Monkey Panic in Dhanbad Mall: धनबाद के एक माल में दो बंदर घुस गए, जिससे वहां हड़कंप मच गया है। बंदरों ने माल के आस-पास के इलाके में छह दिनों में 56 लोगों को काटा है, जिससे दहशत फैल गई है। वन विभाग की टीम बंदर को पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली...
जागरण संवाददाता, धनबाद। कोयलांचल में इन दिनों एक अनोखा ‘आतंक’ देखने को मिल रहा है- न गोली, न बारूद. बल्कि बंदरों का हमला! धनबाद शहर के प्रभातम माल और आसपास के इलाकों में दो बंदरों ने ऐसा उत्पात मचाया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पिछले छह दिनों में ये ‘शरारती बंदर’ 56 लोगों को काट चुके हैं। हर दिन औसतन आठ से दस लोग इनके शिकार बन रहे हैं। ये बंदर माल के अंदर पहुंच जा रहे हैं और उधम मचा रहे हैं। बंदरों की करतूत से परेशान लोग अब माल में घूमने से भी डर रहे हैं। गुरुवार को जब वन विभाग की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची, तो बंदरों ने उस पर भी धावा बोल दिया। नतीजा-चार कर्मचारी जख्मी होकर अस्पताल पहुंचे। फिलहाल बंदर एक जगह टिक नहीं रहे, वे एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में कूद-फांद कर भाग रहे हैं और पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। इधर, बंदर आतंक के बीच धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टाक खत्म हो गया है। गुरुवार को बंदर के काटे गए आठ लोग टीका लगवाने पहुंचे, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। मेडिकल कालेज ने वैक्सीन के लिए सदर अस्पताल से मदद मांगी, पर वहां भी केवल 250 डोज बची हैं। बताया जा रहा है कि वैक्सीन की नई खेप रांची से आने में कम से कम 10 से 15 दिन लगेंगे, क्योंकि अस्पताल का वैक्सीन टेंडर अब तक पूरा नहीं हुआ है। उधर, गिरिडीह जिले में जंगली जानवरों का कहर जारी है। बिरनी प्रखंड की 48 वर्षीय बुंदिया देवी पर सियारों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे उनका चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन वहां भी वैक्सीन की कमी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। धनबाद और गिरिडीह में इन घटनाओं से हड़कंप मचा हुआ है। एक ओर बंदरों और सियारों का बढ़ता आतंक, दूसरी ओर वैक्सीन की कमी-दोनों ने मिलकर लोगों को दहशत में डाल दिया है। अब लोगों की एक ही मांग है-पहले बंदर पकड़ो, फिर वैक्सीन भेजो!.
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