भारत की तरफ से पाकिस्तान में छिपे आतंकियों को निशाना बनाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने तय लक्ष्य हासिल किए। इस अभियान से न सिर्फ आतंक के आकाओं का खात्मा किया गया,
भारत के खिलाफ संघर्ष में तुर्किये ने कैसे की पाकिस्तान की मदद? पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में जब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया। तो तुर्किये ने ही पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई के लिए ड्रोन्स मुहैया कराए थे। इतना ही नहीं तुर्किये ने पाकिस्तान को न सिर्फ ड्रोन्स दिए, बल्कि उन ड्रोन्स के संचालक भी उपलब्ध कराए। क्या तानाशाही की ओर बढ़ा तुर्किये: कैसे धर्मनिरपेक्ष विरासत मिटा रहे अर्दोआन? जानें ओटोमन काल से पूरा इतिहास भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए जो ड्रोन्स इस्तेमाल किए, उनमें बायकर यीहा-III ड्रोन शामिल था। बायकर यीहा-III ड्रोन्स का निर्माण तुर्किये की 'बायकर' नाम की कंपनी करती है, जो कि रजब तैयब अर्दोआन के दामाद सेल्युक बायराक्तर की कंपनी है। सेल्युक का निकाह 2016 में अर्दोआन की बेटी सुमैये अर्दोआन से हुई थी। क्या है बायकर कंपनी का इतिहास, सेल्युक कितने प्रभावी? बायकर कंपनी की स्थापना ओज्डेमिर बायराक्तर ने बायकर एयरोस्पेस के तौर पर 1984 में की थी। तब सेल्युक महज 5 साल के थे। 2000 के दशक में जब सेल्युक पढ़ाई कर ही रहे थे तब ओज्डेमिर ने अपनी कंपनी को मानवरहित हवाई प्रणालियां बनाने का काम शुरू किया। 2007 में पढ़ाई पूरी करने के बाद सेल्युक ने अपने पिता की कंपनी जॉइन की। इसके बाद तुर्किये में बायराक्तर सीरीज के कई ड्रोन्स बनाए गए। बायकर कंपनी इस दौरान तुर्किये सरकार की साझेदार भी बनी और इसके कई ड्रोन्स और हथियार तुर्किये की सेना की तरफ से इस्तेमाल किए जाते हैं। सेल्युक मौजूदा समय में बायकर में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं। उनके पिता ओज्डेमिर का 2021 में निधन हो गया। इसके बाद से वे कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। बायकर कंपनी ने अपने ड्रोन्स को न सिर्फ अर्मेनिया से लड़ रहे अजरबैजान को बेचा है, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी सेना को भी मदद पहुंचाई है। भारत के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने इन ड्रोन्स का लगातार इस्तेमाल किया। 10 मई को इन ड्रोन्स को पंजाब के रिहायशी इलाकों में वार करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में इनमें से अधिकतर ड्रोन्स नाकाम रहे। डीजीएमओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कई ड्रोन्स को खत्म करने के लिए भारत ने लेजर वेपन सिस्टम का भी इस्तेमाल किया। Boycott Turkiye-Azerbaijan: भारतीयों ने किया बायकॉट, तुर्किये-अजरबैजान को पाकिस्तान से यारी पड़ेगी कितनी भारी? तुर्किये के हथियारों पर क्या बोले विशेषज्ञ? अमेरिका के थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो माइकल रूबिन के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद तुर्किये का खुद को सैन्य निर्यातक के तौर पर पे करने के दिन अब शायद खत्म होने को आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर पाकिस्तान के तुर्किये में बने ड्रोन्स भारत के खिलाफ संघर्ष में पूरी तरह नाकाम हो गए। भारत ने या तो उन्हें मार गिराया या वे अपने लक्ष्य को भेदने में असफल रहे। भारत ने अधिकतर बायकर ड्रोन्स को सीमापार आते ही मार गिराया। इनमें से कई ड्रोन्स तो पाकिस्तान की सीमा में रहते ही मार गिराए गए। भारत की हवाई रक्षा प्रणाली को इनकी पहचान करने, तुर्किये के इन ड्रोन्स को ट्रैक करने और इन्हें मार गिराने में कोई मुश्किल नहीं आई। रुबिन ने आगे कहा, "जिस तरह आतंकी और आतंकियों के पनाहगाहों को अपने रवैये के लिए नतीजे भुगतने पड़े हैं, उसमें एक न्याय झलता है। भारत से पिटने के बाद पाकिस्तान जब अपनी एयरफील्ड्स का निर्माण कर रहा है, तब तुर्किये को भी दुनिया में सैन्य ड्रोन्स और अन्य हथियार प्रणाली के सप्लायर के तौर पर अपनी प्रतिष्ठा को फिर से बनाना होगा।".
भारत के खिलाफ संघर्ष में तुर्किये ने कैसे की पाकिस्तान की मदद? पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में जब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया। तो तुर्किये ने ही पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई के लिए ड्रोन्स मुहैया कराए थे। इतना ही नहीं तुर्किये ने पाकिस्तान को न सिर्फ ड्रोन्स दिए, बल्कि उन ड्रोन्स के संचालक भी उपलब्ध कराए। क्या तानाशाही की ओर बढ़ा तुर्किये: कैसे धर्मनिरपेक्ष विरासत मिटा रहे अर्दोआन? जानें ओटोमन काल से पूरा इतिहास भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए जो ड्रोन्स इस्तेमाल किए, उनमें बायकर यीहा-III ड्रोन शामिल था। बायकर यीहा-III ड्रोन्स का निर्माण तुर्किये की 'बायकर' नाम की कंपनी करती है, जो कि रजब तैयब अर्दोआन के दामाद सेल्युक बायराक्तर की कंपनी है। सेल्युक का निकाह 2016 में अर्दोआन की बेटी सुमैये अर्दोआन से हुई थी। क्या है बायकर कंपनी का इतिहास, सेल्युक कितने प्रभावी? बायकर कंपनी की स्थापना ओज्डेमिर बायराक्तर ने बायकर एयरोस्पेस के तौर पर 1984 में की थी। तब सेल्युक महज 5 साल के थे। 2000 के दशक में जब सेल्युक पढ़ाई कर ही रहे थे तब ओज्डेमिर ने अपनी कंपनी को मानवरहित हवाई प्रणालियां बनाने का काम शुरू किया। 2007 में पढ़ाई पूरी करने के बाद सेल्युक ने अपने पिता की कंपनी जॉइन की। इसके बाद तुर्किये में बायराक्तर सीरीज के कई ड्रोन्स बनाए गए। बायकर कंपनी इस दौरान तुर्किये सरकार की साझेदार भी बनी और इसके कई ड्रोन्स और हथियार तुर्किये की सेना की तरफ से इस्तेमाल किए जाते हैं। सेल्युक मौजूदा समय में बायकर में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं। उनके पिता ओज्डेमिर का 2021 में निधन हो गया। इसके बाद से वे कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। बायकर कंपनी ने अपने ड्रोन्स को न सिर्फ अर्मेनिया से लड़ रहे अजरबैजान को बेचा है, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी सेना को भी मदद पहुंचाई है। भारत के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने इन ड्रोन्स का लगातार इस्तेमाल किया। 10 मई को इन ड्रोन्स को पंजाब के रिहायशी इलाकों में वार करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में इनमें से अधिकतर ड्रोन्स नाकाम रहे। डीजीएमओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कई ड्रोन्स को खत्म करने के लिए भारत ने लेजर वेपन सिस्टम का भी इस्तेमाल किया। Boycott Turkiye-Azerbaijan: भारतीयों ने किया बायकॉट, तुर्किये-अजरबैजान को पाकिस्तान से यारी पड़ेगी कितनी भारी? तुर्किये के हथियारों पर क्या बोले विशेषज्ञ? अमेरिका के थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो माइकल रूबिन के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद तुर्किये का खुद को सैन्य निर्यातक के तौर पर पे करने के दिन अब शायद खत्म होने को आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर पाकिस्तान के तुर्किये में बने ड्रोन्स भारत के खिलाफ संघर्ष में पूरी तरह नाकाम हो गए। भारत ने या तो उन्हें मार गिराया या वे अपने लक्ष्य को भेदने में असफल रहे। भारत ने अधिकतर बायकर ड्रोन्स को सीमापार आते ही मार गिराया। इनमें से कई ड्रोन्स तो पाकिस्तान की सीमा में रहते ही मार गिराए गए। भारत की हवाई रक्षा प्रणाली को इनकी पहचान करने, तुर्किये के इन ड्रोन्स को ट्रैक करने और इन्हें मार गिराने में कोई मुश्किल नहीं आई। रुबिन ने आगे कहा, "जिस तरह आतंकी और आतंकियों के पनाहगाहों को अपने रवैये के लिए नतीजे भुगतने पड़े हैं, उसमें एक न्याय झलता है। भारत से पिटने के बाद पाकिस्तान जब अपनी एयरफील्ड्स का निर्माण कर रहा है, तब तुर्किये को भी दुनिया में सैन्य ड्रोन्स और अन्य हथियार प्रणाली के सप्लायर के तौर पर अपनी प्रतिष्ठा को फिर से बनाना होगा।"
India Targets Pakistan India Turkiye Tension Byker Yiha Iii Drones Turkiye President Recep Tayyip Erdogan Erdogan Son In Law Baykar Defense Selcuk Bayraktar World News In Hindi World News In Hindi World Hindi News
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दियाभारत-पाकिस्तान संबंधों के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 बड़े कूटनीतिक कदम उठाते हुए पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का निर्देश दिया.
Read more »
भारत ने पाकिस्तानियों के VISA किए कैंसिल, लेकिन अब भी पाकिस्तान से इंडिया आ सकते हैं ये 4 तरह के लोगIndia Pakistan Clash: पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए सभी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सर्विस बंद करने का ऐलान किया है.
Read more »
एएनआरएफ ने भारत के ईवी इकोसिस्टम में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए चुने 7 प्रोजेक्टएएनआरएफ ने भारत के ईवी इकोसिस्टम में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए चुने 7 प्रोजेक्ट
Read more »
India-Pakistan Tension: पाकिस्तान के खिलाफ भारत का जवाबी हमला शुरू | India Attacks Pakistan BreakingIndia-Pakistan Tension: पाकिस्तान के खिलाफ भारत का जवाबी हमला शुरू | India Attacks Pakistan Breaking
Read more »
ड्रोन, रडार, मिसाइल... पाकिस्तान से तनातनी के बीच भारत के मददगार बने इजरायली हथियार, यहूदी देश की जमी नजरभारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल से खरीदे हथियार इस्तेमाल किए हैं। ऐसे में इजरायल के रक्षा अधिकारी कश्मीर और भारत-पाक तनाव पर पर नजर रख रहे हैं।
Read more »
Boycott Turkey विवाद के बीच इंडिगो ने गिनाए टर्किश एयरलाइन के साथ साझेदारी के फायदे, लोगों ने लगा दी क्लासपाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्किये के खिलाफ भारतीयों में गुस्सा है. लोग तुर्किए के सामानों का विरोध कर रहे हैं.
Read more »
