जहानाबाद लोकसभा: यहां हिंदुत्व नहीं, सिर्फ एक बात, जाति...जाति और जाति-Navbharat Times

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जहानाबाद लोकसभा: यहां हिंदुत्व नहीं, सिर्फ एक बात, जाति...जाति और जाति-Navbharat Times
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जहानाबाद लोकसभा: यहां हिंदुत्व नहीं, सिर्फ एक बात, जाति...जाति और जाति via NavbharatTimes LokSabhaElections2019 ElectionsWithTimes

हाइलाइट्स:बिहार की जहानाबाद सीट पर अंतिम चरण में 19 मई को मतदानभूमिहार समुदाय के लोग लालू के मुकाबले नीतीश को तरजीह देते रहे हैंभूमिहार-यादव बहुल सीट, दो दशकों से एनडीए के किले में तब्दील इस बार के चुनाव में यहां हिंदुत्व के बजाए जाति फैक्टर हावी हो रहा हैपटना/जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में कुछ स्थानीय लोग लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी को अपने लिए बेहतर विकल्प नहीं मानते हैं। जहानाबाद शहर के करीब चांधरिया गांव के दिनेश कुमार कहते हैं कि हम उन दिनों में वापस नहीं जाना चाहते, जब हमें तकिए के नीचे पिस्टल रखकर सोना पड़ता था। कैब सर्विस प्रदान करने वाले कुमार और उनकी जाति भूमिहार समाज के लोग लालू यादव की जगह नीतीश कुमार को तरजीह देते हैं और बताते हैं कि पिछले दो दशकों से यह क्षेत्र बीजेपी या एनडीए का गढ़ रहा है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की टीम जब जहानाबाद पहुंची तो शुरू में ऐसा ही लगा कि यह हिंदुत्व समर्थकों का क्षेत्र है। हालांकि जैसे ही टीम कुमार के इस बयान के बाद आगे बढ़ने को हुई, उन्होंने एक और बयान देकर ठहरने पर मजबूर कर दिया। कुमार ने कहा, 'लेकिन इस बार थोड़ा मामला अलग और पेचीदा है। इस बार हम अरुण कुमार को वोट देने जा रहे हैं जेडीयू के प्रत्याशी चंद्रशेखर चंद्रवंशी को नहीं।' पढ़ें: मोदी को महाविजय दिलाने काशी में जुटे दिग्गज 'मोदी ठीक, पर वोट तो जाति वाले को ही' बता दें कि जहानाबाद भूमिहार और यादव बहुल सीट है। उधर, अरुण कुमार भी भूमिहार जाति से आते हैं। वर्ष 2014 में अरुण एनडीए का हिस्सा थे और उन्होंने आरएलएसपी के टिकट पर चुनाव जीता था। पर, इस बार वह महागठबंधन का हिस्सा हैं। आरएलएसपी से बाहर होने के बाद इस बार वह अपनी खुद की पार्टी आरएलएसपी सेक्युलर के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोहिया गांव के संजय शर्मा कहते हैं, 'भूमिहार हमेशा से ही एनडीए के समर्थक रहे हैं लेकिन इस बार जाति के कारण यह फर्क साफ दिख रहा है।' शर्मा कहते हैं, 'मोदी सही हैं लेकिन इस बार बात जाति के सम्मान की है। ऐसे में ज्यादातर भूमिहार अरुण को वोट करेंगे।' पढ़ें: 'मोदी नीच' बयान पर फिर लौटे मणिशंकर उधर, जेडीयू प्रत्याशी चंद्रवंशी की बात करें तो वह अति पिछड़ी जाति से आते हैं। पर, भूमिहारों के लिए यह मुद्दा नहीं है। शर्मा कहते हैं, अगर वह किसी और ब्राह्मण जाति से भी होते तो भी हम उनका विरोध करते क्योंकि जहानाबाद हमेशा ही भूमिहार के हिस्से रहा है। 'जेडीयू के लिए चंद्रवंशी नहीं थे पहली पसंद' दरअसल, जेडीयू के लिए चंद्रवंशी पहली पसंद नहीं थे। जेडीयू के एक नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, पार्टी भूमिहार समाज से आने वाले पूर्व कांग्रेसी नेता राम जतन सिन्हा पर दांव लगाने वाली थी। लेकिन पार्टी के एक मजबूत नेता द्वारा इसका विरोध किया गया। इस नेता को सिन्हा का विरोधी भी माना जाता है। चूंकि वह खुद भूमिहार जाति से आते हैं और जहानाबाद के ही रहने वाले हैं। इस वजह से बाद में पार्टी को अपना रुख बदलना पड़ा।.

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