उर्मिला के ठेठ मराठी में भाषण पर शिवसैनिक महिलाएं भी ताली बजाती दिखती हैं। उर्मिला के जनसंपर्क के दौरान उनके साथ भीड़ भी जुट रही है, लेकिन... NothMumbaiLokSabha CongressCandidateUrmila ElectionsWithJagran लोकसभाचुनाव2019 LokSabhaElections2019
दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। यह कहावत इन दिनों उत्तर मुंबई के चुनाव प्रचार में प्रत्यक्ष देखी जा सकती है। अभिनेता गोविंदा का अनुभव ले चुके उत्तर मुंबईवासियों के लिए कांग्रेस उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर अब छाछ सदृश हो गई हैं। ऐसा नहीं है कि लोग आकर्षित नहीं हो रहे हैं। जब उर्मिला ठेठ मराठी में अपना भाषण देती हैं, तो सामने शिवसेना शाखा में बैठी शिवसैनिक महिलाएं भी ताली बजाती दिख जाती हैं। उर्मिला के जनसंपर्क के दौरान उनके साथ भीड़ भी जुट रही है। लेकिन जब भाजपा उम्मीदवार वर्तमान सांसद गोपाल शेट्टी से तुलना शुरू होती है, तो उर्मिला मात खा जाती हैं। लोग इसी क्षेत्र के पूर्व सांसद गोविंदा के दौर को याद करते हुए उर्मिला के ग्लैमर से मुंह मोड़ने लगते हैं। गोपाल शेट्टी की छवि इस क्षेत्र में राम नाईक की समृद्ध विरासत को आगे ले जानेवाले नेता की रही है। इस क्षेत्र से पांच बार सांसद रहे राम नाईक की भांति ही गोपाल भी जमीनी राजनीति से प्रगति कर संसद तक पहुंचे हैं। मुंबई महानगरपालिका में इसी क्षेत्र के एक वार्ड से तीन बार सभासद और इसी क्षेत्र के बोरीवली विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे गोपाल शेट्टी को इस संसदीय क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की जानकारी है, और क्षेत्र के लोग भी उन्हें हर मौके पर अपने बीच पाते हैं। वह संगठन में भी मुंबई भाजपा के अध्यक्ष रहने के अलावा और कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनकी यही खूबी बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर पर भारी पड़ रही है। इसी क्षेत्र में रहनेवाले मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष आरयू सिंह बताते हैं कि जब प्रधानमंत्री ने उज्जवला योजना के सिलिंडर गांवों में देने शुरू किए, तो गोपाल शेट्टी ने इस क्षेत्र की झोपड़पट्टियों में 18 हजार सिलिंडर और अच्छी गुणवत्तावाले चूल्हे हिमाचल प्रदेश की किसी कंपनी से थोक में मंगवाकर बंटवाए। चूल्हे खरीदने के लिए उन्होंने अपने ही क्षेत्र के समृद्ध लोगों से राशि इकट्ठा की। क्षेत्र में बनवाए गए 300 सामूहिक शौचालय एवं गरीबों को मिल रहा आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी लोगों को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि जब वह अपने जनसंपर्क पर निकलते हैं तो उनके स्वागत में जगह-जगह ‘विकास-विकास-विकास, गोपाल शेट्टी मांझे विकास’ के नारे लगते हैं। जबकि उर्मिला मातोंडकर का स्वागत कई जगह मोदी-मोदी के नारों से हो चुका है। लेकिन इन सबसे ऊपर है, क्षेत्र में शेट्टी की सतत उपलब्धता। वहीं.
2009 में राम नाईक जैसे प्रतिबद्ध राजनेता के बजाय गोविंदा को चुनकर भेजने की गलती लोगों को आज भी याद है। लोग यह गलती दोहराना नहीं चाहते। क्षेत्र का संगठनात्मक गणित भी कांग्रेस के पक्ष में नहीं दिखता। इस क्षेत्र की छह में से पांच विधानसभाओं पर फिलहाल शिवसेना-भाजपा का कब्जा है। इसके अलावा विधान परिषद के तीन सदस्य भी इसी क्षेत्र से जाते हैं। मुंबई महानगरपालिका के 43 में से 38 सभासद भाजपा-शिवसेना के हैं। 2009 में राम नाईक को पुन: हराने वाले संजय निरुपम के काम से भी लोग खुश नहीं रहे। यही कारण है कि 2014 में गोपाल शेट्टी करीब साढ़े चार लाख मतों से जीते थे। अपनी इस करारी हार से भयभीत निरुपम दोबारा इस क्षेत्र से लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके और उत्तर-पश्चिम मुंबई सीट पकड़ ली। उनके स्थान पर कांग्रेस द्वारा उर्मिला को उतारा जाना बलि का बकरा बनाए जाने के रूप में देखा जा रहा है।
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
प्रियंका चतुर्वेदी के कांग्रेस छोड़ने की असल वजह क्या उर्मिला मातोंडकर हैं?प्रियंका चतुर्वेदी के कांग्रेस छोड़ने की असल वजह क्या उर्मिला मातोंडकर हैं? INCIndia ShivSena VoteKaro वोटकरो LoksabhaElections2019
Read more »
प्रियंका चतुर्वेदी के इस्तीफे से दुखी कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिएकांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के इस्तीफे के बाद पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के किसी साथी का अलग होना दुखद है और ऐसे मामले में टीम का मुखिया होने के नाते मेरी भी जवाबदेही बनती है. प्रियंका के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने टॉम वडक्कन के जाने के समय भी कहा था और आज फिर कह रहा हूं कि जब भी कांग्रेस का कोई व्यक्ति बाहर जाता है तो यह हमारे लिए दुख का विषय होता है. लोग करियर में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं. अगर टीम में कुछ होता है तो उसका असर नेता होने के कारण मेरे ऊपर भी आता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रियंका चतुर्वेदी सहित उन लोगों को लोगों को शुभकामना देते हैं जो हमसे अलग हुए हैं.’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘जो टीम का नेतृत्व कर रहा है उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिए और इसमें कुछ गलत नहीं है.’’
Read more »
महबूबा मुफ्ती का 'पाकिस्तान राग'- हमारे न्यूक्लियर बम दिवाली के लिए नहीं तो, पाक के भी...पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, भारत ने पाकिस्तान की धमकी से डरने की नीति को छोड़ दिया. पीएम मोदी के इस बयान पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के पक्ष में बोला. महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, अगर भारत के पास न्यूक्लियर बम दिवाली के नहीं है तो पाकिस्तान ने क्या इसे ईद के लिए रखा है?
Read more »
शाह का पहला, मुलायम का आखिरी लोकसभा चुनाव, राहुल के लिए भी आज वोटिंगलोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण के लिए देशभर की 117 सीटों पर आज वोटिंग है. इस चरण में गुजरात की सभी 26 और केरल की सभी 20 सीटों के साथ असम की चार, बिहार की पांच, छत्तीसगढ़ की सात, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में 14-14, ओडिशा की छह, उत्तर प्रदेश की 10, पश्चिम बंगाल की पांच, गोवा की दो और दादर नगर हवेली, दमन दीव तथा त्रिपुरा की एक-एक सीट शामिल हैं.
Read more »
माता-पिता के बाद सन्नी भी राजनीतिक पारी के लिए तैयार, जानें परिवार के बारे मेंभारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले फिल्मस्टार सन्नी दियोल के परिवार का राजनीति से पुराना नाता रहा है। मां भाजपा की सांसद हैं और पिता भी भाजपा के सांसद रह चुके हैं।
Read more »
उर्मिला मातोंडकर: बॉलीवुड की ‘रंगीला गर्ल’ के सामने कांग्रेस की नैया पार लगाने की चुनौतीउम्मीदवारी घोषित होने के बाद से ही उर्मिला लगातार अपनी सीट पर प्रचार कर रही हैं, लोगों से मिलने के लिए वह अनोखे तरीके भी अपना रही हैं. इतना ही नहीं उनके लिए प्रचार करने वालों में कई बॉलीवुड सितारे भी शामिल हैं, जिनमें शबाना आज़मी जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं.
Read more »
वाराणसी से पीएम मोदी का नामांकन: डोमराजा और चौकीदार के अलावे प्रस्तावकों में ये भी शामिलपीएम narendramodi के नामांकन के लिए प्रस्तावकों में डोमराजा के बेटे और एक चौकीदार भी शामिल हैं। ModiInKashi
Read more »
औसत से भी कम खर्च, ग्रामीण विकास के मानदंडों पर भी काशी पीछेLoksabha Elections 2019: साल 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार सांसद बने थे। वह बनारस से करीब 3.71 लाख के मार्जिन वोट से चुनाव जीते थे। उन्हें कुल 56.37 फीसदी यानी 5 लाख 81 हजार 22 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल रहे थे।
Read more »
राजस्थान में कांग्रेस के लिए सीटें पाने का मौका, खोने का डर भाजपा के हिस्सेकांग्रेस के लिए प्लस फैक्टर: विधानसभा चुनाव के नतीजे, न्याय योजना पर टिकी है पूरी उम्मीद भाजपा के लिए प्लस फैक्टर: मोदी फैक्टर सब पर भारी, सात दिन में मोदी की चार सभाएं हुईं | opportunity to get seats for Congress in Rajasthan, fear of losing parts of BJP
Read more »
