जब 72 साल बाद हुई दो भाइयों की मुलाकात, 1947 में थे बिछड़े

United States News News

जब 72 साल बाद हुई दो भाइयों की मुलाकात, 1947 में थे बिछड़े
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 Jansatta
  • ⏱ Reading Time:
  • 143 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 61%
  • Publisher: 63%

Delhi: 1947 के भारत-पाक बंटवारे में बिछड़ गए थे दो भाई, 72 साल बाद गुरुद्वारे में ऐसे हुई मुलाकात, जानें पूरा मामला

Delhi: 1947 के भारत-पाक बंटवारे में बिछड़ गए थे दो भाई, 72 साल बाद गुरुद्वारे में ऐसे हुई मुलाकात, जानें पूरा मामला जनसत्ता ऑनलाइन March 6, 2019 7:00 PM 1947 के इंडिया-पाक बंटवारे के बाद बिछड़े दो भाई फोटो सोर्सः फाइनेंशियल एक्सप्रेस 1947 में भारत – पाकिस्तान बंटवारे के दौरान बिछड़े दो चचेरे भाई मंगलवार को दिल्ली में मिले। बता दें कि दोनों भाइयों की मुलाकात 72 साल बाद दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में हुई। चचेरे भाइयों का नाम अमीर सिंह और दलबीर सिंह है। भारत-पाक के बंटवारे के दौरान अमीर की उम्र महज 4 साल की थी और दलबीर 9 साल के थे। बंटवारे में अलग हो गए थे दोनों भाई: 1947 के भारत-पाक बंटवारे में बिछड़े भाई पाकिस्तान के गुजरनवाला के घड़िया कालन गांव में एक हवेली में रहते थे। बंटवारे के समय दोनों भाई एक -दूसरे से अलग हो गए। उस वक्त अमीर अपनी मां के साथ भारत आ गए। उस वक्त अमीर अपने भाई दलबीर से मिल नहीं सके क्योंकि उस समय दलबीर अपने ननिहाल गए हुए थे। हालांकि दोनों ही भाई इस बात से बेखबर थे कि बंटवारे के बाद दोनों भारत में ही रह रहे हैं। बंटवारे के बाद ऐसी बदली जिंदगीः बंटवारे के बाद भारत आने पर अमीर हरियाणा के पानीपत में रहने लगे वहीं दलबीर करनाल में। अपने भाई से मिलने की उम्मीद छोड़ दलबीर सिंह भारतीय सेना में भर्ती हो गए। पर अमीर ने दलबीर की खोज को जारी रखा। अमीर को परिवार के कुछ लोगो से पता चला कि दलबीर संगरूर में रह रहे है। अपने भाई को ढूंढते हुए जब अमीर संगरूर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अब दलबीर सेना में भर्ती हो चुके हैं और अब वह संगरूर में नहीं रहते। काफी साल बीत गए क्योंकि उस समय इंटरनेट की सुविधा तो थी नहीं जिसकी मदद से अमीर अपने बड़े भाई दलबीर को सोशल मीडिया पर ढूंढ पाते। अमीर को दलबीर की चाची से केवल इतनी जानकारी थी कि दलबीर अब दिल्ली में रहने लगे हैं। इस दौरान अमीर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में बस गए और खेती-बाड़ी का काम देखने लगे वहीं सेना से रिटायर्ड दलबीर ने नोएडा में अपना स्पिरिचुअल क्लीनिक खोल लिया। 2014 में गए थे पाकिस्तानः हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक2014 में, आमिर पाकिस्तान का वीजा प्राप्त करने में सफल रहे और गुजरनवाला में अपने गांव गए। जहां पर लोगों ने उनका खुलकर स्वागत किया। अमीर ने बताया कि वहां उन्होंने अपनी जमीन के सारे रिकॉर्ड निकाले। इससे उन्हें अपने भाई दलबीर का पता चला। अमीर ने बताया कि मैं जानता था कि मेरा भाई जिंदा है मुझे बस उसे ढूढंना था। Also Read वेवसाइट की ली मददः इसी दौरान अमीर को 1947 के बिछड़े लोगों को मिलाने संबंधी वेबसाइट का पता चला। अमीर ने वेबसाइट वालों के साथ एक वीडियो इंटरव्यू रिकॉर्ड किया। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनका यह इंटरव्यू उनके भाई तक पहुंच जाए। आखिर में अमीर की मेहनत रंग लाई। अमीर के चाची के पोते अमनदीप संधू ने उनसे संपर्क किया। अमीर ने बताया कि जब उन्होंने दलबीर से फोन पर बात की तो वह अपने आंसुओं को रोक नही पाए। 72 साल बाद मिलेः दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में 72 साल के बाद मंगलवार 5 मार्च को मिलने पर दोनों भाइयों की आंखे नम थी। सात दशक बाद दोनों भाई एक-दूसरे से मिल रहे थे। Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App.

Delhi: 1947 के भारत-पाक बंटवारे में बिछड़ गए थे दो भाई, 72 साल बाद गुरुद्वारे में ऐसे हुई मुलाकात, जानें पूरा मामला जनसत्ता ऑनलाइन March 6, 2019 7:00 PM 1947 के इंडिया-पाक बंटवारे के बाद बिछड़े दो भाई फोटो सोर्सः फाइनेंशियल एक्सप्रेस 1947 में भारत – पाकिस्तान बंटवारे के दौरान बिछड़े दो चचेरे भाई मंगलवार को दिल्ली में मिले। बता दें कि दोनों भाइयों की मुलाकात 72 साल बाद दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में हुई। चचेरे भाइयों का नाम अमीर सिंह और दलबीर सिंह है। भारत-पाक के बंटवारे के दौरान अमीर की उम्र महज 4 साल की थी और दलबीर 9 साल के थे। बंटवारे में अलग हो गए थे दोनों भाई: 1947 के भारत-पाक बंटवारे में बिछड़े भाई पाकिस्तान के गुजरनवाला के घड़िया कालन गांव में एक हवेली में रहते थे। बंटवारे के समय दोनों भाई एक -दूसरे से अलग हो गए। उस वक्त अमीर अपनी मां के साथ भारत आ गए। उस वक्त अमीर अपने भाई दलबीर से मिल नहीं सके क्योंकि उस समय दलबीर अपने ननिहाल गए हुए थे। हालांकि दोनों ही भाई इस बात से बेखबर थे कि बंटवारे के बाद दोनों भारत में ही रह रहे हैं। बंटवारे के बाद ऐसी बदली जिंदगीः बंटवारे के बाद भारत आने पर अमीर हरियाणा के पानीपत में रहने लगे वहीं दलबीर करनाल में। अपने भाई से मिलने की उम्मीद छोड़ दलबीर सिंह भारतीय सेना में भर्ती हो गए। पर अमीर ने दलबीर की खोज को जारी रखा। अमीर को परिवार के कुछ लोगो से पता चला कि दलबीर संगरूर में रह रहे है। अपने भाई को ढूंढते हुए जब अमीर संगरूर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अब दलबीर सेना में भर्ती हो चुके हैं और अब वह संगरूर में नहीं रहते। काफी साल बीत गए क्योंकि उस समय इंटरनेट की सुविधा तो थी नहीं जिसकी मदद से अमीर अपने बड़े भाई दलबीर को सोशल मीडिया पर ढूंढ पाते। अमीर को दलबीर की चाची से केवल इतनी जानकारी थी कि दलबीर अब दिल्ली में रहने लगे हैं। इस दौरान अमीर उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में बस गए और खेती-बाड़ी का काम देखने लगे वहीं सेना से रिटायर्ड दलबीर ने नोएडा में अपना स्पिरिचुअल क्लीनिक खोल लिया। 2014 में गए थे पाकिस्तानः हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक2014 में, आमिर पाकिस्तान का वीजा प्राप्त करने में सफल रहे और गुजरनवाला में अपने गांव गए। जहां पर लोगों ने उनका खुलकर स्वागत किया। अमीर ने बताया कि वहां उन्होंने अपनी जमीन के सारे रिकॉर्ड निकाले। इससे उन्हें अपने भाई दलबीर का पता चला। अमीर ने बताया कि मैं जानता था कि मेरा भाई जिंदा है मुझे बस उसे ढूढंना था। Also Read वेवसाइट की ली मददः इसी दौरान अमीर को 1947 के बिछड़े लोगों को मिलाने संबंधी वेबसाइट का पता चला। अमीर ने वेबसाइट वालों के साथ एक वीडियो इंटरव्यू रिकॉर्ड किया। उन्हें उम्मीद थी कि शायद उनका यह इंटरव्यू उनके भाई तक पहुंच जाए। आखिर में अमीर की मेहनत रंग लाई। अमीर के चाची के पोते अमनदीप संधू ने उनसे संपर्क किया। अमीर ने बताया कि जब उन्होंने दलबीर से फोन पर बात की तो वह अपने आंसुओं को रोक नही पाए। 72 साल बाद मिलेः दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में 72 साल के बाद मंगलवार 5 मार्च को मिलने पर दोनों भाइयों की आंखे नम थी। सात दशक बाद दोनों भाई एक-दूसरे से मिल रहे थे। Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Jansatta /  🏆 4. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

कंगारुओं का बड़ा कारनामा, 11 साल बाद भारत को टी-20 सीरीज में दी मातकंगारुओं का बड़ा कारनामा, 11 साल बाद भारत को टी-20 सीरीज में दी मातIndia vs Australia, 2nd T20 International: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए दूसरे और निर्णायक टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 7 विकेट से मात देकर दो मैचों की टी-20 सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली है.
Read more »

हंदवाड़ा में 72 घंटे से चल रहा है एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशनहंदवाड़ा में 72 घंटे से चल रहा है एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशनजम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच तीसरे दिन भी एनकाउंटर जारी है. इस एनकाउंटर में सुरक्षाबल के चार जवान शहीद हो गए थे और दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है.
Read more »

पाकिस्तान को महंगा पड़ा भारत से पंगा! 4 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची महंगाई– News18 हिंदीपाकिस्तान को महंगा पड़ा भारत से पंगा! 4 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची महंगाई– News18 हिंदीपुलवामा अटैक (Pulwama Attack) के बाद भारत की सख्ती के चलते पाकिस्तान में महंगाई दर 4 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.
Read more »

जम्मू कश्मीर: 72 घंटे चली मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, चार जवान शहीदजम्मू कश्मीर: 72 घंटे चली मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, चार जवान शहीदजम्मू कश्मीर: 72 घंटे चली मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, सीआरपीएफ के अधिकारी सहित चार जवान शहीद JammuKashmir Handwara Encounter CRPF जम्मूकश्मीर हंदवाड़ा मुठभेड़ सीआरपीएफ
Read more »

'लाहौर हमले के 10 साल बाद पाक में क्रिकेट की वापसी की उम्मीद'- Amarujala'लाहौर हमले के 10 साल बाद पाक में क्रिकेट की वापसी की उम्मीद'- Amarujalaट्रेवर बेलिस और पॉल फारब्रेस ने उम्मीद जतायी कि 10 साल पहले लाहौर में हुए आंतकी हमले के बाद पाकिस्तान फिर से अंतरराष्ट्रीय
Read more »

काशी विश्वनाथ मंदिर में 400 साल में पहली बार हुए ऐसे अनोखे दर्शनकाशी विश्वनाथ मंदिर में 400 साल में पहली बार हुए ऐसे अनोखे दर्शनबाबा भोलेनाथ की नगरी काशी (वाराणसी) में सोमवार को महाशिवरात्रि की धूम रही। इस दौरान हजारों नागा साधुओं और भक्तों की मौजूदगी में काशी पुराधिपति का विवाह हुआ। वहीं, श्रद्धालुओं ने 400 साल में पहली बार झरोखे से काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए।
Read more »

धूल खाती मिली 400 साल पुरानी पेंटिंग, नीलामी में 1200 करोड़ रुपए में बिकने की संभावनाधूल खाती मिली 400 साल पुरानी पेंटिंग, नीलामी में 1200 करोड़ रुपए में बिकने की संभावना400 years old lost painting found can get 171 million in an auction to be held on June 27 this year | इटली के चित्रकार माइकल एंजेलो मेरिसी द कारावाजियो ने 1607 में बनाई थी पेंटिंग ड्यूक ऑफ मांतुआ को 1619 में लिखे गए दो पत्रों में पेंटिंग का जिक्र था, इसी से पेंटिंग के बारे में पता लगा
Read more »

कांग्रेस में भी हैं एक 'मौसम वैज्ञानिक', 17 साल बाद फिर मार सकते हैं यू-टर्नकांग्रेस में भी हैं एक 'मौसम वैज्ञानिक', 17 साल बाद फिर मार सकते हैं यू-टर्नLok Sabha Poll 2019: लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहे आजाद ने 17 साल बाद अपने स्टैंड से यू-टर्न लेते हुए फिर से गृह राज्य जम्मू-कश्मीर का रुख किया है। पिछले दिनों वो जम्मू स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दिखे। आजाद 17 साल बाद वहां गए थे।
Read more »

2016 के बाद इस साल फरवरी में सबसे अधिक रही बेरोज़गारी दर: रिपोर्ट2016 के बाद इस साल फरवरी में सबसे अधिक रही बेरोज़गारी दर: रिपोर्टभारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल फरवरी में बेरोज़गारी दर 7.2 फीसदी हो गई जो कि सितंबर 2016 के बाद सबसे अधिक है. पिछले साल फरवरी में यह आंकड़ा 5.9 फीसदी था.
Read more »

पिछले चार साल में सबसे ज्यादा बढ़ी बेरोजगारी, फरवरी में तोड़ दिया रिकॉर्डः रिपोर्ट- Amarujalaपिछले चार साल में सबसे ज्यादा बढ़ी बेरोजगारी, फरवरी में तोड़ दिया रिकॉर्डः रिपोर्ट- Amarujalaमोदी सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में बेरोजगारी के आंकड़े ने इस साल फरवरी में पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सितंबर
Read more »



Render Time: 2026-04-02 21:44:38