माउंट आबू की फिजिकल रिसर्च लेबोरेट्री के 1.2m दूरबीन से रहस्यमयी धूमकेतु 3I/ATLAS की तस्वीरें और स्पेक्ट्रम लिया गया. गोल कोमा साफ दिखा. जब से ये धूमकेतु हमारे सौरमंडल में चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ वैज्ञानिक इसे एलियन कह रहे हैं. भारत से इसकी पहली बड़ी ऑब्जर्वेशन हुई है.
भारत के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अंतरिक्ष में कमाल कर दिखाया है. फिजिकल रिसर्च लेबोरेट्री के वैज्ञानिकों ने माउंट आबू की 1.2 मीटर दूरबीन से धूमकेतु 3I/ATLAS की शानदार तस्वीरें और स्पेक्ट्रम लिया है.
यह धूमकेतु हमारे सौरमंडल से बाहर का मेहमान है. अभी सूरज के सबसे नजदीक आने के बाद वापस बाहर की ओर जा रहा है. .stroy-870 .read-more-content ~ div {display: none;} .stroy-870 .read-more-content #tab-link-wrapper-plugin {display: none;} .stroy-870 .read-more-content #live-tv-ico {display: none;}.story-with-main-sec .read-more-content p.edpara {display: none;}और पढ़ेंधूमकेतु कैसा दिख रहा है?तस्वीरों में धूमकेतु के चारों तरफ गोलाकार कोमा साफ दिख रहा है. धूल की पूंछ अभी सूरज की दिशा में पीछे की ओर है, इसलिए पृथ्वी से नहीं दिख रही. अगर गहरी और चौड़ी तस्वीरें लें तो आयन पूंछ दिख सकती है.यह भी पढ़ें: बुढ़ापा रुक जाएगा, उल्टी चलने लगेगी उम्र... फ्यूचरिस्ट रेमंड कुर्जविल का दावास्पेक्ट्रम में क्या खास मिला?12-15 नवंबर की सुबह-सुबह वैज्ञानिकों ने धूमकेतु का स्पेक्ट्रम लिया. इसमें हमारे सौरमंडल के सामान्य धूमकेतुओं जैसे ही चमकदार लाइनें मिलीं...CN C2 C3यानी इस दूसरे तारे से आए धूमकेतु की रासायनिक संरचना हमारे सौरमंडल के धूमकेतुओं से बहुत मिलती-जुलती है.यह भी पढ़ें: तीन पैर-एक आंख वाला शेर कैसे करता है शिकार, 11 साल के जैकब की कहानी Advertisement कितना सक्रिय है यह धूमकेतु?वैज्ञानिकों ने गणना की कि हर सेकंड करीब 10^25 अणु गैस के रूप में बाहर निकल रहे हैं. इसे प्रोडक्शन रेट कहते हैं. इसकी तुलना करने पर 3I/ATLAS बिल्कुल सामान्य धूमकेतु लगा – न ज्यादा सक्रिय, न कम.अब आगे क्या?धूमकेतु अब रात के अंधेरे हिस्से में आ रहा है, इसलिए आने वाले दिनों में और बेहतर तस्वीरें और स्पेक्ट्रम लिए जाएंगे. इससे हमें पता चलेगा कि दूसरे तारों के धूमकेतु हमारे वाले धूमकेतुओं से कितने अलग या एक जैसे हैं.यह भी पढ़ें: यहां 65 दिन तक सूरज दिखेगा ही नहीं, 22 जनवरी तक रात ही रातमाउंट आबू की 1.2 मीटर दूरबीनगुरुशिखर के पास 1680 मीटर ऊंचाई पर स्थित यह दूरबीन PRL की है. यहीं से एक्सोप्लैनेट, ब्लैक होल और सौरमंडल की चीजों का अध्ययन होता है. भारत में अंतरतारकीय धूमकेतु की यह पहली बड़ी ऑब्जर्वेशन है.पहले 2I/बोरिसोव और अब 3I/ATLAS – अंतरिक्ष से आने वाले ये मेहमान हमें ब्रह्मांड की नई कहानियां सुना रहे हैं. भारतीय वैज्ञानिक भी अब इस कहानी में अपना अध्याय जोड़ रहे हैं.---- समाप्त ---- ये भी देखें
C/2025 A11 PRL Mount Abu Telescope 1.2M Telescope Gurushikhar Comet Coma Imaging Comet Spectroscopy India CN C2 C3 Emissions Comet Production Rate 10^25 Typical Comet Composition Interstellar Object Observation Solar System Outsider Comet Physical Research Laboratory Astronomy Mount Abu Observatory Comet Dust Ion Tail Sublimation Activity Comet Indian Comet Research 2025 Extrastellar Visitor Comet ATLAS Observations
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
धरती की तरफ बढ़ रहा है 3IATLAS! वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी- खतरे में पृथ्वी की 90% आबादीInterstellar Comet 3I ATLAS: 3IATLAS की खोज के बाद वैज्ञानिक यह पता लगाने लगे हैं कि ऐसे पिंड अंतरिक्ष में कैसे होते हैं. वे यह भी जानना चाहते हैं कि धरती के कौन से हिस्से इन बाहरी अंतरिक्ष से आने वाले मेहमानों के टकराने के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं.
Read more »
आपके कंप्यूटर को रोबोट बनाने की तैयारी में OpenAI, ऐपल के Ex इंप्लॉइज और ATLAS के साथ होगा बड़ा खेलSam Altman ने एक ऐसा कदम उठाया है जो काफी कुछ बदल सकता है. खास तौर पर आपके कंप्यूटर यूज करने और ब्राउजिंग करने का तरीका. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? आइए समझते हैं.
Read more »
सूरज की गर्मी नहीं झेल पाया धूमकेतु ATLAS, वैज्ञानिकों ने टूटते हिस्से देखेसूरज की गर्मी नहीं झेल पाया धूमकेतु ATLAS, इटली के वैज्ञानिकों ने टूटते हुए तीन हिस्से देखे
Read more »
सूरज की गर्मी नहीं झेल पाया धूमकेतु ATLAS, इटली के वैज्ञानिकों ने टूटते हुए तीन हिस्से देखेधूमकेतु C/2025 K1 (ATLAS) सूरज के पास से गुजरने के बाद टूटने लगा. इटली के टेलिस्कोप ने 11–12 नवंबर की रात इसे तीन टुकड़ों में बिखरते हुए रिकॉर्ड किया. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह काइपर बेल्ट से आया प्राचीन धूमकेतु है, जो पहली बार भीतर के सौर मंडल में पहुंचकर गर्मी नहीं झेल पाया और टूट गया.
Read more »
सूरज का प्रचंड ताप नहीं झेल पाया धूमकेतु ATLAS! इटली के वैज्ञानिकों का दावा- 3 हिस्से में टूट गयाATLAS: इस धूमकेतु की खोज मई 2025 में की गई थी. इसकी खोज के बाद जैसे-जैसे वह सूर्य के करीब आता गया, उसकी चमक बढ़ने लगी थी. इसके पीछे की वजह थी कि सूर्य की गरमी की वजह से इसकी ऊपरी सतह धीरे-धीरे पिघलकर गैस में बदलने लगी थी.
Read more »
दुनिया का सबसे बड़ा कीट! आकार देखकर वैज्ञानिक भी दंग, रूप बदलने में माहिरWorlds Largest Atlas Moth Insect: करीब 900 वर्ग किलोमीटर में फैले बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में एक ऐसा कीट पाया जाता है, जिसकी तुलना यूनानी देवता एटलस से की जाती है. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट बताते हैं कि यह कीट कोई और नहीं, बल्कि एटलस मोथ है. यह रूप बदलने में माहिर है.
Read more »
