NASA का SLS रॉकेट: आर्टेमिस II मिशन के लिए दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट

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NASA का SLS रॉकेट: आर्टेमिस II मिशन के लिए दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट
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NASA आर्टेमिस II मिशन के लिए SLS (Space Launch System) रॉकेट का उपयोग कर रहा है, जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यह इंसानों को गहरे अंतरिक्ष में ले जाने के लिए बनाया गया है और इसमें कई विशेषताएं हैं, जैसे कि इसकी विशाल ऊंचाई और जोर। SLS, ओरियन स्पेसक्राफ्ट को चांद के चारों ओर घुमाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पृथ्वी से इंसानों द्वारा तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी होगी।

नासा आर्टेमिस II मिशन के लिए SLS यानी Space Launch System रॉकेट का इस्तेमाल कर रहा है. यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है जो खासतौर पर गहरे अंतरिक्ष में इंसानों को ले जाने के लिए बनाया गया है. SLS एक सुपर हैवी-लिफ्ट रॉकेट है, यानी यह बहुत भारी चीजों को पृथ्वी की कक्षा से बाहर चांद की ओर भेज सकता है.

और पढ़ेंआर्टेमिस मिशन II में यह चार अंतरिक्ष यात्रियों वाले ओरियन स्पेसक्राफ्ट को चांद के चारों ओर घुमाने के लिए भेजेगा. यह रॉकेट शटल कार्यक्रम के पुराने पार्ट्स को नई टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर बनाया गया है. SLS का पहला वर्जन Block 1 है जो अभी आर्टेमिस II के लिए तैयार है.यह भी पढ़ें: Artemis 2 Launch Live: 54 साल बाद चांद की ओर चला NASA का मानव मिशन, कुछ देर में होगी लॉन्चिंगSLS रॉकेट की खासियतें क्या हैं?SLS Block 1 की ऊंचाई 98 मीटर है, जो स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी लंबा है. पूरी तरह ईंधन भरा होने पर इसका वजन 57 लाख पाउंड के करीब होता है. लॉन्च के समय यह 88 लाख पाउंड का जोर पैदा करता है. यह जोर अपोलो के सैटर्न V रॉकेट से 15 प्रतिशत ज्यादा है. Advertisement इसमें चार RS-25 लिक्विड इंजन और दो पांच-सेगमेंट वाले सॉलिड रॉकेट बूस्टर लगे हैं. कोर स्टेज में लिक्विड हाइड्रोजन और लिक्विड ऑक्सीजन भरा जाता है. रॉकेट इतना बड़ा है कि उसे जमीन पर नहीं ले जाया जा सकता, इसलिए इसे बार्ज से पानी के रास्ते कैनेडी स्पेस सेंटर ले जाया जाता है. SLS को भविष्य में और भी ताकतवर Block 1B और Block 2 वर्जन में बदला जाएगा.ओरियन स्पेसक्राफ्ट को SLS कितनी दूर ले जा सकता है?SLS Block 1 ओरियन स्पेसक्राफ्ट को ट्रांस-लूनर इंजेक्शन तक ले जा सकता है, यानी चांद की ओर. यह 27 मीट्रिक टन वजन को चांद की कक्षा में भेज सकता है. आर्टेमिस II में चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद से 4.50 लाख किलोमीटर दूर तक जाएंगे, जो पृथ्वी से अब तक इंसानों द्वारा तय की गई सबसे ज्यादा दूरी होगी. यह भी पढ़ें: Artemis II: चंद्रमा की ओर चला इंसान... NASA का ऐतिहासिक लॉन्च कहां देख सकते हैं लाइव?SLS ओरियन को इतनी तेज स्पीड देता है कि वह चांद के पीछे से घूमकर फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर वापस आ सके. भविष्य में Block 1B और Block 2 वर्जन इससे भी ज्यादा वजन चांद तक ले जा सकेंगे. Advertisement SLS रॉकेट के फायदे क्या हैं?SLS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह इंसानों को चांद और आगे मंगल तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है. यह बहुत ज्यादा थ्रस्ट देता है, जिससे भारी ओरियन स्पेसक्राफ्ट को एक ही बार में गहरे अंतरिक्ष में भेजा जा सकता है. इसमें आधुनिक सेफ्टी सिस्टम हैं जो क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.SLS भविष्य में कार्गो और साइंस मिशन के लिए भी इस्तेमाल होगा. यह रॉकेट दोबारा इस्तेमाल लायक नहीं है, लेकिन बहुत विश्वसनीय है. NASA के पुराने अनुभव पर आधारित है. इससे नासा को चांद पर स्थायी बस्ती बनाने और मंगल मिशन की नींव रखने में मदद मिलेगी.यह भी पढ़ें: 54 साल बाद आखिर नासा को मून मिशन की जरूरत क्यों पड़ी, चंद्रमा पर ऐसा क्या है?SLS रॉकेट बनाने में कितना समय और पैसा लगा?SLS का विकास 2011 में शुरू हुआ था. पहला रॉकेट 2022 में लॉन्च हुआ, यानी पूरा होने में करीब 11 साल लगे. SLS प्रोग्राम का कुल विकास खर्च लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है. हर लॉन्च का खर्च लगभग 21 हजार करोड़ के आसपास है. यह आंकड़ा सिर्फ रॉकेट का है, ओरियन और ग्राउंड सिस्टम को मिलाकर पूरा मिशन और महंगा हो जाता है. NASA इसे और सस्ता बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन शुरुआती लॉन्च बहुत महंगे हैं. Advertisement SLS पुराने सैटर्न V रॉकेट से कैसे बेहतर है?SLS पुराने अपोलो युग के सैटर्न V रॉकेट से कई मायनों में आगे है. सैटर्न V की तुलना में SLS का लॉन्च थ्रस्ट 15 प्रतिशत ज्यादा है. SLS आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतर कंप्यूटर और सेफ्टी सिस्टम के साथ बना है. यह इंसानों को चांद पर उतारने और वापस लाने के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है. सैटर्न V सिर्फ अपोलो मिशनों के लिए था, जबकि SLS भविष्य में मंगल और गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए भी इस्तेमाल होगा. SLS में शटल के पुराने इंजन इस्तेमाल किए गए हैं, लेकिन उन्हें नई कंट्रोल सिस्टम और आधुनिक सामग्री दी गई है. कुल मिलाकर SLS ज्यादा शक्तिशाली, सुरक्षित और लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाला रॉकेट है.---- समाप्त ---- ये भी देखें

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