Operation BAAM: बीएलएफ ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हाल के सालों में सबसे कोऑर्डिनेट हमलों में से एक ऑपरेशन बाम मंगलवार देर रात को शुरू किया था, जिसमें बलूचिस्तान के कई जिलों में सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. BLF इस ऑपरेशन के तहत पंजगुर, सुरब, केच और खारन में कम से कम 17 हमले किए.
'बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं होगा.' फौज पर हमलों के बाद किसने पाक सेना को ललकारा?बीएलएफ ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हाल के सालों में सबसे कोऑर्डिनेट हमलों में से एक 'ऑपरेशन बाम' मंगलवार देर रात को शुरू किया था, जिसमें बलूचिस्तान के कई जिलों में सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया.
'बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं होगा...' फौज पर हमलों के बाद किसने पाक सेना को ललकारा?बीएलएफ ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हाल के सालों में सबसे कोऑर्डिनेट हमलों में से एक 'ऑपरेशन बाम' मंगलवार देर रात को शुरू किया था, जिसमें बलूचिस्तान के कई जिलों में सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. BLF इस ऑपरेशन के तहत पंजगुर, सुरब, केच और खारन में कम से कम 17 हमले किए. इस हमले पाक सेना को भारी नुकसान हुआ है.किडनी में खराबी का दर्द कहां-कहां होता है? इन 5 हिस्सों में पेन उमड़ते ही भागें डॉक्टर के पासगजब रिकॉर्ड: कौन है 'किंग ऑफ बोल्ड'... इस गेंदबाज के लिए डंडा उखाड़ना बाएं हाथ का खेल, जहीर खान भी होने वाले हैं फेलसपने-सा खूबसूरत है Sunny Leone का आलीशान घर, किसी महल से कम नहीं बंगला, आपने देखीं आशियाने के अंदर की तस्वीरें?पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक्टिव विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ 'Opertion Baam' नाम से बड़ा हमला किया. यह अभियान 9 जुलाई से 11 जुलाई तक चला. BLF ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान उसने पाकिस्तानी सेना के 84 ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें कई IED ब्लास्ट भी शामिल थे. इस हमले में पाकिस्तानी सेना के कम से कम 50 जवानों के मारे जाने और 51 से ज्यादा के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही. अब इस पर बलूच नेशनल मूवमेंट के सूचना सचिव काज़ी दाद मोहम्मद रेहान ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 'बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं होगा.' बलोच विद्रोही गुट ने यह अभियान पंजगुर, सुरब, केच और खारन सहित प्रमुख जिलों में चलाया. बलूच लिबरेशन फ्रंट ने इसे अपने सशस्त्र प्रतिरोध में एक रणनीतिक बदलाव बताया है, जिसका मकसद क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी को खत्म करना है. एजेंसी ने रेहान के हवाले से बताया कि, 'ऑपरेशन बाम, जिसका मतलब है 'सुबह', जो हमारे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है. यह दर्शाता है कि बलूच लोग अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने और संगठित, प्रभावी कार्रवाई के ज़रिए पाकिस्तानी उत्पीड़न का विरोध करने के लिए तैयार हैं.' उन्होंने कहा कि यह अभियान लड़ाई और राजनीति, दोनों के लिए महत्वपूर्ण था और इसने दिखाया कि बलूच लोग खुद शासन करने के लिए तैयार हैं. रेहान ने कहा, 'यह साबित करता है कि अगर बलूचिस्तान को आज़ादी दी जाए तो उसमें खुद शासन करने की ताकत और एकता है. यह पाकिस्तान और उसके सहयोगियों द्वारा फैलाई जा रही उस धारणा को चुनौती देता है कि अगर बलूचिस्तान आज़ाद हुआ तो वहां अराजकता फैल जाएगी.'रेहान ने कहा कि बीएनएम पाकिस्तान की संसदीय प्रणाली को अस्वीकार करने के लिए जानी जाती है. उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तानी संसद का बहिष्कार करने वाली पहली पार्टी हैं. हमने साफ कर दिया है कि हम पाकिस्तानी शासन के अधीन नहीं रहना चाहते. हमारी लड़ाई पूर्ण स्वतंत्रता के लिए है, न कि पाकिस्तान के भीतर सीमित स्वायत्तता या सांकेतिक अधिकारों के लिए.' रेहान ने बताया कि इस संघर्ष की जड़ें 1948 से जुड़ी हुई हैं, जब बलूचिस्तान पर पाकिस्तान का कब्ज़ा हो गया था. उन्होंने बताया, 'हमारे लोगों ने पहले दिन से ही इसका विरोध किया. कबायली नेतृत्व विद्रोह के पीछे की शुरुआती ताकत था. लेकिन बीएलएफ एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है, एक ऐसा आंदोलन जो सिर्फ़ सरदारों द्वारा नहीं, बल्कि जनता द्वारा संचालित है. उन्होंने आगे कहा, 'आम बलूचों को एक आवाज़ और जवाबी लड़ाई का हथियार मिल गया है.'उन्होंने कहा कि प्रतिरोध का नेतृत्व अब युवा पीढ़ी कर रही है, जो आधुनिक गुरिल्ला रणनीति और तकनीक में कुशल हैं. रेहान ने आगे कहा, 'यह अब सिर्फ़ एक पारंपरिक कबीलाई लड़ाई नहीं है. यह रणनीतिक लक्ष्यों वाला एक आधुनिक प्रतिरोध आंदोलन है.'रेहान ने पाकिस्तान की आर्थिक पहलों, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की आलोचना की. उन्होंने कहा कि वे बलूच संसाधनों का दोहन करते हैं और बदले में कुछ नहीं देते. उन्होंने कहा, 'हमारी ज़मीन पर अरबों डॉलर खर्च किए गए हैं, लेकिन बलूच लोग गरीब, उत्पीड़ित और अपने संसाधनों से वंचित हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'बलूचिस्तान बलूचों का है, पंजाब या पाकिस्तान के किसी और हिस्से का नहीं.' इसके अलावा, रेहान ने ग्लोबल कम्युनिटी से अपील की, 'दुनिया को यह समझना होगा कि बलूचिस्तान का संघर्ष न्यायसंगत और अपरिहार्य है. ऑपरेशन बाम आज़ादी के लिए हमारे नए प्रयास की शुरुआत मात्र है.'बीएलएफ ने हाल के सालों में सबसे कोऑर्डिनेट हमलों में से एक 'ऑपरेशन बाम' मंगलवार देर रात को शुरू किया था, जिसमें बलूचिस्तान के कई जिलों में सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. BLF इस ऑपरेशन के तहत पंजगुर, सुरब, केच और खारन में कम से कम 17 हमले किए, जिनमें संचार नेटवर्क, प्रशासनिक भवन और सैन्य चौकियों को नुकसान पहुंचाया. बीएलएफ ने इसकी ज़िम्मेदारी लेते हुए इस ऑपरेशन को बलूच राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम में एक नया अध्याय बताया. प्रवक्ता मेजर ग्वाराम बलूच ने कहा कि इन हमलों ने मकरान तट से लेकर कोह-ए-सुलेमान पहाड़ों तक एक साथ हमले किए हैं. सिक्योरिटी फोर्सेज ने प्रभावित क्षेत्र में समुद्र तट से ये अभियान चलाया, जबकि केच शुरू किया. बीएलएफ़ ने कहा कि हमले का मकसद सेना को जान-माल का नुकसान पहुंचाना था.Telangana35 साल बाद मिला आंसुओं का सिला! आतंक पीड़ित परिवारों के जख्मों पर लगा मरहमAir India Plane crashभाग जाती थी पत्नी, लगाई तलाक के लिए अर्जी, छुटकारा मिला तो दूध से नहाकर मनाया जश्नAaj Ki Taaza Khabar Live Aaj Ki Taaza Khabar Live: ED की बड़ी कार्रवाई... मनी लॉन्ड्रिंग केस में सहारा ग्रुप के अफसर समेत दो लोग अरेस्टMaharashtra news
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