ट्रंप का संकेत: अमेरिका दो-तीन हफ़्तों में ईरान से बाहर निकलेगा, समझौते की भी संभावना

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ट्रंप का संकेत: अमेरिका दो-तीन हफ़्तों में ईरान से बाहर निकलेगा, समझौते की भी संभावना
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफ़िस में कहा कि अमेरिका दो या तीन हफ़्तों में ईरान से बाहर निकल सकता है। उन्होंने ईरान के साथ समझौते की संभावना भी जताई और दावा किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। ईरान ने भी लड़ाई ख़त्म करने की इच्छा जताई है।

ओवल ऑफ़िस में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लड़ाई ख़त्म होने के बारे कुछ संकेत दिएट्रंप के मुताबिक़ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई 'दो या तीन हफ़्तों' में ही हो सकती है ख़त्मट्रंप का दावा- ' ईरान कर रहा है समझौते की गुहार' ईरान ी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा- 'लड़ाई ख़त्म करने के लिए तैयार लेकिन अमेरिका को फ़ौरन रोकने होंगे हमले'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गूगल, मेटा और एपल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों को धमकीपढ़ने का समय: 5 मिनट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका 'दो या तीन हफ़्तों' के भीतर ईरान से बाहर निकल जाएगा.

उन्होंने कहा कि उनका 'एक ही लक्ष्य' था- ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न कर सके, और उनके मुताबिक यह लक्ष्य 'अब हासिल कर लिया गया है'. उन्होंने कहा, "हम ईरान में अपने काम को अंतिम रूप दे रहे हैं," और जोड़ा कि अमेरिका "शायद दो हफ़्तों के भीतर, या काम पूरा करने के लिए उससे कुछ दिन ज़्यादा रुककर" ईरान से निकल जाएगा. ट्रंप ने कहा, "हम उनकी हर एक चीज़ को पूरी तरह ख़त्म करना चाहते हैं, हालांकि यह भी संभव है कि उससे पहले कोई समझौता हो जाए."उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच डील की संभावना बनी हुई है, लेकिन अगर ईरान बातचीत की मेज़ पर आता भी है, तो "इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता." उन्होंने ये बातें तब कहीं जब एक पत्रकार ने अमेरिका में बढ़ती गैस कीमतों और उन्हें कम करने की उनकी योजना के बारे में सवाल किया. इस पर ट्रंप ने कहा, "इसके लिए मुझे सिर्फ़ ईरान से बाहर निकलना होगा, और हम बहुत जल्द ऐसा करने जा रहे हैं. हम बहुत जल्द वहां से निकल जाएंगे."ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान में 'सत्ता परिवर्तन हो चुका है'. उनके मुताबिक, ईरान के नए नेता पहले के नेताओं की तुलना में 'काफ़ी कम कट्टरपंथी' और 'ज़्यादा तर्कसंगत' हैं.क्या पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के एक इलाक़े पर कब्ज़ा कर लिया है?उन्होंने आगे कहा कि अगर फ्रांस या कोई दूसरा देश तेल चाहता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर जा सकता है और अपना तेल ख़ुद लेकर आ सकता है. अमेरिका को उससे कोई लेना-देना नहीं. उन्होंने ईरान में जारी सैन्य ऑपरेशंस के बारे में कहा कि अमेरिका 'पूरी तरह बिना किसी रोक-टोक के' कार्रवाई कर रहा है और 'सब कुछ तबाह कर दिया गया है.'ट्रंप का दावा है, "वे कोई मुकाबला नहीं कर रहे हैं. वे हम पर गोली तक नहीं चला रहे हैं." और इसके पीछे वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि "उनका सैन्य साजो-सामान पूरी तरह तबाह हो चुका है" और अब उनके पास "चलाने के लिए कुछ बचा ही नहीं है."ट्रंप ने कहा, "वे हार रहे हैं. वे खुद मान रहे हैं कि हार रहे हैं. वे समझौता करने की गुहार लगा रहे हैं."तेहरान में इस्लामिक रिपब्लिक डे मनाने के लिए जुटी भीड़ ने अमेरिका और इसराइल विरोधी नारे लगाए इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका और इसराइल के साथ जारी युद्ध को ख़त्म करने के लिए ईरान के पास "ज़रूरी इच्छाशक्ति" है, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी की जाएं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक़ पेज़ेश्कियान ने यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुए एक फ़ोन कॉल में ये बात कही. पेज़ेश्कियान के मुताबिक ईरान को इस बात की अनिवार्य गारंटी मिलनी चाहिए कि भविष्य में उस पर किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई ना हो. उन्होंने कहा, "हमने कभी भी तनाव या युद्ध की कोशिश नहीं की," और जोड़ा कि "स्थिति को सामान्य बनाने का समाधान यही है कि हमारे ख़िलाफ़ हो रहे आक्रामक हमले रोके जाएं."आईआरजीसी ने माइक्रोसॉफ़्ट और एपल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों को चेतावनी जारी की है वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही 18 कंपनियों को चेतावनी दी है कि वो जल्द अपने दफ़्तर खाली कर दें वर्ना वो उन्हें निशाना बनाएंगे. आईआरजीसी के मुताबिक़ उनकी ये चेतावनी तेहरान के स्थानीय समयानुसार बुधवार रात 8 बजे से लागू हो चुकी है. यह जानकारी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई है. रिवोल्यूशनी गार्ड के मुताबिक़ ये अमेरिकी टेक कंपनियां अमेरिका और इसराइल के हमलों में उनकी मदद कर रही हैं और उनके टारगेट्स को ट्रैक कर रही हैं. सूची में दुनिया की सबसे बड़ी और अमीर कंपनियां शामिल हैं जैसे माइक्रोसॉफ़्ट, एपल, गूगल, मेटा, टेस्ला और एनवीडिया. इसके अलावा सिसको, इंटेल, ओरेकल, आईबीएम, जनरल इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. आईआरजीसी ने बयान में कहा है, "हम इनके कर्मचारियों को सलाह देते हैं कि वे अपनी जान की सुरक्षा के लिए तुरंत अपने दफ़्तर खाली कर दें." साथ ही चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व के सभी देशों में इन 'आतंकी संगठनों' के आसपास रहने वाले लोग भी एक किलोमीटर के दायरे से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.अमेरिका इतने दिनों में ईरान से निकल जाएगा बाहर, अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया संकेतसटीक बैठा पोंटिंग का दांव, कॉनॉली ने डेब्यू मैच में ही पंजाब किंग्स को जितायाबिहारः नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, कई घायल'इतनी कम उम्र में ऐसा किसी को नहीं देखा' 15 गेंदों में हाफ़ सेंचुरी बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के सभी हुए मुरीदबिहार बोर्ड के टॉपर्स की कहानी: किसी ने मज़दूरी करते हुए तो किसी ने यूट्यूब के ज़रिए की पढ़ाईअमेरिका इतने दिनों में ईरान से निकल जाएगा बाहर, अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया संकेतट्रंप के लिए ईरान की जंग क्या ऐतिहासिक स्वेज़ संकट साबित होगी?

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