Paush Month 2025: आज से हुई पौष माह की शुरुआत, करें ये विशेष आरती

Pausa Month News

Paush Month 2025: आज से हुई पौष माह की शुरुआत, करें ये विशेष आरती
Surya Dev AartiPitru Dev AartiHindu Pausa Month Rituals
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 182 sec. here
  • 12 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 100%
  • Publisher: 53%

आज से हिंदू पंचांग का दसवां महीना पौष मास Pausa Month 2025 शुरू हो गया है, जो 03 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह महीना सूर्य देव की पूजा और पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने से आरोग्य, मान-सम्मान और तेज की प्राप्ति होती है। साथ ही, प्रतिदिन सूर्य देव और पितृ देव की आरती करने से घर में...

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज से हिंदू पंचांग के दसवें महीने पौष मास की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना 03 जनवरी 2026 तक रहेगा। पौष माह को सूर्य देव की पूजा-अर्चना के लिए खास माना गया है। इस पूरे माह में सूर्य देव को रोजाना अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य, मान-सम्मान और तेज की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दौरान पितरों का तर्पण करना भी बहुत अच्छा माना जाता है। पौष माह की शुरुआत के साथ अगर आप प्रतिदिन सूर्य देव और पितृ देव की आरती करते हैं, तो आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ।।सूर्य देव की आरती।। ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान.

..।। सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।। अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।। फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।। गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।। स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।। प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।। वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।। ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।। धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।। ।।पितृ देव की आरती ।। जय जय पितर जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी, शरण पड़ा हूं तुम्हारी देवा, रख लेना लाज हमारी, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। आप ही रक्षक आप ही दाता, आप ही खेवनहारे, मैं मूरख हूं कछु नहिं जानू, आप ही हो रखवारे, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी, करने मेरी रखवारी, हम सब जन हैं शरण आपकी, है ये अरज गुजारी, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। देश और परदेश सब जगह, आप ही करो सहाई, काम पड़े पर नाम आपके, लगे बहुत सुखदाई, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। भक्त सभी हैं शरण आपकी, अपने सहित परिवार, रक्षा करो आप ही सबकी, रहूं मैं बारम्बार, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। जय जय पितर जी महाराज, मैं शरण पड़ा हू तुम्हारी, शरण पड़ा हूं तुम्हारी देवा, रखियो लाज हमारी, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।। भगवान विष्णु की आरती ॐ जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का, स्वामी दुःख बिनसे मन का । सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी, स्वामी शरण गहूं मैं किसकी । तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी, स्वामी तुम अन्तर्यामी । पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता, स्वामी तुम पालनकर्ता । मैं मूरख फलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति, स्वामी सबके प्राणपति । किस विधि मिलूं दयामय, किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ दीन-बन्धु दुःख-हर्ता, ठाकुर तुम मेरे, स्वामी रक्षक तुम मेरे । अपने हाथ उठाओ, अपने शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा, स्वमी पाप हरो देवा । श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ॥ ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ यह भी पढ़ें- Paush Month 2025: शुरू होने वाला है पौष माह, गलती से भी न करें ये गलतियां अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Surya Dev Aarti Pitru Dev Aarti Hindu Pausa Month Rituals Benefits Of Surya Dev Worship Pausa Month 2025 Significance Daily Arghya Sun God Om Jai Jagdish Hare Aarti

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

सिर्फ प्रदूषण नहीं, अगले 30 दिन में की गईं ये गलतियां भी करेंगी बीमार, रोज लगेंगे अस्‍पताल के चक्‍कर, वजह भी जान लेंसिर्फ प्रदूषण नहीं, अगले 30 दिन में की गईं ये गलतियां भी करेंगी बीमार, रोज लगेंगे अस्‍पताल के चक्‍कर, वजह भी जान लेंPaush Month 2025: हिंदू धर्म में हर महीने का एक खास महत्‍व है और 5 दिसंबर 2025, शुक्रवार से शुरू हो रहा पौष महीना कई मामलों में खास है. इस महीने में की गई गलतियां सेहत, आर्थिक स्थिति, रिश्‍तों पर बहुत भारी पड़ती हैं.
Read more »

Paush Month 2025: पौष महीना कब से शुरू, सेहत और समृद्धि के लिए पौष महीने में क्या करें क्या न करेंPaush Month 2025: पौष महीना कब से शुरू, सेहत और समृद्धि के लिए पौष महीने में क्या करें क्या न करेंPaush Month 2025 date: पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना होता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास सूर्य देव की उपासना के लिए उत्तम माना जाता है। पूर्णिमा के अनुसार कल से पौष मास शुरू हो जाएगा, जबकि सूर्य संक्रांति के अनुसार 15 तारीख को सूर्य के धनु राशि में आने से पौष मास का आरंभ...
Read more »

Indresh Upadhyay wedding: पौष मास में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय कर रहे हैं विवाह, जानें पौष माह में शादी विवाह के क्या हैं नियमIndresh Upadhyay wedding: पौष मास में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय कर रहे हैं विवाह, जानें पौष माह में शादी विवाह के क्या हैं नियमIndresh Upadhyay wedding in Paush Month 2025: पौष माह यानी खरमास में विवाह करना शुभ नहीं माना जाता है। इस माह में सूर्य के धनु राशि में गोचर के कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इसलिए, इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए। ऐसे में कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय के विवाह को लेकर चर्चा हो रही...
Read more »

Paush Month 2025: 4 या 5 कब है पौष माह? जानें धार्मिक महत्व, पूजा विधि और मंत्रPaush Month 2025: 4 या 5 कब है पौष माह? जानें धार्मिक महत्व, पूजा विधि और मंत्रधर्म-कर्म Paush Month 2025: हिंदू धर्म में पौष माह का विशेष महत्व होता है. यह दिन देवी देवताओं की उपासना का संगम माना जाता है. ऐसे में चलिए जानते हैं इसका धार्मिक महत्व, पूजा विधि और कथा के बारे में.
Read more »

Paush Month 2025: पौष माह में राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, धन-दौलत में होगी अपार वृद्धिPaush Month 2025: पौष माह में राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, धन-दौलत में होगी अपार वृद्धिपौष माह 5 दिसंबर से शुरू होकर 3 जनवरी तक चलेगा। यह सूर्य देव को समर्पित है। इस माह में राशि के अनुसार दान करने से सूर्य देव और शनि देव प्रसन्न होते हैं, जिससे धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं, पौष माह Paush Month 2025 में राशि अनुसार किन चीजों का दान करना अच्छा होता...
Read more »

Paush Month 2025: 5 दिसंबर से छोटा पितृ पक्ष की शुरुआत, इन खास तिथियों पर करें श्राद्ध और तर्पणPaush Month 2025: 5 दिसंबर से छोटा पितृ पक्ष की शुरुआत, इन खास तिथियों पर करें श्राद्ध और तर्पणPaush Month 2025: पौष माह को शास्त्रों में अत्यंत पवित्र माना गया है. इसे छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है क्योंकि इस माह में किए गए पितृ कर्म अत्यंत फलदायी होते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह साल का दसवां महीना होता है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 22:20:13