आज का इतिहास: ऑर्गन डोनेशन डे आज: देश में हर साल 5 लाख लोगों की मौत समय पर ऑर्गन नहीं मिलने की वजह से होती है TodayInHistory OrganDonationDay
1784: ब्रिटेन की संसद ने पारित किया था पिट्स इंडिया एक्ट आज ही के दिन 1784 में ब्रिटिश संसद ने पिट्स इंडिया एक्ट पारित किया था। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी एक्ट भी कहा जाता है। इस एक्ट के पारित होने के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन सीधे ब्रिटेन के हाथों में चला गया। दरअसल ईस्ट इंडिया कंपनी बंगाल में मनमाना शासन कर रही थी। ब्रिटेन को लगने लगा कि कंपनी के कामकाज को नियंत्रित करने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट लाया गया। इस एक्ट को लाने का मकसद कंपनी के हाथों से राजनीतिक शक्तियों को छीनकर भारत में प्रशासनिक ढांचे की स्थापना के लिए कदम उठाना था। इस एक्ट के पारित होने के बाद बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बना दिया गया। बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स बने। बॉम्बे और मद्रास के गवर्नर भी बंगाल गवर्नर के अधीन आ गए। उनकी मदद के लिए चार सदस्यों की एक एग्जीक्यूटिव काउंसिल का गठन किया गया।जल्द ही रेगुलेटिंग एक्ट की कमियां सामने आने लगीं। गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स और काउंसिल के बीच कई मुद्दों पर विवाद होने लगा। साथ ही यह भी साफ नहीं था कि वे भारतीय कानून को मानें या ब्रिटिश कानून को। इन सभी कमियों की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन ने पिट्स इंडिया एक्ट को पारित किया। इसका नाम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर रखा गया था। इस अधिनियम द्वारा ब्रिटेन में बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई, जिसके जरिए ब्रिटिश सरकार भारत में कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व सम्बन्धी मामलों पर पूरा नियंत्रण रखती थी। व्यापारिक मामलों पर ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार बना रहा। इस तरह से भारत में डुअल गवर्नेंस सिस्टम की स्थापना हुई।नासा ने आज ही के दिन 1960 में इको-1 सैटेलाइट को लॉन्च किया था। ये दुनिया का पहला टू-वे कम्युनिकेशन सैटेलाइट था। जुलाई 1958 में बेल लेबोरेटरीज के इंजीनियर जॉन पीयर्स ने पेसिव रिले सैटेलाइट के बारे में दुनिया को बताया। उनका कहना था कि किसी रिफ्लेक्टिव लेवल से इलेक्ट्रिक सिग्नल को टकराकर एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है। अक्टूबर 1958 में पीयर्स ने रुडोल्फ कॉम्फनर के साथ मिलकर एक बैलून सैटेलाइट पर काम शुरू किया। इसी साल अमेरिका ने नासा की भी स्थापना की थी। नासा को अपना पहला प्रोजेक्ट ही एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाने का मिला। इस पूरे प्रोजेक्ट को इको नाम दिया गया।नासा ने 12 अगस्त 1960 को 68 किलो वजनी इस सैटेलाइट को आकाश में छोड़ा। अगले दिन सैटेलाइट के जरिए पहली बार कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी के बीच सिग्नल ट्रांसमिट कर बातचीत की गई। ये सैटेलाइट से हुआ दुनिया का पहला टू-वे कम्युनिकेशन था।अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स ने रियो ओलिंपिक में 23वां गोल्ड जीतकर संन्यास की घोषणा की।आयरलैंड में 3 साल के बच्चे का लंग और हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। उस समय ये सबसे कम उम्र का ट्रांसप्लांट था। अगले ही साल एक 30 महीने के बच्चे का भी ट्रांसप्लांट किया गया था।क्यूबा के नेता फिदेल कास्त्रो का जन्म हुआ।.
1784: ब्रिटेन की संसद ने पारित किया था पिट्स इंडिया एक्ट आज ही के दिन 1784 में ब्रिटिश संसद ने पिट्स इंडिया एक्ट पारित किया था। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी एक्ट भी कहा जाता है। इस एक्ट के पारित होने के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन सीधे ब्रिटेन के हाथों में चला गया। दरअसल ईस्ट इंडिया कंपनी बंगाल में मनमाना शासन कर रही थी। ब्रिटेन को लगने लगा कि कंपनी के कामकाज को नियंत्रित करने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट लाया गया। इस एक्ट को लाने का मकसद कंपनी के हाथों से राजनीतिक शक्तियों को छीनकर भारत में प्रशासनिक ढांचे की स्थापना के लिए कदम उठाना था। इस एक्ट के पारित होने के बाद बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बना दिया गया। बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स बने। बॉम्बे और मद्रास के गवर्नर भी बंगाल गवर्नर के अधीन आ गए। उनकी मदद के लिए चार सदस्यों की एक एग्जीक्यूटिव काउंसिल का गठन किया गया।जल्द ही रेगुलेटिंग एक्ट की कमियां सामने आने लगीं। गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स और काउंसिल के बीच कई मुद्दों पर विवाद होने लगा। साथ ही यह भी साफ नहीं था कि वे भारतीय कानून को मानें या ब्रिटिश कानून को। इन सभी कमियों की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन ने पिट्स इंडिया एक्ट को पारित किया। इसका नाम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विलियम पिट के नाम पर रखा गया था। इस अधिनियम द्वारा ब्रिटेन में बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई, जिसके जरिए ब्रिटिश सरकार भारत में कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व सम्बन्धी मामलों पर पूरा नियंत्रण रखती थी। व्यापारिक मामलों पर ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार बना रहा। इस तरह से भारत में डुअल गवर्नेंस सिस्टम की स्थापना हुई।नासा ने आज ही के दिन 1960 में इको-1 सैटेलाइट को लॉन्च किया था। ये दुनिया का पहला टू-वे कम्युनिकेशन सैटेलाइट था। जुलाई 1958 में बेल लेबोरेटरीज के इंजीनियर जॉन पीयर्स ने पेसिव रिले सैटेलाइट के बारे में दुनिया को बताया। उनका कहना था कि किसी रिफ्लेक्टिव लेवल से इलेक्ट्रिक सिग्नल को टकराकर एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है। अक्टूबर 1958 में पीयर्स ने रुडोल्फ कॉम्फनर के साथ मिलकर एक बैलून सैटेलाइट पर काम शुरू किया। इसी साल अमेरिका ने नासा की भी स्थापना की थी। नासा को अपना पहला प्रोजेक्ट ही एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाने का मिला। इस पूरे प्रोजेक्ट को इको नाम दिया गया।नासा ने 12 अगस्त 1960 को 68 किलो वजनी इस सैटेलाइट को आकाश में छोड़ा। अगले दिन सैटेलाइट के जरिए पहली बार कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी के बीच सिग्नल ट्रांसमिट कर बातचीत की गई। ये सैटेलाइट से हुआ दुनिया का पहला टू-वे कम्युनिकेशन था।अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स ने रियो ओलिंपिक में 23वां गोल्ड जीतकर संन्यास की घोषणा की।आयरलैंड में 3 साल के बच्चे का लंग और हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। उस समय ये सबसे कम उम्र का ट्रांसप्लांट था। अगले ही साल एक 30 महीने के बच्चे का भी ट्रांसप्लांट किया गया था।क्यूबा के नेता फिदेल कास्त्रो का जन्म हुआ।
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