Success Story: कौशल्या चौधरी की जादुई कहानी, 7500 के मोबाइल से 10 दिन में कैसे कमाए 1 लाख रुपये?

Success Story News

Success Story: कौशल्या चौधरी की जादुई कहानी, 7500 के मोबाइल से 10 दिन में कैसे कमाए 1 लाख रुपये?
सक्सेस स्टोरीकौशल्या चौधरीमहिलाओं की सक्सेस स्टोरी
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 275 sec. here
  • 14 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 141%
  • Publisher: 51%

एक साधारण से गांव की लड़की डॉक्टर बनना चाहती थी, पर उसकी शादी हो गई। लेकिन, उसने हार नहीं मानी और महज 7500 रुपये के स्मार्टफोन से कामयाबी की कहानी लिख दी।

नई दिल्ली: 17-18 साल उम्र रही होगी उस लड़की की, जब उसने 12वीं की परीक्षा पास की। सपना था डॉक्टर बनने का और इसीलिए 12वीं में विज्ञान से जुड़े विषय भी लिए। लेकिन, ये वो वक्त था, जब गांव-देहात में लड़कियों को बहुत ज्यादा पढ़ने की इजाजत नहीं थी। इधर परीक्षा पास हुई और उधर उसकी शादी तय कर दी गई। उसका मन एक डर से भर गया। नया घर, नए लोग, नया माहौल और सबसे बड़ी बात.

.. उसके सपनों का क्या होगा? लगा कि अब सब खत्म हो गया है।लेकिन, कहीं न कहीं अंदर से एक आवाज आती थी कि देर नहीं हुई है, अब भी कुछ किया जा सकता है। बस उसी आवाज को सुनते हुए उसने ठान लिया कि कुछ न कुछ जरूर करेगी। आज वही महिला 1.65 मिलियन फॉलोअर्स वाले यूट्यूब चैनल और मसाला ब्रांड 'सीधी मारवाड़ी' की मालकिन है। 35 से ज्यादा महिलाओं को उन्होंने रोजगार दे रखा है। नाम है- कौशल्या चौधरी। कौशल्या चौधरी की कहानी सपनों, साहस और जड़ों से जुड़े रहने की कहानी है। राजस्थान के एक छोटे से गांव कुरी में रहने वाली 30 वर्षीय कौशल्या चौधरी ने 2017 में महज 7500 रुपये के स्मार्टफोन से, घर पर बने भोजन के वीडियो बनाना शुरू किया और देखते ही देखते कामयाबी की एक शानदार कहानी लिख दी। ना कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ना रिंग लाइट, ना महंगा कैमरा और ना ही ठीक-ठाक इंटरनेट कनेक्शन। आज उनके दो यूट्यूब चैनल हैं। हालांकि, सबकुछ इतना आसान नहीं था।नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ बातचीत में कौशल्या चौधरी ने बताया कि उनका बचपन एक साधारण किसान परिवार में बीता। सुबह स्कूल जाना और शाम को घर के काम करना, यही उनका रूटीन था। कौशल्या पहले खेतों में जातीं, गायों को खाना खिलातीं और फिर स्कूल के लिए निकलतीं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण, वह अक्सर रसोई में अपनी मां की मदद भी करती थीं। मां को उनके हाथ का खाना काफी पंसद आता। बस यही वो मोड़ था, जब कौशल्या को खाना बनाने से प्यार हो गया।गांव में नौकरी के साधन नहीं थे और ऊपर से समाज की बंदिशें, शादी के बाद कौशल्या घर की चारदीवारी में कैद हो गईं। उनकी दादी और सास को लगता था कि अगर वह जाकर बाहर काम करेंगी, तो घर के काम कौन करेगा? घर आने वाले मेहमानों की आवभगत कौन करेगा? लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और फैसला किया कि कुछ करना है। भले ही वो इन चार दीवारों के भीतर ही क्यों न हो।कैसे खरीदा 7500 रुपये का स्मार्टफोनकौशल्या के जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने YouTube से पैसे कमाने वाले एक पांच साल के बच्चे के बारे में एक खबर पढ़ी। इसके बाद उन्होंने अपने पति वीरेंद्र कुमार से पूछा कि YouTube क्या है। उस समय उनके पास स्मार्टफोन भी नहीं था। सारी जानकारी इकट्ठा करने के बाद जब उन्होंने अपने ससुर से उनके लिए एक फोन लाने के लिए कहा, तो वे 3000 रुपये का कीपैड वाला एक फोन ले आए और कहा कि वे केवल यही खरीद सकते हैं।कौशल्या ने वह फोन वापस लौटा दिया। उनके पास उस समय करीब दो-तीन हजार रुपये की सेविंग थी। उन्होंने अपनी मां से तीन हजार रुपये लिए और किसी तरह 7500 रुपये का एक स्मार्टफोन खरीद लिया। 2017 में उन्होंने अपनी रसोई से रेसिपी के वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ मुश्किलें आईं, विरोध भी हुआ लेकिन कौशल्या ने कदम पीछे नहीं हटाए और अपना YouTube चैनल शुरू कर दिया।हल्दी की सब्जी के वीडियो ने मचाई धूमउनका पहला वीडियो बेसन बर्फी का था और जो वीडियो वायरल हुआ, वह हल्दी की सब्जी का था। शुरुआती दिन मुश्किल थे। कोई स्टैंड नहीं था, बस एल्यूमीनियम के तारों को मोड़कर एक कामचलाऊ स्टैंड बनाया गया था। कोई स्टूडियो लाइट नहीं थी, केवल रसोई में बल्ब लटकाए गए थे। नेटवर्क भी अच्छा नहीं था, इसलिए वह छत पर चढ़ जाती थी और घंटों इंतजार करती। उन्हें वीडियो एडिटिंग भी सीखनी पड़ी। इसके लिए वह एडिटिंग ट्यूटोरियल देखतीं, नोट्स बनाती और बाद में अपने वीडियो एडिट करतीं। YouTube से उनकी पहली पेमेंट 7,500 रुपये आने में डेढ़ साल का लंबा वक्त लग गया। खराब इंटरनेट और कामचलाऊ साधनों के बावजूद कौशल्या ने अपनी रेसिपी के क्वालिटी वीडियो बनाकर अपलोड किए।10 दिनों की कमाई 1 लाख रुपयेकई लोगों ने उनके परिवार के सदस्यों से कौशल्या को ऐसा करने से रोकने के लिए कहा। उन्हें लगता था कि वीडियो बनाना या सोशल मीडिया पर रहना उनकी संस्कृति के खिलाफ है। हालांकि, इस मोड़ पर कौशल्या के पति ने उनका साथ दिया। शुरुआत में कौशल्या हिंदी में कंटेंट बनाती थीं, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। फिर उन्हें एहसास हुआ कि लाखों ग्रामीण महिलाओं के पास सस्ता इंटरनेट है, लेकिन शायद ही उनके लिए कोई कंटेंट बनाता होगा।कौशल्या ने फिर से शुरुआत की, लेकिन इस बार राजस्थानी में। उनकी इस पहल पर जबरदस्त रिएक्शन मिला और फॉलोअर्स बढ़ने लगे। एक महीने के भीतर ही उनके एक लाख सब्सक्राइबर हो गए। व्यूज भी लाखों में थे। उनकी 10 दिनों की कमाई 1 लाख रुपये से ऊपर थी। पिछले दो सालों में उन्होंने उतना नहीं कमाया, जितना एक महीने में कमा लिया।जब खो गए 15 लाख सब्सक्राइबरअमेरिका में रहने वाले एक राजस्थानी ने उन्हें मेसेज किया कि वीडियो देखने से उसे ऐसा लग रहा है, जैसे वह वापस घर आ गया हो। कौशल्या को भी एहसास हो गया कि यही उनका रास्ता है। 2023 में उन्हें मास्टरशेफ इंडिया से कॉल आई। उन्हें समझ ही नहीं आया कि वो क्या जवाब दें। कौशल्या के लिए मास्टरशेफ इंडिया 2024 में राजस्थान से एकमात्र महिला के तौर पर शामिल होना एक शानदार अनुभव था। उन्होंने टीवी पर कच्ची हल्दी की सब्जी, कुगा रोटी और मखनिया लस्सी जैसे पुराने व्यंजनों को गर्व के साथ पेश किया और जजों सहित दुनिया भर के शेफ का दिल जीत लिया। मास्टरशेफ के बाद कौशल्या को अपना प्लेटफॉर्म बनाने का महत्व समझ में आया। दरअसल, ये वो वक्त था, जब भारत में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया गया और उन्होंने 15 लाख सब्सक्राइबर और वीडियो से होने वाली कमाई खो दी।कैसे हुआ सीधी मारवाड़ी का जन्मकौशल्या को एहसास हुआ कि उनकी कमाई का जरिया YouTube, Instagram या Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं। अगर ये प्लेटफॉर्म नहीं रहे, तो फिर वो कमाई के लिए क्या करेंगी। इसी सोच ने मार्च 2024 में मसाला ब्रांड 'सीधी मारवाड़ी' को जन्म दिया। कौशल्या ने सोचा कि क्यों न वही बनाया जाए जो उनकी दादी बनाती थीं- शुद्ध मसाले, कोल्ड-प्रेस्ड तेल जिनमें कोई प्रिजर्वेटिव नहीं।उनका तरीका पुरानी शैली का है। वह मसालों के बंडल उसी तरह हाथ से बनाती हैं, जैसे उनकी दादी बनाती थीं। इसके बाद उन्हें मोटरों से जोड़ा जाता है और एक महिला इसे चलाती है। इस तरह मसालों का स्वाद बरकरार रहता है। सीधी मारवाड़ी के प्रोडक्ट अब भारत के 13 आउटलेट्स पर उपलब्ध हैं और दुनिया भर में भेजे जाते हैं। उनके इस ब्रांड को ससुर और चाचा संभालते हैं और आसपास के गांवों की 35 से ज्यादा महिलाएं यहां काम करती हैं। कौशल्या बताती हैं कि जब भी वो कहीं किसी कार्यक्रम में जाती हैं, तो एक ही बात कहती हैं, 'जो भी हमारे पास है, बस वही खास है... बाकी सब बकवास है'।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

सक्सेस स्टोरी कौशल्या चौधरी महिलाओं की सक्सेस स्टोरी सिद्धि मारवाड़ी Kaushal Chaudhary Good News Sidhi Marwadi Women Success Story

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

सिर पर नहीं पिता का साया, बिना कोचिंग पहली ही प्रयास में UPSC IFS एग्जाम किया क्रैक, हासिल की 9वीं रैकसिर पर नहीं पिता का साया, बिना कोचिंग पहली ही प्रयास में UPSC IFS एग्जाम किया क्रैक, हासिल की 9वीं रैकSuccess Story: पढ़ें मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की अंजली सोंधिया की सफलता की कहानी, जिन्होंने UPSC IFS 2024 एग्जाम में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल किया है.
Read more »

घर में आर्थिक तंगी! पिता बस ड्राइवर, लोगों ने पढ़ाई छोड़ने की दी सलाह.. लेकिन बेटी ने पास कर ली UPSC परीक्षा, बनीं IASघर में आर्थिक तंगी! पिता बस ड्राइवर, लोगों ने पढ़ाई छोड़ने की दी सलाह.. लेकिन बेटी ने पास कर ली UPSC परीक्षा, बनीं IASIAS Success Story: पढ़ें हरियाणा की रहने वाली प्रीति हुड्डा की सफलता की कहानी, जिन्होंने घर की आर्थिक तंगी के बावजूद देश की इस कठिन परीक्षा को पास किया और आईएएस बनीं.
Read more »

बिना अस्तित्व वाले 45 लोगों के नाम पर 90 लाख की केसीसी, मुरैना के बड़े बैंक में मैनेजर और कृषि अधिकारी का खेलबिना अस्तित्व वाले 45 लोगों के नाम पर 90 लाख की केसीसी, मुरैना के बड़े बैंक में मैनेजर और कृषि अधिकारी का खेलमुरैना जिले में पीएनबी की बागचीनी शाखा में बैंक मैनेजर और कृषि अधिकारी ने मिलकर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड लोन के नाम पर 90 लाख रुपये से ज्यादा का गबन किया।
Read more »

6 साल की उम्र में बनाई वेबसाइट, 11 तक खड़ी कर दी कंपनी! पढ़ें दुनिया की सबसे युवा CEO में से एक श्रीलक्ष्मी सुरेश की कहानी6 साल की उम्र में बनाई वेबसाइट, 11 तक खड़ी कर दी कंपनी! पढ़ें दुनिया की सबसे युवा CEO में से एक श्रीलक्ष्मी सुरेश की कहानीSuccess Story: पढ़ें केरल के कोझिकोड में जन्मी श्रीलक्ष्मी सुरेश की प्रेरणादायक कहानी. उन्होंने छह साल की उम्र में अपनी पहली वेबसाइट डिजाइन की.
Read more »

बेंगलुरु भगदड़ में मारे गए लोगों को आर्थिक मदद देगी आरसीबीबेंगलुरु भगदड़ में मारे गए लोगों को आर्थिक मदद देगी आरसीबीरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने कहा है कि वह बेंगलुरु में बुधवार को मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी.
Read more »

दिन में नौकरी और फिर 10-12 घंटे पढ़ाई! गाने सुनने का शौक, पढ़ें CA टॉपर किंजल की सक्सेस स्टोरीदिन में नौकरी और फिर 10-12 घंटे पढ़ाई! गाने सुनने का शौक, पढ़ें CA टॉपर किंजल की सक्सेस स्टोरीSuccess Story: पढ़ें पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली किंजल अजमेरा की सफलता की कहानी, जिन्होंने पिता के नक्शे कदम पर चलकर अपने सपने को पूरा किया.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 09:38:54