Israel vs Iran War 30 Days of Live Updates Trump and Netanyahu
UAE पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल दागीं; 3,500 US सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचेईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह घटना फार्स प्रांत के पास बताई जा रही है, हालांकि इस दावे की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ईरान ने कल UAE पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन से हमला किया। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सभी हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। दूसरी ओर 3,500 एक्स्ट्रा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ये सैनिक USS ट्रिपोली जहाज के जरिए वहां पहुंचे हैं। ये सैनिक और नाविक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं।पाकिस्तान में कल 3 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पाकिस्तान में कल तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी।के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना जा रहा है। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है।ईरान ने 28 फरवरी को इजराइल के तेल अवीव में कई मिसाइलें दागी।लेबनान के उग्रवादी लड़ाकों ने शनिवार को एक इजराइली टैंक को तबाह कर दिया।इजराइल में जंग के खिलाफ प्रदर्शन इजराइल के तेल अवीव में लोग जंग का विरोध कर रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर लोगों पर लाठीचार्ज किया।ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइल के हमलों ने राजधानी तेहरान के उत्तरी हिस्से और शहर के पश्चिमी हिस्से के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया है।ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच इजराइल गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर हमले जारी रखे हुए है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी खान यूनिस में दो पुलिस चौकियों पर इजराइली हवाई हमलों में 6 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मरने वालों में एक बच्ची भी शामिल है।अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर नहीं होगा। इसमें स्पेशल फोर्स के छापे और सामान्य पैदल सैनिकों की कार्रवाई शामिल हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी यह साफ नहीं है कि ट्रम्प पेंटागन की इन योजनाओं को पूरी तरह मंजूरी देंगे, या फिर बिल्कुल भी मंजूरी नहीं देंगे।ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज को निशाना बना सकता है। यह चेतावनी उस दावे के बाद दी गई है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटीज को नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि क्षेत्र में उसकी यूनिवर्सिटीज पर जवाबी कार्रवाई न हो, तो उसे सोमवार, 30 मार्च को दोपहर 12 बजे तक इन हमलों की निंदा करनी होगी। बयान में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के कर्मचारी, प्रोफेसर, छात्र और आसपास रहने वाले लोग कैंपस से एक किलोमीटर दूर रहें। मिडिल ईस्ट के खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के कैंपस हैं, जैसे कतर में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी और संयुक्त अरब अमीरात में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार रात से शनिवार के बीच राजधानी के उत्तर-पूर्व में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर भी हमला हुआ, जिससे इमारतों को नुकसान पहुंचा।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार करीब 3,500 एक्स्ट्रा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं। ये सैनिक USS ट्रिपोली जहाज के जरिए वहां पहुंचे हैं। ये सैनिक और नाविक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं और 27 मार्च को इस क्षेत्र में पहुंचे। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सेना अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से भी हजारों और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी में है।लेबनान में हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजराइल में दो इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। संगठन के अनुसार, उसने मिसाइलों की एक साथ कई फायरिंग करते हुए ऐन शेमेर एयरफील्ड और रेगाविम सैन्य कैंप पर हमला किया। संगठन ने आरोप लगाया कि इजराइल लेबनान के नागरिकों को जबरन उनके घरों से हटा रहा है और घरों को नष्ट कर रहा है।अमेरिका और इजराइल ने पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई शहरों पर हमले किए हैं। आज का सबसे बड़ा हमला पानी की सुविधा पर हुआ, जिसकी क्षमता 1 करोड़ लीटर है। यह आम नागरिकों के लिए बेहद जरूरी सुविधा थी। पहले भी इस युद्ध में नागरिक संपत्तियों पर हमले हुए हैं, लेकिन इस तरह की अहम पानी की सुविधा पर हमला काफी गंभीर माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों में राजधानी तेहरान में भी भारी बमबारी हुई है। कई जगहों पर हमले हुए, रात में दो यूनिवर्सिटी पर अमेरिकी और इजराइली विमानों ने हमला किया। इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वे भी इसी तरह जवाब देंगे और क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं।बहरीन न्यूज एजेंसी के मुताबिक बहरीन ने रविवार को औद्योगिक फैसिलिटी को निशाना बनाने की पुष्टि की। एजेंसी ने कहा कि उसके दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं और साथ ही यह भी कहा कि उसके कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।अमेरिकी सेना ईरान में हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रही है। उसे ट्रम्प की मंजूरी का इंतजार है। यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है।होर्मुज स्ट्रेट और व्यापार पर चर्चा की; ईरान जंग पर बात करने पाकिस्तान जाएंगे 3 देशरूस 4 महीने तक पेट्रोल नहीं बेचेगा:ईरान जंग के बीच ट्रम्प बोले- अगला नंबर क्यूबा का:हरियाणा में आज बारिश-ओलावृष्टि के आसारउत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बर्फबारी की संभावनाउत्तराखंड में साफ रहा मौसम, कल बारिश का अलर्टयूपी के 3 जिलों में ओले गिरे, प्रयागराज-काशी में बारिशमेरठ में दो दिन बाद फिर बदलेगा मौसम.
UAE पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल दागीं; 3,500 US सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचेईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह घटना फार्स प्रांत के पास बताई जा रही है, हालांकि इस दावे की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ईरान ने कल UAE पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन से हमला किया। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सभी हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। दूसरी ओर 3,500 एक्स्ट्रा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ये सैनिक USS ट्रिपोली जहाज के जरिए वहां पहुंचे हैं। ये सैनिक और नाविक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं।पाकिस्तान में कल 3 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पाकिस्तान में कल तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी।के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना जा रहा है। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है।ईरान ने 28 फरवरी को इजराइल के तेल अवीव में कई मिसाइलें दागी।लेबनान के उग्रवादी लड़ाकों ने शनिवार को एक इजराइली टैंक को तबाह कर दिया।इजराइल में जंग के खिलाफ प्रदर्शन इजराइल के तेल अवीव में लोग जंग का विरोध कर रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर लोगों पर लाठीचार्ज किया।ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइल के हमलों ने राजधानी तेहरान के उत्तरी हिस्से और शहर के पश्चिमी हिस्से के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया है।ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच इजराइल गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर हमले जारी रखे हुए है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी खान यूनिस में दो पुलिस चौकियों पर इजराइली हवाई हमलों में 6 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मरने वालों में एक बच्ची भी शामिल है।अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर नहीं होगा। इसमें स्पेशल फोर्स के छापे और सामान्य पैदल सैनिकों की कार्रवाई शामिल हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी यह साफ नहीं है कि ट्रम्प पेंटागन की इन योजनाओं को पूरी तरह मंजूरी देंगे, या फिर बिल्कुल भी मंजूरी नहीं देंगे।ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज को निशाना बना सकता है। यह चेतावनी उस दावे के बाद दी गई है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटीज को नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि क्षेत्र में उसकी यूनिवर्सिटीज पर जवाबी कार्रवाई न हो, तो उसे सोमवार, 30 मार्च को दोपहर 12 बजे तक इन हमलों की निंदा करनी होगी। बयान में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के कर्मचारी, प्रोफेसर, छात्र और आसपास रहने वाले लोग कैंपस से एक किलोमीटर दूर रहें। मिडिल ईस्ट के खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी यूनिवर्सिटीज के कैंपस हैं, जैसे कतर में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी और संयुक्त अरब अमीरात में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार रात से शनिवार के बीच राजधानी के उत्तर-पूर्व में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर भी हमला हुआ, जिससे इमारतों को नुकसान पहुंचा।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार करीब 3,500 एक्स्ट्रा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं। ये सैनिक USS ट्रिपोली जहाज के जरिए वहां पहुंचे हैं। ये सैनिक और नाविक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं और 27 मार्च को इस क्षेत्र में पहुंचे। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सेना अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से भी हजारों और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी में है।लेबनान में हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजराइल में दो इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। संगठन के अनुसार, उसने मिसाइलों की एक साथ कई फायरिंग करते हुए ऐन शेमेर एयरफील्ड और रेगाविम सैन्य कैंप पर हमला किया। संगठन ने आरोप लगाया कि इजराइल लेबनान के नागरिकों को जबरन उनके घरों से हटा रहा है और घरों को नष्ट कर रहा है।अमेरिका और इजराइल ने पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई शहरों पर हमले किए हैं। आज का सबसे बड़ा हमला पानी की सुविधा पर हुआ, जिसकी क्षमता 1 करोड़ लीटर है। यह आम नागरिकों के लिए बेहद जरूरी सुविधा थी। पहले भी इस युद्ध में नागरिक संपत्तियों पर हमले हुए हैं, लेकिन इस तरह की अहम पानी की सुविधा पर हमला काफी गंभीर माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों में राजधानी तेहरान में भी भारी बमबारी हुई है। कई जगहों पर हमले हुए, रात में दो यूनिवर्सिटी पर अमेरिकी और इजराइली विमानों ने हमला किया। इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वे भी इसी तरह जवाब देंगे और क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं।बहरीन न्यूज एजेंसी के मुताबिक बहरीन ने रविवार को औद्योगिक फैसिलिटी को निशाना बनाने की पुष्टि की। एजेंसी ने कहा कि उसके दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं और साथ ही यह भी कहा कि उसके कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।अमेरिकी सेना ईरान में हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रही है। उसे ट्रम्प की मंजूरी का इंतजार है। यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है।होर्मुज स्ट्रेट और व्यापार पर चर्चा की; ईरान जंग पर बात करने पाकिस्तान जाएंगे 3 देशरूस 4 महीने तक पेट्रोल नहीं बेचेगा:ईरान जंग के बीच ट्रम्प बोले- अगला नंबर क्यूबा का:हरियाणा में आज बारिश-ओलावृष्टि के आसारउत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बर्फबारी की संभावनाउत्तराखंड में साफ रहा मौसम, कल बारिश का अलर्टयूपी के 3 जिलों में ओले गिरे, प्रयागराज-काशी में बारिशमेरठ में दो दिन बाद फिर बदलेगा मौसम
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