Success Story: बिहार के पूर्वी चंपारण की संजू देवी की कहानी संघर्ष और स्वाभिमान की अनूठी मिसाल है. पति के छोड़ने और अपनों के मुंह मोड़ने के बाद दो बच्चों के साथ संजू ने ₹100 की दिहाड़ी से सफर शुरू किया. आज वे बिना किसी स्टाफ के अकेले अपना प्रसिद्ध ढाबा चला रही हैं. जानिए कैसे एक मां की ममता और मेहनत ने समाज की बेरुखी को सफलता में बदल दिया.
आदित्य गौरव/पूर्वी चंपारणः कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों तो वक्त की हर ठोकर इंसान को और मजबूत बना देती है. पूर्वी चंपारण की संजू देवी की कहानी कुछ ऐसी ही है. जिस महिला को समाज ने बेसहारा समझकर छोड़ दिया था.
आज वही महिला अपने दम पर एक सफल ढाबा चलाकर न केवल अपने बच्चों का भविष्य संवार रही हैं. बल्कि आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं. शादी के बाद टूटा सपनों का महल संजू देवी का जीवन तब अंधकारमय हो गया जब शादी के कुछ साल बाद ही उनके पति ने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया. न ससुराल से सहारा मिला और न ही मायके से कोई मदद. दो छोटे-छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और पेट भरने की चुनौती के बीच संजू देवी ने हार नहीं मानी. कम पढ़ी-लिखी होने के कारण अच्छी नौकरी मिलना नामुमकिन था. पक उनके पास एक हुनर था बेहतरीन खाना बनाने की कला. 100 रुपये की दिहाड़ी से संघर्ष की शुरुआत शुरुआती दिनों में संजू देवी ने एक हॉस्टल में महज 100 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर खाना बनाने का काम शुरू किया. सुबह से लेकर रात 10 बजे तक की हाड़-तोड़ मेहनत के बाद भी मिलने वाली राशि बच्चों की परवरिश के लिए नाकाफी थी. यहीं से उनके मन में खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया. समाज के कुछ नेक लोगों की मदद और कर्ज के सहारे उन्होंने अपना छोटा सा ढाबा खोला. 10 सालों से अकेले संभाल रही हैं कमान संजू देवी के ढाबे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पिछले 10 वर्षों से वे बिना किसी स्टाफ के इसे अकेले चला रही हैं. उनके यहां शाकाहारी और मांसाहारी शुद्ध भोजन मिलता है. स्वाद और गुणवत्ता का आलम यह है कि वे खाने में खास कतरनी चावल और तीन तरह की दालों का उपयोग करती हैं. यही शुद्धता उनके ढाबे की पहचान बन गई है. खाकी से लेकर खास तक, सब हैं इनके मुरीद आज संजू देवी के ढाबे पर पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी और अस्पताल का स्टाफ नियमित रूप से भोजन करने आता है. उनकी सेवा भावना ऐसी है कि आधी रात को भी कोई जरूरतमंद आए, तो वह भूखा नहीं लौटता. बच्चों को अफसर बनाना लक्ष्य संजू देवी का कहना है कि उनकी दिन-रात की इस मेहनत का एकमात्र उद्देश्य अपने दोनों बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा अफसर बनाना है. उनकी यह कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक संदेश है जो विपरीत परिस्थितियों में खुद को असहाय महसूस करती हैं.
संजू देवी Dhaba Business ढाबा व्यवसाय Sanju Devi East Champaran Success Story Woman Entrepreneur Bihar East Champaran Dhaba Success Women Empowerment Bihar मोतिहारी संजू देवी कहानी पूर्वी चंपारण संजू देवी सक्सेस स्टोरी
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Success Story: 3 एकड़ में 400000 का मुनाफा! अररिया के किसान रवींद्र ने किया कमाल, केले की खेती में सालाना क...Araria Success Story: अररिया के किसान रविन्द्र सिंह ने 3 एकड़ पर G-9 केला उगाकर 4 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं. वह खेती को प्राकृतिक तरीके से करते हैं. इस खेती में लागत कम और मुनाफा अधिक होता है. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में.
Read more »
Success Story: 50000 लोन ने बदल दी ममता की जिंदगी... आज दुकान में है 800000 का स्टॉक, पुरुषों के इस धंधे मे...Success Story: सीतामढ़ी की ममता देवी ने बैरगनिया में 'ममता कुमारी ऑटो एक्सेसरीज' से परिवार की माली हालत सुधार ली है. जीविका समूह से जुड़कर 50000 लोन लेकर उन्होंने खुद की दुकान खोली थी.आज वह महीने में लगभग अब 50-60 हजार की कमाई कर लेती हैं.
Read more »
Success Story: 50000 लोन ने बदल दी ममता की जिंदगी... आज दुकान में है 800000 का स्टॉक, पुरुषों के इस धंधे मे...Success Story: सीतामढ़ी की ममता देवी ने बैरगनिया में 'ममता कुमारी ऑटो एक्सेसरीज' से परिवार की माली हालत सुधार ली है. जीविका समूह से जुड़कर 50000 लोन लेकर उन्होंने खुद की दुकान खोली थी.आज वह महीने में लगभग अब 50-60 हजार की कमाई कर लेती हैं.
Read more »
65 की उम्र में पटना की देवनी देवी का जलवा, टिफिन सर्विस से खड़ा किया 2.5 करोड़ का साम्राज्यDevni Devi Success Story: पटना की देवनी देवी, अपने स्वाद से सबको दीवाना बना रही हैं। उनकी किचन से अब हर दिन 350 डिफिन का ऑर्डर लोगों के पास पहुंचाया जाता है।
Read more »
Success Story: बीएचयू से पढ़ाई, छोड़ दी 5 करोड़ की नौकरी, आज 68,000 करोड़ वाले बैंक के बॉसकेवीएस मणियन किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वह सितंबर 2024 से फेडरल बैंक के एमडी और सीईओ हैं। इसके पहले उन्होंने एक लंबा अरसा कोटक महिंद्रा बैंक में बिताया। जब उन्होंने इस बैंक को छोड़ा था तब वह इसमें ज्वाइंट एमडी थे। उनका पैकेज 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का...
Read more »
Success Story: 6 साल कैंसर से लड़े, 4 सर्जरी हुई, लकवा झेला, फिर भी 38 साल में UPSC क्रैक करके ही माने संजयUPSC Success Story: छत्तीसगढ़ के संजय डहरिया ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतकर UPSC परीक्षा को पास किया। करीब 6 साल तक कैंसर से जूझने और 4 सर्जरी के बाद उन्होंने 2022 में UPSC की तैयारी शुरू की थी और इस बार सफलता हासिल की। उनकी कहानी संघर्ष, साहस और सपनों के पीछे डटे रहने के प्रेरणा देती...
Read more »
