अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है, जिससे शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है, जिसके मद्देनजर भारत ने ऊर्जा संकट और आर्थिक दबाव से निपटने के लिए एक विशेष रणनीति बनाई है। सरकार ने एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने, पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने, खाद की उपलब्धता बनाए रखने और महंगाई पर नियंत्रण रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
ट्रंप का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए साफ कर दिया है, कि पश्चिम एशिया में तनाव फिलहाल अभी जारी रहेगा। ट्रंप द्वारा ईरान युद्ध की समयसीमा न बताए जाने से शेयर में मार्केट में काफी गिरावट आई है। वहीं कच्चे तेल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।होर्मुज संकट अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट बंद। हालांकि वह मित्र देशों के लिए रास्ता खुला होने का दावा कर रहा है, लेकिन होर्मुज बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में भारत ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव से निपटने ने विशेष रणनीति तैयार की है।CCS की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की एक विशेष बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। यह इस मुद्दे पर दूसरी विशेष बैठक थी।तेल और गैस में विविधता ला रही सरकार पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। एलपीजी और एलएनजी अब अलग-अलग देशों से मंगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी के दाम अभी स्थिर हैं और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए नियमित कार्रवाई की जा रही है।PNG पर फोकस पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। गर्मियों में बिजली की कमी न हो, इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को कुछ छूट दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक ज्यादा कोयला पहुंचाने के लिए कदम उठाए गए हैं।खाद की उपलब्धता के लिए यूरिया पर फोकस कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अन्य क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों से निपटने के उपायों पर सरकार चर्चा कर रही है। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखा जा रहा है और डीएपी/एनपीके खाद के लिए विदेशों से समन्वय किया जा रहा है। राज्यों से कहा गया है कि वे खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से नजर रखें।महंगाई को लेकर सरकार अलर्ट पिछले एक महीने में खाने-पीने की चीजों की कीमतें स्थिर रही हैं। कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और राज्यों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। सब्जियों, फलों और अन्य कृषि उत्पादों के दामों पर भी नजर रखी जा रही है।कूटनीतिक प्रयासों पर जोर ऊर्जा, खाद और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए वैश्विक स्तर पर नए स्रोत तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। भारत ने कूटनीति के जरिए ही होर्मुज से अपने कई एलपीजी और क्रूड ऑयल के टैंकर निकलवाए हैं।.
ट्रंप का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए साफ कर दिया है, कि पश्चिम एशिया में तनाव फिलहाल अभी जारी रहेगा। ट्रंप द्वारा ईरान युद्ध की समयसीमा न बताए जाने से शेयर में मार्केट में काफी गिरावट आई है। वहीं कच्चे तेल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।होर्मुज संकट अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट बंद। हालांकि वह मित्र देशों के लिए रास्ता खुला होने का दावा कर रहा है, लेकिन होर्मुज बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में भारत ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव से निपटने ने विशेष रणनीति तैयार की है।CCS की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की एक विशेष बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। यह इस मुद्दे पर दूसरी विशेष बैठक थी।तेल और गैस में विविधता ला रही सरकार पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। एलपीजी और एलएनजी अब अलग-अलग देशों से मंगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी के दाम अभी स्थिर हैं और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए नियमित कार्रवाई की जा रही है।PNG पर फोकस पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। गर्मियों में बिजली की कमी न हो, इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को कुछ छूट दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक ज्यादा कोयला पहुंचाने के लिए कदम उठाए गए हैं।खाद की उपलब्धता के लिए यूरिया पर फोकस कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे अन्य क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों से निपटने के उपायों पर सरकार चर्चा कर रही है। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यूरिया उत्पादन जारी रखा जा रहा है और डीएपी/एनपीके खाद के लिए विदेशों से समन्वय किया जा रहा है। राज्यों से कहा गया है कि वे खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से नजर रखें।महंगाई को लेकर सरकार अलर्ट पिछले एक महीने में खाने-पीने की चीजों की कीमतें स्थिर रही हैं। कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और राज्यों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। सब्जियों, फलों और अन्य कृषि उत्पादों के दामों पर भी नजर रखी जा रही है।कूटनीतिक प्रयासों पर जोर ऊर्जा, खाद और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए वैश्विक स्तर पर नए स्रोत तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। भारत ने कूटनीति के जरिए ही होर्मुज से अपने कई एलपीजी और क्रूड ऑयल के टैंकर निकलवाए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पश्चिम एशिया भारत ऊर्जा संकट अर्थव्यवस्था
