मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे के लिए हाई कोर्ट ने एएसआई को आठ सप्ताह का और समय दे दिया है। भोजशाला मामले को लेकर हाई कोर्ट में चार अलग-अलग याचिकाओं पर सोमवार को एक साथ सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से प्रस्तुत उस...
जेएनएन, इंदौर। मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे के लिए हाई कोर्ट ने एएसआई को आठ सप्ताह का और समय दे दिया है। भोजशाला मामले को लेकर हाई कोर्ट में चार अलग-अलग याचिकाओं पर सोमवार को एक साथ सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से प्रस्तुत उस आवेदन को निरस्त कर दिया, जिसमें सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान स्थिति में इस आवेदन का कोई मतलब नहीं है। कोर्ट ने एएसआई को यह निर्देश दिया कि चार जुलाई से पहले सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाए। अब तक 38 दिन का सर्वे रविवार को पूरा हुआ बता दें, हाई कोर्ट के 11 मार्च के आदेश के तहत छह सप्ताह यानी 42 दिन के सर्वे में से अब तक 38 दिन का सर्वे रविवार को पूरा हो चुका है। हिंदू पक्ष सर्वे का समय बढ़ाने की मांग कर रहा था। इसके बाद एएसआई ने कोर्ट में आवेदन देकर सर्वे के लिए आठ सप्ताह का और समय मांगा था। आपको सर्वे के लिए आठ सप्ताह का समय और क्यों चाहिए? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एएसआई के वकील हिमांशु जोशी से पूछा कि सर्वे अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ और आपको सर्वे के लिए आठ सप्ताह का समय और क्यों चाहिए? इस पर जोशी ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार वर्तमान ढांचे को सुरक्षित रखते हुए सर्वे किया जा रहा है। यह अत्यंत धीमी प्रक्रिया है। सर्वे में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार का इस्तेमाल सर्वे में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार इस्तेमाल की जानी है। इसके लिए नेशनल ज्योग्राफिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से संपर्क किया गया है। जीपीआर मशीन 26 अप्रैल को ही पहुंची है। इसके बाद अब सर्वे आगे बढ़ेगा। कोर्ट ने एएसआई के आवेदन को स्वीकारते हुए सर्वे पूरा करने के लिए आठ सप्ताह का समय दे दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हम इसके आगे सर्वे के लिए अतिरिक्त समय नहीं देंगे। तीन माह का समय किसी भी सर्वे को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है। नई जानकारियां सामने आ रहीं एएसआई की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सर्वे जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। सर्वे का लगभग 50 प्रतिशत काम हो चुका है। जीपीआर आने के बाद खोदाई के काम में तेजी आएगी। पश्चिमी दिशा में खोदाई जारी सोमवार को 39वें दिन भी एएसआइ की टीम ने सर्वे के तहत पश्चिम दिशा में खोदाई कार्य किया। जबकि अन्य दिशा में समतल करने और मिट्टी हटाने का कार्य हुआ। भीतरी क्षेत्र में खोदाई के लिए छह प्रमुख स्थान तय किए गए थे। सोमवार को इन स्थानों पर कार्य हुआ है। यहां पर चार दीवारें निकली हैं। टीम अब इस क्षेत्र पर विशेष रूप से फोकस कर रही है। ये भी पढ़ें: Jabalpur Crime: जबलपुर में भाजपा नेता को चाकुओं से गोदा, पुरानी रंजिश बनी जानलेवा हमले की जड़; तीन गिरफ्तार.
जेएनएन, इंदौर। मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे के लिए हाई कोर्ट ने एएसआई को आठ सप्ताह का और समय दे दिया है। भोजशाला मामले को लेकर हाई कोर्ट में चार अलग-अलग याचिकाओं पर सोमवार को एक साथ सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से प्रस्तुत उस आवेदन को निरस्त कर दिया, जिसमें सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान स्थिति में इस आवेदन का कोई मतलब नहीं है। कोर्ट ने एएसआई को यह निर्देश दिया कि चार जुलाई से पहले सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाए। अब तक 38 दिन का सर्वे रविवार को पूरा हुआ बता दें, हाई कोर्ट के 11 मार्च के आदेश के तहत छह सप्ताह यानी 42 दिन के सर्वे में से अब तक 38 दिन का सर्वे रविवार को पूरा हो चुका है। हिंदू पक्ष सर्वे का समय बढ़ाने की मांग कर रहा था। इसके बाद एएसआई ने कोर्ट में आवेदन देकर सर्वे के लिए आठ सप्ताह का और समय मांगा था। आपको सर्वे के लिए आठ सप्ताह का समय और क्यों चाहिए? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एएसआई के वकील हिमांशु जोशी से पूछा कि सर्वे अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ और आपको सर्वे के लिए आठ सप्ताह का समय और क्यों चाहिए? इस पर जोशी ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार वर्तमान ढांचे को सुरक्षित रखते हुए सर्वे किया जा रहा है। यह अत्यंत धीमी प्रक्रिया है। सर्वे में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार का इस्तेमाल सर्वे में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार इस्तेमाल की जानी है। इसके लिए नेशनल ज्योग्राफिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से संपर्क किया गया है। जीपीआर मशीन 26 अप्रैल को ही पहुंची है। इसके बाद अब सर्वे आगे बढ़ेगा। कोर्ट ने एएसआई के आवेदन को स्वीकारते हुए सर्वे पूरा करने के लिए आठ सप्ताह का समय दे दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हम इसके आगे सर्वे के लिए अतिरिक्त समय नहीं देंगे। तीन माह का समय किसी भी सर्वे को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है। नई जानकारियां सामने आ रहीं एएसआई की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि सर्वे जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। सर्वे का लगभग 50 प्रतिशत काम हो चुका है। जीपीआर आने के बाद खोदाई के काम में तेजी आएगी। पश्चिमी दिशा में खोदाई जारी सोमवार को 39वें दिन भी एएसआइ की टीम ने सर्वे के तहत पश्चिम दिशा में खोदाई कार्य किया। जबकि अन्य दिशा में समतल करने और मिट्टी हटाने का कार्य हुआ। भीतरी क्षेत्र में खोदाई के लिए छह प्रमुख स्थान तय किए गए थे। सोमवार को इन स्थानों पर कार्य हुआ है। यहां पर चार दीवारें निकली हैं। टीम अब इस क्षेत्र पर विशेष रूप से फोकस कर रही है। ये भी पढ़ें: Jabalpur Crime: जबलपुर में भाजपा नेता को चाकुओं से गोदा, पुरानी रंजिश बनी जानलेवा हमले की जड़; तीन गिरफ्तार
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