एस्ट्रोपत्री के अनुसार, कन्या से तुला राशि में गोचर के साथ दिवाली पर शांति, नयापन और संतुलन का मार्ग खुलेगा। अमावस्या के समय नकारात्मकता छोड़ने और नई शुरुआत करने का संदेश है। सिंह राशि के लिए आर्थिक फोकस, कन्या के लिए आत्मविश्वास और आत्म-देखभाल, और तुला राशि के लिए आत्म-संतुलन पर ध्यान देने का समय है। प्रत्येक राशि के लिए विशेष उपाय और लाभ मंत्र भी दिए गए हैं।
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। कन्या राशि से तुला राशि के गोचर के साथ, शांति, नयापन और संतुलन का मार्ग प्रदर्शित करती है। चंद्रमा अमावस्या की ओर घटते हुए, डर, नकारात्मकता और पुराने बोझ छोड़ने का संदेश देते हैं, ताकि नई रोशनी प्रवेश कर सके। प्रत्येक राशि को आध्यात्मिक और मटेरियल दोनों तरह से आगे बढ़ने के खास मौके मिलेंगे। इस दीवाली का इस दीवाली की रोशनी हर दिल में शांति, खुशहाली और खूब सारा खुशी भर दे। सिंह दीवाली पूजा 20 अक्टूबर को है। चंद्रमा कन्या राशि में आपके दूसरे घर को प्रभावित करेंगे, जिससे आर्थिक फोकस बढ़ेगा। इस दिन आय स्थिर करने और बचत बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। 21 अक्टूबर को चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जो संचार, आकर्षण और कूटनीति को बढ़ावा देंगे। शब्दों का सही इस्तेमाल करें, क्योंकि ये सामंजस्य या गलतफहमी दोनों ला सकते हैं। लाभ मंत्र: “सकारात्मक वाणी से समृद्धि मिलती है।” उपाय - मंदिर में सरसों का तेल और काले तिल अर्पित करें। दीपक जलाकर “ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मिभ्यो नमः” का ध्यान करें। कन्या चंद्रमा आपके राशि में रहेंगे, जिससे आत्मविश्वास, आकर्षण और आंतरिक प्रकाश इस दीवाली सबसे अधिक चमकेंगे। यह समय आध्यात्मिक और व्यावसायिक नयेपन के लिए अनुकूल है। आत्म-देखभाल और मानसिक सफाई जरूरी होगी। 21 अक्टूबर को चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे आर्थिक स्थिरता पर ध्यान बढ़ेगा। व्यक्तिगत लक्ष्यों में प्रगति और सराहना मिलने की संभावना है। लाभ मंत्र: “स्वच्छता से दिव्य पुरस्कार मिलते हैं।” उपाय - मूंग दाल अर्पित करें और मंदिर में घी का दीपक जलाएं। कुत्तों को खाना खिलाएं या गरीबों को दान करें, कर्म शुद्धि के लिए। तुला चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे, जिससे भावनाओं मई नयापन और आत्म-संतुलन आएगा। 21 अक्टूबर की सुबह चंद्रमा आपके राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि में चंद्रमा का प्रभाव आपको अपना की ओर ले जा सकता है। पुराने बोझ छोड़ें और खुद को नई शुरुआत करने के लिए तैयार करें। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व सकारात्मकता और समृद्धि को खींचेगा। रिश्तों में तालमेल पर ध्यान दें। लाभ मंत्र: “संतुलन से आशीर्वाद मिलते हैं।” उपाय - मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने गुलाब की पंखुड़ियां अर्पित करें और अगरबत्ती जलाएं। दीवाली सुबह नई कपड़े या मिठाई बच्चियों को दान करें। वृश्चिक चंद्रमा कन्या राशि में आपके ग्यारहवें घर को सक्रिय करेंगे। इस दिन अचानक धन लाभ या प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिल सकता है। जब चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेंगे, तो अकेलापन और आध्यात्मिक इन्टूशन महत्वपूर्ण हो जाएगी। इस दीवाली ध्यान और आभार से लाभ मिलेगा। लाभ मंत्र: “चुप्पी समृद्धि दिखाती है।” उपाय - शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों का दीपक जलाएं। बच्चों को मिठाई दें और महालक्ष्मी अष्टकम स्तोत्र का पाठ करें। लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, Astropatri.
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