नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण ने जेवर और उसके आसपास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाए हैं, जिससे यह इलाका एक मजबूत रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ शुरू हुआ बदलाव, एयरपोर्ट की घोषणा के बाद और तेज हुआ। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि इस क्षेत्र को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बना रही है।
सुनील पांडेय, ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण ने जेवर और आसपास के क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह से बदल दी है। कभी बैलगाड़ी और कच्चे रास्तों के लिए पहचाने जाने वाला वह इलाका अब हवाई यात्रा के युग में कदम रखने जा रहा है। यहाँ पहले ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधन नजर आते थे। वहीं, आज यहाँ चौड़ी सड़कों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गगनचुंबी इमारतों और महंगी गाड़ियों की मौजूदगी एक नए दौर की कहानी बयां कर रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले जेवर क्षेत्र में पहुंचना किसी चुनौती से
कम नहीं था। इस क्षेत्र के बदलाव की शुरुआत यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही हो गई थी। एक्सप्रेसवे ने दिल्ली, नोएडा और आगरा के बीच तेज और सुगम आवाजाही सुनिश्चित की। इसमें जेवर क्षेत्र निवेशकों की नजर में आने लगा। यह क्षेत्र ही नहीं बल्कि यमुना अथॉरिटी भी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करने लगी थी। जमीन की कीमतों में आया उछाल अथॉरिटी के साथ इस क्षेत्र को असली रफ्तार तब मिली, जब नोएडा एयरपोर्ट की घोषणा हुई। इसके बाद से जमीन की कीमतों में उछाल आया। कभी इस क्षेत्र में लोग जमीन खरीदने से कतराते थे, लेकिन अचानक दाम कई गुना बढ़ गए। यमुना अथॉरिटी के दिन भी बहुरे। बड़े बिल्डर्स ने वहाँ प्रोजेक्ट शुरू किए। औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ने लगीं। आज जेवर और इसके आसपास के इलाकों में बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विकसित हो रहे हैं। 'मजबूत रियल एस्टेट हब बनेगा जेवर क्षेत्र' सिगरान ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ग्रोथ अब तक एयरपोर्ट की उम्मीदों पर टिकी थी। एयरपोर्ट बनने के साथ एंड यूजर्स की वास्तविक मांग तेजी से बढ़ेगी। इससे बाजार को स्थिरता मिलेगी और क्षेत्र एक मजबूत रियल एस्टेट हब बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयाँ देगा। इससे रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट में नोएडा अथॉरिटी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। एयरपोर्ट परियोजना में जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों के लिए नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश सरकार ने संयुक्त निवेश किया है। कुल हिस्सेदारी में नोएडा अथॉरिटी और प्रदेश सरकार की भागीदारी सबसे अधिक 37.5-37.5 प्रतिशत है, जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी की 12.5-12.5 प्रतिशत है। नोएडा अथॉरिटी ने खर्च किए 500 करोड़ नोएडा अथॉरिटी ने अब तक भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। चूंकि नोएडा अथॉरिटी का योगदान सबसे बड़ा है, इसलिए भविष्य में एयरपोर्ट से मिलने वाले राजस्व का अधिकतम लाभ भी इसी को मिलेगा। यात्री संख्या और कारों ट्रैफिक बढ़ने के साथ आय लगातार बढ़ेगी। पूरी तरह विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े एविएशन हब में शामिल होगा। जानकारों का मानना है कि इससे आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को तेज गति मिलेगी। बड़ी कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं। नोएडा अथॉरिटी के लिए यह परियोजना स्थायी राजस्व का बड़ा स्रोत बनेगी। एयरपोर्ट से प्राप्त आय का उपयोग शहर के रखरखाव, नई सड़कों, फ्लाईओवर, मेट्रो विस्तार और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इससे नोएडा के भविष्य की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी और बुनियादी ढांचा मजबूत बनेगा। अपैरल पार्क में महिलाओं को मिलेगी सबसे अधिक जॉब एयरपोर्ट के निर्माण से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होनी है, बल्कि यह क्षेत्र इंटरनेशनल स्तर पर भी पहचान बनाएगा। इससे पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, होटल इंडस्ट्री और अन्य सेवाओं में भारी निवेश की संभावना है। यहाँ फॉर्च्यून 500 औद्योगिक कंपनियाँ आ गई हैं। विदेशी कंपनियों ने यहाँ निवेश किया है। सरकार और यमुना अथॉरिटी भी इस क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। आसपास वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर और औद्योगिक पार्कों की योजनाएं भी आकार ले रही हैं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी
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