Red Fort Blast: क्या ये आतंकवाद का नया मॉडल है..जिसे हमने White कॉलर टेरर का नाम दिया है. क्योंकि इस ब्लास्ट में जितने अहम किरदारों का खुलासा हो रहा है, वो सभी डॉक्टर हैं.
Lal Qila Blast : लाल किला धमाके के 26 घंटे हो चुके हैं. जांच से अब तक जो तथ्य सामने आए हैं उससे साफ है कि इस आतंकी हमले के तार सीधे तौर पर बॉर्डर पार बैठे आतंक के आकाओं से जुड़े हैं. दिल्ली को दहलानेवाले इस खूनी आतंकी हमले में नए तरह के हथियार और आतंक के नए पैटर्न का इस्तेमाल किया गया.
आज हम इसी नए और घातक पैटर्न के बारे में आपको बताएंगे. जिस डॉ उमर नबी को लाल किला धमाके का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, वो एक डॉक्टर है और हमने आपको इसके बारे में विस्तार से बताया भी है. लेकिन बड़ी बात ये है कि इस दिल्ली ब्लास्ट में एक-एक कर डॉक्टर्स के नाम ही आ रहे हैं. क्या ये आतंकवाद का नया मॉडल है..जिसे हमने White कॉलर टेरर का नाम दिया है. क्योंकि इस ब्लास्ट में जितने अहम किरदारों का खुलासा हो रहा है, वो सभी डॉक्टर हैं. यानी इस बार भारत में हमले के लिए खासतौर से डॉक्टरों का आतंकी दस्ता तैयार किया गया. आतंक का सफेद कोट मॉड्यूल इस ब्लास्ट में आखिर कितने डॉक्टर शामिल हैं? कागज पर उमर नबी का प्रोफेशन डॉक्टर का था. जी हां वो सफेद गाउन वाला डॉक्टर था. फिलहाल फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में काम करता था उसने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की डिग्री ली थी. उसके बाद जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया. बाद में वो दिल्ली आया और फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में काम करने लगा. बंदूक लिए आतंकियों से ज्यादा खतरनाक और डॉक्टर बन गया. यही आतंक का वो नया पैटर्न है जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं. ये सफेदफोश आतंकी हैं. ये पढ़े-लिखे आतंकी हैं. इनके हाथों में बंदूक नहीं होती. इनके हाथ में स्टेथोस्कोप होता है. ये पहली नजर में आपको कट्टरपंथियों की तरह नहीं दिखेंगे. इन्हें देखकर आपको लगेगा कि ये जान बचानेवाले मेडिकल प्रोफेशनल्स हैं. लेकिन नहीं ये आतंक के सफेदपोश पैटर्न के मोहरे हैं. ये हाथ में बंदूक लिए आतंकियों से ज्यादा खतरनाक हैं. क्योंकि ये हमारे बीच में रहकर आतंक की बारूदी साजिश रचते हैं. इनको पहचानना मुश्किल है. #DNAWithRahulSinha | नए तरह के आतंकी, नए तरह का धमाका, भारत में मुनीर के कितने आतंकी डॉक्टर तैनात? PoK में मीटिंग का दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन जानिए #DNA #RedFortBlast #RedFort #DelhiRedFortBlast #Pulwama #Delhi #DelhiNews@RahulSinhaTV pic.twitter.comj1wWHKrxpX — Zee News November 11, 2025 डॉक्टर उमर पुलवामा का रहनेवाला था. जी न्यूज रिपोर्टर खालिद हुसैन उमर के गांव पहुंचे. हमने वहां पड़ताल शुरू की. उसके घरवालों से बात की. घरवालों ने बताया कि सामान्य लड़का था. घरवालों की नजर में पढ़ाकू था. यही वो छलावा है जो इन व्हाइट कॉलर आतंकियों को ज्यादा खतरनाक बनाता है. कैसे दिल्ली को आतंकियों ने दहलाया आतंक के इस नए सफेदपोश खतरे का उमर नबी अकेला मोहरा नहीं था. वो सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड था. इस व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल ने कैसे दिल्ली को दहलाया हम आपको बताएंगे. लेकिन पहले आपको जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक एक्टिव व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के 6 आतंकियों की जानकारी आपको देते हैं. डॉ. आदिल अहमद राथर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहनेवाला है. इसे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था. डॉ मुजम्मिल शकील जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहनेवाला है. इसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया. शाहीन शाहिद करती थी हथियारों की सप्लाई डॉ शाहीन शाहिद लखनऊ की रहनेवाली है. इसकी गाड़ी का इस्तेमाल हथियारों के ट्रांसपोर्ट के लिए होता था. इसे लखनऊ से पकड़ा गया है. फरीदाबाद के व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में लखनऊ का डॉक्टर परवेज अंसारी भी शामिल था. उसके घर पर छापेमारी हुई है. वो अभी फरार है. सफेदपोश टेरर मॉड्यूल का एक मेंबर डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सईद भी था. इसे गुजरात में पकड़ा गया. हैदराबाद का रहनेवाला ये सफेदपोश आतंकी रिसिन नाम का जानलेवा केमिकल बना रहा था हम आपको फिर बताता देते हैं कि फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड उमर नबी आखिरी बार दिल्ली में एक CCTV में दिखा. वो पुलवामा का रहनेवाला था. अब तक की जांच में एजेंसियों को शक है कि लाला किला के पास कार ब्लास्ट उमर ने ही किया. उमर, आदिल, मुजम्मिल, शाहीन, परवेज, मोहिउद्दीन व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के सभी 6 मोहरे डॉक्टर हैं. आतंक वाली काली करतूत को छिपाने के लिए इन्होंने सफेद कोट पहन रखा था. डॉक्टरी इन सफेदपोश आतंकियों के लिए प्रोफेशनल कवर का काम करती थी. आसानी से इन लोगों पर नहीं होता शक देश के हजारों नौजवान डॉक्टर बनना चाहते हैं. लेकिन ये सफेदपोश डॉक्टर बनने के बाद आतंकी बने. यही आतंक का वो नया पैटर्न है जो पहले से ज्यादा खतरनाक है. पढ़े लिखे और अच्छे प्रोफेशन से जुड़े होने के कारण इनपर आसानी से शक नहीं होता है. ये जब आपसे मिलेंगे तो बेहद विनम्रता से मिलेंगे. लेकिन इनके इरादे किसी आतंकी से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं. लाल किला धमाका इसका प्रमाण है. सरहद पार बैठे आतंक के आकाओं की ये सबसे शातिर साजिश है. इस बार उन्होंने आतंकी हमले का पैटर्न बदल दिया है. अब आतंकी हमला करने वाला दहशतगर्द बॉर्डर पार कर नहीं आता है. वो हमारे आस पास किसी ऑफिस में, किसी अस्पताल में काम कर रहा होता है. वो हमसे रोज मिलता है. आकाओं से मिलता है निर्देश और कर देता है ब्लास्ट और जैसे ही उसे अपने आकाओं का निर्देश मिलता है वो गाड़ी में विस्फोटक भरता है और आम लोगों के बीच जाकर धमाका कर देता है. ठीक वैसे ही जैसे उमर ने किया. उसने कार ली. बारूद भरा और भीड़ के बीच जाकर ब्लास्ट कर दिया. सोचिए चंद घंटे पहले तक वो दिखावे के लिए किसी मरीज का इलाज कर रहा होगा और चंद घंटे बाद वो आतंकी बनकर खून बहाने निकल गया. दिल्ली को दहलाने वाले इस व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का सरगना डॉ. उमर नबी था. अब तक की जांच के मुताबिक, उसने ही लाल किले के सामने कार में धमाका किया. फरीदाबाद मॉड्यूल के पर्दाफाश के बाद उमर को गिरफ्तारी का डर था. इसलिए वो कार लेकर निकला और धमाका कर दिया. डॉ. आदिल अहमद राथर इस सफेदफोश आतंकी नेटवर्क का लिंकमैन था. हथियारों और विस्फोटक की खरीद में उसकी प्रमुख भूमिका थी. वो धमाके के लिए IED जुटा रहा था. फिलहाल एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. जुटा लिया था 2900 किलो आरडीएक्स डॉ. मुजम्मिल शकील व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का सेंट्रल ऑपरेटर और कोर मेंबर था. उसने धमाके के लिए 2 हजार 900 किलो विस्फोटक जुटाए थे. मुजम्मिल टेरर मॉड्यूल के बाकी आतंकियों के साथ कॉर्डिनेट करता था. डॉ शाहीन शाहिद व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल की सुरक्षा कवच थी. क्योंकि महिला और वो भी डॉक्टर हो तो भला कोई कैसे शक करेगा कि वो आतंकी हो सकती है. शाहीन टेरर मॉड्यूल के लिए हथियार ट्रांसपोर्ट करती थी. सोचिए जिन डॉक्टरों के पास दवाइयां होनी चाहिए थीं, उनके पास 2 हजार 900 किलो बारूद था. जिन्हें लोगों की जान बचाने के लिए मेडिकल रिसर्च करना चाहिए था, वो हमारे बीच रहकर बारूदी धमाके पर रिसर्च कर रहे थे. वो रिसर्च कर रहे थे कि कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान ली जाए. अगर ये व्हाइट कॉलर आतंकी अपनी साजिश में कामयाब होते तो कितना बड़ा नुकसान होता. अगर 2 हजार 900 किलो बारूद में धमाका होता तो क्या होता. कई राज्यों में फैला है नेटवर्क ये व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल देश के कई राज्यों में फैला हुआ था. अब तक की जांच में सफेदफोश आतंकियों का नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात में एक्टिव मिला है. सोचिए ये आतंकी इलाज की आड़ में खून बहाने की साजिश रच रहे थे. अब हम आपको इन आतंकियों के आपसी कनेक्शन को भी समझाते हैं. इस आपसी कनेक्शन का बड़ा सेंटर फरीदाबाद का अल-फलाह मेडिकल कॉलेज था. उमर नबी, मुजम्मिल शकील और शाहीन शाहिद ये तीनों अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में एक साथ काम कर रहे थे. उमर और मुजम्मिल के बीच सबसे सॉलिड कनेक्शन ये है कि दोनों पुलवामा के कोइल गांव के रहनेवाले हैं. उमर, मुजम्मिल और आदिल तीनों ने जीएमसी अनंतनाग में काम किया है. आदिल और मुजम्मिल की मुलाकात जीएमसी अनंतनाग में ही हुई थी. आदिल ने ही उमर और मुजम्मिल की मुलाकात कराई थी. शाहीन को मुजम्मिल का करीबी बताया जा रहा है. अल-फलाह कॉलेज टेरर मॉड्यूल का हेडक्वॉर्टर इन सभी ने मिलकर फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज को व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हेडक्वार्टर बना दिया था. मुजम्मिल ने फरीदाबाद में ही 360 किलो विस्फोटक स्टोर किया था. सोचिए दिल्ली से महज 70 किलोमीटर दूर 360 किलो बारूद स्टोर किया गया था. एजेंसियों को शक ना हो इसलिए डॉक्टरों का टेरर मॉड्यूल बनाया गया था. इस शातिर साजिश को ऐसे समझिए कि इन सफेदपोश आतंकियों ने 2 हजार 900 किलो बारूद स्टोर कर लिया लेकिन किसी को भनक नहीं लगी. ये दिल्ली से 70 किलोमीटर दूर फरीदाबाद में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का हेडक्वॉर्टर चला रहे थे लेकिन किसी को शक नहीं हुआ. ये बारूद और AK 47 जैसे खतरनाक हथियार जुटा रहे थे, लेकिन एजेंसियों की नजर से दूर थे. जानते हैं क्यों. क्योंकि ये डॉक्टर थे. ये आसानी से एजेंसियों के राडार पर नहीं आते. इसलिए पाकिस्तानी पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं ने चुन-चुनकर इन सफेदपोश आतंकियों को अपने टेरर नेटवर्क में शामिल किया.
Red Fort Blast Video White Collar Module Terrorist Module Lal Qila Blast Jaish E Mohammad Doctor Terrorist DNA DNA Analysis
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
चीन में 1,441 साल पुरानी भारतीय ब्राह्मण की मिली अनोखी कब्र, DNA टेस्ट ने सिल्क रोड का बदला इतिहास? 6ठी सदी की चर्चा अब क्यों?6ठी सदी के ब्राह्मण ली डैन की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है. 1,441 साल पहले एक ब्राह्मण भारत से निकला, बौद्ध धर्म लेकर चीन पहुंचा, वहां उनके देश में स्टार बना, शादी की और दफन हुआ… और आज जब उसकी 1441 साल बाद जो खुलासा हुआ उसके बाद सभी हैरान हैं.
Read more »
Delhi Blast: उमर की लाश की पहचान के लिए मां का होगा DNA टेस्ट, गाड़ी में धमाके के समय उड़ गए थे चिथड़ेदिल्ली के लाल किले के सामने एक गाड़ी में विस्फोट हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। संदिग्ध उमर गाड़ी चला रहा था और विस्फोट में मारा गया। उसकी पहचान के लिए मां का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। उमर कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था। पुलिस मामले की जांच कर रही...
Read more »
दिल्ली धमाके के संदिग्ध मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर नबी का सच आएगा सामने, लाश की पहचान के लिए मां का होगा DNA टेस्टएक पुलिस सूत्र ने बताया कि शुरुआती जांच से दिल्ली विस्फोट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के बीच संभावित संबंध का पता चलता है। ब्लास्ट केस में माना जा रहा है कि संदिग्ध उमर गाड़ी चला रहा था और वह विस्फोट में मारा गया। अब उसकी पहचान के लिए उसकी मां का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा...
Read more »
Delhi Red Fort Blast: Changing Terror Pattern - Did Investigation Reveal Suspected Pakistan Links?Delhi Red Fort Blast: The probe was transferred to the National Investigation Agency (NIA) on Tuesday, and the investigations into the explosion are progressing rapidly.
Read more »
Delhi Red Fort Blast: दिल्ली ब्लास्ट के बाद देशभर के कई हिस्सों में कैंडल मार्चDelhi Red Fort Blast: पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं. सदर बाजार में व्यापार महासंघ के सदस्यों ने शांति मार्च आयोजित किया. देश
Read more »
DNA: क्या लाल किला ब्लास्ट की साजिश पाकिस्तान में रची गई! ISKP-ISI गठजोड़ पर जांच एजेंसियों की नजरDelhi Blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने देश की राजधानी को हिला दिया है. शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्क की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं.
Read more »
