चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन को हराकर जीत हासिल की है। बीजेपी उम्मीदवार हरप्रीत कौर ने मेयर का पद जीता, जबकि कांग्रेस ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर जीत हासिल की। क्रॉस वोटिंग के कारण आम आदमी पार्टी को भारी नुकसान हुआ है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव का सियासी समीकरण दिल्ली विधानसभा से थोड़ा ही अलग था. दिल्ली की तरह चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भी तीनो बड़े किरदार आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस ने हिस्सा लिया था. लेकिन, मुकाबला दो गुटों के बीच आमने सामने का था, दिल्ली की तरह त्रिकोणीय नहीं.
Advertisementदिल्ली में तो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं, लेकिन चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दोनो के बीच लोकसभा चुनाव की ही तरह पहले से गठबंधन था - और दोनो मिलकर बीजेपी से मुकाबला कर रहे थे. चंडीगढ़ मेयर का चुनाव जीत कर बीजेपी ने मुकाबले में बाजी मार ली है, फायदे में तो कांग्रेस भी नजर आ रही - जबकि, सबसे ज्यादा घाटा अरविंद केजरीवाल को ही हुआ है. बीजेपी उम्मीदवार हरप्रीत कौर ने AAP-कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदवार प्रेमलता को शिकस्त दी है, वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर गठबंधन की तरफ से कांग्रेस उम्मीदवार को जीत हासिल हुई है - और इस तरह बीजेपी और कांग्रेस दोनो फायदे में रहे, लेकिन आम आदमी पार्टी मन मसोस कर रह गई है. चंडीगढ़ मेयर का पद इस बार महिलाओं के लिए सुरक्षित था. बीजेपी ने तीनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारे थे. आम आदमी पार्टी ने मेयर, जबकि बाकी दो पद गठबंधन में कांग्रेस के हिस्से में आये थे. Advertisementक्रॉस वोटिंग हुई, और बीजेपी ने बाजी मार लीमेयर चुनाव में पहला वोट चंडीगढ़ के कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने डाला, और उसके बाद बाकी पार्षदों ने. वोटिंग के शुरुआती दौर में ही बैलट पेपर को लेकर आम आदमी पार्टी की पार्षद ने सवाल उठाकर विवाद भी खड़ा कर दिया. चंडीगढ़ के वार्ड नंबर 1 की पार्षद जसविंदर कौर ने बैलट पेपर पर एक डॉट होने का आरोप लगाया और अलग से एक और बैलट दिये जाने की मांग की.आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने क्रॉस वोटिंग रोकने, और एक-एक वोट सहेज कर रखने के लिए अपने सभी पार्षदों को रिसॉर्ट में ठहराया था. आम आदमी पार्टी के पार्षदों की निगरानी पंजाब पुलिस कर रही थी, जबकि कांग्रेस पार्षद पार्टी के ही नेता नजर रख रहे थे - लेकिन ये तरकीब भी काम नहीं आई, और बीजेपी के पक्ष में तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी.पिछली बार के चुनाव में विवाद होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पूर्व जज को स्वतंत्र पर्वेक्षक नियुक्त किया था. जस्टिस जयश्री ठाकुर की निगरानी में ये चुनाव कराये गये. चुनाव की लगातार वीडियोग्राफी, बिजली आपूर्ति प्रबंधन और असेंबली हॉल को कवर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर भी आदेश जारी किये गये थे. Advertisementनंबर गेम में कैसे चूक गया AAP-कांग्रेस गठबंधनबीजेपी की मेयर उम्मीदवार हरप्रीत कौर को कुल 19 वोट मिले हैं, जबकि आमआदमी पार्टी की प्रत्याशी प्रेमलता को 17 वोट ही मिले हैं. कांग्रेस के सीनियर डिप्टी मेयर उम्मीदवार को भी 19 वोट मिले हैं. कांग्रेस ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के दोनो पदों पर सफलता हासिल की है. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद होते हैं. निगम के पार्षदों के साथ ही चंडीगढ़ के सांसद भी मेयर चुनाव में वोट डालते हैं, और इस तरह कुल मिलाकर 36 वोट हो गये. सारे वोट पड़े हैं, और एक भी निरस्त नहीं हुए हैं. मतलब, क्रॉस वोटिंग हुई है - और बीजेपी को इसी बात का फायदा मिला है. नंबर गेम की बात करें तो कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत के बीजेपी में शामिल हो जाने से उसके पास 16 पार्षद हो गए थे, और इसके चलते कांग्रेस पार्षदों की संख्या 7 से घटकर 6 पर पहुंच गई थी. आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद हैं. एक वोट चंडीगढ़ के सांसद का हुआ - और इस तरह, गठबंधन के पास कुल मिलाकर 20 वोट बनते थे - लेकिन बीजेपी को 19 वोट मिल गये.चुनाव में गुप्त वोटिंग हुई थी, इसलिए ये तो नहीं पता चल सकता कि क्रॉस वोटिंग किन पार्षदों ने की है, अगर आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने ऐसा नहीं किया तो तोहमत तो साफ तौर कांग्रेस के ही मत्थे मढ़ी जाएगी - बाकी बातें अपनी जगह है, लेकिन दिल्ली चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल के लिए तो ये बहुत ही बुरी खबर है. ये भी देखें
AAP बीजेपी कांग्रेस चंडीगढ़ मेयर चुनाव क्रॉस वोटिंग
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
बीजेपी दिल्ली में AAP को पटखनी देने में जुटीदिल्ली चुनाव में बीजेपी ने AAP की मुफ्त योजनाओं को पछाड़ने के लिए उसी तरह की योजनाएं पेश की हैं.
Read more »
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव में भाजपा की जीतचंडीगढ़ में मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरप्रीत कौर बबला की जीत हुई है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन हार गए. भाजपा अकेले चुनाव में मैदान में उतरी थी और हरप्रीत कौर बबला को उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस और आप के तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की है.
Read more »
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में AAP-कांग्रेस को झटका, BJP की हरप्रीत बबला चुनी गईं मेयरChandigarh Mayor Election में BJP की जीत, Harpreet Kaur Babla बनी चंडीगढ़ की मेयर | Breaking News
Read more »
हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की नयी मेयर बनीचंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की नई मेयर बनी हैं। उन्होंने आप-कांग्रेस गठबंधन की प्रेमलता को तीन वोट से हराया।
Read more »
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की जीतचंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार हरप्रीत कौर बबला ने कांग्रेस और आप गठबंधन की प्रत्याशी प्रेमलता को शिकस्त दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई।
Read more »
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव: 'बबला की बबली' जीत गईभाजपा प्रत्याशी हरप्रीत कौर बबला ने आप-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी प्रेमलता को 3 वोटों से मात दी. क्रॉस वोटिंग में 19 पार्षदों ने हरप्रीत कौर बबला का समर्थन किया, जबकि प्रेमलता को 17 वोट मिले.
Read more »
