमेंट डिटेल्स, जानें RBI की तैयारी
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आप जल्दी ही अपने बैंक अकाउंट को मोबाइल सिम की तरह पोर्ट करा सकेंगे। रिजर्व बैंक इसके लिए तैयारी कर रहा है। इससे सभी ऑटो-पेमेंट और बिल सेटिंग्स आसानी से नए बैंक में शिफ्ट हो जाएंगे।

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने ' पेमेंट्स विजन 2028 ' के जरिए बैंकिग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। अब मोबाइल सिम की तरह ही आप अपना बैंक अकाउंट भी एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करा सकेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आरबीआई एक ऐसा केंद्रीय सिस्टम बना रहा है जिससे आपके सभी ऑटो-पेमेंट और बिल सेटिंग्स आसानी से नए बैंक में शिफ्ट हो जाएंगे। साथ ही, विदेशों में पैसे भेजना अब पहले से कहीं ज्यादा सस्ता और तेज होगा।Bank Holidays List: अप्रैल में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें आपके शहर में कब-कब रहेगी छुट्टी, देखें पूरा कैलेंडरदिक्कत होगी दूरआजकल ग्राहक किसी भी बैंक में खाता तो आसानी से खुलवा लेते हैं, लेकिन सेविंग अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक में शिफ्ट करना बहुत मुश्किल होता है। इसकी वजह यह है कि खाते से कई तरह के स्टैंडिग इंस्ट्रक्शन जुड़े होते हैं। इस दिक्कत को दूर करने के लिए आरबीआई 'पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस' पर काम कर रहा है। क्या होगा नए प्लेटफॉर्म में? यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहां आपकी सभी पेमेंट डिटेल्स एक ही जगह मिलेंगी। इस सिस्टम के जरिए ग्राहक अपने सभी आने-जाने वाले पेमेंट को आसानी से देख सकेंगे और उन्हें दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे ग्राहकों की किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और अकाउंट पोर्टेबल बन सकेंगे।विदेशी ट्रांजेक्शन होगा तेजएक और खास काम विदेशी लेन-देन को तेज, सस्ता और आसान बनाना है। सेंट्रल बैंक पूरे सिस्टम की दोबारा जांच करने की योजना बना रहा है ताकि नियमों, कामकाज या तकनीक की वजह से आने वाली अड़चनों को पहचाना जा सके। इसे G20 के तय किए गए वैश्विक मानकों के हिसाब से ढाला जाएगा।क्या है प्रस्ताव का मकसद?प्रस्तावित बदलाव का मकसद नई कंपनियों के लिए रास्ते आसान बनाना, नए आइडिया को बढ़ावा देना और विदेशों में पैसे भेजने में होने वाली देरी को कम करना है। भारत कई देशों के साथ अपने फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए समझौते कर चुका है, ताकि डिजिटल करेंसी को बढ़ावा दिया जा सके।.

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने ' पेमेंट्स विजन 2028 ' के जरिए बैंकिग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। अब मोबाइल सिम की तरह ही आप अपना बैंक अकाउंट भी एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करा सकेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आरबीआई एक ऐसा केंद्रीय सिस्टम बना रहा है जिससे आपके सभी ऑटो-पेमेंट और बिल सेटिंग्स आसानी से नए बैंक में शिफ्ट हो जाएंगे। साथ ही, विदेशों में पैसे भेजना अब पहले से कहीं ज्यादा सस्ता और तेज होगा।Bank Holidays List: अप्रैल में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें आपके शहर में कब-कब रहेगी छुट्टी, देखें पूरा कैलेंडरदिक्कत होगी दूरआजकल ग्राहक किसी भी बैंक में खाता तो आसानी से खुलवा लेते हैं, लेकिन सेविंग अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक में शिफ्ट करना बहुत मुश्किल होता है। इसकी वजह यह है कि खाते से कई तरह के स्टैंडिग इंस्ट्रक्शन जुड़े होते हैं। इस दिक्कत को दूर करने के लिए आरबीआई 'पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस' पर काम कर रहा है। क्या होगा नए प्लेटफॉर्म में? यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहां आपकी सभी पेमेंट डिटेल्स एक ही जगह मिलेंगी। इस सिस्टम के जरिए ग्राहक अपने सभी आने-जाने वाले पेमेंट को आसानी से देख सकेंगे और उन्हें दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे ग्राहकों की किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और अकाउंट पोर्टेबल बन सकेंगे।विदेशी ट्रांजेक्शन होगा तेजएक और खास काम विदेशी लेन-देन को तेज, सस्ता और आसान बनाना है। सेंट्रल बैंक पूरे सिस्टम की दोबारा जांच करने की योजना बना रहा है ताकि नियमों, कामकाज या तकनीक की वजह से आने वाली अड़चनों को पहचाना जा सके। इसे G20 के तय किए गए वैश्विक मानकों के हिसाब से ढाला जाएगा।क्या है प्रस्ताव का मकसद?प्रस्तावित बदलाव का मकसद नई कंपनियों के लिए रास्ते आसान बनाना, नए आइडिया को बढ़ावा देना और विदेशों में पैसे भेजने में होने वाली देरी को कम करना है। भारत कई देशों के साथ अपने फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए समझौते कर चुका है, ताकि डिजिटल करेंसी को बढ़ावा दिया जा सके।

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