Mewat: सरपंच से बैंक मैनेजर तक सांठगांठ, ठेकेदारों की मिलीभगत से मजदूरों का हक लूटा

MNREGA Corruption News

Mewat: सरपंच से बैंक मैनेजर तक सांठगांठ, ठेकेदारों की मिलीभगत से मजदूरों का हक लूटा
Nuh DistrictContractor CollusionRural Employment Scheme
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 128 sec. here
  • 17 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 99%
  • Publisher: 53%

नूंह जिले में मनरेगा योजना में ठेकेदारी प्रथा से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। ठेकेदार और अधिकारी मिलकर विकास कार्यों के नाम पर सरकार को धोखा दे रहे हैं। मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा और विकास राशि का दुरुपयोग हो रहा है। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। पिछले साल भी घोटाला हुआ था, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इस योजना में कई लोग शामिल हैं, जो...

मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना में ठेकेदारी प्रथा के चलते भ्रष्टाचार चरम पर है। ठेकेदार, अधिकारियों से मिलीभगत करके, पंचायतों में सरपंचों द्वारा कराए जाने वाले कामों को कम करके विकास के नाम पर सरकार को चूना लगा रहे हैं। यह प्रथा सबसे ज़्यादा मनरेगा योजना में व्याप्त है, जिसमें मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने का वादा किया गया है, लेकिन मिलीभगत के कारण न केवल मजदूरी का भुगतान हो रहा है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी नहीं हो रहा है। ठेकेदार, अधिकारियों से मिलीभगत करके, कागज़ों पर काम शुरू कर देते हैं और जब शिकायत की जाती है, तो उसे टाल देते हैं। तय कमीशन के चक्कर में ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं करते। ऐसा नहीं है कि सरकार को विकास राशि नहीं मिलती; मिलती तो है, लेकिन वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। इससे न केवल सरकार को चूना लगता है, बल्कि विकास राशि का दुरुपयोग भी होता है। सरकार को इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है। गौरतलब है कि नूंह जिला पिछले साल भी मनरेगा घोटाले को लेकर सुर्खियों में रहा था। अधिकारियों ने जब इसकी जाँच की तो मामला उजागर हुआ। हालाँकि, सख्त कार्रवाई न होने के कारण, मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार अब तक पकड़ से बाहर है। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इस मामले की पूरी जानकारी है, लेकिन उपायुक्त और सरकार अभी भी इस सांठगांठ से अनजान हैं। इस योजना में न केवल गाँव का सरपंच शामिल है, बल्कि ठेकेदार से लेकर एबीपीओ, जेई, बीडीपीओ, लेखाकार और बैंक मैनेजर तक सभी कथित तौर पर शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि यह एक मिलीभगत है, जिसमें शामिल सभी लोग केवल अपने कमीशन के बारे में चिंतित हैं। गौरतलब है कि पिछले कार्यकालों में, सरपंच, सचिव और अन्य अधिकारी मनरेगा घोटालों के लिए जेल जा चुके हैं। यह सब कैसे शुरू होता है? मनरेगा योजना के तहत, ठेकेदार पहले कमीशन आधारित सड़क निर्माण के लिए गाँव के सरपंच से एक लिखित प्रस्ताव प्राप्त करता है। फिर उस कार्य के लिए एक कार्य संहिता बनाई जाती है। फिर जेई, एसडीओ और बीडीपीओ के माध्यम से कार्य पंचायत सीईओ के पास जाता है, जहाँ से अनुमति मिलती है। यह अनुमति मिलने के बाद, ठेकेदार कागज़ों पर काम शुरू कर देता है। काम शुरू करने के लिए, ग्रामीणों को कागज़ों में मज़दूर दिखाया जाता है और उनके नाम से जॉब कार्ड बनाकर उनकी उपस्थिति दर्ज की जाती है। उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर बैंक खाते खोल दिए जाते हैं। पैसा जमा होने के बाद, कमीशन के लिए बैंक मैनेजर से मिलीभगत करके मज़दूर की जानकारी के बिना ही पैसा निकाल लिया जाता है। सरकार ने पिछले एक साल से ठेकेदारों का भुगतान भी रोक रखा है। मनरेगा योजना के तहत काम की निगरानी केवल सरपंच ही कर सकता है। अगर ठेकेदार काम करते पाए जाते हैं, तो उनकी जाँच की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कार्रवाई ज़रूर की जाएगी।- रविंद्र चौहान, लोकपाल, नूंह.

मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना में ठेकेदारी प्रथा के चलते भ्रष्टाचार चरम पर है। ठेकेदार, अधिकारियों से मिलीभगत करके, पंचायतों में सरपंचों द्वारा कराए जाने वाले कामों को कम करके विकास के नाम पर सरकार को चूना लगा रहे हैं। यह प्रथा सबसे ज़्यादा मनरेगा योजना में व्याप्त है, जिसमें मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने का वादा किया गया है, लेकिन मिलीभगत के कारण न केवल मजदूरी का भुगतान हो रहा है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी नहीं हो रहा है। ठेकेदार, अधिकारियों से मिलीभगत करके, कागज़ों पर काम शुरू कर देते हैं और जब शिकायत की जाती है, तो उसे टाल देते हैं। तय कमीशन के चक्कर में ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं करते। ऐसा नहीं है कि सरकार को विकास राशि नहीं मिलती; मिलती तो है, लेकिन वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है। इससे न केवल सरकार को चूना लगता है, बल्कि विकास राशि का दुरुपयोग भी होता है। सरकार को इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है। गौरतलब है कि नूंह जिला पिछले साल भी मनरेगा घोटाले को लेकर सुर्खियों में रहा था। अधिकारियों ने जब इसकी जाँच की तो मामला उजागर हुआ। हालाँकि, सख्त कार्रवाई न होने के कारण, मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार अब तक पकड़ से बाहर है। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इस मामले की पूरी जानकारी है, लेकिन उपायुक्त और सरकार अभी भी इस सांठगांठ से अनजान हैं। इस योजना में न केवल गाँव का सरपंच शामिल है, बल्कि ठेकेदार से लेकर एबीपीओ, जेई, बीडीपीओ, लेखाकार और बैंक मैनेजर तक सभी कथित तौर पर शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि यह एक मिलीभगत है, जिसमें शामिल सभी लोग केवल अपने कमीशन के बारे में चिंतित हैं। गौरतलब है कि पिछले कार्यकालों में, सरपंच, सचिव और अन्य अधिकारी मनरेगा घोटालों के लिए जेल जा चुके हैं। यह सब कैसे शुरू होता है? मनरेगा योजना के तहत, ठेकेदार पहले कमीशन आधारित सड़क निर्माण के लिए गाँव के सरपंच से एक लिखित प्रस्ताव प्राप्त करता है। फिर उस कार्य के लिए एक कार्य संहिता बनाई जाती है। फिर जेई, एसडीओ और बीडीपीओ के माध्यम से कार्य पंचायत सीईओ के पास जाता है, जहाँ से अनुमति मिलती है। यह अनुमति मिलने के बाद, ठेकेदार कागज़ों पर काम शुरू कर देता है। काम शुरू करने के लिए, ग्रामीणों को कागज़ों में मज़दूर दिखाया जाता है और उनके नाम से जॉब कार्ड बनाकर उनकी उपस्थिति दर्ज की जाती है। उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर बैंक खाते खोल दिए जाते हैं। पैसा जमा होने के बाद, कमीशन के लिए बैंक मैनेजर से मिलीभगत करके मज़दूर की जानकारी के बिना ही पैसा निकाल लिया जाता है। सरकार ने पिछले एक साल से ठेकेदारों का भुगतान भी रोक रखा है। मनरेगा योजना के तहत काम की निगरानी केवल सरपंच ही कर सकता है। अगर ठेकेदार काम करते पाए जाते हैं, तो उनकी जाँच की जाएगी। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कार्रवाई ज़रूर की जाएगी।- रविंद्र चौहान, लोकपाल, नूंह

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Nuh District Contractor Collusion Rural Employment Scheme Corruption In Bihar Government Funds Misuse Job Card Fraud Nuh MNREGA Scam Mahatma Gandhi NREGA Block Level Officers Mewat News Mewat Latest News Mewat News In Hindi Mewat Samachar

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

नूंह से पंजाब भेजी जा रही राहत सामग्री: सामाजिक संगठन ले रहे बढ़ चढ़कर भाग, एक सप्ताह से पंजाब में डटेनूंह से पंजाब भेजी जा रही राहत सामग्री: सामाजिक संगठन ले रहे बढ़ चढ़कर भाग, एक सप्ताह से पंजाब में डटेPunjab sent relief material Nuh Mewat flood affected villages हरियाणा के नूंह जिले से पंजाब में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में मदद करने के लिए लोगों ने दिल खोल दिया है। मेवात के लोग लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए दिल खोलकर मदद कर रहे हैं। इतना ही नहीं...
Read more »

नूंह में छात्रों का नगर परिषद के खिलाफ प्रदर्शन: बोले- डिग्री कॉलेज में एक महीने से भरा पानी, चेयरमैन संजय ...नूंह में छात्रों का नगर परिषद के खिलाफ प्रदर्शन: बोले- डिग्री कॉलेज में एक महीने से भरा पानी, चेयरमैन संजय ...Nuh Mewat YMD College filled rain water problem arose हरियाणा के नूंह जिले में यासीन मेव डिग्री कॉलेज के प्रांगण में जलभराव की समस्या ने कॉलेज छात्रों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। पिछले 1 महीने से नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा पानी निकासी के मिली प्रबंध नहीं किए गए। अब...
Read more »

नूंह में पति पर पत्नी की अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, गंदी नजरों से देखने लगा था देवरनूंह में पति पर पत्नी की अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, गंदी नजरों से देखने लगा था देवरMewat crime news नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में एक विवाहिता का अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया है जिसके बाद देवर ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर ससुराल वालों ने मारपीट भी की। पुलिस ने पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है ।
Read more »

अरब देशों की तर्ज पर भारत में जुआ! मेवात में ट्रेंड मुर्गों के 'दंगल' पर लाखों का दांव, पुलिस का बड़ा एक्शन,11 बाइक और 7 कार जब्तअरब देशों की तर्ज पर भारत में जुआ! मेवात में ट्रेंड मुर्गों के 'दंगल' पर लाखों का दांव, पुलिस का बड़ा एक्शन,11 बाइक और 7 कार जब्तCockfighting Racket busted in Mewat: अभी तक आपने अरब देशों में मुर्गों की लड़ाई देखी होगी. पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, सऊदी अरब सहित मुस्लिम देशों में मुर्गों की लड़ाई के मामले सामने आते हैं. इन मुर्गों पर लोग लाखों रुपए का सट्टा लगाते हैं और जुआ खेलते हैं. ऐसा ही कुछ मामला राजस्थान के भिवाड़ी में सामने आया.
Read more »

नूंह में बारिश से जलभराव: होडल–पुन्हाना रोड़ पर भरा पानी, अनाज मंडी में धान भीगे, मंगलवार सुबह तक हुई बारिशनूंह में बारिश से जलभराव: होडल–पुन्हाना रोड़ पर भरा पानी, अनाज मंडी में धान भीगे, मंगलवार सुबह तक हुई बारिशNuh Mewat Punhana rain waterlogging power outage नूंह जिले में वर्षा के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन जगह-जगह जलभराव की समस्या भी खड़ी हो गई है। पुन्हाना के शिकरावा मोड़, जुरहेड़ा मोड़,जमालगढ रोड, अनाज मंडी, कोर्ट परिसर के बाहर, बीसरू रोड...
Read more »

Mewat News: सैनिक स्कूल में एडमिशन का मौका, प्रवेश परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक करें आवेदनMewat News: सैनिक स्कूल में एडमिशन का मौका, प्रवेश परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक करें आवेदनसैनिक स्कूल कुंजपुरा ने सत्र 2026-27 के लिए छठी और नौवीं कक्षा में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। 30 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। हरियाणा के लिए 67 सीटें आरक्षित हैं, जबकि कुछ सीटें आरक्षित श्रेणियों के लिए भी हैं। सैनिक स्कूल का उद्देश्य छात्रों को सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनने के लिए तैयार करना...
Read more »



Render Time: 2026-04-01 20:23:36