बनगांव के रहने वाले और स्टेट बैंक के अधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि हाल के ही कुछ सालों में यह देखा जा रहा है कि गांव के युवा अपने लक्ष्य को छोटा करते जा रहे हैं धैर्य की कमी है चुकी यह बनगांव ब्राह्मणों की बस्ती है और इस गांव में ज्यादातर जनरल कैटेगरी के बच्चे हैं इसके अलावा आरक्षण के प्रभाव के कारण यहां बच्चे यूपीएससी एग्जाम में इंटरेस्ट नहीं...
मो सरफराज आलम/सहरसा: बिहार का एक ऐसा गांव जिसकी पहचान कभी आईएएस और आईपीएस की फैक्ट्री के नाम से होती थी. बिहार के सहरसा जिले का बनगांव एक समय में सिविल सेवा की फैक्ट्री था. लोगों के जुबान पर इस गांव का नाम था.
आज वही गांव वीरान हो गया है. गांव के लोगों का कहना है कि यहां से कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी निकले जो देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेवा दे रहे हैं. हाल ही में जारी हुए यूपीएससी के रिजल्ट में इस गांव का नाम शामिल नहीं होने के बाद अब लोगों के बीच इसकी चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि कभी आईएएस आईपीएस की फैक्ट्री नाम से मशहूर यह गांव अब वीरान हो गया है. बीते कुछ सालों से लगातार यूपीएससी के रिजल्ट में इस गांव के एक भी उम्मीदवार का नाम चयनित सूची में नहीं आया. वहीं कुछ साल पहले तक यूपीएससी के रिजल्ट में हर साल इस गांव का नाम सुनने को मिलता था. ऐसे में कई सवाल हैं…तो चलिए जानते हैं उन सवालों को और उसका जवाब पहला और बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर इस गांव के युवा यूपीएससी की तैयारी से पीछे क्यों हट रहे हैं. यह जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने गांव के अलग-अलग लोगों से बातचीत की और यह समझने का प्रयास किया कि आखिर क्यों यहां के युवा यूपीएससी और बीएसएससी जैसे एग्जाम से दूर हो रहे हैं. बनगांव के रहने वाले और स्टेट बैंक के अधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि हाल के कुछ सालों में यह देखा जा रहा है कि गांव के युवा अपने लक्ष्य को छोटा करते जा रहे हैं. धैर्य की कमी है. चूंकी यह बनगांव ब्राह्मणों की बस्ती है और इस गांव में ज्यादातर जनरल कैटेगरी के बच्चे हैं. इसके अलावा आरक्षण के प्रभाव के कारण यहां के बच्चे अब यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी से हट चुके हैं. यहां के युवा अपना लक्ष्य किसी बैंक या किसी प्राइवेट कंपनियां की तरफ दे रहे हैं. सहरसा के आर एम कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य अरुण कुमार खा जिनका एक पुत्र आईएस है वह कहते हैं कि हाल के कुछ सालों से एक भी बच्चे यहां से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं. रिजल्ट जारी होता है लेकिन, गांव के एक भी युवक का नाम उस लिस्ट में नहीं होता है. इसकी एक बड़ी वजह उन्होंने आरक्षण को बताया. उन्होंने कहा कि सीट कम होती हैं इस वजह से गांव के युवा रिस्क लेना नहीं चाहते हैं. वे जल्दबाजी में नौकरी लेना चाह रहे हैं. इस वजह से यूपीएससी की तैयारी के लिए यहां के युवा पीछे हट रहे हैं. शैक्षणिक वातावरण भी उस तरह का नहीं मिल पाता क्योंकि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए धैर्य रखना पड़ता है जो अभी के दौर में यहां के युवाओं में नहीं दिखता है.
यूपीएससी तैयारी IAS Officers आईएएस अधिकारी IPS Officers आईपीएस अधिकारी Bangaon Village News बनगांव गांव Saharsa Local News
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Success Story: 6 साल कैंसर से लड़े, 4 सर्जरी हुई, लकवा झेला, फिर भी 38 साल में UPSC क्रैक करके ही माने संजयUPSC Success Story: छत्तीसगढ़ के संजय डहरिया ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतकर UPSC परीक्षा को पास किया। करीब 6 साल तक कैंसर से जूझने और 4 सर्जरी के बाद उन्होंने 2022 में UPSC की तैयारी शुरू की थी और इस बार सफलता हासिल की। उनकी कहानी संघर्ष, साहस और सपनों के पीछे डटे रहने के प्रेरणा देती...
Read more »
UPSC Success Story: 8 साल की मेहनत से पलट दी किस्मत, अब बड़ा अफसर बनेगा बुनकर का बेटाUPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE), अपनी बेहद कम सफलता दर के लिए जानी जाती है, यही वजह है कि इस परीक्षा को पास करने वालों के संघर्ष की कहानी हजारों युवाओं को मोटिवेट करती है। तमिलनाडु के गरीब परिवार से आने वाले सबरीस्वरन की कामयाबी भी किसी मिसाल से कम नहीं...
Read more »
UPSC उम्मीदवारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, OBC क्रीमी लेयर नियम में बदलावसुप्रीम कोर्ट ने UPSC के ओबीसी उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए क्रीमी लेयर से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। कोर्ट ने कहा कि माता-पिता की ग्रुप IV की सरकारी नौकरी और कृषि आय को 8 लाख रुपये की आय सीमा में नहीं गिना जाएगा। साथ ही, 2004 के कार्मिक मंत्रालय के एक पत्र को अमान्य कर दिया गया। यह निर्णय उन उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद होगा जिन्हें गलत परिभाषा के कारण आरक्षण से वंचित किया गया था।
Read more »
IPS केके विश्नोई-अंशिका वर्मा के विवाह में दिखेगा राजस्थानी शाही अंदाज, विश्नोई समाज के रीति-रिवाजों से शादीIPS KK Bishnoi Anshika Verma Wedding: आईपीएस केके विश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी में राजस्थानी अंदाज देखने को मिलेगा। शादी विश्नोई समाज के रीति-रिवाजों के साथ होगी।
Read more »
यूपी के बाद उत्तराखंड की फैरूज फातिमा के UPSC रिजल्ट पर सवाल, जानिए कौन हैं?यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं। अब उत्तराखंड के पिरान कलियर से फैरूज फातिमा के एआईआर 708 रैंक पर नाम आने का दावा करने के बाद केरल से भी फैरूज फातिमा ने इसी रैंक पर अपना दावा ठोका है।
Read more »
मेरठ में फर्जी आईएएस गिरफ्तार, एक गलती ने पूरा सच पुलिस के सामने ला दियामेरठ में IAS अधिकारी बन सरकारी ऑफिसों में कॉल करके काम करवाने वाला आरोपी युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार। आरोपी शराब पीकर क्षेत्र में गाली-गलौज कर रहा था।
Read more »
