NDA Meeting: सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है - नरेंद्र मोदी

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NDA Meeting: सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है - नरेंद्र मोदी
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एनडीए संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान नरेंद्र मोदी को भाजपा संसदीय दल के नेता घोषित किया गया। इस दौरान अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी को प्रस्तावित किया... BJPParliamentaryLeadersMeeting 17thLokSabha ModiOnceAgain

इस दौरान अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी को प्रस्तावित किया। राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके बाद उन्हें एनडीए का नेता चुनने के लिए प्रकाश सिंह बादल ने नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव का एनडीए के सभी दलों ने समर्थन किया। संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद भाजपा और एनडीए के सभी सांसदों को पीएम मोदी ने धन्यवाद कहा। उन्होंने इस दौरान कहा कि सेंट्रल हॉल की यह घटना असामान्य घटना है। हम आज नए भारत के संकल्प को एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने ते लिए के लिए एक नई यात्रा को आरंभ करने जा रहे हैं। आप सभी इस बदलाव की प्रक्रिया के बहुत बड़े साक्षी हैं। आप सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं लेकिन विशेष रूप से जो पहली बार चुन कर आए हैं वे विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं। पूरे विश्व का ध्यान भारत के इस चुनाव पर था। हमारा चुनाव पूरे विश्व के लिए अजूबा है। इस काम को केंद्रीय चुनाव आयोग, राज्यों के चुनाव आयोगों और सरकारी अधिकारियों ने अपने-अपने योगदान से इसे सफल बनाया। मैं उन सबका अभिनंदन करता हूं। चुनाव तो एक उत्सव था ही, इसका विजयोत्सव भी शानदार था। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी बढ़चढ़क कर इसका उत्सव मनाया गया। भारत के लोकतंत्र को हमें समझना होगा। भारत के मतदाता और इसके नागरिकों के नीर-क्षीर विवेक को किसी मापदंड से मापा नहीं जा सकता है। हमारा लोकतंत्र इतना मैच्योर होता जा रहा है कि सत्ता और उसका रुतबा भारत के मतदाता को कभी प्रभावित नहीं करता है। सत्ता भाव न तो वह स्वीकार करता है और न ही उसे पचा पाता है। मजबूरी वश कभी उसे मान भी ले तो उसका सम्मान नहीं करता है। वह सेवा भाव को सर झुकाकर स्वीकार करता है। जनता ने हमें सेवा भाव के कारण स्वीकार किया है। सत्ता के गलियारे में रहने के बावजूद सत्ता भाव से निर्लिप्त रहने के लिए खुद को तैयार करना होगा। जैसे-जैसे सेवा भाव प्रबल होता जाएगा, सत्ता भाव समाप्त होता जाएगा। इसलिए रामकृष्ण परमहंस कहते थे जीव में ही शिव है। इसलिए जीवमात्र की सेवा शिव की सेवा से कम नहीं है। ये सेवा भाव हमारे लिए और देश के बेहतर भविष्य के लिए इससे बढ़िया कोई मार्ग नही हो सकता। आज एनडीए के सभी नेताओं ने मुझे संसदीय दल का नेता चुना है। मैं इसे एक व्यवस्था का हिस्सा मानता हूं। मैं आप सभी में से एक हूं। हम सब कंधे-कंधे से मिलाकर चलेंगे। यही एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है। अगर किसी गलती हो जाए तो एक सर ऐसा चाहिए जो उस चोट को झेल जाए। मैं समझता हूं आपने मुझे इसके लिए चुना है। आचार्य विनोबा भावे कहते थे चुनाव बांट देता है खाई पैदा करता है, लेकिन 2019 के चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है। यह एक प्रकार से समाजिक एकता के आंदोलन बन गया। इसने इस चुनाव को एक नई ऊंचाई दी है। इस कड़ी में देश की जनता ने एक नए युग की शुरुआत की है। इसके हम साक्षी हैं। हम ऐसा दावा नहीं कर सकते कि हम इसके रचयिता हैं। इसे हम और मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे। इस बार देश भागीदार बना है। उसने 2014 में सिर्फ बैठाया ही नहीं बल्कि 2014-2019 तक हमे चलाया है। इस दौरान कई बार वे हमसे आगे रहे। जनप्रतिनिधियों से मेरा आग्रह है कि मानवीय संवेदनाओं के साथ अब हमारा कोई पराया नहीं रह सकता है। इसकी ताकत बहुत बड़ी होती है। दिलों को जीतने की कोशिश करेंगे। जनप्रतिनिधि के लिए कोई भेद भाव की सीमा रेखा नहीं होती। जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं और जो भविष्य में हमारे साथ होंगे हम उनके लिए भी हैं। इस देश में कई ऐसे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं, जिन्होंने मंत्रिमंडल बना दिया है। जो भी जीतकर आए हैं, सब मेरे हैं। सरकार जिसकी जिम्मेदारी है वही बनाने वाले हैं। अखबार के पन्नों से न मंत्री बनते हैं, न मंत्रिपद जाते हैं। मैंने कभी कहा था कि मोदी ही मोदी का चैलेंजर है। इस बार मोदी ने मोदी को चैलेंज किया और 2014 के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सदन में महिलाओं की संख्या का रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जितने वोट मिले और 2019 में जो वोट मिले, उनमें जो वृद्धि हुई है, यह वृद्धि करीब-करीब 25 प्रतिशत है, मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूं, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी। इस बार माताओं-बहनों ने कमाल कर दिया है। भारत की आजादी के बाद पार्लियामेंट में इतनी बड़ी तादात में महिला सांसद बैठने की ये पहली घटना होगी। ये अपने आप में बहुत बड़ा काम हमारी मातृ शक्ति द्वारा हुआ है। 2014 में मैंने कहा था कि मेरी सरकार देश के दलितों, गरीबों, पीड़ितों, वंचितों, आदिवासियों को समर्पित है। मैं आज फिर कहना चाहता हूं कि 5 साल में हमने उस बात से अपने को भटकने नहीं दिया। देश में गरीब एक राजनीतिक संवाद-विवाद का विषय रहा, एक फैशन का हिस्सा बन गया, भ्रमजाल में रहा। पांच साल के कार्यकाल में हम कह सकते हैं कि हमने गरीबों के साथ जो छल चल रहा था, उस छल में हमने छेद किया है और सीधे गरीब के पास पहुंचे हैं। देश पर इस गरीबी का जो टैग लगा है, उससे देश को मुक्ति दिलाना है। गरीबों के हक के लिए हमें जीना-जूझना है और अपना जीवन खपाना है। गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश की अल्पसंख्कों के साथ भी हुआ है। दुर्भाग्य से देश की अल्पसंख्यक को उस छलावे में ऐसा भ्रमित और भयभीत रख गया है, उससे अच्छा होता कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती। 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी भेदना है। हमें विश्वास जीतना है। संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। हम सबको मिलकर 21वीं सदी में हिंदुस्तान को ऊंचाइयों पर ले जाना है। सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है। इससे पहले अमित शाह ने पीएम मोदी के भाजपा और संसदीय दल और एनडीए के नेता चुने जाने की घोषणा की और एनडीए के सभी नेताओं को धन्यवाद कहा। अमित शाह ने सभा के संबोधित करते हुए कहा कि 17 राज्यों में 50 प्रतिशत और नौ इकाइयों में 40-50 फीसद वोट प्राप्त हुए हैं। देश के हर कोने से जनता ने मोदी को और भाजपा को जनादेश दिया है। पिछले चुनाव में देश की जनता ने एक प्रयोग किया था जिसे मैं प्रयोग कहता हूं। आज मैं देश की जानता के सामने मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि जनता ने जो प्रयोग किया था वह सफल रहा है। इस प्रयोग के बाद देश की जनता ने फिर मोदी को और एनडीए को प्रचंड जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की गरीब जनता इस देश में अपनी जगह ढूंढ रही थी, जिसे मोदी जी ने पूरा किया है। मोदी जी ने 22 करोड़ गरीब परिवारों के जीवन स्तर को उठाया है। देश की जनता में एक टीस थी कि इस देश की सरकारें जनता की सुरक्षा के लिए और राष्ट्र की रक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो जनता को भरोसा हुआ कि कोई नेता है जो दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब दे सकता है। जब पुलवामा में दुखद हमला हुआ। पाक प्रायोजित आतंकियों ने 40 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। और देश के सुरक्षा बलों ने उसका करारा बदला लिया तो देश की सुरक्षा को लेकर आश्वासन का भाव पैदा हुआ। शाह ने कहा कि परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को खोखला कर रही थी, लेकिन इस बार का जनादेश देश को इन बुराइयों से निजात दिला दी है। देश की जनता ने नेता को चुना है। लोगों ने मोदी के समर्थन में वोट दिया है। उनकी सुनामी के आगे सब विपक्षी ध्वस्त हो गया। 20 साल से मोदी जी ने एक छुट्टी नहीं ली है। एक भी दिन मैंने उनके जीवन में आलस नहीं देखा है। शाह ने यह भी कहा कि इतना लंबा राजनीतिक जीवन बिताने के बावजूद उनके दामन पर एक भी दाग नहीं है। इस तरह से देश की जनता ने एक पारदर्शी नेता को चुनने का काम किया है। देश की इच्छा है कि दुनिया में भारत को महाशक्ति बनकर उभरना चाहिए और मुझे भरोसा है कि मोदी के नेतृत्व में देश को उचित सम्मान जरूर मिलेगा। एनडीए की इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे, बिहार सीएम नीतीश कुमार, एलजेपी के रामविलास पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता समेत नवनिर्वाचित सांसद मौजूद हैं। संसदीय दल का नेता चुने जाने बाद अब पीएम मोदी राष्ट्रपति को सांसदों की सूची सौंपकर 17वीं लोकसभा के लिए नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक वे एक बार फिर नए मंत्रिमंडल के साथ प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।.

इस दौरान अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी को प्रस्तावित किया। राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके बाद उन्हें एनडीए का नेता चुनने के लिए प्रकाश सिंह बादल ने नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव का एनडीए के सभी दलों ने समर्थन किया। संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद भाजपा और एनडीए के सभी सांसदों को पीएम मोदी ने धन्यवाद कहा। उन्होंने इस दौरान कहा कि सेंट्रल हॉल की यह घटना असामान्य घटना है। हम आज नए भारत के संकल्प को एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने ते लिए के लिए एक नई यात्रा को आरंभ करने जा रहे हैं। आप सभी इस बदलाव की प्रक्रिया के बहुत बड़े साक्षी हैं। आप सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं लेकिन विशेष रूप से जो पहली बार चुन कर आए हैं वे विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं। पूरे विश्व का ध्यान भारत के इस चुनाव पर था। हमारा चुनाव पूरे विश्व के लिए अजूबा है। इस काम को केंद्रीय चुनाव आयोग, राज्यों के चुनाव आयोगों और सरकारी अधिकारियों ने अपने-अपने योगदान से इसे सफल बनाया। मैं उन सबका अभिनंदन करता हूं। चुनाव तो एक उत्सव था ही, इसका विजयोत्सव भी शानदार था। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी बढ़चढ़क कर इसका उत्सव मनाया गया। भारत के लोकतंत्र को हमें समझना होगा। भारत के मतदाता और इसके नागरिकों के नीर-क्षीर विवेक को किसी मापदंड से मापा नहीं जा सकता है। हमारा लोकतंत्र इतना मैच्योर होता जा रहा है कि सत्ता और उसका रुतबा भारत के मतदाता को कभी प्रभावित नहीं करता है। सत्ता भाव न तो वह स्वीकार करता है और न ही उसे पचा पाता है। मजबूरी वश कभी उसे मान भी ले तो उसका सम्मान नहीं करता है। वह सेवा भाव को सर झुकाकर स्वीकार करता है। जनता ने हमें सेवा भाव के कारण स्वीकार किया है। सत्ता के गलियारे में रहने के बावजूद सत्ता भाव से निर्लिप्त रहने के लिए खुद को तैयार करना होगा। जैसे-जैसे सेवा भाव प्रबल होता जाएगा, सत्ता भाव समाप्त होता जाएगा। इसलिए रामकृष्ण परमहंस कहते थे जीव में ही शिव है। इसलिए जीवमात्र की सेवा शिव की सेवा से कम नहीं है। ये सेवा भाव हमारे लिए और देश के बेहतर भविष्य के लिए इससे बढ़िया कोई मार्ग नही हो सकता। आज एनडीए के सभी नेताओं ने मुझे संसदीय दल का नेता चुना है। मैं इसे एक व्यवस्था का हिस्सा मानता हूं। मैं आप सभी में से एक हूं। हम सब कंधे-कंधे से मिलाकर चलेंगे। यही एनडीए की सबसे बड़ी ताकत है। अगर किसी गलती हो जाए तो एक सर ऐसा चाहिए जो उस चोट को झेल जाए। मैं समझता हूं आपने मुझे इसके लिए चुना है। आचार्य विनोबा भावे कहते थे चुनाव बांट देता है खाई पैदा करता है, लेकिन 2019 के चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है। यह एक प्रकार से समाजिक एकता के आंदोलन बन गया। इसने इस चुनाव को एक नई ऊंचाई दी है। इस कड़ी में देश की जनता ने एक नए युग की शुरुआत की है। इसके हम साक्षी हैं। हम ऐसा दावा नहीं कर सकते कि हम इसके रचयिता हैं। इसे हम और मजबूत बनाने की कोशिश करेंगे। इस बार देश भागीदार बना है। उसने 2014 में सिर्फ बैठाया ही नहीं बल्कि 2014-2019 तक हमे चलाया है। इस दौरान कई बार वे हमसे आगे रहे। जनप्रतिनिधियों से मेरा आग्रह है कि मानवीय संवेदनाओं के साथ अब हमारा कोई पराया नहीं रह सकता है। इसकी ताकत बहुत बड़ी होती है। दिलों को जीतने की कोशिश करेंगे। जनप्रतिनिधि के लिए कोई भेद भाव की सीमा रेखा नहीं होती। जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं और जो भविष्य में हमारे साथ होंगे हम उनके लिए भी हैं। इस देश में कई ऐसे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं, जिन्होंने मंत्रिमंडल बना दिया है। जो भी जीतकर आए हैं, सब मेरे हैं। सरकार जिसकी जिम्मेदारी है वही बनाने वाले हैं। अखबार के पन्नों से न मंत्री बनते हैं, न मंत्रिपद जाते हैं। मैंने कभी कहा था कि मोदी ही मोदी का चैलेंजर है। इस बार मोदी ने मोदी को चैलेंज किया और 2014 के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सदन में महिलाओं की संख्या का रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जितने वोट मिले और 2019 में जो वोट मिले, उनमें जो वृद्धि हुई है, यह वृद्धि करीब-करीब 25 प्रतिशत है, मेरे जीवन के कई पड़ाव रहे, इसलिए मैं इन चीजों को भली-भांति समझता हूं, मैंने इतने चुनाव देखे, हार-जीत सब देखे, लेकिन मैं कह सकता हूं कि मेरे जीवन में 2019 का चुनाव एक प्रकार की तीर्थयात्रा थी। इस बार माताओं-बहनों ने कमाल कर दिया है। भारत की आजादी के बाद पार्लियामेंट में इतनी बड़ी तादात में महिला सांसद बैठने की ये पहली घटना होगी। ये अपने आप में बहुत बड़ा काम हमारी मातृ शक्ति द्वारा हुआ है। 2014 में मैंने कहा था कि मेरी सरकार देश के दलितों, गरीबों, पीड़ितों, वंचितों, आदिवासियों को समर्पित है। मैं आज फिर कहना चाहता हूं कि 5 साल में हमने उस बात से अपने को भटकने नहीं दिया। देश में गरीब एक राजनीतिक संवाद-विवाद का विषय रहा, एक फैशन का हिस्सा बन गया, भ्रमजाल में रहा। पांच साल के कार्यकाल में हम कह सकते हैं कि हमने गरीबों के साथ जो छल चल रहा था, उस छल में हमने छेद किया है और सीधे गरीब के पास पहुंचे हैं। देश पर इस गरीबी का जो टैग लगा है, उससे देश को मुक्ति दिलाना है। गरीबों के हक के लिए हमें जीना-जूझना है और अपना जीवन खपाना है। गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश की अल्पसंख्कों के साथ भी हुआ है। दुर्भाग्य से देश की अल्पसंख्यक को उस छलावे में ऐसा भ्रमित और भयभीत रख गया है, उससे अच्छा होता कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती। 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी भेदना है। हमें विश्वास जीतना है। संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पंथ-जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। हम सबको मिलकर 21वीं सदी में हिंदुस्तान को ऊंचाइयों पर ले जाना है। सबका साथ, सबका विकास और अब सबका विश्वास ये हमारा मंत्र है। इससे पहले अमित शाह ने पीएम मोदी के भाजपा और संसदीय दल और एनडीए के नेता चुने जाने की घोषणा की और एनडीए के सभी नेताओं को धन्यवाद कहा। अमित शाह ने सभा के संबोधित करते हुए कहा कि 17 राज्यों में 50 प्रतिशत और नौ इकाइयों में 40-50 फीसद वोट प्राप्त हुए हैं। देश के हर कोने से जनता ने मोदी को और भाजपा को जनादेश दिया है। पिछले चुनाव में देश की जनता ने एक प्रयोग किया था जिसे मैं प्रयोग कहता हूं। आज मैं देश की जानता के सामने मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि जनता ने जो प्रयोग किया था वह सफल रहा है। इस प्रयोग के बाद देश की जनता ने फिर मोदी को और एनडीए को प्रचंड जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की गरीब जनता इस देश में अपनी जगह ढूंढ रही थी, जिसे मोदी जी ने पूरा किया है। मोदी जी ने 22 करोड़ गरीब परिवारों के जीवन स्तर को उठाया है। देश की जनता में एक टीस थी कि इस देश की सरकारें जनता की सुरक्षा के लिए और राष्ट्र की रक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं। जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो जनता को भरोसा हुआ कि कोई नेता है जो दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब दे सकता है। जब पुलवामा में दुखद हमला हुआ। पाक प्रायोजित आतंकियों ने 40 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। और देश के सुरक्षा बलों ने उसका करारा बदला लिया तो देश की सुरक्षा को लेकर आश्वासन का भाव पैदा हुआ। शाह ने कहा कि परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को खोखला कर रही थी, लेकिन इस बार का जनादेश देश को इन बुराइयों से निजात दिला दी है। देश की जनता ने नेता को चुना है। लोगों ने मोदी के समर्थन में वोट दिया है। उनकी सुनामी के आगे सब विपक्षी ध्वस्त हो गया। 20 साल से मोदी जी ने एक छुट्टी नहीं ली है। एक भी दिन मैंने उनके जीवन में आलस नहीं देखा है। शाह ने यह भी कहा कि इतना लंबा राजनीतिक जीवन बिताने के बावजूद उनके दामन पर एक भी दाग नहीं है। इस तरह से देश की जनता ने एक पारदर्शी नेता को चुनने का काम किया है। देश की इच्छा है कि दुनिया में भारत को महाशक्ति बनकर उभरना चाहिए और मुझे भरोसा है कि मोदी के नेतृत्व में देश को उचित सम्मान जरूर मिलेगा। एनडीए की इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे, बिहार सीएम नीतीश कुमार, एलजेपी के रामविलास पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता समेत नवनिर्वाचित सांसद मौजूद हैं। संसदीय दल का नेता चुने जाने बाद अब पीएम मोदी राष्ट्रपति को सांसदों की सूची सौंपकर 17वीं लोकसभा के लिए नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक वे एक बार फिर नए मंत्रिमंडल के साथ प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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