Agri: अब गेहूं-चना नहीं, नवंबर में करें इस औषधीय फसल की खेती, बंपर होगा मुनाफा

औषधीय फसल की खेती News

Agri: अब गेहूं-चना नहीं, नवंबर में करें इस औषधीय फसल की खेती, बंपर होगा मुनाफा
नवंबर में खेती के आइडियाजमुनाफे वाली खेतीहर्बल फार्मिंग टिप्स
  • 📰 News18 Hindi
  • ⏱ Reading Time:
  • 84 sec. here
  • 17 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 86%
  • Publisher: 51%

Isabgol Cultivation: नवंबर का महीना ईसबगोल की खेती शुरू करने के लिए सबसे अनुकूल समय माना जा रहा है. किसान अब पारंपरिक फसलों की जगह औषधीय फसलों की ओर रुख कर रहे हैं जिनमें ईसबगोल सबसे आगे है. इसकी बाजार में लगातार बढ़ती मांग के कारण किसान औषधीय खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और नई तकनीकों को भी अपना रहे हैं.

सतना में नवंबर का महीना ईसबगोल की खेती के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. किसान इस औषधीय फसल को अपनाकर लाखों रुपए की आमदनी कर सकते हैं. ठंडी और शुष्क जलवायु में पनपने वाली यह रबी फसल किसानों के लिए लाभ का सुनहरा अवसर बनकर उभर रही है.

ईसबगोल की खेती से एक बार की मेहनत में ही किसानों को भारी मुनाफा मिलता है. इसकी फसल केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी मांग में है. यही कारण है कि अब सतना और आसपास के किसान इस फसल की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. कृषि विशेषज्ञ विष्णु तिवारी ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि ईसबगोल की बुवाई नवंबर के दूसरे या तीसरे हफ़्ते तक कर लेनी चाहिए. दिसंबर में देर से बुवाई करने पर उत्पादन में भारी गिरावट आती है. समय पर बुआई से पौधों की वृद्धि और उपज दोनों बेहतर होती है. ईसबगोल एक सन सेंसिटिव यानी धूप से प्रभावित होने वाला पौधा है. अगर दिन की अवधि बढ़ जाती है तो यह पौधा समय से पहले पक जाता है जिससे बीजों की गुणवत्ता प्रभावित होती है. इसलिए बुवाई के समय जलवायु और प्रकाश अवधि का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ईसबगोल की अच्छी फसल के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है. इस मिट्टी में जीवाश्म पदार्थों की पर्याप्त मात्रा और जल निकास की सही व्यवस्था होनी चाहिए ताकि पौधों की जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके. मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन ईसबगोल की वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है. यदि मिट्टी में जैविक खाद और नमी बनी रहे तो पौधे बेहतर विकसित होते हैं. यही कारण है कि किसान गोबर की सड़ी खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग बढ़ा रहे हैं. उद्यानिकी विभाग की अधिकारी मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि ईसबगोल एक प्राकृतिक फाइबर युक्त पौधा है जिसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है. यह कब्ज, एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याओं में बेहद प्रभावी माना जाता है. ईसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल निकालने में मदद करता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और वजन घटाने में भी सहायक है. पानी या दूध के साथ इसका सेवन पाचन क्रिया को मजबूत करता है और पेट को साफ रखता है.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 Hindi /  🏆 13. in İN

नवंबर में खेती के आइडियाज मुनाफे वाली खेती हर्बल फार्मिंग टिप्स औषधीय पौधों की खेती से कमाई किसानों के लिए नई फसल सर्दियों में कौन सी फसल लगाएं Satna Madhya Pradesh News Local 18 Mp Lastest News सतना सतना न्यूज लोकल18

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Agri:ये है बैगन खेती का मुनाफा फार्मूला, एक्सपर्ट से जानें लाखों वाला सीक्रेटAgri:ये है बैगन खेती का मुनाफा फार्मूला, एक्सपर्ट से जानें लाखों वाला सीक्रेटBrinjal Farming Profit Formula: बैगन की खेती अब मुनाफे की फसल बन चुकी है. बिलासपुर के किसान ने गजब लाखों वाल सीक्रेट बताया है. (रिपोर्ट, बिलासपुर)
Read more »

ये हैं धान काटने की 5 सबसे सस्ती और दमदार मशीनें! बचाएंगी आपका समय और पैसाये हैं धान काटने की 5 सबसे सस्ती और दमदार मशीनें! बचाएंगी आपका समय और पैसाAgri Tips: ये हैं धान काटने की 5 सबसे सस्ती और दमदार मशीनें! बचाएंगी आपका समय, मेहनत और पैसा
Read more »

'मोंथा' तूफान से आपकी धान की फसल हुई है खराब? समय रहते करें ये उपाय'मोंथा' तूफान से आपकी धान की फसल हुई है खराब? समय रहते करें ये उपायAgri News: 'मोंथा' तूफान से आपकी धान की फसल हुई है खराब? समय रहते करें ये उपाय, बड़े नुकसान से बच जाएंगे
Read more »

Agri Tips: किसानों के लिए जरूरी खबर! ऐसे करें असली और नकली खाद की पहचान, जानिए आसान तरीकाAgri Tips: किसानों के लिए जरूरी खबर! ऐसे करें असली और नकली खाद की पहचान, जानिए आसान तरीकाAgriculture Tips: रबी सीजन की बुवाई जारी है. इस सीजन में किसान भाइयों को खाद की जरूरत होती है. इसके चलते किसान नकली खाद के जाल में भी फंस जाते हैं.
Read more »

Agri: नवंबर महीने में उगाएं ये 10 छत्तीसगढ़ी सब्जियां, ठंड में सेहत का रामबाणAgri: नवंबर महीने में उगाएं ये 10 छत्तीसगढ़ी सब्जियां, ठंड में सेहत का रामबाणनवंबर महीने में छत्तीसगढ़ की मिट्टी में तरह-तरह की हरी भाजियाँ लहलहाने लगती हैं. रोपा, मूली, लाल, भथवा, बर्रे और मूनगा जैसी पारंपरिक सब्जियाँ इस मौसम में खूब उगती हैं. ये सब्जियाँ स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को ताकत और गर्मी भी देती हैं. ठंड की शुरुआत में इन देसी भाजियों की खुशबू पूरे गांव-देहात में फैल जाती है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 10:17:56