India-EU FTA: यूरोप का यह देश भी हुआ गदगद, संधि से अलग रहकर भी भारत का समर्थन

Norway News

India-EU FTA: यूरोप का यह देश भी हुआ गदगद, संधि से अलग रहकर भी भारत का समर्थन
May Elin StenerIndia-European Union FtaIndia-Eu Free Trade Agreement
  • 📰 NBT Hindi News
  • ⏱ Reading Time:
  • 103 sec. here
  • 11 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 73%
  • Publisher: 51%

India-EU FTA: नॉर्वे ने भारत और यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का पू्र्ण समर्थन किया है। भारत में नॉर्वे की राजदूत ने कहा है कि इससे उनके देश के साथ-साथ पूरे यूरोप के साथ भारत के आर्थिक संबंधों में और मजबूती आएगी।

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार संधि को अंतिम रूप देने के करीब हैं। अगले हफ्ते इसकी औपचारिक घोषणा होने वाली है। 20 वर्षों से अटके इस संधि को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। यह लाइन भारत और यूरोपियन यूनियन दोनों के नेताओं का है। यूरोप का एक देश नॉर्वे इस संधि का हिस्सा नहीं है, फिर भी उसने भारत के साथ इसकी वजह से आर्थिक तालमेल में और बढ़ोतरी होने का संकेत दिया है। नॉर्वे ने इस संधि का पूरी तरह से समर्थन किया है।' भारत -ईयू संधि ऐतिहासिक मील का पत्थर'एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कहा है कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हो रही मुक्त व्यापार संधि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है; इससे नॉर्वे और पूरे यूरोपीय क्षेत्र के साथ के भारत के व्यापारिक संबंधों को एक सकारात्मक गति मिलेगी। बता दें कि नॉर्वे , यूके और स्विट्जरलैंड यूरोप के उन बड़े देशों में शामिल हैं, जो यूरोपियन यूनियन का हिस्सा नहीं है। ' भारत -यूरोप के संबंध और मजबूत होंगे'स्टेनर ने भारत और यूरोपीय संघ की मुक्त व्यापार संधि को लेकर जो कहा है, उसका मतलब ये है कि उनका देश यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन का हिस्सा है और भारत के साथ उसका पहले से ही ट्रेड एंड इकॉनमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट है, जो 1 अक्टूबर से लागू हुआ है। उन्होंने कहा कि ' भारत के साथ हमारे संबंधों के लिए यह माइलस्टोन था।' इसी वजह से उन्होंने आगे कहा भारत और यूरोपीय संघ में जो संधि हो रही है, उससे भारत के यूरोप के साथ संबंध और मजबूत होंगे।मुक्त व्यापार के समर्थन में है नॉर्वे उनका कहना है कि यूरोपियन यूनियन नॉर्वे का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, इससे भारत और यूरोप में जो आर्थिक तालमेल बढ़ेगा, वह उनके देश के लिए भी सकारात्मक होगा। यही नहीं, ऐसे समय में जब जियोपॉलिटिक्स में टैरिफ और संरक्षणवाद का दबाव वापस आ गया है, नॉर्वे ने मुक्त व्यापार का समर्थन किया है। 'ट्रेड बैरियर को खत्म करने में विश्वास'अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यापारिक कूटनीति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूरोप जैसे देश प्रभावित हुए हैं, और माना कि मुक्त व्यापार से छोटे और खुली अर्थव्यवस्था के तौर पर नॉर्वे को बहुत ज्यादा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, 'हम नियम आधारित मल्टीलैटरल सिस्टम में भरोसा करते हैं और हमारा विश्वास ट्रेड बैरियर को खत्म करने में है, न कि उन्हें बढ़ाने में।'.

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार संधि को अंतिम रूप देने के करीब हैं। अगले हफ्ते इसकी औपचारिक घोषणा होने वाली है। 20 वर्षों से अटके इस संधि को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। यह लाइन भारत और यूरोपियन यूनियन दोनों के नेताओं का है। यूरोप का एक देश नॉर्वे इस संधि का हिस्सा नहीं है, फिर भी उसने भारत के साथ इसकी वजह से आर्थिक तालमेल में और बढ़ोतरी होने का संकेत दिया है। नॉर्वे ने इस संधि का पूरी तरह से समर्थन किया है।'भारत-ईयू संधि ऐतिहासिक मील का पत्थर'एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कहा है कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हो रही मुक्त व्यापार संधि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है; इससे नॉर्वे और पूरे यूरोपीय क्षेत्र के साथ के भारत के व्यापारिक संबंधों को एक सकारात्मक गति मिलेगी। बता दें कि नॉर्वे, यूके और स्विट्जरलैंड यूरोप के उन बड़े देशों में शामिल हैं, जो यूरोपियन यूनियन का हिस्सा नहीं है। 'भारत-यूरोप के संबंध और मजबूत होंगे'स्टेनर ने भारत और यूरोपीय संघ की मुक्त व्यापार संधि को लेकर जो कहा है, उसका मतलब ये है कि उनका देश यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन का हिस्सा है और भारत के साथ उसका पहले से ही ट्रेड एंड इकॉनमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट है, जो 1 अक्टूबर से लागू हुआ है। उन्होंने कहा कि 'भारत के साथ हमारे संबंधों के लिए यह माइलस्टोन था।' इसी वजह से उन्होंने आगे कहा भारत और यूरोपीय संघ में जो संधि हो रही है, उससे भारत के यूरोप के साथ संबंध और मजबूत होंगे।मुक्त व्यापार के समर्थन में है नॉर्वेउनका कहना है कि यूरोपियन यूनियन नॉर्वे का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, इससे भारत और यूरोप में जो आर्थिक तालमेल बढ़ेगा, वह उनके देश के लिए भी सकारात्मक होगा। यही नहीं, ऐसे समय में जब जियोपॉलिटिक्स में टैरिफ और संरक्षणवाद का दबाव वापस आ गया है, नॉर्वे ने मुक्त व्यापार का समर्थन किया है। 'ट्रेड बैरियर को खत्म करने में विश्वास'अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यापारिक कूटनीति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूरोप जैसे देश प्रभावित हुए हैं, और माना कि मुक्त व्यापार से छोटे और खुली अर्थव्यवस्था के तौर पर नॉर्वे को बहुत ज्यादा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, 'हम नियम आधारित मल्टीलैटरल सिस्टम में भरोसा करते हैं और हमारा विश्वास ट्रेड बैरियर को खत्म करने में है, न कि उन्हें बढ़ाने में।'

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

NBT Hindi News /  🏆 20. in İN

May Elin Stener India-European Union Fta India-Eu Free Trade Agreement नॉर्वे भारत भारत युरोपीय संघ मुक्त व्यापार संधि भारत और यूरोप

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

India-EU FTA: 20 साल से अटका 'सभी सौदों का बाप' मुकाम तक कैसे पहुंचा? भारत के लिए ट्रंप और चीन ने कर दिया कामIndia-EU FTA: 20 साल से अटका 'सभी सौदों का बाप' मुकाम तक कैसे पहुंचा? भारत के लिए ट्रंप और चीन ने कर दिया कामIndia-EU FTA: यूरोपीय संघ और भारत एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के कगार पर हैं, जिसे 'सभी सौदों का बाप' कहा जा रहा है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ लाएगा और चीन पर निर्भरता कम करेगा। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता...
Read more »

DNA: What will be the impact of the India-EU deal? The worlds largest trade pact, affecting 25% of the worlds population. ZeeDNA: What will be the impact of the India-EU deal? The worlds largest trade pact, affecting 25% of the worlds population. ZeeDNA: What will be the impact of the India-EU deal? The worlds largest trade pact, affecting 25% of Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »

India-EU FTA : भारत-ईयू डील से किन सेक्‍टर्स को ज्‍यादा फायदा, बाजार पर होगा क्‍या असर? एक्‍सपर्ट से जानिएIndia-EU FTA : भारत-ईयू डील से किन सेक्‍टर्स को ज्‍यादा फायदा, बाजार पर होगा क्‍या असर? एक्‍सपर्ट से जानिएIndia-EU FTA- भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ही काफी गहरे हैं. दोनों क्षेत्रों के बीच सालाना गुड्स ट्रेड लगभग 130 अरब डॉलर का है. अगर भारत और ईयू के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौता होता है तो दोनों के बीच व्‍यापार में जोरदार बढोतरी होगी. इस समझौते का शेयर बाजार पर भी सकारात्‍मक होगा.
Read more »

एक डील 5 फायदे! भारत-ईयू FTA से देश को कितना फायदा? चीन और अमेरिका को लगेगा झटकाएक डील 5 फायदे! भारत-ईयू FTA से देश को कितना फायदा? चीन और अमेरिका को लगेगा झटकाIndia-Eu FTA: भारत और यूरोपीय संघ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते FTA को अंतिम रूप देने के करीब हैं, जिसे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने 'मदर ऑफ ऑल डील' बताया है। यह समझौता भारतीय उद्योगों को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और चीन से प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए यूरोपीय बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा। इससे वस्त्र, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों में...
Read more »

EU का 'झटका': FTA से पहले भारत के 87% निर्यात पर टैक्स छूट खत्म, टेक्सटाइल से लेकर स्टील तक महंगी होगी डीलEU का 'झटका': FTA से पहले भारत के 87% निर्यात पर टैक्स छूट खत्म, टेक्सटाइल से लेकर स्टील तक महंगी होगी डीलभारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इस डील से पहले ही भारतीय निर्यातकों को एक बड़ा झटका लगा है। 1 जनवरी
Read more »

At Davos, world leaders hail EUs FTA with India; shun protectionism, isolationismAt Davos, world leaders hail EUs FTA with India; shun protectionism, isolationismSpeaking at the WEF, Canada Mark Carney has said that missing out on India, China, MERCOSUR and EU was a mistake for any country.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 16:44:16