सेटेलाइट तस्वीरों में बालाकोट में बम गिराने वाली जगह पर अभी भी मौजूद है मदरसा: रिपोर्ट BalakotAirStrike India Pakistan बालाकोटएयरस्ट्राइक भारत पाकिस्तान
अभी तक हाई-रेजेल्यूशन सेटेलाइट की कोई भी तस्वीर सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं थी. लेकिन प्लैनेट लैब्स इंक ने जो तस्वीरें मुहैया कराई हैं उनमें 72 सेंटीमीटर यानी 28 इंच तक के आकार तक की चीजों को देखा जा सकता है.
अप्रैल 2018 में ली गई सेटेलाइट तस्वीर और 4 मार्च की सेटेलाइट तस्वीर में कोई भी अंतर नहीं दिख रहा है. इमारत की छतों में कोई छेद नहीं है, झुलसने वाली दीवारें नहीं हैं और मदरसे के आस-पास टूटे हुए पेड़ और हवाई हमले के अन्य संकेत भी नहीं हैं. ये सेटेलाइट तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा पिछले आठ दिनों से जो बयान जारी किए जा रहे हैं उन पर संदेह पैदा करती है. सरकार की ओर से दावा किया गया था कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट कस्बे और जाबा गांव के पास स्थित सभी मदरसों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया. सेटेलाइट तस्वीरों के संबंध में पिछले कुछ दिनों में रॉयटर्स ने भारत के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजकर उनकी टिप्पणी मांगी मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया. मिडलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में ईस्ट एशिया नॉन प्रोलिफेरेशन प्रोजेक्ट के निदेशक जेफरी लुइस कहना है कि तस्वीरों से साफ है जिस जगह पर एयर स्ट्राइक करने की बात कही जा रही है वहां जैश के मदरसे की इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. जेफरी लुइस को वेपन्स साइट्स और सिस्टम की सेटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में 15 साल का तजुर्बा है. बता दें कि भारत सरकार ने सार्वजनिक तौर पर इसका खुलासा नहीं किया है कि हवाई हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया. पिछले हफ्ते सरकार के सूत्रों ने बताया था कि मिराज 2000 के 12 लड़ाकू विमानों ने 1000 किलो की क्षमता वाले बमों से हमला किया था. वहीं एक रक्षा अधिकारी ने कहा था कि लड़ाकू विमानों ने हवाई हमले में 2000-एलबी की क्षमता वाले इजरायल में बने स्पाइस 2000 ग्लाइड बम का इस्तेमाल किया था.जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नैनोप्रॉलिफरेशन स्टडीज के वरिष्ठ एसोसिएट और सेटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करने वाले डेव श्मर्लर ने कहा कि तस्वीर में जो इमारतें दिख रही हैं उन्हें इस तरह की क्षमता वाले हथियार निश्चित तौर पर तबाह कर देते. वहीं लुइस ने भी उनकी बात का समर्थन किया. बता दें कि भारत सरकार के दावों को पाकिस्तान पहले ही खारिज कर चुका है. उसने कहा था कि ऑपरेशन असफल था क्योंकि पाकिस्तानी विमानों के दबाव में भारतीय विमान जल्दीबाजी में खाली इलाके में बम गिराते हुए निकल गए थे. वहीं घटनास्थल का दौरा करने के बाद स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों मीडिया ने सरकार के दावे को खारिज किया था. क्या आपको ये रिपोर्ट पसंद आई? हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए
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