अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमलों में AI की मदद से टारगेट चुने, जिससे सुप्रीम लीडर और 40 कमांडर मारे गए. लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने कहा कि क्वांटम, ड्रोन और AI मॉडर्न वॉरफेयर बदल रहे हैं. भारत भी अनमैन्ड सिस्टम और सी ड्रोन पर काम कर रहा है. स्टार्टअप्स को स्केल, प्रोक्योरमेंट सुधार और ऑर्डर की जरूरत है ताकि दोनों सीमाओं पर मजबूती आए.
आज का युद्ध अब पुराने तरीकों से नहीं लड़ा जाता. अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले में AI की मदद से टारगेट चुने और सटीक हमले किए. सुप्रीम लीडर और 40 कमांडरों को निशाना बनाया गया. ऐसे में भारत की सेनाएं और स्टार्टअप्स भी AI, ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम पर तेजी से काम कर रहे हैं.
और पढ़ेंइंडिया टुडे कॉनक्लेव के War’s New Rule Book: Drones, AI and the Tech-Driven Battlefield सेशन में आर्मी ट्रेनिंग कमांड के पूर्व जीओसी-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, सागर डिफेंस के फाउंडर निकुंज पराशर और ड्रोन फेडरेशन इंडिया के प्रेसिडेंट स्मित शाह ने फ्यूचर वॉरफेयर, प्रोक्योरमेंट और स्केल की चुनौतियों पर खुलकर बात की.यह भी पढ़ें: India Today Conclave 2026: पर्यावरण बदलना है तो कई पीढ़ियों से तालमेल बिठाना होगा: मेलाटी विजसेनईरान पर AI आधारित हमले: युद्ध का नया दौरअमेरिका-इजरायल ने ईरान पर ऑपरेशन में AI टूल का इस्तेमाल किया. AI को कमांड देकर टारगेट लोकेशन, प्लानिंग और सटीक हमले तय किए गए. इससे सुप्रीम लीडर और 40 कमांडर मारे गए. मोजतबा खामेनेई पर अस्पताल में दूसरा हमला हुआ. यूक्रेन युद्ध में भी ड्रोन हमले इसी तरह से हो रहे हैं. Advertisement चार रूसी सैनिक चार ड्रोन लेकर बड़े नुकसान पहुंचा देते हैं. आर्टिलरी को अब पीछे भेज दिया गया है. लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला कहते हैं कि क्वांटम, ड्रोन और AI मॉडर्न वॉरफेयर में आ चुके हैं. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में ये सब इस्तेमाल हो रहा है. सटीक और तेज हमले हो रहे हैं.भारत में ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम की शुरुआतभारत की दोनों सीमाओं पर ऐसी तकनीक लगाई जा सकती है. हम शुरू भी कर चुके हैं. सागर डिफेंस इंजीनियरिंग लिमिटेड के फाउंडर निकुंज पराशर ने बताया कि वो प्लास्टिक शीट खरीदकर ड्रोन बोट्स बना रहे थे. खेती से आईटी की ओर आए, फिर इंडस्ट्री छोड़कर नौसेना में मौका देखा. iDEX स्कीम से उन्हें मदद मिली. उनके अनमैन्ड नेवल वेसल ISR के लिए 400 नॉटिकल मील तक जा सकते हैं. निकुंज कहते हैं कि अगर मिलकर काम नहीं करेंगे तो चुनौती बढ़ जाएगी.स्किल और स्केल की जरूरत: ड्रोन इंडस्ट्री की चुनौतियांड्रोन फेडरेशन इंडिया के प्रेसिडेंट स्मित शाह ने कहा कि हमारे पास स्किल और स्केल दोनों हैं, लेकिन स्केल में थोड़ा पीछे हैं. इंडस्ट्री में सर्च कैपेसिटी है, लेकिन ऑर्डर आते हैं तो काम कम हो जाता है. स्केल को इंस्टीट्यूशनल बनाना होगा. अगर 1 लाख लॉयटरिंग म्यूनिशन चाहिए तो कौन सी कंपनियां हैं? Advertisement स्मित कहते हैं कि काउंटर ड्रोन और मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक साथ आ गए हैं. सुदर्शन चक्र पर पीएम मोदी ने बात की. निजी कंपनियां आई हैं और लगातार बदलाव हो रहा है.यह भी पढ़ें: India Today Conclave 2026: AI, सर्विलांस और प्राइवेसी पर Signal की प्रेसिडेंट Meredith Whittaker की बड़ी चेतावनीप्रोक्योरमेंट और HR में बदलाव की जरूरतलेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने प्रोक्योरमेंट पर कहा कि मिलिट्री की HR प्रैक्टिस बदलनी होगी. अनमैन्ड प्लेटफॉर्म बढ़ रहे हैं. और स्टार्टअप्स से आएंगे. यूक्रेन में जनरल टेक जायंट हैं. कटिंग-एज टेक्नोलॉजी चाहिए. सर्जिकल डिरेगुलेशन और एल1 बीमारी खत्म करनी होगी. प्रोक्योरमेंट ब्यूरोक्रेसी हटानी होगी. AMCA फाइटर जेट के डिजाइन में समय लगा. स्टार्टअप्स को ऑर्डर मिलना जरूरी है.समुद्री ड्रोन और भविष्य का युद्धनिकुंज पराशर ने सी ड्रोन पर कहा कि भारत की बहुत बड़ी समुद्री सीमा है. एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत रहेंगे, लेकिन वहीं से समुद्री ड्रोन बोट लॉन्च होंगे. सुदर्शन चक्र भी इसी तरह का है. लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने फ्यूचर वॉरफेयर पर कहा कि पूरी तरह ऑटोनॉमस जंग नहीं होगी. प्लेटफॉर्म हमेशा रहेंगे. जंग में खून बहेगा ही. ऑटोनॉमी पायलेटेड प्लेन की मदद करेगी. सस्ते ड्रोन महंगे मिसाइल गिरा रहे हैं. हम एआई युग में आ चुके हैं. Advertisement भारत AI, ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम में तेजी से आगे बढ़ रहा है. स्टार्टअप्स, नौसेना और सेना मिलकर काम कर रही है. लेकिन स्केल, प्रोक्योरमेंट में सुधार और स्टार्टअप्स को ऑर्डर मिलना जरूरी है. लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, निकुंज पराशर और स्मित शाह की बातें बताती हैं कि आधुनिक युद्ध में तकनीक सबसे बड़ा हथियार है. भारत अगर सही दिशा में बढ़ा तो दोनों सीमाओं पर मजबूत हो सकता है.---- समाप्त ---- ये भी देखें
Target Selection AI Modern Warfare Transformation Lieutenant General Raj Shukla Quantum Drones AI Operation Epic Fury Autonomous Targeting Precise Strikes Unmanned Platforms Sagar Defence Engineering Nikunj Parashar Unmanned Naval Vessels IDEX Initiative Drone Federation India Smit Shah Skill And Scale In Drones Loitering Munitions Procurement Reform HR Practices Military Startup Integration Defence AMC Fighter Jet Delays Naval Drones India Sudarshan Chakra Future Warfare Autonomy Low-Cost Drones Vs Missiles India Border Defence Tech AI In Defence AI Warfare Technology Drones Modern Warfare Tech Driven Battlefield AI Military Technology India Today Conclave 2026
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
India Today Conclave 2026: अंकुर अग्रवाल ने बताया UAE रियल एस्टेट की सफलता का राजIndia Today Conclave 2026 में अंकुर अग्रवाल ने कहा कि गोल्डन वीजा और एस्क्रो-संरक्षित रियल एस्टेट जैसे सुधारों ने निवेशकों में वह भरोसा पैदा किया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी यूएई के बाजार को स्थिरता प्रदान करता है.
Read more »
India Today Conclave 2026: ऑयल-गैस पर संकट, भारत को क्या करना चाहिए? करण अडानी ने कही ये बातइंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए करण अडानी ने कहा कि पिछले 4 से 5 सालों में ग्लोबल सप्लाई चेन बहुत प्रभावित हुई है. लेकिन भारत समेत कई देशों ने अपने ग्लोबल चेन को मजबूत भी किया है. हमें इम्पोर्ट को कम करके अपने रिर्सोसेज के ज्यादा इस्तेमाल पर भी फोकस करना चाहिए.
Read more »
India Today Conclave 2026: पनामा से होर्मुज तक... ईरान युद्ध से चारों चोक पॉइंट पर असर, करण अडानी बोले- हम तैयारAdani Ports के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध से ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट के बावजूद हम कच्चे तेल और LPG जैसे महत्वपूर्ण एनर्जी कार्गो को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
Read more »
India Today Conclave 2026: AI, सर्विलांस और प्राइवेसी पर Signal की प्रेसिडेंट Meredith Whittaker की बड़ी चेतावनीIndia Today Conclave 2026 का आज दूसरा दिन है. शुरुआत सिग्नल फाउंडेशन की प्रेसिडेंट मेरेडिथ व्हिटटेकर के साथ हुई. Meredith Whittaker ने कहा कि अगर कोई बुरा व्यक्ति इसका इस्तेमाल करे वाला तर्क अक्सर लोगों के अधिकारों को सीमित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
Read more »
India Today Conclave 2026: मेलाटी विजसेन...12 साल की उम्र से प्लास्टिक के खिलाफ लड़ाई, अब 25 साल की उम्र में दुनिया को बदलने की कोशिशमेलाटी विजसेन 12 साल की उम्र में 'बाय-बाय प्लास्टिक' कैंपेन चलाकर बाली में प्लास्टिक पर बैन लगवाया. आज 25 साल की उम्र में 5 किताबें लिख चुकी हैं. यूथोपिया प्लेटफॉर्म से युवाओं को पर्यावरण शिक्षा दे रही हैं. वो कहती हैं कि बदलाव के लिए सरकार, संस्थाएं और युवा साथ आएं, सकारात्मक रास्ते चुनें और टाइमलाइन बनाकर काम करें.
Read more »
India Today Conclave 2026: WhatsApp से बेहतर सिग्नल है, मेरेडिथ व्हिटटेकर ने AI पर खोले कई राजIndia Today Conclave 2026 का आज दूसरा दिन है. पहले सेशन मशीन बनाम मैनकाइंड रहा, जिसमें बात करने के लिए सिग्नल फाउंडेशन की प्रेसिडेंट मेरेडिथ व्हिटटेकर सामने आईं. उन्होंने बताया है कि AI कैसे लाइफ को सिंपल बनाएगा. साथ ही सिक्योरिटी को लेकर उन्होंने चर्चा की है. आखिर में उन्होंने बताया है कि WhatsApp की तुलना में Signal बेहतर है.
Read more »
