कालकाजी और सीआर पार्क में हुई लूट की घटनाओं में पुलिस की लापरवाही उजागर, पीड़ितों की मदद करने की बजाय पुलिस का उदासीन रवैया।
मोहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली । कालकाजी थाना क्षेत्र में स्थित रामपुरी, मालरोड पर मंगलवार की सुबह एक महिला रोज की तरह नौकरी पर जाने के लिए घर से निकली। गली के नुक्कड़ पर पहुंचकर उसे कैब बुक करनी थी। पर्स से मोबाइल निकालकर हाथ में लिया। कैब बुक भी नहीं हो पाई थी कि बाइक सवार दो बदमाश आए। वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही पीछे बैठे बदमाश ने झपटकर मोबाइल छीन लिया, उसके साथी ने तेजी से बाइक भगाई और दोनों वहां से भाग गए। पुलिस ने मददगार युवक का ही फोन जमा करा लिया। रोती-बिलखती महिला को देखकर वहां से गुजर
रहे डिलीवरी बॉय ने मदद की। अपने मोबाइल से डायल 112 पर फोन किया। शिकायत दर्ज कराने में मदद की। बदमाशों की तलाश करने के बजाय पुलिस ने युवक का ही मोबाइल जमा करा लिया। काफी मिन्नतें करने के बाद लगभग आधे घंटे बाद उसे फोन वापस मिल पाया। शायद यही वजह रही होगी कि सीआर पार्क में बदमाशों से भिड़ने वाली महिला की सहायता के लिए कोई आगे आने का साहस नहीं जुटा पाया। मालरोड पर जहां वारदात हुई वह कोई सुनसान जगह नहीं थी। पास में ही एक दुकान पर ट्रक से आटा अनलोड हो रहा था। कई सारे मजदूर थे। दुकानदार के अलावा राहगीर भी थे। लेकिन मोबाइल लूट की वारदात के समय किसी ने भी बदमाशों की तरफ बढ़ने की हिम्मत नहीं दिखाई। किसी ने भी महिला की मदद नहीं की। घटना के बाद भी लोग इस डर से महिला के पास जाने से हिचक रहे थे कि काम-धाम छोड़कर थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे। तुगलकाबाद निवासी डिलीवरी बॉय ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब वह वहां से गुजर रहा था। महिला को परेशान देखकर कारण पूछा। डायल 112 पर फोन करने पर टीम मौके पर पहुंची। महिला से घटना के बारे में पूछताछ की और मेरा फोन ले लिया। बोला थाने चलना पड़ेगा, क्योंकि शिकायत इस फोन से हुई है। जबकि मुझे डिलीवरी देने के लिए फरीदाबाद और गुरुग्राम जाना था। वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। नौकरी का हवाला देने पर मेरी सारी डिटेल नोट की। तकरीबन आधे घंटे बाद फोन मिला। पुलिस के मुताबिक, शिकायत दर्ज कर बदमाशों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बुजुर्ग से लूट मामले में एक घंटा सीमा विवाद में फंसी रही पुलिस। कालकाजी से लेकर सीआर पार्क थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाश फिर सक्रिय हैं। कालकाजी थाना क्षेत्र स्थित रामपुरी, मालरोड पर बदमाशों ने मोबाइल लूटा। वहां से 500 मीटर की दूरी पर राजमंदिर के पास केनरा बैंक के सामने 18 मार्च को बदमाशों ने एक बुजुर्ग को निशाना बनाया था। 80 वर्षीय बुजुर्ग चंद्रप्रकाश के अनुसार, केनरा बैंक में कुछ काम के बाद सुबह 11 बजे वे बाहर निकले ही थे कि दो बाइक पर पांच लड़के आए और बातों में उलझा लिया। इसके बाद हाथ में पहना तीन तोले का सोने का कड़ा जबरन उतरवाकर भाग गए। यह स्थान सीआर पार्क और कालकाजी थाने का बॉर्डर एरिया है। शिकायत पर दोनों ही थानों की टीम पहुंची। एक घंटे तक सीमा निर्धारण में ही लग गए। तब जाकर उनकी शिकायत पर बीएनएस की धारा 303 (2) व 3 (5) में एफआईआर दर्ज हो पाई। हालांकि शिकायत का कोई फायदा नहीं हुआ। दो सप्ताह बीतने वाले हैं और पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। यह भी पढ़ें- दिल्ली में सफाई कर्मचारी की मौत पर जीटीबी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन, आप विधायकों ने रोड किया जाम।\दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक महिला से मोबाइल लूट और एक बुजुर्ग से लूट की घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस की निष्क्रियता और पीड़ितों के प्रति उदासीन रवैये ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। मालरोड पर हुई मोबाइल लूट की घटना में, मदद करने वाले डिलीवरी बॉय को ही पुलिस ने परेशान किया। वहीं, बुजुर्ग से हुई लूट के मामले में पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही, जिससे अपराधियों को भागने का मौका मिल गया। इन घटनाओं से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं।\पुलिस की लापरवाही और धीमी कार्रवाई ने पीड़ितों को न्याय से वंचित कर दिया है। मोबाइल लूट की घटना के बाद, पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के बजाय मददगार युवक का फोन जब्त कर लिया, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई। बुजुर्ग से लूट के मामले में, पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही और अपराधियों को भागने का मौका मिल गया। इन घटनाओं ने यह भी उजागर किया है कि स्थानीय लोग बदमाशों का सामना करने से डरते हैं और मदद करने से हिचकिचाते हैं, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। पुलिस को अपनी कार्यशैली में सुधार करने और पीड़ितों की मदद के लिए तत्पर रहने की आवश्यकता है ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे और लोगों का विश्वास कायम रहे
दिल्ली लूट अपराध पुलिस निष्क्रियता
