कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों के बीच, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ने क्यों लिया भरे कोर्ट में प्र...

Kapil Sibal Argument News

कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों के बीच, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ने क्यों लिया भरे कोर्ट में प्र...
Abhishek Manu Singhvi ArgumentEd PleaIpac Raid News
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 125 sec. here
  • 19 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 105%
  • Publisher: 51%

Sibal-Singhvi Argument in SC: IPAC में तलाशी से जुड़े ED मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त हलचल मच गई, जब जज ने प्रशांत किशोर का नाम लिया. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में ED ने बंगाल सरकार पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया है.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई के दौरान उस वक्त माहौल अचानक गंभीर हो गया. जब पीठ ईडी के वकील से प्रशांत किशोर से जुड़ा सवाल पूछा.

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस याचिका पर न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ सुनवाई कर रही थी. मामला अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के चुनाव सलाहकार संगठन IPAC में हुई तलाशी के दौरान कथित हस्तक्षेप से जुड़ा है. कोर्टरूम में क्या हुआ? सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ED का पक्ष रखते हुए कहा कि ईडी ने धारा 17 के तहत IPAC में तलाशी ली थी. IPAC के 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. इतना कहते ही पीठ की ओर से सवाल आया. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि क्या यह वही IPAC है, जिससे प्रशांत किशोर जुड़े हुए थे? जस्टिस के सवाल पूछने के बाद कोर्टरूम में कुछ क्षण के लिए सन्नाटा छा गया. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जी हां. यही वह पल था, जब बिहार की जनसुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का नाम औपचारिक रूप से सुप्रीम कोर्ट की बहस में दर्ज हो गया. प्रशांत किशोर का नाम क्यों अहम? IPAC वही संगठन है, जिसने पहले कई राजनीतिक दलों जिसमें TMC भी शामिल है के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी. हालांकि मौजूदा मामले में प्रशांत किशोर न तो याचिकाकर्ता हैं और न ही प्रतिवादी, लेकिन IPAC से उनका पुराना जुड़ाव होने के कारण कोर्ट ने संगठन की पहचान स्पष्ट करने के लिए यह सवाल किया. यह सवाल यह भी संकेत देता है कि अदालत यह समझना चाहती है कि जिस संगठन पर तलाशी हुई उसकी प्रकृति, भूमिका और राजनीतिक प्रभाव क्या रहा है. ED की याचिका में क्या मांग? प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया है कि IPAC में तलाशी के दौरान राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया. याचिका में आरोप है कि तलाशी के दौरान अधिकारियों को रोका गया और कानून के तहत ED को मिले अधिकारों में बाधा डाली गई. इसी आधार पर डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा और दक्षिण कोलकाता के डीसी प्रियबत्रा रॉय ने ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ CBI जांच की मांग की है. बंगाल सरकार की ओर से कौन? राज्य सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी जबकि IPAC की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखा. राज्य का कहना है कि तलाशी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी जरूरी थी और किसी तरह का अवैध हस्तक्षेप नहीं किया गया. क्या है संविधान का अनुच्छेद 32? अनुच्छेद 32 भारतीय संविधान का वह प्रावधान है, जिसे संविधान की ‘आत्मा और हृदय’ कहा था. कोई भी व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकता है यदि उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो. इस मामले में ED ने अनुच्छेद 32 का सहारा लेते हुए यह दावा किया है कि संवैधानिक और वैधानिक एजेंसी के कामकाज में हस्तक्षेप, कानून के शासन और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

Abhishek Manu Singhvi Argument Ed Plea Ipac Raid News Prashant Kishor Supreme Court West Bengal News Mamata Banerjee SC News सुप्रीम कोर्ट की खबर सिब्बल की दलील सिंघवी की जिरह ईडी की याचिका प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल समाचार ममता बनर्जी न्यूज

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

ED vs Mamata Banerjee: আইপ্যাকে হানা! মুখে হুঁশিয়ারির পর এবার ইডির বিরুদ্ধে সরাসরি পুলিসের দ্বারস্থ মমতা নিজে...ED vs Mamata Banerjee: আইপ্যাকে হানা! মুখে হুঁশিয়ারির পর এবার ইডির বিরুদ্ধে সরাসরি পুলিসের দ্বারস্থ মমতা নিজে...Raid on IPAC After verbal warnings Mamata herself approaches police directly against the ED
Read more »

Abhishek Banerjee: কেন অ্যাইপ্যাকের অফিসে হানা? এবার মুখ খুললেন অভিষেক, বললেন...Abhishek Banerjee: কেন অ্যাইপ্যাকের অফিসে হানা? এবার মুখ খুললেন অভিষেক, বললেন...Abhishek Banerjee finally reacts on ED Raids IPAC Office
Read more »

Mamata Banerjee: আমি যা করেছি কালকে কোন অন্যায় করিনি, কমিশন আমার ঘেঁচু করবে...Mamata Banerjee: আমি যা করেছি কালকে কোন অন্যায় করিনি, কমিশন আমার ঘেঁচু করবে...Mamata Banerjee walks in Protest Rally against ED Raids IPAC Office
Read more »

I-PAC vs ED: আইপ্যাক মামলায় বড় মোড়! ছুটির সকালে প্রতীক জৈনের বাড়ির রেজিস্টার বাজেয়াপ্ত... দেখা গেল...I-PAC vs ED: আইপ্যাক মামলায় বড় মোড়! ছুটির সকালে প্রতীক জৈনের বাড়ির রেজিস্টার বাজেয়াপ্ত... দেখা গেল...Major Twist in IPAC Case ED Seizes Pratik Jains House Register Heres What Was Found
Read more »

Abhishek Banerjee: তল্লাশি করতে আসেনি, চুরি করতে এসেছিল, বিস্ফোরক অভিষেক..Abhishek Banerjee: তল্লাশি করতে আসেনি, চুরি করতে এসেছিল, বিস্ফোরক অভিষেক..Abhishek Banerjee reacts on ED Raids IPAC Office
Read more »

ED vs IPAC in Supreme Court: মমতা যা করেছেন এটা শুধু চুরি নয়, ডাকাতি! সিবিআই তদন্ত চাই...সুপ্রিম কের্টে ইডি...ED vs IPAC in Supreme Court: মমতা যা করেছেন এটা শুধু চুরি নয়, ডাকাতি! সিবিআই তদন্ত চাই...সুপ্রিম কের্টে ইডি...ED needs CBI investigation on IPAC raids issue as there is massive massacre in raids
Read more »



Render Time: 2026-04-02 14:42:02