भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुर्तगाल और रूस के विदेश मंत्रियों के साथ बैठकें कीं, जिनमें पश्चिम एशिया में अस्थिरता, द्विपक्षीय संबंध, व्यापारिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। होर्मुज जलसंधि में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से भारत के ऊर्जा मार्गों पर प्रभाव पड़ा है। रूस ने 2030 तक 100 अरब डॉलर के वार्षिक व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने पर जोर दिया है।
भारत के विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने पुर्तगाल के विदेश मंत्री पाउलो रंजेल के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने पुर्तगाल के विदेश मंत्री के साथ अच्छी बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपने विचार साझा किए। इस सिलसिले में, विदेश मंत्री जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में भारत-रूस के व्यापक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान, विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाओं पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।\विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नई दिल्ली में हुई भारत-रूस विदेशी कार्यालय की परामर्श बैठक में दोनों पक्षों ने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। वर्तमान कूटनीतिक प्रयास इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मार्च की शुरुआत से होर्मुज की संकीर्ण जलसंधि में जहाजों की आवाजाही अचानक बंद हो गई, जिससे भारत के पारंपरिक ऊर्जा मार्ग प्रभावित हुए हैं। इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से तेल आयात में इस महीने काफी गिरावट आई है। संघर्ष को देखते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद पर लगी पाबंदियों को हटा दिया है, जिससे भारत-रूस व्यापारिक रिश्तों में बदलाव आया है। पहले अमेरिका ने इस पर 25% शुल्क लगाया था, जो कुल मिलाकर 50% तक पहुंच गया था, लेकिन फरवरी में व्यापार समझौते के ढांचे के बाद इसे हटा दिया गया। भारत और रूस ने गैर-शुल्क बाधाओं और नियामक अड़चनों को दूर करके 2030 तक 100 अरब डॉलर वार्षिक व्यापार लक्ष्य प्राप्त करने पर भी जोर दिया है।\रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की और कहा कि मॉस्को इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक दौरे के लिए तैयार है। यह दर्शाता है कि दोनों देश विभिन्न मोर्चों पर सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालिया बैठकों और वार्ताओं का उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता में भी योगदान देना है। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और होर्मुज जलसंधि में जहाजों की आवाजाही में रुकावट जैसी चुनौतियों के बीच, भारत और रूस दोनों ही अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और वैश्विक कूटनीति में भारत की भूमिका और मजबूत होगी। दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग का यह सिलसिला आने वाले समय में भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए एक मजबूत नींव रखी जा सके
भारत रूस पुर्तगाल कूटनीति पश्चिम एशिया
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
वस्त्र उद्योग के लिए खुलेंगे नए अवसर, निर्यात को 2030 तक 100 अरब पहुंचाना प्राथमिकता : गिरिराज सिंहवस्त्र उद्योग के लिए खुलेंगे नए अवसर, निर्यात को 2030 तक 100 अरब पहुंचाना प्राथमिकता : गिरिराज सिंह
Read more »
2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचेगा भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार: एस जयशंकर2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचेगा भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार: एस जयशंकर
Read more »
भारत का मानव-निर्मित फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल का निर्यात तेजी से बढ़ा, 2030 तक 100 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीदभारत का मानव-निर्मित फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल का निर्यात तेजी से बढ़ा, 2030 तक 100 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद
Read more »
पुतिन की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा बढ़ावा, 2030 तक व्यापार 100 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद :फियोपुतिन की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा बढ़ावा, 2030 तक व्यापार 100 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद :फियो
Read more »
भारत-रूस: राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखाभारत-रूस: राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी ने 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा
Read more »
अमेरिका के साथ ट्रेड डील भारत को 2030 तक 100 अरब डॉलर का वस्त्र निर्यात का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगीअमेरिका के साथ ट्रेड डील भारत को 2030 तक 100 अरब डॉलर का वस्त्र निर्यात का लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी
Read more »
