CAT Success Story: कैट परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. कई सालों की कोचिंग और कठिन मेहनत के बाद भी इसे पास कर पाना आसान नहीं है. लेकिन एसी मैकेनिक के बेटे रजिन मंसूरी ने इसी परीक्षा को 2 बार पास किया.
नई दिल्ली . सपने देखना जितना आसान है, उन्हें पूरा कर पाना उतना ही मुश्किल. परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो तो परेशानियां भी बढ़ जाती हैं. लेकिन इरादे मजबूत हों तो व्यक्ति मंजिल तक पहुंच ही जाता है. रजिन मंसूरी अहमदाबाद के पालडी में स्थित कोचरब के रहने वाले हैं.
उनके पिता घर-घर जाकर एसी रिपेयर करते हैं. इससे घर की आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. रजिन अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ 1 बेडरूम वाले घर में रहते हैं. एसी मैकेनिक के तौर पर रजिन मंसूरी के पिता महीने में करीब 25 हजार रुपये कमाते हैं. पूरा परिवार उतने में ही गुजारा करता था. रजिन मंसूरी ने आर्थिक संघर्षों से जूझते हुए अपनी कहानी खुद लिखी. अपने परिवार को इस तंगहाली से निकालने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की और 2 बार कैट परीक्षा पास कर ली. उनके लिए यह सफर आसान नहीं रहा होगा. उनके पास कोचिंग का बजट नहीं था और इसीलिए वह पूरी तरह से सेल्फ स्टडी पर निर्भर थे. रजिन मंसूरी की सक्सेस स्टोरी हर परीक्षार्थी के लिए मोटिवेशन है. शिक्षा को बना लिया हथियार पिता की 25 हजार की कमाई से न सिर्फ घर की जरूरतें पूरी की जा रही थीं, बल्कि दोनों भाइयों को बेहतरीन शिक्षा देने की कोशिश भी की जा रही थी. रजिन मंसूरी के लिए शिक्षा ही आर्थिक संघर्षों के खिलाफ एकमात्र हथियार बन गई थी. अपनी मेहनत और परिवार के त्याग के दम पर रजिन मंसूरी दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर रहे हैं. उनकी उम्र 24 साल है और वह नौकरी के 5 महीने बाद भी अनुशासन और सपनों से भरी अपनी यात्रा को याद करते हैं. ऐसी यात्रा जो कभी किसी परिस्थिति के आगे झुकी नहीं. 2 बार कैट पास कर पहुंचे आईआईएम रजिन मंसूरी का सफर आसान नहीं था. पढ़ाई में होशियार होने की वजह से स्कॉलरशिप तो मिलती रही लेकिन कोचिंग के बिना पढ़ाई करना किसी चुनौती से कम नहीं था. अहमदाबाद यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के बाद रजिन मंसूरी ने 2021 में कॉमन एडमिशन टेस्ट में 96.2 पर्सेंटाइल स्कोर किए. इससे उन्हें आईआईएम उदयपुर में सीट मिल रही थी. लेकिन वह संतुष्ट नहीं थे. 1 साल बाद उन्होंने फिर से कैट परीक्षा दी. इस बार उनकी मेहनत रंग लाई. 99.78 पर्सेंटाइल के साथ उन्हें IIM कोलकाता में एडमिशन मिल गया. लोन लेकर किया एमबीए रजिन मंसूरी को आईआईएम बेंगलुरु से भी ऑफर मिला था. लेकिन उन्होंने आईआईएम कोलकाता से एमबीए करना चुना. IIM कोलकाता में एमबीए की फीस 27 लाख रुपये थी. उन्हें संस्थान से आंशिक स्कॉलरशिप मिली और बाकी की फीस के लिए लोन ले लिया. IIM कोलकाता में एडमिशन पाना और वहां से डिग्री लेना उनकी अब तक की मेहनत का प्रमाण था. आईआईएम कोलकाता में रजिन ने कोर्सवर्क से ज्यादा प्रैक्टिकल वर्क पर फोकस किया. वह विभिन्न एक्टिविटीज में शामिल होते रहे, प्लेसमेंट रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर भी काम किया. पिता के क्लाइंट्स तक को किया गाइड रजिन कहते हैं- आप अपने साथियों से उतना ही सीखते हैं, जितना प्रोफेसर्स से. मैंने अद्भुत लोगों से मुलाकात की और कई शानदार अवसरों की खोज की. प्लेसमेंट टीम में होना सीखने का अनोखा अनुभव था. कैट को दो बार क्रैक करने की उनकी कहानी वायरल हो गई थी. उसके बाद कई उम्मीदवारों और यहां तक कि उनके पिता के क्लाइंट्स भी सलाह के लिए उनसे संपर्क करते थे. उनमें से कइयों से की गई दोस्ती आज भी जारी है. तब रजिन के माता-पिता को विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्हें IIM में एडमिशन मिल गया है. यह भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजर आ रहा भारतीय छात्र कौन है? पिता थे JEE टॉपर
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