गेहूं छोड़.....इस मेडिसिनल प्लांट की खेती से हो रही तगड़ी कमाई, 1 एकड़ में 80 लीटर तेल, किसान हो रहें मालाम...

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गेहूं छोड़.....इस मेडिसिनल प्लांट की खेती से हो रही तगड़ी कमाई, 1 एकड़ में 80 लीटर तेल, किसान हो रहें मालाम...
मेंथा की खेतीMentha Oil Productionमेंथा तेल उत्पादन
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Mentha Farming: गया जिले के फतेहपुर गांव में 6 एकड़ बंजर भूमि पर मेंथा की खेती हो रही है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ 60 हजार रुपये से अधिक की बचत हो सकती है.

बिहार के गया जिले में कृषि योग्य बंजर भूमि पर बड़े पैमाने पर मेंथा की खेती की जा रही है. जिले के बांके बाजार प्रखंड क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव में तकरीबन 6 एकड़ से अधिक कृषि योग्य बंजर भूमि में मेंथा की खेती की जा रही है.

इसकी खेती से किसानों को यह फायदा है कि 1 एकड़ में मेंथा की खेती से तकरीबन 70-80 लीटर तेल निकलेगा, जिसका मार्केट प्राइस 1000 से लेकर 1500 रुपए प्रति लीटर है. यानी कि 1 एकड़ की खेती से लागत काटकर 60 हजार रुपये से अधिक की बचत की जा सकती है. मेंथा से तेल निकालने के लिए बांके बाजार के बिहरगाईं पूर्णाडीह गांव में प्रोसेसिंग यूनिट लगाया गया है ताकि क्षेत्र के किसान इस प्रोसेसिंग यूनिट से तेल निकाल सके. मेंथा एक औषधीय पौधा है और इसके तेल का इस्तेमाल विभिन्न औषधियों में उपयोग होता है. विशुनपुर गांव के रहने वाले युवा किसान सुदामा कुमार वर्मा ने मार्च में मेंथा का नर्सरी तैयार किया और पौधे तैयार होने पर इसे खेतों में रोपाई की गई. मेंथा की खेती में लगभग 3 से 4 महीने का समय लगता है और इससे किसानों को अच्छी आमदनी की उम्मीद है. किसान सुदामा वर्मा ने लीज पर जमीन लेकर पहली बार मेंथा की खेती की है. इससे पूर्व बेबी कॉर्न, स्वीट कॉर्न की सफल खेती कर चूके हैं. अब युवा किसान मेंथा की खेती में अलग पहचान बनाने के लिए फतेहपुर गांव में पहाड़ी के नीचे वाले जमीन पर इसे लगाया है. कुछ साल पहले इस खेती को जिले के अन्य जगहों पर देखा था, बस तब से ही इनके मन में विचार चल रहा था कि मेंथा की खेती करना है. इस साल 4 एस संस्था के रजनी भूषण और मशरुम किसान राजेश कुमार सिंह के सहयोग से मेंथा की खेती की है. किसान सुदामा कुमार ने लोकल 18 को बताया कि मेंथा की खेती गेहूं की तुलना में काफी अधिक मुनाफा देता है. एक कट्ठा में गेहूं से अधिकतम 500 तक की कमाई होती है जबकि मेंथा की खेती में प्रतिकट्ठा दो से तीन लीटर तक तेल निकलता है और बाजार में इसकी कीमत लगभग 1500 रुपए प्रति किलो है. यानी प्रति कट्ठा 2-3 हजार रुपए की आमदनी होती है. उन्होंने बताया कि इसके जड़ को पटना के पालीगंज से मंगवाया था और मार्च के महीने में इसे लगाया था. सुदामा बताते हैं कि मेंथा की खेती में प्रति कट्ठा अधिकतम 1000 की लागत आती है. वहीं मुनाफा की बात करें तो 2-3 हजार रुपए तक का मुनाफा की उम्मीद है. उन्होंने उम्मीद जताया है कि आने वाले दिनों में मेंथा की खेती किसानों की आमदनी को दोगुनी कर सकती है. तेल निकालने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाया गया है, जिससे अब इस क्षेत्र के किसानों को मेंथा की खेती में कोई परेशानी नहीं है. सबसे बड़ी बात है कि इस फसल को जानवर भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं.

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