बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार थमने के बाद NDA को जीत का भरोसा है। पार्टी के नेता ने अपनी जीत का दावा करते हुए विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने AIMIM और जनसुराज की उपस्थिति और भाजपा द्वारा मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट न देने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
सवाल: विधानसभा चुनाव का प्रचार थम चुका है। बिहार में क्या माहौल लग रहा है? अभी प्रचार में लंबा घूमे हैं, कितनी सीटें आप जीतने वाले हैं इस बार? जवाब: आज बहुत दिनों बाद पहला दिन है जब हम घर पर रिलैक्स में होकर सुपौल में बैठे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि इस चुनाव में हमारी सरकार बनने जा रही है। पहले चरण में हमने सेंचुरी करीब-करीब मार ली है, मतलब 90 से तो ऊपर ही हैं। और जो दूसरा चरण है, यह तो हमारा ही फेज माना जाता है। पिछली बार सीमांचल और शाहाबाद में हमारा परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं था। कोसी में तो पिछली बार अच्छा ही था, एक सीट सिर्फ हमारी गई थी, राजद के चौपाल जीत गए थे, लेकिन बाकी सब सीटों पर हम जीते थे। इस बार भी माहौल अच्छा है, डेवलपमेंट के नाम पर वोट है, कोई दिक्कत नजर नहीं आ रही है। सवाल: पिछली बार अगर बात करें तो कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल का जो इलाका है, यह पूरे तौर पर एनडीए के साथ दिखा था। इस बार क्या लग रहा है कि सीटें बढ़ेंगी या मेंटेन रहेंगी? जवाब: पिछली बार भी तो हम सारी सीटें जीत ही गए थे, कुछ एक-दो सीट रह गई थी। इस बार खाता भी नहीं खोलने देंगे विरोधियों को, सारी सीटें जीतेंगे। सवाल: एआईएमआईएम और जनसुराज की मौजूदगी को आप कैसे देख रहे हैं? जवाब: तेलंगाना में भी वो अपना चुनाव नहीं जीतते, यह भड़काऊ भाईजान हैं, इस बार कौन पूछ रहा है इन्हें। जनसुराज हो या जनशक्ति दल, सबको शुभकामनाएं कि अपना-अपना चुनाव लड़ें, लेकिन रिजल्ट अभी नहीं आएगा उनका। सवाल: भाजपा ने इस बार किसी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया, जबकि जनसुराज मुसलमानों को रिझाने का प्रयास कर रही है। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: मुसलमान रिझने वाली कौम नहीं है, आसानी से रिझती भी नहीं। हम लोग इतने साल से काम कर रहे हैं, अनाज दे रहे हैं, बिजली दे रहे हैं, पेंशन दे रहे हैं फिर भी मुश्किल होता है। जो लोग हमारी पार्टी को 2014 में जिताने की स्ट्रेटजी बनाते थे, उन पर कौन यकीन करेगा? पढ़ें: दूसरे चरण में एनडीए के 122, महागठबंधन के 126 प्रत्याशी चुनावी मैदान; इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर सवाल: लेकिन वो तो आपकी पार्टी के लिए पहले रणनीति बनाते थे, तो क्या वो आपकी प्लानिंग को जानते नहीं होंगे? जवाब: वो जब 2014 में आए थे, तब स्ट्रेटजी बनाई थी, और उसके बाद जहां-जहां हम जीते, वहां भी स्ट्रेटजी वही बनाते थे। तब भी हम जीते। स्ट्रेटजी बनाना अलग चीज होती है, लेकिन विश्वास अलग चीज है। इसलिए उन पर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। सवाल: आप एक बड़े अल्पसंख्यक का चेहरा हैं। धारा 370 और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर मुस्लिम समाज की प्रतिक्रिया क्या दिख रही है? जवाब: धारा 370 से बिहार के मुसलमानों को तो फायदा ही हुआ है। अगर किसी को श्रीनगर में मकान लेना हो, तो जाकर ले सकते हैं, पहले नहीं ले सकते थे। अब तो जमीन भी खरीद सकते हैं। ट्रिपल तलाक तो मुस्लिम देशों में भी मना है, तो यहां कौन तीन तलाक देगा? सवाल: तो मुस्लिम महिलाएं साथ आएंगी इस बार? जवाब: मुस्लिम महिला और पुरुष अलग-अलग वोट नहीं करते हैं। यहां हिंदू महिला वोट करती है, तो अपने पति के विरोध में थोड़ी वोट करती है। परिवार में जो निर्णय होता है, वही लागू होता है। यह परसेप्शन बनाया जाता है कि मुस्लिम महिला अलग वोट करती है, लेकिन परिवार का वोट एक होता है। सवाल: भाजपा लगातार कह रही है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। क्या भाजपा के पास कोई अपना चेहरा नहीं है? जवाब: भाजपा गठबंधन धर्म निभाती है। इतना अच्छा मुख्यमंत्री, जिसे 20 साल का अनुभव है, उसे क्यों खोना चाहेगा बिहार? सवाल: विपक्ष नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल उठा रहा है। जवाब: विपक्ष के नेता नीतीश जी के सामने फिट हैं क्या? तेजस्वी यादव से तो नीतीश कुमार ज्यादा फिट हैं। तेजस्वी तो इतना खाते हैं और सोए रहते हैं। सवाल: अगर भविष्य की बात करें, तो क्या भाजपा में कोई ऐसा चेहरा है जो आगे चलकर सीएम का दावेदार हो सकता है? जवाब: भाजपा में कोई सीएम का दावेदार नहीं होता, सब कार्यकर्ता होते हैं। कई राज्यों में मुख्यमंत्री बने, चाहे वो मोहन यादव हो, भजनलाल शर्मा हो, छत्तीसगढ़ के सीएम हो तो क्या वो पहले से दावेदार थे? भाजपा में एक नेता, एक नारा और एक नाम है नरेंद्र मोदी। बाकी सब कार्यकर्ता हैं, और सबमें क्षमता है। सवाल: बिहार सरकार में आप मंत्री रहे हैं, आपकी उपलब्धियों का भी जिक्र होता है। आप वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं, आपकी क्या संभवाना है पार्टी में आगे? जवाब: मेरी संभावना कार्यकर्ता की है। मैं कार्यकर्ता था, हूं और रहूंगा। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा। अभी स्टार प्रचारक बनाया गया है, तो घूम रहे हैं। आज बस सुपौल में हैं, अपने जिले में रिलैक्स कर रहे हैं। सवाल: आखिर में बताइए, एनडीए कितनी सीटों पर जीत दर्ज करेगा? जवाब: कम से कम 160 से लेकर 190 सीटों तक हम जाएंगे, ऐसा लग रहा है। माहौल एकदम एकतरफा है, जहां-जहां प्रचार में गए हैं, ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा। सवाल: विपक्ष अनंत सिंह को लेकर भी सवाल उठा रहा है कि जिन पर केस चल रहा है, उन्हें टिकट क्यों दिया गया? जवाब: कानून का राज है। उन पर एफआईआर हुआ तो जेल में हैं, ट्रायल होगा तो पता चलेगा कि उनका क्या रोल था। अगर ट्रायल में कुछ आता है, तो कार्रवाई होगी। अभी तो सजा नहीं हुई है। इनपुट: केशव कुमार, सुपौल.
सवाल: विधानसभा चुनाव का प्रचार थम चुका है। बिहार में क्या माहौल लग रहा है? अभी प्रचार में लंबा घूमे हैं, कितनी सीटें आप जीतने वाले हैं इस बार? जवाब: आज बहुत दिनों बाद पहला दिन है जब हम घर पर रिलैक्स में होकर सुपौल में बैठे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि इस चुनाव में हमारी सरकार बनने जा रही है। पहले चरण में हमने सेंचुरी करीब-करीब मार ली है, मतलब 90 से तो ऊपर ही हैं। और जो दूसरा चरण है, यह तो हमारा ही फेज माना जाता है। पिछली बार सीमांचल और शाहाबाद में हमारा परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं था। कोसी में तो पिछली बार अच्छा ही था, एक सीट सिर्फ हमारी गई थी, राजद के चौपाल जीत गए थे, लेकिन बाकी सब सीटों पर हम जीते थे। इस बार भी माहौल अच्छा है, डेवलपमेंट के नाम पर वोट है, कोई दिक्कत नजर नहीं आ रही है। सवाल: पिछली बार अगर बात करें तो कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल का जो इलाका है, यह पूरे तौर पर एनडीए के साथ दिखा था। इस बार क्या लग रहा है कि सीटें बढ़ेंगी या मेंटेन रहेंगी? जवाब: पिछली बार भी तो हम सारी सीटें जीत ही गए थे, कुछ एक-दो सीट रह गई थी। इस बार खाता भी नहीं खोलने देंगे विरोधियों को, सारी सीटें जीतेंगे। सवाल: एआईएमआईएम और जनसुराज की मौजूदगी को आप कैसे देख रहे हैं? जवाब: तेलंगाना में भी वो अपना चुनाव नहीं जीतते, यह भड़काऊ भाईजान हैं, इस बार कौन पूछ रहा है इन्हें। जनसुराज हो या जनशक्ति दल, सबको शुभकामनाएं कि अपना-अपना चुनाव लड़ें, लेकिन रिजल्ट अभी नहीं आएगा उनका। सवाल: भाजपा ने इस बार किसी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया, जबकि जनसुराज मुसलमानों को रिझाने का प्रयास कर रही है। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: मुसलमान रिझने वाली कौम नहीं है, आसानी से रिझती भी नहीं। हम लोग इतने साल से काम कर रहे हैं, अनाज दे रहे हैं, बिजली दे रहे हैं, पेंशन दे रहे हैं फिर भी मुश्किल होता है। जो लोग हमारी पार्टी को 2014 में जिताने की स्ट्रेटजी बनाते थे, उन पर कौन यकीन करेगा? पढ़ें: दूसरे चरण में एनडीए के 122, महागठबंधन के 126 प्रत्याशी चुनावी मैदान; इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर सवाल: लेकिन वो तो आपकी पार्टी के लिए पहले रणनीति बनाते थे, तो क्या वो आपकी प्लानिंग को जानते नहीं होंगे? जवाब: वो जब 2014 में आए थे, तब स्ट्रेटजी बनाई थी, और उसके बाद जहां-जहां हम जीते, वहां भी स्ट्रेटजी वही बनाते थे। तब भी हम जीते। स्ट्रेटजी बनाना अलग चीज होती है, लेकिन विश्वास अलग चीज है। इसलिए उन पर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। सवाल: आप एक बड़े अल्पसंख्यक का चेहरा हैं। धारा 370 और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर मुस्लिम समाज की प्रतिक्रिया क्या दिख रही है? जवाब: धारा 370 से बिहार के मुसलमानों को तो फायदा ही हुआ है। अगर किसी को श्रीनगर में मकान लेना हो, तो जाकर ले सकते हैं, पहले नहीं ले सकते थे। अब तो जमीन भी खरीद सकते हैं। ट्रिपल तलाक तो मुस्लिम देशों में भी मना है, तो यहां कौन तीन तलाक देगा? सवाल: तो मुस्लिम महिलाएं साथ आएंगी इस बार? जवाब: मुस्लिम महिला और पुरुष अलग-अलग वोट नहीं करते हैं। यहां हिंदू महिला वोट करती है, तो अपने पति के विरोध में थोड़ी वोट करती है। परिवार में जो निर्णय होता है, वही लागू होता है। यह परसेप्शन बनाया जाता है कि मुस्लिम महिला अलग वोट करती है, लेकिन परिवार का वोट एक होता है। सवाल: भाजपा लगातार कह रही है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। क्या भाजपा के पास कोई अपना चेहरा नहीं है? जवाब: भाजपा गठबंधन धर्म निभाती है। इतना अच्छा मुख्यमंत्री, जिसे 20 साल का अनुभव है, उसे क्यों खोना चाहेगा बिहार? सवाल: विपक्ष नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल उठा रहा है। जवाब: विपक्ष के नेता नीतीश जी के सामने फिट हैं क्या? तेजस्वी यादव से तो नीतीश कुमार ज्यादा फिट हैं। तेजस्वी तो इतना खाते हैं और सोए रहते हैं। सवाल: अगर भविष्य की बात करें, तो क्या भाजपा में कोई ऐसा चेहरा है जो आगे चलकर सीएम का दावेदार हो सकता है? जवाब: भाजपा में कोई सीएम का दावेदार नहीं होता, सब कार्यकर्ता होते हैं। कई राज्यों में मुख्यमंत्री बने, चाहे वो मोहन यादव हो, भजनलाल शर्मा हो, छत्तीसगढ़ के सीएम हो तो क्या वो पहले से दावेदार थे? भाजपा में एक नेता, एक नारा और एक नाम है नरेंद्र मोदी। बाकी सब कार्यकर्ता हैं, और सबमें क्षमता है। सवाल: बिहार सरकार में आप मंत्री रहे हैं, आपकी उपलब्धियों का भी जिक्र होता है। आप वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रहे हैं, आपकी क्या संभवाना है पार्टी में आगे? जवाब: मेरी संभावना कार्यकर्ता की है। मैं कार्यकर्ता था, हूं और रहूंगा। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा। अभी स्टार प्रचारक बनाया गया है, तो घूम रहे हैं। आज बस सुपौल में हैं, अपने जिले में रिलैक्स कर रहे हैं। सवाल: आखिर में बताइए, एनडीए कितनी सीटों पर जीत दर्ज करेगा? जवाब: कम से कम 160 से लेकर 190 सीटों तक हम जाएंगे, ऐसा लग रहा है। माहौल एकदम एकतरफा है, जहां-जहां प्रचार में गए हैं, ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा। सवाल: विपक्ष अनंत सिंह को लेकर भी सवाल उठा रहा है कि जिन पर केस चल रहा है, उन्हें टिकट क्यों दिया गया? जवाब: कानून का राज है। उन पर एफआईआर हुआ तो जेल में हैं, ट्रायल होगा तो पता चलेगा कि उनका क्या रोल था। अगर ट्रायल में कुछ आता है, तो कार्रवाई होगी। अभी तो सजा नहीं हुई है। इनपुट: केशव कुमार, सुपौल
बिहार चुनाव NDA विधानसभा चुनाव AIMIM जनसुराज
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
बांका का रण: NDA की 'विकासनीति' पर महागठबंधन का ट्रंप कार्ड; किसका पलड़ा भारी?बांका में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भाजपा-राजद की परंपरागत लड़ाई में सीपीआई के आने से समीकरण बदल गए हैं। भाजपा के रामनारायण मंडल विकास पर भरोसा जता रहे हैं तो महागठबंधन को अपनी रणनीति पर पूरा यकीन है। जनसुराज के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। मतदाता क्या सोचते हैं पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट..
Read more »
Chirag Paswan To Become Deputy Chief Minister Of Bihar If NDA Wins? Minister RespondsBihar Polls 2025: Chirag Paswan said his party would seek the Deputy Chief Minister’s post if the NDA wins Bihar, but clarified he would not take the position himself.
Read more »
61 सीटों का भ्रमजाल! तेजस्वी के लिए आसान करेंगी राह, या NDA का बेड़ापार61 सीटों का भ्रमजाल! तेजस्वी-राहुल के लिए आसान करेंगी राह, या NDA का बेड़ापार, समझें इतिहास
Read more »
जातीय गोलबंदी की जकड़ में जहानाबाद: कौन मारेगा बाजी, NDA या महागठबंधन?जहानाबाद में जातीय गोलबंदी के बीच NDA और महागठबंधन में कांटे की टक्कर है। तेजप्रताप यादव की JJD सेंधमारी की कोशिश कर रही है। जातीय समीकरणों को साधने में सभी पार्टियां जुटी हैं। मुख्य मुकाबला NDA और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच है। JJD के उम्मीदवार दोनों गठबंधनों के वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास कर रहे...
Read more »
Bihar Chunav 2025 LIVE: बिहार में बदलाव आ रहा, तेजस्वी यादव ने NDA पर साधा निशानाBihar Chunav 2025 LIVE: बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इस दौरान कहा कि- बिहार में बदलवा आ रहा है. साथ ही एनडीए सरकार पर हमला बोला. देखें बिहार चुनाव से जुड़े ताजा अपडेट...
Read more »
Bihar Election 2025: Seemanchal Braces For Political Earthquake? How Mahagathbandhan, NDA, AIMIM Faired In Previous PollBihar’s Muslim-majority Seemanchal region shows complex political dynamics as RJD-Congress battles the NDA and the AIMIM.
Read more »
