UP Flood: पिछले माह भी टूटा था मालन का तटबंध, मेरठ-पौड़ी हाईवे पर रोकना पड़ा था यातायात, फिर दर्जनों गांवों को खतरा

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UP Flood: पिछले माह भी टूटा था मालन का तटबंध, मेरठ-पौड़ी हाईवे पर रोकना पड़ा था यातायात, फिर दर्जनों गांवों को खतरा
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Bijnor News चमोली में बादल फटने से बढ़े जलस्तर के कारण बिजनौर के खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मालन नदी का तटबंध टूटने से गांवों के खेतों में पानी भरने लगा है। पहले भी बरसात के दौरान कई गांव डूब गए थे जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई थी। प्रशासन तटबंध को ठीक करने में जुटा...

जागरण संवाददाता, बिजनौर। चमोली में बादल फटने से बढ़े जलस्तर के कारण जिले के खादर क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। मालन का तटबंध टूटने से गांवों के खेतों में पानी भरना शुरू भी हो गया है। लगभग डेढ़ माह पहले उत्तराखंड में हुई तेज बरसात से भी दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया था। तब ग्रामीणों को छत पर तिरपाल डालकर रहने को मजबूर होना पड़ा था। खेतों में तब भरा पानी कई जगह पर अब तक नहीं सूखा है। पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी नदियों के जरिए बिजनौर में ही आता है। गंगा और मालन उफन जाती हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में पहाड़ों पर तेज बरसात हुई थी। इससे मालन में बहुत पानी आ गया था और मालन का तटबंध गांव हमीदपुर के सामने टूट गया था। तब दो दर्जन से अधिक गांवों में मालन का पानी खेतों से लेकर घरों तक में भर गया था। दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को घरों की छत पर शरण लेनी पड़ी थी। बेगावाला से लेकर बड़कला तक पांच किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क पर पानी उतर रहा था। दो दिन बाद यह पानी मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर बैराज रोड पर भी आ गया था और यहां यातायात रोक दिया गया था। पानी के दबाव से गंगा पर बने बैराज के पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट का गैप भी बढ़ गया था। 72 घंटे बाद तटबंध के कटे हिस्से पर बल्ली गाड़कर और उसमें रेत की बोरी भरकर किसी तरह पानी को रोका गया था। अब चमोली में बादल फटने से तटबंध फिर से उसी स्थान से टूट गया है। प्रशासन ने तटबंध को ठीक करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह भी पढ़ें- UP Flood : चमोली में बादल फटने के बाद बढ़ा जलस्तर, टूटा मालन नदी का तटबंध, बिजनौर में बढ़ा खतरा इन गांवों में रहता है खतरा गांव काजीवाला, शादीपुर, हमीदपुर, नरूल्लापुर, बाखरपुर गढ़ी, सेवारामपुर, धारूवाला, बहादरपुर, ब्रह्मपुरी, चंदपुरा नौआबाद, इटावा, रावली, खानजहांपुर बहादर, बड़कला, मुजफ्फरपुर केशो, मानशाहपुर, बादशाहपुर, चंदपुरा बंगाली कालोनी में पिछली बार भी पानी भर गया था। यहां अभी भी खतरा बना है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार शर्मा ने कहा कि मालन का तटबंध ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। श्रमिक बल्ली गाड़ रहे हैं। उनमें रेत की बोरी भरकर पानी को तटबंध के बाहर आने से रोका जाएगा।.

जागरण संवाददाता, बिजनौर। चमोली में बादल फटने से बढ़े जलस्तर के कारण जिले के खादर क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। मालन का तटबंध टूटने से गांवों के खेतों में पानी भरना शुरू भी हो गया है। लगभग डेढ़ माह पहले उत्तराखंड में हुई तेज बरसात से भी दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया था। तब ग्रामीणों को छत पर तिरपाल डालकर रहने को मजबूर होना पड़ा था। खेतों में तब भरा पानी कई जगह पर अब तक नहीं सूखा है। पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी नदियों के जरिए बिजनौर में ही आता है। गंगा और मालन उफन जाती हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में पहाड़ों पर तेज बरसात हुई थी। इससे मालन में बहुत पानी आ गया था और मालन का तटबंध गांव हमीदपुर के सामने टूट गया था। तब दो दर्जन से अधिक गांवों में मालन का पानी खेतों से लेकर घरों तक में भर गया था। दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को घरों की छत पर शरण लेनी पड़ी थी। बेगावाला से लेकर बड़कला तक पांच किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क पर पानी उतर रहा था। दो दिन बाद यह पानी मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर बैराज रोड पर भी आ गया था और यहां यातायात रोक दिया गया था। पानी के दबाव से गंगा पर बने बैराज के पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट का गैप भी बढ़ गया था। 72 घंटे बाद तटबंध के कटे हिस्से पर बल्ली गाड़कर और उसमें रेत की बोरी भरकर किसी तरह पानी को रोका गया था। अब चमोली में बादल फटने से तटबंध फिर से उसी स्थान से टूट गया है। प्रशासन ने तटबंध को ठीक करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह भी पढ़ें- UP Flood : चमोली में बादल फटने के बाद बढ़ा जलस्तर, टूटा मालन नदी का तटबंध, बिजनौर में बढ़ा खतरा इन गांवों में रहता है खतरा गांव काजीवाला, शादीपुर, हमीदपुर, नरूल्लापुर, बाखरपुर गढ़ी, सेवारामपुर, धारूवाला, बहादरपुर, ब्रह्मपुरी, चंदपुरा नौआबाद, इटावा, रावली, खानजहांपुर बहादर, बड़कला, मुजफ्फरपुर केशो, मानशाहपुर, बादशाहपुर, चंदपुरा बंगाली कालोनी में पिछली बार भी पानी भर गया था। यहां अभी भी खतरा बना है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार शर्मा ने कहा कि मालन का तटबंध ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। श्रमिक बल्ली गाड़ रहे हैं। उनमें रेत की बोरी भरकर पानी को तटबंध के बाहर आने से रोका जाएगा।

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