Margashirsha Month 2025: मार्गशीर्ष माह में रोजाना करें इस चालीसा का पाठ, खुल जाएंगे सुख-समृद्धि के द्वार

Margashirsha Month 2025 News

Margashirsha Month 2025: मार्गशीर्ष माह में रोजाना करें इस चालीसा का पाठ, खुल जाएंगे सुख-समृद्धि के द्वार
Aghan Month 2025Lord Krishna PujaTulsi Chalisa Benefits
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 156 sec. here
  • 13 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 97%
  • Publisher: 53%

मार्गशीर्ष माह, जिसे अगहन भी कहते हैं, भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस साल मार्गशीर्ष माह की शुरुआत 6 नवंबर से हुई थी। भगवान श्रीकृष्ण के साथ-साथ इस माह में तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में आप इस माह में रोजाना तुलसी चालीसा का पाठ कर लाभ प्राप्त कर सकते...

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मार्गशीर्ष के महीने में देवी तुलसी की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे साधक को सुख-समृद्धि और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त मिलती है। ऐसे में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए आप रोजाना इस माह में तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और तुलसी चालीसा का पाठ करें। तुलसी चालीसा श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय। जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।। नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी। दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।। विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी। भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।। जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा। करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।। कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा। तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।। कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी। वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।। श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई। कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।। छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी। तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।। औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता, देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।। वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया। नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।। नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी। नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।। नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि। नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।। नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि। जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।। निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ। करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।। शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं। क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।। मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै। जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।। बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा। प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।। चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे। करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।। पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की। यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।। करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं। है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।। तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी। भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।। यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय। गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।। यह भी पढ़ें- Margashirsha Ekadashi 2025 Date: मार्गशीर्ष माह में कब कौन-सी एकादशी है? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त यह भी पढ़ें- Margashirsha Month 2025 : भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय माह है मार्गशीर्ष, इस तरह प्राप्त करें कृपा अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।.

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मार्गशीर्ष के महीने में देवी तुलसी की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे साधक को सुख-समृद्धि और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त मिलती है। ऐसे में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए आप रोजाना इस माह में तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और तुलसी चालीसा का पाठ करें। तुलसी चालीसा श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय। जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय।। नमो नमो तुलसी महारानी, महिमा अमित न जाय बखानी। दियो विष्णु तुमको सनमाना, जग में छायो सुयश महाना।। विष्णुप्रिया जय जयतिभवानि, तिहूँ लोक की हो सुखखानी। भगवत पूजा कर जो कोई, बिना तुम्हारे सफल न होई।। जिन घर तव नहिं होय निवासा, उस पर करहिं विष्णु नहिं बासा। करे सदा जो तव नित सुमिरन, तेहिके काज होय सब पूरन।। कातिक मास महात्म तुम्हारा, ताको जानत सब संसारा। तव पूजन जो करैं कुंवारी, पावै सुन्दर वर सुकुमारी।। कर जो पूजन नितप्रति नारी, सुख सम्पत्ति से होय सुखारी। वृद्धा नारी करै जो पूजन, मिले भक्ति होवै पुलकित मन।। श्रद्धा से पूजै जो कोई, भवनिधि से तर जावै सोई। कथा भागवत यज्ञ करावै, तुम बिन नहीं सफलता पावै।। छायो तब प्रताप जगभारी, ध्यावत तुमहिं सकल चितधारी। तुम्हीं मात यंत्रन तंत्रन, सकल काज सिधि होवै क्षण में।। औषधि रूप आप हो माता, सब जग में तव यश विख्याता, देव रिषी मुनि औ तपधारी, करत सदा तव जय जयकारी।। वेद पुरानन तव यश गाया, महिमा अगम पार नहिं पाया। नमो नमो जै जै सुखकारनि, नमो नमो जै दुखनिवारनि।। नमो नमो सुखसम्पति देनी, नमो नमो अघ काटन छेनी। नमो नमो भक्तन दुःख हरनी, नमो नमो दुष्टन मद छेनी।। नमो नमो भव पार उतारनि, नमो नमो परलोक सुधारनि। नमो नमो निज भक्त उबारनि, नमो नमो जनकाज संवारनि।। नमो नमो जय कुमति नशावनि, नमो नमो सुख उपजावनि। जयति जयति जय तुलसीमाई, ध्याऊँ तुमको शीश नवाई।। निजजन जानि मोहि अपनाओ, बिगड़े कारज आप बनाओ। करूँ विनय मैं मात तुम्हारी, पूरण आशा करहु हमारी।। शरण चरण कर जोरि मनाऊं, निशदिन तेरे ही गुण गाऊं। क्रहु मात यह अब मोपर दाया, निर्मल होय सकल ममकाया।। मंगू मात यह बर दीजै, सकल मनोरथ पूर्ण कीजै। जनूं नहिं कुछ नेम अचारा, छमहु मात अपराध हमारा।। बरह मास करै जो पूजा, ता सम जग में और न दूजा। प्रथमहि गंगाजल मंगवावे, फिर सुन्दर स्नान करावे।। चन्दन अक्षत पुष्प् चढ़ावे, धूप दीप नैवेद्य लगावे। करे आचमन गंगा जल से, ध्यान करे हृदय निर्मल से।। पाठ करे फिर चालीसा की, अस्तुति करे मात तुलसा की। यह विधि पूजा करे हमेशा, ताके तन नहिं रहै क्लेशा।। करै मास कार्तिक का साधन, सोवे नित पवित्र सिध हुई जाहीं। है यह कथा महा सुखदाई, पढ़े सुने सो भव तर जाई।। तुलसी मैया तुम कल्याणी, तुम्हरी महिमा सब जग जानी। भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे, गा गाकर मां तुझे रिझावे।। यह श्रीतुलसी चालीसा पाठ करे जो कोय। गोविन्द सो फल पावही जो मन इच्छा होय।। यह भी पढ़ें- Margashirsha Ekadashi 2025 Date: मार्गशीर्ष माह में कब कौन-सी एकादशी है? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त यह भी पढ़ें- Margashirsha Month 2025: भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय माह है मार्गशीर्ष, इस तरह प्राप्त करें कृपा अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Aghan Month 2025 Lord Krishna Puja Tulsi Chalisa Benefits Hindu Calendar Month Spiritual Significance Religious Practices Devotional Prayers Indian Festivals Hinduism

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Margashirsha Ekadashi 2025 Date: मार्गशीर्ष माह में कब कौन-सी एकादशी है? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्तMargashirsha Ekadashi 2025 Date: मार्गशीर्ष माह में कब कौन-सी एकादशी है? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्तएकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान किया जाता है। इस बार 06 नवंबर से मार्गशीर्ष माह शुरू हो गया है। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इस माह में कौन-सी एकादशी Margashirsha Ekadashi 2025 का व्रत किया...
Read more »

अगहन मास में जीरा खाना क्यों है वर्जित, शास्त्रों में क्या है वर्णित?अगहन मास में जीरा खाना क्यों है वर्जित, शास्त्रों में क्या है वर्णित?Margashirsha Maas Jeera: अगहन मास में जीरा खाना क्यों है वर्जित, खाएंगे तो क्या होगा! शास्त्रों में क्या है वर्णित
Read more »

Bihar election 2025 phase 2 voting : दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55 मतदान, जानें कहां हुई सबसे ज्यादा वोटिंग?Bihar election 2025 phase 2 voting : दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55 मतदान, जानें कहां हुई सबसे ज्यादा वोटिंग?Bihar vidhan sabha chunav 2025 Voting बिहार में 2025 के चुनावों के दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.
Read more »

Margashirsha Amavasya 2025: ये लक्षण पितृ दोष का देते हैं संकेत, इन उपाय से पितरों को करें प्रसन्नMargashirsha Amavasya 2025: ये लक्षण पितृ दोष का देते हैं संकेत, इन उपाय से पितरों को करें प्रसन्नहर महीने में अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि को पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और पितरों की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष अमावस्या Margashirsha Amavasya 2025 के दिन कैसे करें पितरों Pitra Dosh ke Upay को...
Read more »

Bihar election : दूसरे चरण में सुबह 11 बजे तक 31.38 मतदान, गया और किशनगंज में सबसे अधिक उत्साहBihar election : दूसरे चरण में सुबह 11 बजे तक 31.38 मतदान, गया और किशनगंज में सबसे अधिक उत्साहBihar vidhan sabha chunav 2025 Voting बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में सुबह 11 बजे तक 31.
Read more »

Margashirsha Month 2025: मार्गशीर्ष महीने में पूजा के साथ करें ये उपाय, मिलेगा दाेगुना फल और दूर होगी आर्थि...Margashirsha Month 2025: मार्गशीर्ष महीने में पूजा के साथ करें ये उपाय, मिलेगा दाेगुना फल और दूर होगी आर्थि...Margashirsha month 2025: मार्गशीर्ष मास हिंदू पंचांग का नौवां महीना है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित माना गया है. इस महीने में स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है.धर्म विशेषज्ञ चंद्रप्रकाश ढांढण के अनुसार, मार्गशीर्ष माह में श्रीकृष्ण, लड्डू गोपाल या बाबा श्याम की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 09:47:59