इलेक्टोरल बॉन्ड पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानिए इन 5 कारणों से उठ रहे सवाल

United States News News

इलेक्टोरल बॉन्ड पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानिए इन 5 कारणों से उठ रहे सवाल
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 AajTak
  • ⏱ Reading Time:
  • 138 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 59%
  • Publisher: 63%

इलेक्टोरल बॉन्ड पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार ने नेताओं के अथाह धन पर अंकुश लगाने के लिए कोई स्थाई सिस्टम बनाया ही नहीं है. जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल फरवरी में केंद्र सरकार को इस बारे में गंभीरता से कदम उठाने को कहा था.

पिछले साल इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट यह जानकर हैरान था कि कई सांसदों-विधायकों और उनके रिश्तेदारों का धन दो चुनाव के बीच यानी पांच साल के भीतर ही 500 फीसदी तक बढ़ गया है. इसके बावजूद पॉलिटिकल पार्टियों के फंडिंग और चंदे की व्यवस्था का कोई हिसाब-किताब नहीं होता. इस तरह की फंडिंग पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं. सरकार ने राजनीतिक दलों को चंदे के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए इलेक्टोरल बियरर बॉन्ड की शुरुआत की है. लेकिन इससे राजनीतिक दलों को 'अज्ञात स्रोतों' से मिलने वाले कॉर्पोरेट चंदे को बढ़ावा मिला है और विदेशी स्रोत से आने वाला चंदा भी लीगल हो गया है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने ये याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता की तरफ से प्रशांत भूषण कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन के इलेक्टोरल बॉन्ड पर आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद बॉन्ड को लाया गया.वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जनवरी 2018 में लिखा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड की योजना राजनीतिक फंडिंग की व्यवस्था में 'साफ-सुथरा' धन लाने और 'पारदर्श‍िता' बढ़ाने के लिए लाई गई है. इसमें स्रोत का खुलासा करना जरूरी नहीं बताया था.इलेक्टोरल बॉन्ड फाइनेंस एक्ट 2017 के तहत कुछ बदलाव करके लाए गए थे. वास्तव में इनसे पारदर्श‍िता पर जोखिम और बढ़ा है. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 29 सी में बदलाव करते हुए कहा गया है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के द्वारा हासिल चंदों को चुनाव आयोग की जांच के दायरे से बाहर रखा जाएगा. खुद चुनाव आयोग ने इन बदलावों पर आपत्त‍ि करते हुए कानून मंत्रालय को बदलाव के लिए कहा था. चुनाव आयोग ने कहा था कि इससे यह नहीं पता चल पाएगा कि कोई दल सरकारी विदेशी स्रोत से चंदा ले रही हैं या नहीं.इलेक्टोरल बॉन्ड से वास्तव में सत्ता पक्ष को फायदा हो रहा है. ADR के मुताबिक साल 2017-18 में इलेक्टोरल बॉन्ड के द्वारा 222 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया. इसमें से बीजेपी को 210 करोड़ , कांग्रेस को 5 करोड़ रुपए और बाकी दलों को 7 करोड़ रुपए हासिल हुए हैं. - आधार और जन-धन एकाउंट दलों को मिलेगा किसी पार्टी को जब इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए पैसे मिलेंगे तो उसके पास पैसे देने वालों के आधार और जन-धन एकाउंट की डिटेल मिल जाएगी. इलेक्टोरल बॉन्ड में योगदान 'किसी बैंक के अकाउंट पेई चेक या बैंक खाते से इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम' के द्वारा दिया जाएगा. सरकार ने जनवरी 2018 में इलेक्टोरल बॉन्ड के नोटिफिकेशन जारी करते समय यह भी साफ किया था कि इसे खरीदने वाले को पूरी तरह से केवाईसी नॉर्म पूरा करना होगा और बैंक खाते के द्वारा भुगतान करना होगा.कंपनी एक्ट 2013 में कहा गया था कि कोई कंपनी एक वित्तीय वर्ष में पिछले तीन साल के अपने औसत नेट प्रॉफिट के 7.5 फीसदी से ज्यादा का राजनीतिक चंदा नहीं दे सकती. लेकिन इसमें बदलाव करते हुए अब 'कितनी भी राशि' देने की छूट दे दी गई है. यही नहीं, कंपनियों को इस बात से भी छूट है कि वे अपने बहीखाते में यह बात छुपा लें कि उन्होंने किस पार्टी को चंदा दिया है. चुनाव आयोग ने इस सभी बदलावों पर आपत्त‍ि की है. इससे इस बात का जोखिम बढ़ा है कि सिर्फ राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए शेल कंपनियों का गठन हो.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

राजस्थान: अवैध पशुओं पर नगर निगम को कार्रवाई करना पड़ा महंगा, धरने पर बैठे पूर्व मंत्रीराजस्थान: अवैध पशुओं पर नगर निगम को कार्रवाई करना पड़ा महंगा, धरने पर बैठे पूर्व मंत्रीकालीचरण सराफ जप्त जानवरों को रिहा करने की मांग और निगम के द्धेषपुर्ण रवैय के खिलाफ धरने पर बैठे.
Read more »

आज दिनभर इन खबरों पर बनी रहेगी नजर, जिनका होगा आप पर असर- Amarujalaआज दिनभर इन खबरों पर बनी रहेगी नजर, जिनका होगा आप पर असर- Amarujalaआज दिनभर इन खबरों पर बनी रहेगी नजर, जिनका होगा आप पर असर narendramodi RahulGandhi INCIndia BJP4India Election2019 LokSabhaElection LoksabhaElections2019
Read more »

PAN application Online NSDL Download e-PAN NSDL Link PAN card Aadhaar 1st April 2019 deadline– News18 HindiPAN application Online NSDL Download e-PAN NSDL Link PAN card Aadhaar 1st April 2019 deadline– News18 Hindiइनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर PAN कार्ड के नियमों में कुछ बड़े बदलाव करने जा रहा है. आइए जानें इसके बारे में सबकुछ...
Read more »

राजस्थान में टिकटों पर 'परिवार राज', पचास फीसदी सीटों पर नेताओं के बेटे-बेटियों की दावेदारीराजस्थान में टिकटों पर 'परिवार राज', पचास फीसदी सीटों पर नेताओं के बेटे-बेटियों की दावेदारीराजस्थान की 25 में से 15 लोकसभा सीट ऐसी हैं, जहां किसी न किसी नेता के बेटे, बेटियां या बहू संभावित उम्मीदवारों की कतार में सबसे आगे हैं. इनमें मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का नाम भी है. जबकि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे और मौजूदा सांसद दुष्यंत को भी एक बार फिर मौका मिलना तय माना जा रहा है.
Read more »

चुनाव ड्यूटी पर जाने से रोक रही थी पत्नी, CRPF जवान ने कर दी हत्या– News18 हिंदीचुनाव ड्यूटी पर जाने से रोक रही थी पत्नी, CRPF जवान ने कर दी हत्या– News18 हिंदीछत्तीसगढ़ के जगदलपुर क्षेत्र में कोबरा बटालियन के एक सीआरपीएफ कॉन्सटेबल ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी. कथित तौर पर जवान की पत्नी उसे चुनाव ड्यूटी पर जाने से रोक रही थी.
Read more »

आदिवासियों को बेदखल करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज- Amarujalaआदिवासियों को बेदखल करने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज- Amarujalaसुप्रीम कोर्ट सोमवार को वन क्षेत्र से आदिवासियों को बेदखल करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। SupremeCourt Tribal narendramodi RahulGandhi
Read more »

इलेक्टोरल बॉन्ड से और बढ़ी है चुनावी फंडिंग में अपारदर्शिता, विदेशी चंदा भी संभवइलेक्टोरल बॉन्ड से और बढ़ी है चुनावी फंडिंग में अपारदर्शिता, विदेशी चंदा भी संभवElectoral bonds opaque transparency सरकार ने पिछले साल इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत करते हुए यह दावा किया था कि इससे राजनीतिक चंदों में पारदर्श‍िता बढ़ेगी. लेकिन हकीकत में इसके विपरीत हुआ है. इस बॉन्ड से तो विदेशी स्रोत से भी चंदा आने की गुंजाइश बन गई है.
Read more »

लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में NRC पर सुनवाईलोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में NRC पर सुनवाई13 मार्च को वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने वायुसेना के रिटायर सार्जेंट सादुल्लाह के मामले को अदालत के सामने उठाया था. तब कोर्ट ने कहा कि वो ऐसी याचिकाओं पर 26 मार्च को सुनवाई करेगा.
Read more »

चुनावी बॉन्ड पर सुनवाई: गुमनाम दानकर्ताओं के जरिए चुनावों में पारदर्शिता कैसे होगी संभव-Navbharat Timesचुनावी बॉन्ड पर सुनवाई: गुमनाम दानकर्ताओं के जरिए चुनावों में पारदर्शिता कैसे होगी संभव-Navbharat TimesIndia News: चुनावी बॉन्ड के खरीदारों की पहचान गुप्त रखने के पीछे सरकार का तर्क है कि कैशलेस चंदे से काले धन पर लगाम लगेगी। हालांकि, चुनाव सुधार से जुडे़ लोगों का कहना है कि दानकर्ताओं के नाम गुप्त रखने के साथ चुनाव सुधार की प्रक्रिया एक साथ नहीं चल सकती है। सुप्रीम कोर्ट में आज इस मामले को लेकर सुनवाई भी है।
Read more »



Render Time: 2026-04-01 22:06:02