LIVE देवरिया लोकसभा सीटः मतदान शुरू, 11 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

United States News News

LIVE देवरिया लोकसभा सीटः मतदान शुरू, 11 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 AajTak
  • ⏱ Reading Time:
  • 209 sec. here
  • 5 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 87%
  • Publisher: 63%

देवरिया लोकसभा सीट पर LokSabhaElections2019 के अंतिम और सातवें चरण के तहत वोटिंग शुरू

देवरिया लोकसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के अंतिम और सातवें चरण के तहत आज रविवार को वोटिंग कराए जा रहे हैं. मतदान को लेकर कई संवेदनशील पोलिंग बूथों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. देवरिया संसदीय सीट पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के रमापति राम त्रिपाठी, कांग्रेस के नियाज अहमद और बहुजन समाज पार्टी के बिनोद कुमार जयसवाल के बीच है.

महान संत देवरहा बाबा की धरती देवरिया लोकसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के 80 संसदीय सीटों में से एक है और इसकी संसदीय संख्या 66 है. देवरिया का इतिहास काफी पुराना है. माना जाता है कि देवरिया नाम की उत्पत्ति ‘देवारण्य’ या ‘देवपुरिया’ से हुई थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ‘देवरिया’ नाम इसके मुख्यालय के नाम से लिया गया है और इसका मतलब होता है एक ऐसा स्थान, जहां कई मंदिर होते हैं.देवरिया जिला उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है. जिले का निर्माण 16 मार्च 1946 को गोरखपुर के पूर्व-दक्षिण के कुछ हिस्से को अलग कर किया गया. इसके बाद 13 मई 1994 को देवरिया से अलग कर एक नया जिला कुशीनगर बनाया गया और उसके बाद इसे 1997 में कुशीनगर का नाम दिया गया. देवरिया संसदीय सीट का इतिहास देश के पहले लोकसभा चुनाव के साथ ही पुराना है. यहां पर लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा. लेकिन 1991 के बाद उसका असर यहां से कम होने लगा और मुकाबला बीजेपी, सपा और बसपा के बीच ही होने लगा. देवरिया जिले के पहले सांसद रहे विश्वनाथ राय और लगातार 4 बार वहां से सांसद चुने गए. वह कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में थे. वह 1952 से 57 तक पहले लोकसभा में यहां का प्रतिनिधित्व किया. विश्वनाथ राय इसके बाद 1957-62, 1962-67 और 1967-70 तक लोकसभा में यहां से चुने गए. यहां से राजमंगल पांडे भी सांसद रहे. 1991 के बाद की यहां की राजनीति की बात करें तो मोहन सिंह जनता दल के टिकट पर 1991 में चुने गए. 1996 में बीजेपी ने अपना खाता यहां से खोला और प्रकाश मणि त्रिपाठी चुने गए. बीजेपी यहां पर 1996 के अलावा 1999, 2009 और 2014 में विजयी रही थी. 2014 में कलराज मिश्रा ने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल कर यह सीट बीएसपी से छीनी थी.2011 की जनगणना के अनुसार देवरिया जिले की आबादी 31 लाख से ज्यादा है और यह उत्तर प्रदेश का 32वां सबसे घनी आबादी वाला जिला है. यहां पर कुल आबादी 31,00,946 है जिसमें पुरुषों की 15,37,436 और महिलाओं की 15,63,510 लाख है. ज्यादातर आबादी गांव में रहती है. गांवों में 27,84,143 आबादी रहती है. जाति के आधार पर देखा जाए तो यहां पर सामान्य वर्ग की आबादी 81 फीसदी है तो अनुसूचित जाति की आबादी 15 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की महज 4 फीसदी आबादी यहां रहती है. धर्म के आधार पर देखा जाए तो 88.1% लोग हिंदू धर्म से संबंधित हैं तो 11.6% लोग मुस्लिम समाज से आते हैं. अन्य धर्म के मानने वालों की संख्या महज 0.3% है. देवरिया का लिॆंगानुपात सकारात्मक है और प्रति हजार पुरुषों पर 1,017 महिलाएं हैं. साक्षरता दर का स्तर देखा जाए तो यहां की साक्षरता 71% है, जिसमें पुरुषों की 83% और महिलाओं की 59% आबादी साक्षर है. देवरिया संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जिसमें देवरिया, तमकुही राज, फाजिलनगर, पथरदेवा और रामपुर कारखाना शामिल है, यहां से एक भी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं है. देवरिया विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के जनमेजय सिंह विधायक हैं जिन्होंने 2017 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के जेपी जयसवाल को 46,236 मतों से हराया था. तमकुही राज विधानसभा से कांग्रेस के अजय कुमार लालू ने बीजेपी के जगदीश मिश्रा को 18,114 मतों के अंतर से हराकर विधानसभा में कांग्रेस यहां से अपनी सीट बचाने में कामयाब रही थी. फाजिलनगर विधानसभा सीट से बीजेपी के गंगा सिंह कुशवाहा ने 2017 के चुनाव में सपा के विश्वनाथ को 41,922 मतों के अंतर से हराया था. वहीं पथरदेवा से बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही ने सपा के शाकिर अली को 42,997 मतों के अंतर से हराया था. जबकि रामपुर कारखाना से बीजेपी के कमलेश शुक्ला ने सपा के फासिहा मंजर गजाला लारी को 9,987 मतों के अंतर से हराया था. देवरिया के 5 विधानसभा के परिणाम के आधार पर देखा जाए तो 4 सीट पर बीजेपी का कब्जा है जबकि एक सीट पर कांग्रेस की पकड़ है. सपा-बसपा का यहां पर खाता ही नहीं खुला. खास बात यह है कि इन सीटों पर हार-जीत का अंतर भी काफी ज्यादा है.2014 के लोकसभा चुनाव के समय देवरिया में 18,06,926 वोटर्स थे जिसमें 9,97,314 पुरुष और 8,09,612 महिला मतदाता थे. उस दौरान इस संसदीय क्षेत्र में 9,71,557 यानी 53.8% मतदान हुआ. जिसमें 53.1% यानी 9,59,152 वोट मान्य पाए गए, जबकि यहां पर 12,405 वोट यानी कुल मतों का 0.7% नोटा में पड़ा. इस संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के कलराज मिश्रा ने जीत हासिल की थी. उन्होंने चुनाव में 51.1% यानी 496,500 वोट हासिल किया था. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के नियाज अहमद को 265,386 मतों से हराया. तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के बलेश्वर यादव रहे जिनको 150,852 यानी 15.5% वोट हासिल हुआ. कांग्रेस यहां पर चौथे स्थान पर खिसक गई. इस चुनाव में 15 लोगों ने अपनी किस्मत आजमाई थी. चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

AajTak /  🏆 5. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

दिल्ली के बाहर AAP का भविष्य तय करेंगे पंजाब के लोकसभा चुनावदिल्ली के बाहर AAP का भविष्य तय करेंगे पंजाब के लोकसभा चुनावलोकसभा चुनाव 2019 में पंजाब की सभी 13 सीटों पर 19 मई को वोट डाले जाएंगे. इस बार के चुनाव में सबसे बड़ी प्रतिष्ठा आम आदमी पार्टी की लगी है, 2014 में पार्टी के चार सांसद जीतने में कामयाब रहे थे, लेकिन 2019 आते-आते स्थिति इतनी विपरीत हो चुकी है कि पिछले नतीजे को दोहराना आसान नहीं है.
Read more »

पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बयान और मोदी के विवादित बोलपीएम मोदी के ख़िलाफ़ बयान और मोदी के विवादित बोलचुनावों में कई नेताओं की ऐसी ज़ुबान फिसली है कि वो निजी ज़िंदगी में भी तांक-झांक पर उतर आए हैं.
Read more »

रानाघाट लोकसभा सीट: इस सीट से हैं टीएमसी को काफी उम्मीदें– News18 हिंदीरानाघाट लोकसभा सीट: इस सीट से हैं टीएमसी को काफी उम्मीदें– News18 हिंदीरानाघाट लोकसभा सीट का अस्तित्व 2009 के परिसीमन की रिपोर्ट के बाद सामने आई. इसके पहले ये सीट नवद्वीप संसदीय क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी.
Read more »

अमित शाह के रोड शो के दौरान हंगामा, काले झंडे, पथराव, लाठीचार्जअमित शाह के रोड शो के दौरान हंगामा, काले झंडे, पथराव, लाठीचार्जपश्चिम बंगाल पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप, ममता बनर्जी ने कहा बाहर से गुंडों को लाकर हंगामा और हिंसा कराई.
Read more »

अमित शाह के रोड शो के दौरान हंगामा, पथराव, लाठीचार्जअमित शाह के रोड शो के दौरान हंगामा, पथराव, लाठीचार्जपश्चिम बंगाल पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप, ममता बनर्जी ने कहा बाहर से गुंडों को लाकर हंगामा और हिंसा कराई.
Read more »

अमित शाह के कोलकाता रोड शो में हिंसा: TMC ने मांगा EC से समय तो BJP बोली- ममता के प्रचार पर लगे बैन, 10 बड़ी बातेंअमित शाह के कोलकाता रोड शो में हिंसा: TMC ने मांगा EC से समय तो BJP बोली- ममता के प्रचार पर लगे बैन, 10 बड़ी बातेंभाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के मंगलवार को कोलकाता में हुए विशाल रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. हालांकि शाह को किसी तरह की चोट नहीं आई और पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई. अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जब विद्यासागर कॉलेज के भीतर से टीएमसी के कथित समर्थकों ने शाह के काफिले पर पथराव किया, जिससे दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़प हुई. गुस्साए भाजपा (BJP) समर्थकों ने भी उसी तरह प्रतिक्रिया दी और कॉलेज के प्रवेशद्वार के बाहर टीएमसी प्रतिद्वंद्वियों के साथ मारपीट करते नजर आए. बाहर खड़ी कई मोटरसाइकलों को आग के हवाले कर दिया गया. ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी झड़प के दौरान तोड़ दी गई. पुलिसकर्मी पानी भरी बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश करते देखे गए. रोडशो के लिए तैनात किए गए कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) के दस्ते ने तुरंत हरकत में आते हुए इन समूहों का पीछा किया.
Read more »

श्रीलंका हमले के आरोपी पर बड़ा खुलासा, रह चुका है भारतीय एजेंसियों के रडार परश्रीलंका हमले के आरोपी पर बड़ा खुलासा, रह चुका है भारतीय एजेंसियों के रडार परश्रीलंका में ईस्टर पर हुए सिलसिलेवार धमाके का मुख्य आरोपी आदिल अमीज को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आदिल भारतीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर रह चुका है.
Read more »

नरेंद्र मोदी सरकार के 5 सालः जानिए क्या हैं 5 प्लस और 5 माइनस प्वॉइंट?नरेंद्र मोदी सरकार के 5 सालः जानिए क्या हैं 5 प्लस और 5 माइनस प्वॉइंट?पांच साल के कार्यकाल के बाद मोदी सरकार अब 2019 के लोकसभा चुनाव मैदान में है. विपक्ष, जहां सरकार पर सभी मोर्चों पर असफल होने का आरोप लगा रहा है तो सरकार आंकड़ों के जरिए योजनाओं की सफलता गिनाने में जुटी है. लोकसभा चुनाव के बहाने जानते हैं मोदी सरकार किन 5 मुद्दों पर छाप छोड़ने में सफल रही और किन पांच मुद्दों पर अपेक्षित उपलब्धियां नहीं हासिल हुईं.
Read more »

चुनाव आयोग ने ममता के भतीजे के लोकसभा क्षेत्र में तैनात दो अफसरों पर गिराई गाजचुनाव आयोग ने ममता के भतीजे के लोकसभा क्षेत्र में तैनात दो अफसरों पर गिराई गाजप. बंगाल में सियासी संग्राम के बीच गुरुवार को चुनाव आयोग ने ममता सरकार को झटका देते हुए दो और अधिकारियों पर गाज गिराई।
Read more »

एर्नाकुलम लोकसभा सीट: कांग्रेस के किले में क्या बीजेपी के कन्नाथनन लगा सकेंगे सेंध– News18 हिंदीएर्नाकुलम लोकसभा सीट: कांग्रेस के किले में क्या बीजेपी के कन्नाथनन लगा सकेंगे सेंध– News18 हिंदीइस बार कुल 13 प्रत्याशी एर्नाकुलम से अपना भाग्य आजमा रहे हैं. बीजेपी ने मौजूदा केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्नाथनन को यहां से उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने हीबी इडेन, माकपा ने पी. राजीव, बहुजन समाज पार्टी ने पीए नियामाथुल्ला को टिकट दिया है.
Read more »

लोकसभा चुनाव 2019 : 'राजा' के समर्थक के नाम पर संदेह के दायरे में 'महाराजा' के मंत्री– News18 हिंदीलोकसभा चुनाव 2019 : 'राजा' के समर्थक के नाम पर संदेह के दायरे में 'महाराजा' के मंत्री– News18 हिंदीग्वालियर में पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले 8 फीसदी ज़्यादा वोटिंग होने के बावजूद कांग्रेस के मंत्री और विधाय़क सवालों के घेरे में हैं. लोकसभा चुनाव में 60 फीसदी मतदान हुआ जो 2014 को मुक़ाबले 8 फीसदी ज़्यादा है. लेकिन मंत्री और विधायकों के इलाकों में 2018 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 14 फीसदी तक कम वोटिंग हुई है. आरोप लग रहे हैं कि सिंधिया खेमे के मंत्रियों और विधायकों ने दिग्विजय खेमे के कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह के लिए काम नहीं किया. अगर यहां कांग्रेस को नाकामी मिलती है तो ये मामला तूल पकड़ेगा.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 13:36:56