सत्ता की कुंजी अपने पास रखने वाले यूपी में भी खास तौर से पश्चिमी उप्र की सीटों का सरताज कौन बनेगा, यह फैसला आज हो जाएगा। LokSabhaResults Results2019 ResultsWithAmarUjala LokSabhaElections2019 INCIndia Mayawati yadavakhilesh BJP4India EVM
इन सभी सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा है। यह तो साफ है कि पश्चिमी यूपी की सभी सीटों पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। इन सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। हालांकि इन सीटों में से किसी भी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जीत का वरण करते नहीं दिख रहे हैं पर अधिकतर सीट पर कांग्रेस इस भूमिका में है कि आमने सामने के दिग्गजों का परिणाम प्रभावित कर दे। मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से दो बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल मैदान में उतरे हैं। उनके लिए हैट्रिक लगाने की चुनौती है तो सामने गठबंधन से हाजी याकूब कुरैशी बसपा के चुनाव चिह्न से मैदान में हैं। याकूब का समीकरण दलित मुस्लिम के अलावा अन्य वोटों में सेंध का है तो वहीं भाजपा का अपना बड़ा वोट बैंक है। पिछले चुनाव में राजेंद्र अग्रवाल को सपा बसपा दोनों के प्रत्याशियों के कुल वोटों से भी ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि इस बार राह मुश्किल है। कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल चुनाव लड़ें है पर उन्हें मुकाबले से बाहर ही माना जा रहा है। हालांकि वह वोट काटने की भूमिका में अवश्य हैं और उनके लिए गए वोट परिणाम अवश्य प्रभावित कर सकते हैं। वहीं सहारनपुर में भाजपा से राघव लखनपाल फिर से चुनावी मैदान में हैं। अपनी सीट को बचाने की चुनौती उनके सामने है। उनका कड़ा मुकाबला गठबंधन से फजलुर्रहमान से है। टक्कर आमने सामने की है पर इस रण के तीसरे सूरमा कांग्रेस के इमरान मसूद हैं। समीकरण बता रहे हैं कि मसूद भाजपा और गठबंधन के परिणाम को प्रभावित करने की तगड़ी स्थिति में तो हैं पर खुद के जीत की राह पर जाना उनके लिए बेहद दुश्वार है। उधर, मुजफ्फरनगर रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे हैं। सामने भाजपा के संजीव बालियान है। दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अजित सिंह बागपत को छोड़कर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं और एग्जिट पोल तक यहां कांटे की टक्कर और बेहद नजीदीकी मुकाबला बता रहे हैं। कैराना में गठबंधन प्रत्याशी बेगम तब्बसुम और भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस यहां भी वोट काटने की स्थिति में ही रही है। बिजनौर सीट पर मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी मलूक नागर और भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेन्द्र के बीच सीधा है। यहां से नसीमुद्द्दीन सिद्दीकी चुनाव लड़े हैं, पर केवल वोट काटने की स्थिति में ही रहे हैं। मुख्य मुकाबले से बाहर है। बागपत में बीजेपी से वर्तमान सांसद सत्यपाल सिंह और रालोद से जयंत चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गाजियाबाद में मुकाबला जनरल वीके सिंह बनाम सपा के सुरेश बंसल के बीच है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने चुनाव लड़ा है और आमने सामने के दोनों योद्घाओं की हार जीत का परिणाम उन्हें मिले वोटों पर निर्भर करेगा। गौतबुद्घनगर में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा तथा गठबंधन प्रत्याशी सतबीर नागर के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद सिंह चौहान यहां भी वोट काटने की स्थिति में हैं।शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें इन सभी सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा है। यह तो साफ है कि पश्चिमी यूपी की सभी सीटों पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। इन सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। हालांकि इन सीटों में से किसी भी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जीत का वरण करते नहीं दिख रहे हैं पर अधिकतर सीट पर कांग्रेस इस भूमिका में है कि आमने सामने के दिग्गजों का परिणाम प्रभावित कर दे।मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से दो बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल मैदान में उतरे हैं। उनके लिए हैट्रिक लगाने की चुनौती है तो सामने गठबंधन से हाजी याकूब कुरैशी बसपा के चुनाव चिह्न से मैदान में हैं। याकूब का समीकरण दलित मुस्लिम के अलावा अन्य वोटों में सेंध का है तो वहीं भाजपा का अपना बड़ा वोट बैंक है। पिछले चुनाव में राजेंद्र अग्रवाल को सपा बसपा दोनों के प्रत्याशियों के कुल वोटों से भी ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि इस बार राह मुश्किल है। कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल चुनाव लड़ें है पर उन्हें मुकाबले से बाहर ही माना जा रहा है। हालांकि वह वोट काटने की भूमिका में अवश्य हैं और उनके लिए गए वोट परिणाम अवश्य प्रभावित कर सकते हैं। वहीं सहारनपुर में भाजपा से राघव लखनपाल फिर से चुनावी मैदान में हैं। अपनी सीट को बचाने की चुनौती उनके सामने है। उनका कड़ा मुकाबला गठबंधन से फजलुर्रहमान से है। टक्कर आमने सामने की है पर इस रण के तीसरे सूरमा कांग्रेस के इमरान मसूद हैं। समीकरण बता रहे हैं कि मसूद भाजपा और गठबंधन के परिणाम को प्रभावित करने की तगड़ी स्थिति में तो हैं पर खुद के जीत की राह पर जाना उनके लिए बेहद दुश्वार है। उधर, मुजफ्फरनगर रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे हैं। सामने भाजपा के संजीव बालियान है। दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अजित सिंह बागपत को छोड़कर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं और एग्जिट पोल तक यहां कांटे की टक्कर और बेहद नजीदीकी मुकाबला बता रहे हैं। कैराना में गठबंधन प्रत्याशी बेगम तब्बसुम और भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस यहां भी वोट काटने की स्थिति में ही रही है। बिजनौर सीट पर मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी मलूक नागर और भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेन्द्र के बीच सीधा है। यहां से नसीमुद्द्दीन सिद्दीकी चुनाव लड़े हैं, पर केवल वोट काटने की स्थिति में ही रहे हैं। मुख्य मुकाबले से बाहर है। बागपत में बीजेपी से वर्तमान सांसद सत्यपाल सिंह और रालोद से जयंत चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गाजियाबाद में मुकाबला जनरल वीके सिंह बनाम सपा के सुरेश बंसल के बीच है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने चुनाव लड़ा है और आमने सामने के दोनों योद्घाओं की हार जीत का परिणाम उन्हें मिले वोटों पर निर्भर करेगा। गौतबुद्घनगर में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा तथा गठबंधन प्रत्याशी सतबीर नागर के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद सिंह चौहान यहां भी वोट काटने की स्थिति में हैं।शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें.
इन सभी सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा है। यह तो साफ है कि पश्चिमी यूपी की सभी सीटों पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। इन सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। हालांकि इन सीटों में से किसी भी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जीत का वरण करते नहीं दिख रहे हैं पर अधिकतर सीट पर कांग्रेस इस भूमिका में है कि आमने सामने के दिग्गजों का परिणाम प्रभावित कर दे। मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से दो बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल मैदान में उतरे हैं। उनके लिए हैट्रिक लगाने की चुनौती है तो सामने गठबंधन से हाजी याकूब कुरैशी बसपा के चुनाव चिह्न से मैदान में हैं। याकूब का समीकरण दलित मुस्लिम के अलावा अन्य वोटों में सेंध का है तो वहीं भाजपा का अपना बड़ा वोट बैंक है। पिछले चुनाव में राजेंद्र अग्रवाल को सपा बसपा दोनों के प्रत्याशियों के कुल वोटों से भी ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि इस बार राह मुश्किल है। कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल चुनाव लड़ें है पर उन्हें मुकाबले से बाहर ही माना जा रहा है। हालांकि वह वोट काटने की भूमिका में अवश्य हैं और उनके लिए गए वोट परिणाम अवश्य प्रभावित कर सकते हैं। वहीं सहारनपुर में भाजपा से राघव लखनपाल फिर से चुनावी मैदान में हैं। अपनी सीट को बचाने की चुनौती उनके सामने है। उनका कड़ा मुकाबला गठबंधन से फजलुर्रहमान से है। टक्कर आमने सामने की है पर इस रण के तीसरे सूरमा कांग्रेस के इमरान मसूद हैं। समीकरण बता रहे हैं कि मसूद भाजपा और गठबंधन के परिणाम को प्रभावित करने की तगड़ी स्थिति में तो हैं पर खुद के जीत की राह पर जाना उनके लिए बेहद दुश्वार है। उधर, मुजफ्फरनगर रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे हैं। सामने भाजपा के संजीव बालियान है। दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अजित सिंह बागपत को छोड़कर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं और एग्जिट पोल तक यहां कांटे की टक्कर और बेहद नजीदीकी मुकाबला बता रहे हैं। कैराना में गठबंधन प्रत्याशी बेगम तब्बसुम और भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस यहां भी वोट काटने की स्थिति में ही रही है। बिजनौर सीट पर मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी मलूक नागर और भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेन्द्र के बीच सीधा है। यहां से नसीमुद्द्दीन सिद्दीकी चुनाव लड़े हैं, पर केवल वोट काटने की स्थिति में ही रहे हैं। मुख्य मुकाबले से बाहर है। बागपत में बीजेपी से वर्तमान सांसद सत्यपाल सिंह और रालोद से जयंत चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गाजियाबाद में मुकाबला जनरल वीके सिंह बनाम सपा के सुरेश बंसल के बीच है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने चुनाव लड़ा है और आमने सामने के दोनों योद्घाओं की हार जीत का परिणाम उन्हें मिले वोटों पर निर्भर करेगा। गौतबुद्घनगर में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा तथा गठबंधन प्रत्याशी सतबीर नागर के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद सिंह चौहान यहां भी वोट काटने की स्थिति में हैं।शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें इन सभी सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा है। यह तो साफ है कि पश्चिमी यूपी की सभी सीटों पर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। इन सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। हालांकि इन सीटों में से किसी भी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जीत का वरण करते नहीं दिख रहे हैं पर अधिकतर सीट पर कांग्रेस इस भूमिका में है कि आमने सामने के दिग्गजों का परिणाम प्रभावित कर दे।मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा की ओर से दो बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल मैदान में उतरे हैं। उनके लिए हैट्रिक लगाने की चुनौती है तो सामने गठबंधन से हाजी याकूब कुरैशी बसपा के चुनाव चिह्न से मैदान में हैं। याकूब का समीकरण दलित मुस्लिम के अलावा अन्य वोटों में सेंध का है तो वहीं भाजपा का अपना बड़ा वोट बैंक है। पिछले चुनाव में राजेंद्र अग्रवाल को सपा बसपा दोनों के प्रत्याशियों के कुल वोटों से भी ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि इस बार राह मुश्किल है। कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल चुनाव लड़ें है पर उन्हें मुकाबले से बाहर ही माना जा रहा है। हालांकि वह वोट काटने की भूमिका में अवश्य हैं और उनके लिए गए वोट परिणाम अवश्य प्रभावित कर सकते हैं। वहीं सहारनपुर में भाजपा से राघव लखनपाल फिर से चुनावी मैदान में हैं। अपनी सीट को बचाने की चुनौती उनके सामने है। उनका कड़ा मुकाबला गठबंधन से फजलुर्रहमान से है। टक्कर आमने सामने की है पर इस रण के तीसरे सूरमा कांग्रेस के इमरान मसूद हैं। समीकरण बता रहे हैं कि मसूद भाजपा और गठबंधन के परिणाम को प्रभावित करने की तगड़ी स्थिति में तो हैं पर खुद के जीत की राह पर जाना उनके लिए बेहद दुश्वार है। उधर, मुजफ्फरनगर रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे हैं। सामने भाजपा के संजीव बालियान है। दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। अजित सिंह बागपत को छोड़कर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं और एग्जिट पोल तक यहां कांटे की टक्कर और बेहद नजीदीकी मुकाबला बता रहे हैं। कैराना में गठबंधन प्रत्याशी बेगम तब्बसुम और भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस यहां भी वोट काटने की स्थिति में ही रही है। बिजनौर सीट पर मुकाबला गठबंधन प्रत्याशी मलूक नागर और भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेन्द्र के बीच सीधा है। यहां से नसीमुद्द्दीन सिद्दीकी चुनाव लड़े हैं, पर केवल वोट काटने की स्थिति में ही रहे हैं। मुख्य मुकाबले से बाहर है। बागपत में बीजेपी से वर्तमान सांसद सत्यपाल सिंह और रालोद से जयंत चौधरी के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गाजियाबाद में मुकाबला जनरल वीके सिंह बनाम सपा के सुरेश बंसल के बीच है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने चुनाव लड़ा है और आमने सामने के दोनों योद्घाओं की हार जीत का परिणाम उन्हें मिले वोटों पर निर्भर करेगा। गौतबुद्घनगर में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा तथा गठबंधन प्रत्याशी सतबीर नागर के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद सिंह चौहान यहां भी वोट काटने की स्थिति में हैं।शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
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