PM पर टिकी झारखंड BJP की आस, अडाणी को जमीन देने से नाराजगी -
Loksabha Elections 2019: नरेंद्र मोदी पर टिकी झारखंड भाजपा की आस, अडाणी को जमीन देने से है संथाल परगना में भारी नाराजगी गिरधारी लाल जोशी May 9, 2019 10:26 PM पीएम नरेंद्र मोदी। Loksabha Elections 2019: विभिन्न समस्याओं से घिरी संथाल परगना की तीन सीटों में से केवल गोड्डा सामान्य सीट है। बाकी राजमहल और दुमका आदिवासियों के लिए सुरक्षित है। इन दोनों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कब्जा है। वहीं गोड्डा सीट भाजपा की झोली में है। यहां से निशिकांत दुबे तीसरी दफा चुनाव लड़ रहे हैं। इनके सामने पूर्व सांसद प्रदीप यादव झारखंड विकास पार्टी से हैं। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन दुमका से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं। नौवीं बार जीत का सेहरा बांधने गुरूजी चुनावी समर में कूदे हैं। राजमहल में झामुमो के विजय हांसदा निवर्तमान सांसद हैं। झामुमो ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। झारखंड के गोड्डा संसदीय इलाके में जितने विकास कार्य हुए हैं, उसके मुकाबले दुमका और राजमहल में नहीं हुए जबकि दुमका संथाल परगना का डिवीजनल मुख्यालय है। गोड्डा में रेलवे लाइन, कृषि कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, देवघर में एम्स, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण बगैरह बड़ी योजनाओं पर अमलीजामा पहनाया गया। बावजूद इसके आदिवासी मतदाताओं में राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार से बेहद नाराजगी है। छोटानागपुर और संथाल परगना टेनेंसी एक्ट्स में संशोधन की वजह से इन इलाकों में भाजपा को कीमत चुकानी पड़ सकती है। वैसे अप्रैल 2017 में हुए लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव में झामुमो के साइमन मरांडी ने भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 13 हजार मतों से हराया था। पब्लिक दो साल पहले ही नाराजगी का संदेश दे चुकी है। हालांकि, उस वक्त मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत उनके कई मंत्री यहां जमे थे। इतना ही नहीं चुनाव के ठीक तीन दिन पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी सभा कर गए थे। ये दो हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले साहेबगंज-मनिहारी गंगा नदी पुल की बुनियाद रखने आए थे। यह अलग बात है कि पुल दो साल गुजर जाने पर भी कागजों से नीचे नहीं उतर पाया है। साहेबगंज राजमहल लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मगर यहां के लोग इसे मरता हुआ शहर बोलते हैं। यहां से रेलवे का लोको मालदा शिफ्ट होने के बाद शहर बैठ सा गया है। लोगों का पलायन तेजी से हुआ। नतीजतन यहां खड़ी पुराने मकानों में पेड़ उग गए हैं। पीने के पानी और प्लस टू स्कूलों की बेहद कमी संथाल परगना में अखरती है। ऊपर से गोड्डा में अडानी के पॉवर प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा जोरों पर है। यह प्रोजेक्ट गोड्डा के मोतिया, माली, गायघाट और इसके आसपास के गांवों में प्रस्तावित है। राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसका भारी विरोध भाजपा को झेलना पड़ रहा है। गांव के सुग्गा हांसदा कहते हैं, “अडानी का फरमान है कि जमीन नहीं दोगे, तो जमीन में गाड़ देंगे लेकिन संथाल परगना के लोग जान देने को तैयार हैं, जमीन नहीं देंगे।” यहां प्रशासनिक स्तर पर भी जोर जबरदस्ती की बात सामने आई है। Also Read असल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन ने आदिवासियों को अपनी जमीन की अहमियत का एहसास कराया है। इनका कहना है कि भाजपा एक दफा फिर महाजनी प्रथा लाना चाहती है जिसे हम हरगिज नहीं होने देंगे। उनका यह नारा इलाके में असरदार है। गोड्डा में विकास पर भारी है शिबू सोरेन की आवाज। यहां के मतदाता उन्हें दिशोम गुरू कह कर पुकारते हैं। इनके ढोल-नगाड़े की आवाज दूर-दूर के संथालों को जुटा लेती है। गोड्डा संसदीय क्षेत्र में दो शिवलिंग है। बाबा बासुकीनाथ और देवघर में बाबा बैद्यनाथ। यहां सांसद निशिकांत दुबे की मंदिर मामले में दखल यहां के पंडा समाज को ठीक नहीं लगती। इनके खिलाफ आंदोलन पंडा समाज करता रहा है जिसे पूर्व मेयर राजनारायण खवाड़े उर्फ बबलू खवाड़े के बीच-बचाव से सुलझाया जाता रहा है। पंडा समाज का देवघर में 15 से 20 हजार वोट है जिसे बबलू खवाड़े भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में करने लगे हैं। उधर, राजद नेता संजय भारद्वाज झाविमो के प्रदीप यादव की जीत का दावा कर रहे हैं। गोड्डा में ईस्टर्न कोल फील्ड की ललमटिया कोयला खदान है। यहां कोयले का अकूत भंडार है। यहां का कोयला देश के विभिन्न हिस्सों में माल गाड़ियों पर लाद रेल और सड़क रास्ते से भेजा जाता है। इस इलाके की कमाई का कोयला मुख्य स्रोत है लेकिन अवैध खनन करने वाले मालामाल हैं। यहां के ज्यादातर लोग एलर्जी और अस्थमा के शिकार हैं। प्रदूषण यहां की मुख्य समस्या है। इससे निजात दिलाने की किसी के पास कोई योजना नहीं है। इस इलाके ने तीन-तीन मुख्यमंत्री झारखंड को दिए। बाबूलाल मरांडी, शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन। फिर भी संथालियों की दशा नहीं सुधरी। इन सब समस्याओं से जूझते मतदाताओं को 19 मई को अंतिम चरण में होने वाले संसदीय चुनावों में कोई दिलचस्पी नहीं है। लोग काफी कुरेदने के बाद भी नहीं बोलते। इसी बीच, 7 मई को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह गोड्डा में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में सभा कर गए। वहां उम्मीद से भी कम भीड़ ने नेताओं को मायूस किया। आठ मई को जमशेदपुर में भी अमित शाह की रैली में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। अब दारोमदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आ टिका है। 14 मई को प्रधानमंत्री मोदी के देवघर में रैली की चर्चा है। शायद उनके आगमन से भाजपा के पक्ष में हवा बन जाए। मगर मतदाताओं की चुप्पी किसी के भी किस्मत की बाजी पलट सकती है। Hindi News से जुड़े अपडेट और व्यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App.
Loksabha Elections 2019: नरेंद्र मोदी पर टिकी झारखंड भाजपा की आस, अडाणी को जमीन देने से है संथाल परगना में भारी नाराजगी गिरधारी लाल जोशी May 9, 2019 10:26 PM पीएम नरेंद्र मोदी। Loksabha Elections 2019: विभिन्न समस्याओं से घिरी संथाल परगना की तीन सीटों में से केवल गोड्डा सामान्य सीट है। बाकी राजमहल और दुमका आदिवासियों के लिए सुरक्षित है। इन दोनों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कब्जा है। वहीं गोड्डा सीट भाजपा की झोली में है। यहां से निशिकांत दुबे तीसरी दफा चुनाव लड़ रहे हैं। इनके सामने पूर्व सांसद प्रदीप यादव झारखंड विकास पार्टी से हैं। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन दुमका से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं। नौवीं बार जीत का सेहरा बांधने गुरूजी चुनावी समर में कूदे हैं। राजमहल में झामुमो के विजय हांसदा निवर्तमान सांसद हैं। झामुमो ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। झारखंड के गोड्डा संसदीय इलाके में जितने विकास कार्य हुए हैं, उसके मुकाबले दुमका और राजमहल में नहीं हुए जबकि दुमका संथाल परगना का डिवीजनल मुख्यालय है। गोड्डा में रेलवे लाइन, कृषि कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, देवघर में एम्स, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का निर्माण बगैरह बड़ी योजनाओं पर अमलीजामा पहनाया गया। बावजूद इसके आदिवासी मतदाताओं में राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार से बेहद नाराजगी है। छोटानागपुर और संथाल परगना टेनेंसी एक्ट्स में संशोधन की वजह से इन इलाकों में भाजपा को कीमत चुकानी पड़ सकती है। वैसे अप्रैल 2017 में हुए लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव में झामुमो के साइमन मरांडी ने भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 13 हजार मतों से हराया था। पब्लिक दो साल पहले ही नाराजगी का संदेश दे चुकी है। हालांकि, उस वक्त मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत उनके कई मंत्री यहां जमे थे। इतना ही नहीं चुनाव के ठीक तीन दिन पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी सभा कर गए थे। ये दो हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले साहेबगंज-मनिहारी गंगा नदी पुल की बुनियाद रखने आए थे। यह अलग बात है कि पुल दो साल गुजर जाने पर भी कागजों से नीचे नहीं उतर पाया है। साहेबगंज राजमहल लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मगर यहां के लोग इसे मरता हुआ शहर बोलते हैं। यहां से रेलवे का लोको मालदा शिफ्ट होने के बाद शहर बैठ सा गया है। लोगों का पलायन तेजी से हुआ। नतीजतन यहां खड़ी पुराने मकानों में पेड़ उग गए हैं। पीने के पानी और प्लस टू स्कूलों की बेहद कमी संथाल परगना में अखरती है। ऊपर से गोड्डा में अडानी के पॉवर प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा जोरों पर है। यह प्रोजेक्ट गोड्डा के मोतिया, माली, गायघाट और इसके आसपास के गांवों में प्रस्तावित है। राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसका भारी विरोध भाजपा को झेलना पड़ रहा है। गांव के सुग्गा हांसदा कहते हैं, “अडानी का फरमान है कि जमीन नहीं दोगे, तो जमीन में गाड़ देंगे लेकिन संथाल परगना के लोग जान देने को तैयार हैं, जमीन नहीं देंगे।” यहां प्रशासनिक स्तर पर भी जोर जबरदस्ती की बात सामने आई है। Also Read असल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन ने आदिवासियों को अपनी जमीन की अहमियत का एहसास कराया है। इनका कहना है कि भाजपा एक दफा फिर महाजनी प्रथा लाना चाहती है जिसे हम हरगिज नहीं होने देंगे। उनका यह नारा इलाके में असरदार है। गोड्डा में विकास पर भारी है शिबू सोरेन की आवाज। यहां के मतदाता उन्हें दिशोम गुरू कह कर पुकारते हैं। इनके ढोल-नगाड़े की आवाज दूर-दूर के संथालों को जुटा लेती है। गोड्डा संसदीय क्षेत्र में दो शिवलिंग है। बाबा बासुकीनाथ और देवघर में बाबा बैद्यनाथ। यहां सांसद निशिकांत दुबे की मंदिर मामले में दखल यहां के पंडा समाज को ठीक नहीं लगती। इनके खिलाफ आंदोलन पंडा समाज करता रहा है जिसे पूर्व मेयर राजनारायण खवाड़े उर्फ बबलू खवाड़े के बीच-बचाव से सुलझाया जाता रहा है। पंडा समाज का देवघर में 15 से 20 हजार वोट है जिसे बबलू खवाड़े भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में करने लगे हैं। उधर, राजद नेता संजय भारद्वाज झाविमो के प्रदीप यादव की जीत का दावा कर रहे हैं। गोड्डा में ईस्टर्न कोल फील्ड की ललमटिया कोयला खदान है। यहां कोयले का अकूत भंडार है। यहां का कोयला देश के विभिन्न हिस्सों में माल गाड़ियों पर लाद रेल और सड़क रास्ते से भेजा जाता है। इस इलाके की कमाई का कोयला मुख्य स्रोत है लेकिन अवैध खनन करने वाले मालामाल हैं। यहां के ज्यादातर लोग एलर्जी और अस्थमा के शिकार हैं। प्रदूषण यहां की मुख्य समस्या है। इससे निजात दिलाने की किसी के पास कोई योजना नहीं है। इस इलाके ने तीन-तीन मुख्यमंत्री झारखंड को दिए। बाबूलाल मरांडी, शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन। फिर भी संथालियों की दशा नहीं सुधरी। इन सब समस्याओं से जूझते मतदाताओं को 19 मई को अंतिम चरण में होने वाले संसदीय चुनावों में कोई दिलचस्पी नहीं है। लोग काफी कुरेदने के बाद भी नहीं बोलते। इसी बीच, 7 मई को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह गोड्डा में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में सभा कर गए। वहां उम्मीद से भी कम भीड़ ने नेताओं को मायूस किया। आठ मई को जमशेदपुर में भी अमित शाह की रैली में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। अब दारोमदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आ टिका है। 14 मई को प्रधानमंत्री मोदी के देवघर में रैली की चर्चा है। शायद उनके आगमन से भाजपा के पक्ष में हवा बन जाए। मगर मतदाताओं की चुप्पी किसी के भी किस्मत की बाजी पलट सकती है। Hindi News से जुड़े अपडेट और व्यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
राजतिलक: सुल्तानपुर का क्या है चुनावी समीकरण? Rajtilak: What's the political equation of Sultanpur? - Lok Sabha Election 2019 AajTakआजतक का चुनाव स्टूडियो पहुंच गया है उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में. उत्तर प्रदेश में गोमती किनारे बसे सुल्तानपुर की सल्तनत पर लंबे समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा है, लेकिन रायबरेली और अमेठी की तरह कभी इसे वीवीआईपी सीट की अहमियत नहीं मिल सकी. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस के दुर्ग से सटे हुए क्षेत्र से गांधी परिवार के वारिस वरुण गांधी को उतारकर इसे हाई प्रोफाइल तो बनाया. साथ ही साथ 16 साल के अपने सूखे को भी खत्म कर कमल खिलाने में कामयाब रही. इस बार वरुण गांधी की जगह जब बीजेपी ने सुल्तानपुर सीट से उनकी मां मेनका गांधी को मैदान में उतारा है जिनके सामने महागठबंधन की तरफ से सोनू सिंह और कांग्रेस के संजय सिंह बड़ी चुनौती बन कर खड़े हैं. सुल्तानपुर से किसका होगा राजतिलक, ये सवाल लेकर आज यहां की जनता से जानने की कोशिश करेंगे कि क्या बेटे वरुण का ताज मां मेनका को पहनाएगा सुल्तानपुर?चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़ लेटर
Read more »
'बुर्के पर प्रतिबंध' के मुद्दे पर संभलकर बोल रही है भाजपा, क्या है रणनीति?तीन तलाक के मुद्दे पर खुलकर राजनीति करने वाली भाजपा बुर्के पर प्रतिबंध के मामले पर बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दे रही है। BurqaBanDebate Burqa BurqaBan BurqaBanDemand ShivSena Elections2019 LoksabhaElections2019
Read more »
भोपाल लोकसभा सीट पर प्रज्ञा ठाकुर की राह नहीं है आसान, 8 बड़ी बातेंमध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और बीजेपी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के बीच हो रहे मुकाबले पर अब पूरे देश की नजर है. शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि प्रज्ञा ठाकुर के उतरने से दिग्विजय सिंह बैकफुट पर आ गए हैं और उन्होंने मीडिया के सामने पूरी तरह से चुप्पी साध ली थी. लेकिन मुंबई हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर बयान देकर प्रज्ञा ठाकुर ने एक तरह से खुद ही अपना नुकसान कर लिया. जेल में हुए कथित अत्याचार की कहानी बताते-बताते उन्होंने कह दिया कि उन्हीं के श्राप की वजह से हेमंत करकरे की मौत हुई है. उनके उस बयान की लोगों ने कड़ी निंदा करनी शुरू कर दी और बीजेपी बैकफुट में आ गई. नतीजा यह हुआ कि पार्टी के बड़े नेताओं ने जाकर प्रज्ञा ठाकुर को समझाया कि क्या बोलना है और क्या नहीं. हालांकि बीजेपी की ओर से उन्हें इस बात की पूरी छूट दी गई कि वह उनके साथ हुए जेल में कथित अत्याचार की कहानी खूब सुनाएं. आपको बता दें कि भोपाल सीट बीजेपी का गढ़ माना जाता है आखिरी चुनाव कांग्रेस ने यहां पर 1984 में जीता था. लेकिन इस बार प्रज्ञा ठाकुर की राह आसान नहीं है और इसकी सिर्फ एक नहीं कई वजहे हैं.
Read more »
कम्प्यूटर बाबा ने प्रज्ञा की तुलना रावण से और शिवराज की शकुनी से कीबोले- दिग्विजय सिंह की जीत के लिए 7000 साधु करेंगे हठ योग, फिर करेंगे रोड शो 13 अखाड़ों के साधू 7 मई को आएंगे भोपाल | loksabha chunav 2019 computer baba hatyog in bhopal
Read more »
ख़बरदार: पांचवे चरण के मतदान से पहले मोदी-राहुल में घमासान! War between Modi-Rahul before fifth phase of election - khabardar AajTak6 मई को होने वाले मतदान के लिए शनिवार शाम 6 बजे से प्रचार थम गया है. इस दौर में 7 राज्यों की 51 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. पांचवा दौर इस लिहाज से बेहद अहम है क्योंकि इस दौर में यूपी की सबसे ज्यादा सीटों पर वोट डाले जाएंगे जिनमें अमेठी और रायबरेली सीट भी शामिल है. राजस्थान की 12 सीटों और बिहार, मध्य प्रदेश की भी कुछ सीटों पर मतदान होना है. चुनाव के जो चरण बचे हैं वो मोदी और राहुल के लिए कितने अहम हैं इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि सुबह-सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए राहुल गांधी के मुंह से पहला लफ्ज यही निकला कि मोदी जी चुनाव हार रहे हैं. उधर पीएम मोदी ने प्रतापगढ़ में लगातार आरोप लगा रहे राहुल पर शेरो-शायरी से तंज किया.चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़ लेटर
Read more »
मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट पर'बहूरानी' बनाम 'जमाई' की जंग, पढ़ें- किसका पलड़ा है भारीखजुराहो में मुख्य मुकाबला राजघराने से ताल्लुक रखने वाली कांग्रेस उम्मीदवार कविता सिंह और भाजपा के विष्णु दत्त शर्मा के बीच है. इस सीधी टक्कर को समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार वीर सिंह त्रिकोणीय बनाने की जुगत में लगे हैं.
Read more »
Lok Sabha Elections 2019 Phase 5 Live Updates : 7 राज्यों की 51 सीटों के लिए मतदानलोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण में सोमवार को 7 राज्यों की 51 सीटों पर मतदान जारी है। इन सीटों पर कुल 673 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। पांचवें चरण में उत्तरप्रदेश की 14, बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर की 2 सीटों पर, मध्यप्रदेश की 7, राजस्थान की 12, झारखंड की 4 और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर मतदान हो रहा है। पांचवें चरण में राजनाथ सिंह (लखनऊ), सोनिया गांधी (रायबरेली), राहुल गांधी (अमेठी), स्मृति ईरानी (अमेठी), जयंत सिन्हा (हजारीबाग), राज्यवर्धनसिंह राठौड़ (जयपुर ग्रामीण), कृष्णा पूनिया (जयपुर ग्रामीण) और अर्जुनराम मेघवाल (बीकानेर) जैसे दिग्गजों की सीटों पर मतदान होना है। पेश है पल-पल का अपडेट-
Read more »
प्रियंका का मोदी पर तंज- जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता हैप्रियंका ने कहा- देश अहंकारी को कभी माफ नहीं करता, दुर्योधन में भी ऐसा ही अहंकार था राजीव गांधी पर मोदी के बयान के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का पलटवार | Priyanka campares Narendra modi with duryodhana, says- country naver Forgives arrogance
Read more »
Will Alliance in UP Leave any impact on Lok sabha Election Result - रवीश का रोड शो सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ वीडियो - हिन्दी न्यूज़ वीडियो एनडीटीवी ख़बररवीश का रोड शो सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ हिन्दी न्यूज़ वीडियो। एनडीटीवी खबर पर देखें समाचार वीडियो रवीश का रोड शो सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ रवीश के रोड शो में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान रवीश कुमार ने यूपी में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर उनसे सवाल पूछे. इसके अलावा चुनाव में विज्ञापन से लेकर चुनाव आयोग की भूमिका और चुनाव बाद कौन होगा पीएम पर भी बात हुई. अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव में सोशल मीडिया विज्ञापन पर मैनें एक भी कोई पैसा खर्च नहीं किया है. सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किया है. लेकिन बीजेपी अप्रत्यक्ष रूप से खर्च कर रही है. हमनें विज्ञापन पर खर्च करने की जगह सीधा जनता के पास गए, हमनें विज्ञापन का सहारा नहीं लिया. अखिलेश यादव ने इस चुनाव में मीडिया की भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में विपक्ष को अखबार में सही से जगह तक नहीं दी जा रही है. हम बयान कुछ और देते हैं वह छाप कुछ और रहे हैं. हालांकि जनता यह समझती है कि हो सकता है जो दिख रहा है वह सच न हो. अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए.
Read more »