नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना में, सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ महिला वकील साइबर ठगी का शिकार हो गईं। धोखेबाजों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 3.
नोएडा: नोएडा में सुप्रीम कोर्ट की सीनियर महिला वकील को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख साइबर ठगों ने 3.29 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने महिला वकील को कॉल कर बताया कि उनके आधार कार्ड नंबर का उपयोग कर 4 बैंक अकाउंट खोले गए हैं। इन अकाउंट में हथियारों की तस्करी, ब्लैकमेलिंग और गैंबलिंग के लिए लेनदेन की जा रही है। साथ ही डराया गया कि साइबर क्राइम पुलिस इन खातों की जांच कर रही है। मामले में क्लीन चिट लेने के लिए उनको एक नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया। यहां से उनको डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 5 बार में आरटीजीएस के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों में ठगी की रकम गई है, पुलिस उनको फ्रीज कराने की तैयारी में है। सेक्टर-47 निवासी 72 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील हैं। 10 जून को सुबह 11 बजे उनके लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके आधार कार्ड पर खुले 4 बैंक खातों का इस्तेमाल गलत गतिविधियों में किया जा रहा है। इस मामले में 27 अप्रैल को पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और छानबीन चल रही है। इस मामले में क्लीन चिट के लिए पीड़िता को एक नंबर दिया गया। दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो गंभीर आरोप की बात कह उनको डराया गया।6 दिन तक चालू रखी फर्ज़ी जांचठगों ने वॉट्सऐप पर ही उन्हें अरेस्ट वॉरंट भेजा। वॉट्सऐप कॉल पर रखकर महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उन्हें झांसे में लेकर जांच की कहानी सुनाई। एक जालसाज ने अपनी पहचान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रवीण सूद के रूप में बताई। इससे पीड़िता काफी डर गईं और किसी को कुछ नहीं बताया। ठगों के कहने पर अपनी एफडी तोड़कर 2 खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। ठगों ने 6 दिन तक फर्जी जांच चालू रखी। जांच के नाम पर साइबर ठगों ने उनको लगातार 15 दिन तक नॉर्मल और विडियो कॉल पर रखा।एफडी की रकम 2 खातों में रखने को कहाइसके बाद पीड़िता के बैंक खातों में रकम की जांच के बहाने 16 से 24 जून तक 5 बार में आरटीजीएस के जरिये भी रकम ट्रांसफर कराई। पीड़िता ने कुल 3 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये ठगों को दे दिए। ठगों ने पीड़िता को झांसे में लेकर एफडी की रकम 2 बैंक खातों में रखने के लिए बोला था। फिर जांच के बहाने इसे अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने शिवा प्रसाद और प्रदीप सावंत के खिलाफ केस दर्ज कराया है। साथ ही एक शख्स ने खुद को प्रवीण सूद बताकर संपर्क किया था।दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, कोलकाता के खातों में गई रकमपुलिस जांच में पता चला है कि पीड़िता ने पहली बार 63 लाख रुपये विपुल नगर, राजस्थान के मरुधन ग्रामीण बैंक के खाते में ट्रांसफर किए हैं। दूसरी बार 73 लाख रुपये दिल्ली के बैंक खाते में और 93 लाख रुपये भिवानी, हरियाणा के एमपी ग्लोबल इंडसइंड बैंक के खाते में डाले। तीसरी बार सिंग ट्रेडर्स कंपनी वेस्ट पंजाबी बाग, दिल्ली के खाते में 87 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 15 लाख 70 हजार आइसवाल एंटरप्राइज इंडसइंड बैंक कोलकाता के खाते में गए। इस मामले में मोहन कुमार नाम के शख्स का अकाउंट बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मिला है।.
नोएडा: नोएडा में सुप्रीम कोर्ट की सीनियर महिला वकील को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख साइबर ठगों ने 3.29 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने महिला वकील को कॉल कर बताया कि उनके आधार कार्ड नंबर का उपयोग कर 4 बैंक अकाउंट खोले गए हैं। इन अकाउंट में हथियारों की तस्करी, ब्लैकमेलिंग और गैंबलिंग के लिए लेनदेन की जा रही है। साथ ही डराया गया कि साइबर क्राइम पुलिस इन खातों की जांच कर रही है। मामले में क्लीन चिट लेने के लिए उनको एक नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया। यहां से उनको डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 5 बार में आरटीजीएस के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों में ठगी की रकम गई है, पुलिस उनको फ्रीज कराने की तैयारी में है। सेक्टर-47 निवासी 72 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील हैं। 10 जून को सुबह 11 बजे उनके लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके आधार कार्ड पर खुले 4 बैंक खातों का इस्तेमाल गलत गतिविधियों में किया जा रहा है। इस मामले में 27 अप्रैल को पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और छानबीन चल रही है। इस मामले में क्लीन चिट के लिए पीड़िता को एक नंबर दिया गया। दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो गंभीर आरोप की बात कह उनको डराया गया।6 दिन तक चालू रखी फर्ज़ी जांचठगों ने वॉट्सऐप पर ही उन्हें अरेस्ट वॉरंट भेजा। वॉट्सऐप कॉल पर रखकर महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उन्हें झांसे में लेकर जांच की कहानी सुनाई। एक जालसाज ने अपनी पहचान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रवीण सूद के रूप में बताई। इससे पीड़िता काफी डर गईं और किसी को कुछ नहीं बताया। ठगों के कहने पर अपनी एफडी तोड़कर 2 खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। ठगों ने 6 दिन तक फर्जी जांच चालू रखी। जांच के नाम पर साइबर ठगों ने उनको लगातार 15 दिन तक नॉर्मल और विडियो कॉल पर रखा।एफडी की रकम 2 खातों में रखने को कहाइसके बाद पीड़िता के बैंक खातों में रकम की जांच के बहाने 16 से 24 जून तक 5 बार में आरटीजीएस के जरिये भी रकम ट्रांसफर कराई। पीड़िता ने कुल 3 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये ठगों को दे दिए। ठगों ने पीड़िता को झांसे में लेकर एफडी की रकम 2 बैंक खातों में रखने के लिए बोला था। फिर जांच के बहाने इसे अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने शिवा प्रसाद और प्रदीप सावंत के खिलाफ केस दर्ज कराया है। साथ ही एक शख्स ने खुद को प्रवीण सूद बताकर संपर्क किया था।दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, कोलकाता के खातों में गई रकमपुलिस जांच में पता चला है कि पीड़िता ने पहली बार 63 लाख रुपये विपुल नगर, राजस्थान के मरुधन ग्रामीण बैंक के खाते में ट्रांसफर किए हैं। दूसरी बार 73 लाख रुपये दिल्ली के बैंक खाते में और 93 लाख रुपये भिवानी, हरियाणा के एमपी ग्लोबल इंडसइंड बैंक के खाते में डाले। तीसरी बार सिंग ट्रेडर्स कंपनी वेस्ट पंजाबी बाग, दिल्ली के खाते में 87 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 15 लाख 70 हजार आइसवाल एंटरप्राइज इंडसइंड बैंक कोलकाता के खाते में गए। इस मामले में मोहन कुमार नाम के शख्स का अकाउंट बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मिला है।
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