LokSabhaElections2019 के उन चर्चित और दिलचस्प मुकाबलों की एक बानगी जिनके नतीजे पर हर किसी की नजर टिकी होगी। May23WithJagran LokSabhaElections2019 ElectionsWithJagran Phase7
17वां लोकसभा चुनाव आज अपने सातवें और अंतिम चरण के साथ संपन्न हो जाएगा। इसके साथ ही सभी की नजर टिक जाएगी 23 मई पर, जब मतगणना शुरू होगी। यह जानते हुए भी कि फैसले के दिन हर सवाल का जवाब खुद-ब-खुद मिल जाएगा, देशभर में फिलहाल चर्चा का सबसे बड़ा विषय बस यही है- कौन जीत रहा है.
..? आम और खास, सभी इसी सवाल को सुलझाने में व्यस्त हैं। दरअसल, जितनी माथापच्ची इस अल्पजीवी सवाल को सुलझाने और इस पर गप्पबाजी में की जाती है, उतनी यदि मतदान से पहले प्रत्याशी के चयन की वरीयता तय करने में कर ली जाए तो परिणाम सार्थक हो चलेंगे। यही फैसला जनता और देश के भविष्य को प्रभावित करता है, दशा और दिशा तय करता है। बहरहाल, देश ही नहीं दुनियाभर की नजर अमेठी पर टिकी हुई है। कांग्रेस का गढ़ रही उत्तर प्रदेश की इस सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा की तेजतर्रार स्मृति ईरानी दूसरी बार आमने-सामने थे। पिछली बार स्मृति को मात खानी पड़ी थी, लेकिन हार-जीत का अंतर यह बता गया था कि मुकाबला एकतरफा नहीं था। इस बार स्मृति और अधिक आक्रामक थीं, जबकि राहुल गांधी राजनीतिक तौर पर पहले से कहीं अधिक परिपक्व, पहले से कहीं अधिक धारदार थे। कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने ही अमेठी में पूरा जोर लगा रखा था। इधर, राहुल के लिए प्रियंका ने अमेठी का मोर्चा खुद संभाले रखा तो राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से भी लड़ने का फैसला कर भाजपा को यह कहने का मौका दे दिया कि राहुल ने अमेठी में अपनी हार भांप ली है। कुलमिलाकर, अमेठी के नतीजे का इंतजार धड़कनों को बढ़ाने का सबब बना हुआ है। नतीजा जो भी आएगा, भारतीय राजनीति के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगा। राहुल गांधी और कांग्रेस की साख दांव पर है, जबकि भाजपा और स्मृति ईरानी के लिए यह महज एक टास्क है।पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट पर मुकाबला फिल्म जगत की दो हस्तियों के बीच रहा। जबर्दस्त चुनावी जंग देखने को मिली। अपने जमाने की ख्यात अभिनेत्री और बांकुड़ा से सांसद मुनमुन सेन जहां तृणमूल की ओर से यहां मैदान में थीं, तो भाजपा की ओर से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रसिद्ध गायक बाबलु सुप्रियो। बंगला फिल्म इंडस्ट्री टॉलीवुड की आइकॉन सुचित्रा सेन की पुत्री और बंगाली फिल्मों के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय के जरिए लोकप्रियता बटोरने वाली मुनमुन सेन ने 2014 में राजनीति में धमाकेदार एंट्री की थी। इधर, बाबुल सुप्रियो ने 2014 में आसनसोल सीट पर जीत दर्ज की और केंद्रीय मंत्री बने। इस बार किसी एक को सांसद पद गंवाना पड़ेगा। बंगाल में हुए बबाल के बीच जनता किसका साथ देती है, देखने वाली बात होगी।’ यानी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का सामना आजमगढ़ सीट पर भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने जमकर और दिल लगाकर किया। अखिलेश ने सपा-बसपा के पारंपरिक वोट बैंक को साधने-रिझाने का प्रयास किया, तो निरहुआ ने भाजपा के ‘रिक्शे’ पर सवार होकर और गरीब-गुरबों के बीच पहुंच इसमें सेंध लगाने की कोशिश की। कुलमिलाकर, यहां मामला सपा की साख का है। मुलायम सिंह की विरासत को सहेजने में जुटे बेटे अखिलेश के लिए नतीजे कहीं अधिक मायने रखेंगे, जबकि निरहुआ के पास खोने के लिए अधिक नहीं है।बिहार की बेगूसराय सीट भी सुर्खियों में रही और नतीजों पर सभी की नजर रहेगी। यहां मुकाबला एक कद्दावर और मुखर भगवा छवि वाले केंद्रीय मंत्री और एक बागी छात्र नेता के बीच था। जी हां, छात्र नेता कोई और नहीं बल्कि जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार। वही कन्हैया कुमार जिनपर जेएनयू में कश्मीरी व अन्य छात्रों द्वारा किए गए एक राष्ट्रविरोधी प्रदर्शन में संलिप्तता का आरोप लगा था। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानी सीपीआई ने कन्हैया कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया। इधर, एनडीए ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को यहां उतारा। गिरिराज बेगूसराय से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे और अपनी पुरानी नवादा सीट पर वापस लौटना चाहते थे। कन्हैया ने केंद्रीय मंत्री के इस रुख का खूब मजाक उड़ाया। फेसबुक पोस्ट में लिखा- लोगों को फ्री में पाकिस्तान भेजने वाला मैदान में उतरने को तैयार नहीं है...। हालांकि गिरिराज मैदान में उतरे और जोर शोर से उतरे। नतीजे पर सभी की नजर होगी।बिहार की पटना साहिब लोकसभा सीट के नतीजों पर सभी की नजर रहेगी। भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का मुकाबला पुराने मित्र दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा से है, जिन्होंने भाजपा को छोड़ कांग्रेस का दामन थामा है। यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है और फिलहाल शत्रुघ्न यहां से सांसद हैं। वे लगातार दो बार से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2014 में सिन्हा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता कुणाल सिंह को ढाई लाख से अधिक मतों से हराया था। देखना दिलचस्प होगा कि इस बेहद रोमांचक मुकाबले का नतीजा क्या आता है।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल चुनाव भर सर्वाधिक सुर्खियों में रही। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने यहां से लड़ने का फैसला किया तो भाजपा ने मालेगांव धमाका मामले से सुर्खियों में आईं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतार कर लड़ाई को रोमांचक बना दिया। दिग्गी और साध्वी के बीच ऐसी जुबानी जंग चली मानो हिंदुस्तान- पाकिस्तान का मैच। चुनाव आयोग को दखल देना पड़ा। दिग्गवजय तो चुप हो गए, लेकिन साध्वी बोलती रहीं। गोडसे को देशभक्त कह डाला। हालांकि माफी मांगनी पड़ी, लेकिन मोदी ने कहासाध्वी को दिल से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा...। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि नतीजे क्या आते हैं। और यह भी कि मोदी साध्वी को दिल से माफ कर पाते हैं या नहीं।पंजाब की गुरदासपुर सीट। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे स्व. बलराम जाखड़ के सुपुत्र और यहां से मौजूदा सांसद सुनील जाखड़ को क्षेत्र की जनता से कहना पड़ा कि- मुझे डायलॉग मारना नहीं आता है, और यदि इस कारण आप मुझे वोट नहीं देना चाहते हैं, तो बेशक न दें...। सुनील को यह इसलिए कहना पड़ा कि भाजपा ने उनके सामने पंजाब की हरदिलअजीज देयोल फैमिली के सदस्य दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बेटे लोकप्रिय अभिनेता सनी देयोल को मैदान में उतार दिया। यह सब एक झटके में हो गया। चट मंगनी और पट ब्याह। सनी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और मैदान-एजंग में कूद गए। उनके समर्थन में धरम पाजी ने खुद प्रचार का जिम्मा संभाला और गलियों-गांवों में सभाएं करते दिखे। देखना दिलचस्प होगा कि बॉर्डर और गदर जैसी सुपरहिट फिल्मों के इस राष्ट्रवादी हीरो को जनता राजनीति का भी हीरो बनाती है या नहीं।मुलायम सिंह के सिपहसालार रहे सपाई दिग्गज आजम खान को उनके गढ़ रामपुर में ‘घर में घुसकर’ स्ट्राइक का जिम्मा भाजपा ने उसे सौंपा, जिसे सपा ने ठुकरा दिया था। अपने जमाने की मशहूर अदाकारा जया प्रदा ने भाजपा के रथ पर सवार हो आजम को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, तिलमिलाए आजम ने जब पलटवार किया तो शिष्टाचार और मर्यादाएं चकनाचूर हो गईं। चुनाव आयोग का चाबुक आजम पर चला तब जाकर बोलती बंद हुई। कुलमिलाकर, रामपुर में जो शोले बरसे, वह क्या नतीजा लाएंगे, देखना दिलचस्प होगा।उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नतीजों पर टकटकी लगी हुई है। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और कांग्रेस की अनुभवी राजनीतिज्ञ शीला दीक्षित का सामना यहां भाजपा सांसद और मशहूर भोजपुरी फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी से हुआ। हालांकि आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडेय ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। शीला की मानें तो- कामदार बनाम नामदार की असली लड़ाई दिल्ली में ही है क्योंकि दिल्ली में जो भी काम दिखता है वह कांग्रेस के शासनकाल का है...। देखना दिलचस्प रहेगा कि दिल्ली की जनता को शीला के दौर का काम याद है भी या नहीं।सासंद असदुद्दीन ओवैसी चर्चित नाम हैं। चर्चित क्यों हैं, सभी जानते हैं। तेलंगाना की हैदराबाद सीट पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन के इस नेता का लंबे समय से कब्जा रहा है। ये सीट उनका गढ़ मानी जाती है। भाजपा ने इस बार भी ओवैसी के सामने तेलंगाना के दमदार नेता डॉ. भगवंत राव को उतारा। 2014 में भगवंत राव और ओवैसी की सीधी टक्कर हुई थी और ओवैसी के बाद सबसे ज्यादा वोट राव को ही मिले थे। ओवैसी को 6 लाख 13 हजार 868 वोट जबकि भगवंत राव को 3 लाख 11 हजार 414 वोट हासिल हुए थे। यह साफ है कि ओवैसी के गढ़ में हुआ वह मुकाबला एकतरफा नहीं था। लिहाजा भाजपा ने दोबारा राव को मैदान में उतारा। इस बार क्या होता है, देखना दिलचस्प होगा।जयपुर ग्रामीण संसदीय सीट की लड़ाई इस बार इसलिए रोचक हैं कि आमने सामने दोनों खिलाड़ी हैं। भाजपा से राज्यवर्धन राठौड़ हैं तो कांग्रेस से कृष्णा पूनिया। दोनों ओलंपियन रह चुके हैं। वर्तमान में कृष्णा विधायक हैं। 2010 के कॉमन वेल्थ गेम्स में वह गोल्ड जीत चुकी हैं जो 2004 के समर ओलंपिक में राठौड़ डबल ट्रैप शूटिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।मुंबई उत्तर-मध्य सीट पर दो बड़े राजनेताओं की बेटियां आमने सामने हैं। भाजपा की पूनम महाजन और प्रिया दत्त। पूनम दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन और प्रिया दत्त दिवंगत कांग्रेस नेता सुनील दत्त की बेटी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में पूनम महाजन ने प्रिया दत्त को हराकर यह सीट जीती थी। वहीं 2009 में प्रिया दत्त ने दिग्गज वकील राम जेठमलानी को हराकर सनसनी फैला दी थी।मुंबई उत्तर वही सीट पर हैं जहां पर फिल्म अभिनेता गोविंदा ने कांग्रेस के टिकट पर 2004 में भाजपा के दिग्गज नेता राम नाइक को हरा दिया था। 2009 में यह सीट फिर कांग्रेस के संजय निरूपम ने जीती। 2014 में भाजपा यह सीट जीती थी। इस बार इस सीट से अभिनेत्री उर्मिला मांतोंडकर कांग्रेस के टिकट मैदान में हैं। उनके सामने क्षेत्र के वर्तमान भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी हैं।2004 और 2009 के सांसद कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा मुंबई दक्षिण सीट पर चुनावी समर में उतरे। 2009 में यानी 15वीं लोकसभा में मिलिंद सबसे युवा सांसद थे। इस सीट से पिछली बार शिवसेना के अरविंद गनपंत सावंत जीते थे। इस बार भी वह देवड़ा के सामने हैं। देखना दिलचस्प होगा कि देवड़ा 2009 का इतिहास दोहराते हैं कि 14 का। मिलिंद पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा के पुत्र हैं।बुलंद दरवाजे के लिए विख्यात फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट 2009 में पहली बार अस्तित्व में आई। पहली बार में यहां बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय की पत्नी ने कांग्रेस प्रत्याशी राजबब्बर को पराजित कर सीट पर कब्जा जमाया। 2014 में हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चौधरी बाबूलाल ने बसपा की सीमा उपाध्याय को पराजित किया। इस बार राजबब्बर एक बार फिर कांग्रेस के टिकट से मैदान में हैं, भाजपा के राजकुमार चाहर और गठबंधन प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा संसदीय चुनाव में पहली बार हाथ आजमा रहे हैं।कान्हा की नगरी के रूप में पहचान रखने वाले मथुरा लोकसभा क्षेत्र से 2014 में सिने तारिका हेमामालिनी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपनी चुनावी पारी शुरू की। पहली ही बार में उन्होंने रालोद मुखिया के पुत्र और तत्कालीन सांसद जयंत चौधरी को शिकस्त देकर सीट पर कब्जा जमाया। इस बार यहां से हेमामालिनी भाजपा, कुंवर नरेंद्र सिंह गठबंधन और महेश पाठक कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।इस बार कन्नौज से सपा प्रत्याशी डिंपल यादव और भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं। यह दूसरी बार होगा, जब दोनों प्रत्याशी एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में डिंपल की जीत का अंतर बहुत कम था। 2014 में डिंपल को 4,89,164 वोट जबकि भाजपा के सुब्रत पाठक को 4,69,257 वोट हासिल हुए थे।1998 से ओडिशा की पुरी सीट पर बीजू जनता दल का कब्जा है। इस बार यह सीट इसलिए चर्चित है क्योंकि इस यहां से पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा संसदीय चुनाव लड़ रहे हैं। संबित का सीधा मुकाबला बीजद के प्रत्याशी पिनाकी मिश्रा से है।2004 में यहां सांसद चुने गए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने 2014 में फिर यह सीट हासिल कर ली थी। किरण ने 50 फीसद से ज्यादा वोट हासिल किए थे। वहीं उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के टकम संजोय को 38 फीसद मत मिले थे। इस बार किरण का मुकाबला कांग्रेस के नबाम तुकी से है।1996 से लेकर अब तक अकाली दल ने इस सीट पर पांच बार जीत हासिल की है। केवल 1999 में यह सीट सीपीआइ के भान सिंह भौरा के पास चली गई थी। 2009 और 2014 में यहां से लोकसभा चुनाव जीतीं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर फिर मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस के अर्मंरदर सिंह राजा वडिंग और आम आदमी पार्टी से बागी हुए सुखपाल खैहरा पंजाब एकता पार्टी से ताल ठोंक रहे हैं।सुलतानपुर से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी भाजपा से प्रत्याशी हैं। उनके खिलाफ गठबंधन से चंद्रभद्र सिंह और कांगे्रस से डा. संजय सिंह मैदान में हैं। यहां मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है। 2014 में यहां से भाजपा से वरुण गांधी ने कुल 410348 मतों से जीत दर्ज की थी। उनके प्रतिद्वंदी बसपा उम्मीदवार पवन पांडेय को 231446 वोट मिले थे। अमेठी से सटी होने के चलते इस सीट पर भी सभी की निगाहें हैं।2002 के लोकसभा उपचुनाव से झारखंड के दुमका की यह संसदीय सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास है। शिबू सोरेन ने यहां से लगातार तीन बार लोस चुनाव जीते हैं। इस बार सोरेन को भाजपा के सुनील सोरेन टक्कर दे रहे हैं।
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
कर्नाटक कांग्रेस नेता जमीर अहमद खान का दावा, BJP के 10 विधायक संपर्क में
Read more »
दलित की बारात रोकने के लिए ऊंची जाति के लोगों ने किया रोड जाम, सड़क पर करने लगे भजन और यज्ञवहीं एक अन्य घटना के मुताबिक गुजरात के साबरकांठा जिले के एक गांव में एक दलित दूल्हे की बारात को रविवार को उस वक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी, जब ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने उसके एक स्थानीय मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई. हालांकि, पुलिस ने कहा कि बारात शांतिपूर्ण तरीके से गुजर गई. ग्रामीण भीखाभाई वानिया ने कहा कि अनिल राठौड़ के परिवार ने उस वक्त पुलिस सुरक्षा की मांग की, जब सितवडा गांव के ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने शनिवार को बारात के गांव से गुजरने और दूल्हे के मंदिर में पूजा करने की योजना पर आपत्ति जताई.
Read more »
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष की बैठक को ममता की ना, माया-अखिलेश की चुप्पीमतगणना से पहले विपक्ष को एकजुट रखने और राष्ट्रपति से मिलने की रणनीति सिरे चढ़ती नहीं दिख रही है। MamataOfficial yadavakhilesh Mayawati INCIndia samajwadiparty TMC Opposition Election2019 Loksabhaelections2019
Read more »
भारतीय मूल की महिला 9 साल की सौतेली बेटी की हत्या के जुर्म में दोषीशामदई अर्जुन को 25 साल की सजा हो सकती है, 3 जून को सजा सुनाई जाएगी घटना 2016 की, अशदीप को गला घोंटकर मारा गया, वह 3 महीने पहले ही भारत से अमेरिका गई थी | Shamdai Arjun, Indian-Origin Woman Convicted Of Killing 9-Year Old Stepdaughter Ashdeep Kaur
Read more »
मोदी सरकार के पिछले एक साल में 70,000 करोड़ रुपये के फंसे कर्ज की वसूली हुई
Read more »
गो तस्करी की अफवाह के बाद विवाद में एक शख्स की मौत; भद्रवाह इलाके में कर्फ्यून्यूज एजेंसी के मुताबिक गो तस्करी की अफवाह के बाद दो समूहों में विवाद हुआ विवाद में नईम शाह नामक व्यक्ति की मौत हो गई शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया | Curfew Imposed in Jammu-Kashmir’s Bhaderwah after man shot dead by unidentified gunmen
Read more »
कार खाई में गिरी; एक ही परिवार की पांच महिलाओं की मौत, एक घायलशादी से लौट रहा था परिवार, पन्ना के ककरहटी नाला के पास हुआ हादसा कार में चालक समेत छह लोग सवार थे | mp news four woman died road accident in panna
Read more »
चुनाव 2019: कांग्रेस के लिए रणनीति बना रही हैं सोनिया गांधी, BJP और मोदी को सत्ता से दूर रखने के लिए कर रही हैं कामसूत्रों ने बताया कि कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मतगणना से एक दिन पहले 22 मई को वरिष्ठ पार्टी नेताओं की एक और बैठक बुलाई है. पार्टी के शीर्ष नेताओं ने यूपीए-3 गठन के एक प्रयास के तहत गैर राजग पार्टियों के साथ सलाह मशविरा किया ताकि इन सभी को एक संयुक्त गठबंधन में साथ लाया जा सके. सोनिया गांधी ने रविवार को अपने आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ एक बैठक की. कांग्रेस को उम्मीद है कि एनडीए के पूर्ण बहुमत हासिल करने में असफल रहने पर वह भाजपा और नरेंद्र मोदी को सत्ता से दूर रख पाएगी.
Read more »
World Cup: पाकिस्तान की घर के सितारों ने की थी खिंचाई, जोस बटलर ने ऐसे की तरफदारीपाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे की वनडे मैचों की सीरीज में इंग्लैंड के हाथों 0-3 से पिछड़ने पर कप्तान सरफराज और शोएब अख्तर की आलोचना के बावजूद इंग्लैंड के जोस बटलर ने पाकिस्तान टीम की तारीफ की है.
Read more »
