जापानी वॉकिंग एक खास तरीका है जिसमें 3 मिनट तेज गति से और 3 मिनट धीमी गति से चलते हैं। यह वजन कम करने, दिल के स्वास्थ्य में सुधार, मांसपेशियों को मजबूत करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। जानें इसके फायदे और ध्यान रखने योग्य बातें।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वॉक करना भी सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है इस बारे में तो आप जानते ही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ये फायदे आपके वॉक करने के तरीके पर भी निर्भर करता है। जी हां, ऐसे में इंटरवल वॉकिंग या जापानी वॉकिंग आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। यह वॉक करने का एक खास तरीका है, जिसमें आप 3 मिनट तेज स्पीड से वॉक करते हैं और 3 मिनट धीमी गति से चलते हैं। इस साइकिल को 30 मिनट तक दोहराया जाता है। स्पीड में नियमित बदलाव के कारण इस जापानी वॉकिंग तकनीक से सेहत को ज्यादा फायदा मिलता है। आइए जानें इन फायदों के बारे में। वजन कम करने में मदद जापानी वॉक का सबसे बड़ा फायदा है इसकी कैलोरी बर्न करने की क्षमता। तेज और धीमी गति का बारी-बारी से वॉकिंग शरीर के मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाता है, जिससे सामान्य चलने की तुलना में ज्यादा फैट बर्न होती है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करके पेट की चर्बी को कम करने में खासतौर से असरदार माना जाता है। नियमित प्रैक्टिस से सही वजन बनाए रखने में मदद मिलती है। दिल के स्वास्थ्य में सुधार यह वॉकिंग तकनीक कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस के लिए बेहद फायदेमंद है। हार्ट रेट को बार-बार बढ़ाने और कम करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इससे आर्टरीज का स्वास्थ्य सुधरता है और दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है। मांसपेशियों की मजबूती तेज गति से चलते समय शरीर की मांसपेशियां, खासतौर से पैरों, कूल्हों और कोर की मांसपेशियां, ज्यादा एक्टिव होती हैं। इंटरवेल वॉकिंग से मांसपेशियों की सहनशक्ति और ताकत बढ़ती है, जो रोजमर्रा के काम को आसान बनाते हैं और शारीरिक थकान को कम होती है। मेंटल हेल्थ में सुधार जापानी वॉक स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में भी सहायक है। वॉक की स्पीड बदलने से सांस लेने की गति बदलती है, जो मन को स्थिर करने में मदद करती है। इससे एंडोर्फिन हार्मोन भी बढ़ता है, जिससे मूड अच्छा रहता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। इन बातों का रखें ध्यान जापानी वॉक शुरू करने के लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं है। आरामदायक जूते और ढीले कपड़े पहनना काफी है। धीमी गति वाले चरण में सामान्य रफ्तार से चलें, और तेज गति वाले चरण में इतनी रफ्तार बढ़ाएं कि सांस फूलने लगे लेकिन बातचीत जारी रख पाएं। शुरुआत में 15-20 मिनट से शुरू करके धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। यह भी पढ़ें- वॉक करते समय अगर कर रहे हैं 5 गलतियां, तो फायदे की जगह खुद को नुकसान पहुंचा बैठेंगे आप यह भी पढ़ें- दिन में एक लंबी वॉक या कई छोटी-छोटी सैर? सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर ऑप्शन Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।.
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वॉक करना भी सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है इस बारे में तो आप जानते ही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ये फायदे आपके वॉक करने के तरीके पर भी निर्भर करता है। जी हां, ऐसे में इंटरवल वॉकिंग या जापानी वॉकिंग आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। यह वॉक करने का एक खास तरीका है, जिसमें आप 3 मिनट तेज स्पीड से वॉक करते हैं और 3 मिनट धीमी गति से चलते हैं। इस साइकिल को 30 मिनट तक दोहराया जाता है। स्पीड में नियमित बदलाव के कारण इस जापानी वॉकिंग तकनीक से सेहत को ज्यादा फायदा मिलता है। आइए जानें इन फायदों के बारे में। वजन कम करने में मदद जापानी वॉक का सबसे बड़ा फायदा है इसकी कैलोरी बर्न करने की क्षमता। तेज और धीमी गति का बारी-बारी से वॉकिंग शरीर के मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाता है, जिससे सामान्य चलने की तुलना में ज्यादा फैट बर्न होती है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करके पेट की चर्बी को कम करने में खासतौर से असरदार माना जाता है। नियमित प्रैक्टिस से सही वजन बनाए रखने में मदद मिलती है। दिल के स्वास्थ्य में सुधार यह वॉकिंग तकनीक कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस के लिए बेहद फायदेमंद है। हार्ट रेट को बार-बार बढ़ाने और कम करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इससे आर्टरीज का स्वास्थ्य सुधरता है और दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है। मांसपेशियों की मजबूती तेज गति से चलते समय शरीर की मांसपेशियां, खासतौर से पैरों, कूल्हों और कोर की मांसपेशियां, ज्यादा एक्टिव होती हैं। इंटरवेल वॉकिंग से मांसपेशियों की सहनशक्ति और ताकत बढ़ती है, जो रोजमर्रा के काम को आसान बनाते हैं और शारीरिक थकान को कम होती है। मेंटल हेल्थ में सुधार जापानी वॉक स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में भी सहायक है। वॉक की स्पीड बदलने से सांस लेने की गति बदलती है, जो मन को स्थिर करने में मदद करती है। इससे एंडोर्फिन हार्मोन भी बढ़ता है, जिससे मूड अच्छा रहता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। इन बातों का रखें ध्यान जापानी वॉक शुरू करने के लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं है। आरामदायक जूते और ढीले कपड़े पहनना काफी है। धीमी गति वाले चरण में सामान्य रफ्तार से चलें, और तेज गति वाले चरण में इतनी रफ्तार बढ़ाएं कि सांस फूलने लगे लेकिन बातचीत जारी रख पाएं। शुरुआत में 15-20 मिनट से शुरू करके धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। यह भी पढ़ें- वॉक करते समय अगर कर रहे हैं 5 गलतियां, तो फायदे की जगह खुद को नुकसान पहुंचा बैठेंगे आप यह भी पढ़ें- दिन में एक लंबी वॉक या कई छोटी-छोटी सैर? सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर ऑप्शन Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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